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धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा पद से दिया इस्तीफा,CJP के प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसला

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, NEET विवाद और छात्र आंदोलन के बीच बड़ा फैसला

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। जिस शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नीट छात्र धरना प्रदर्शन दे रहे थे, उन्होंने आखिरकर इस्तीफा दे दिया है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

 युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं का सम्मान

मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभार प्रकट करता हूं।

सीबीटी मोड में परीक्षा कराने का लिया निर्णय

किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।

इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।

पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

मेधावी छात्रों को मिली सफलता

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा कि 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।

मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।

यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।

जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र (इस्तीफा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।

मैं प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा।

प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा।

Delhi : VP हाउस में हुई CJP और मोदी सरकार के बीच हुई बैठक

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

पेपर लीक से जुड़े मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच शुक्रवार को दिल्ली के विट्ठल हाउस में केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों की अहम बैठक हुई। यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। बता दें कि आंदोलन शुरू होने के बाद दोनों पक्षों की यह दूसरी मुलाकात रही है। हालांकि बैठक से पहले CJP के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दिपके ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा हमें कुछ भी मंजूर नहीं है। जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं दे देते है, तब तक हमारा चलता रहेगा।

कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका सरकार के साथ बातचीत में शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अगुवाई में होने वाली यह बैठक पहले कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होनी थी। लेकिन केंद्रीय मंत्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जगह बदल कर विट्ठल हाउस कर दिया गया।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही समाधानः दिपके

केंद्र सरकार के साथ बातचीत शुरू होने से पहले अभिजीत दिपके ने कहा, “यह विरोध-प्रदर्शन देश के युवाओं का है और यह सिर्फ सोनम वांगचुक या दिपके तक सीमित नहीं है। यह प्रदर्शन देश के युवाओं का है, विपक्षी पार्टियों का नहीं। अगर सरकार विरोध-प्रदर्शन का हल चाहती है, तो वह सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।”

सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म किए जाने को लेकर दिपके ने कहा, “मुझे लगता है कि सरकार ने वांगचुक को हिरासत में रखा था। जेपी नड्डा उनसे मिल सकते थे, लेकिन कोई भी विपक्षी सांसद उनसे नहीं मिल सका। हम भी उनसे नहीं मिल सके। मुझे बहुत खुशी है कि सोनम सर ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।”

बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधानः जितेंद्र सिंह

इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी से सरकार के साथ एक और दौर की बातचीत के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने अपनी अपील में कहा कि बातचीत के जरिए ही मुद्दों का समाधान हो सकता है और आगे का रास्ता निकाला जा सकता है।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक रिपोर्ट में कहा कि पिछले 24 घंटे में सरकार की ओर से सीजेपी को बातचीत के लिए ‘कम से कम चार बार’ न्यौता भेजा गया है। उन्होंने कहा, “मैं इस प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवा साथियों से अपील करना चाहता हूं कि वे बातचीत के लिए आगे आएं। हमारे दरवाजे उनके लिए खुले हैं।” उनका कहना है कि यह सरकार की ओर से की गई एक ‘विनम्र अपील’ है।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ यह बैठक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नड्डा की अगुवाई में होगी।

जंतर-मंतर धरने का असर, कनॉट प्लेस की दुकानें-दफ्तर और रेस्टोरेंट 6.30 तक होंगे बंद

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

सीजेपी (CJP) के विरोध-प्रदर्शनों के बीच ‘गंभीर स्थिति’ का हवाला देते हुए NDTA ने कनॉट प्लेस की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है. एनडीएमसी (NDMC) के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की सलाह और टेलीफोन पर हुई बातचीत के आधार पर कनॉट प्लेस के आसपास की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह सख्त निर्देश दिया गया है कि कनॉट प्लेस में सभी दुकानें और संस्थान (जिनमें ऑफिस और रेस्टोरेंट भी शामिल हैं) आज यानी 23 जुलाई 2026 को शाम 6:30 बजे तक बंद कर दिए जाएं.

नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने सलाह देते हुए कहा है, ‘सभी संस्थान मालिकों/कब्जा करने वालों से अनुरोध है कि वो सहयोग करें और निर्देशों का सख्ती से पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके और संपत्ति के नुकसान या चोट लगने जैसी घटनाओं से खुद को सुरक्षित रखा जा सके’.

एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि कनॉट प्लेस और उसके आसपास भीड़भाड़ के बारे में एनडीएमसी से मिली सूचनाओं के बाद यह सलाह जारी की गई है. इसे एहतियाती उपाय बताते हुए उन्होंने कहा कि समय से पहले दुकानें बंद करने का उद्देश्य जन सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है.

बुधवार को भड़की थी हिंसा

दरअसल, इससे पहले बुधवार शाम को कनॉट प्लेस के टॉल्स्टॉय मार्ग के पास फिर से हिंसा भड़क उठी थी, जब उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और बोतलें फेंकी थी. इस घटना में एसीपी (कनॉट प्लेस) विवेक भगत घायल हो गए थे और उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए कनॉट प्लेस की दुकानों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है.

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केजरीवाल ने भारी सुरक्षा तैनाती का लगाया आरोप

यह सलाह NEET पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शनों के बीच जारी की गई है. ये आदेश ऐसे समय में आया है जब मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, क्योंकि मुख्य न्यायाधीश का आंदोलन जारी है और प्रदर्शनकारी प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमा हुए हैं. वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इलाके में भारी सुरक्षा तैनाती का आरोप लगाया है और केंद्र द्वारा प्रदर्शनों से निपटने के तरीके पर सवाल उठाए हैं.

केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से कहा, ‘आज शाम 6:30 बजे तक कनॉट प्लेस में सभी दुकानें बंद करने का आदेश और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था. एंबुलेंस की लंबी कतारें. क्या केंद्र सरकार आज एक बार फिर जंतर-मंतर पर अपने छात्रों पर हमला करेगी?’.

Lucknow News : जवाहर भवन के चौथी मंजिल में लगी आग, आग बुझाने में जुटे फायरब्रिगेडियर, डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान

लखनऊ / सत्ता संदेश

राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह करीब 9:40 बजे जवाहर भवन के चौथे तल पर आग लग गई। आग की लपटें और धुआं देख लोगों में अफरातफरी मच गई। कर्मचारियों ने आग की सूचना अधिकारियों और फायर ब्रिगेड को दी। 10 बजे के करीब पहुंची फायर ब्रिगेड टीम आग पर काबू पाने में जुटी है।

सूचना मिली तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। इंदिरा भवन जवाहर भवन कर्मचारी संघ के पंकज मेहरोत्रा ने बताया कि जिस तल पर आग लगी है। इस पर कैंटीन, मलेरिया विभाग सहित कई अन्य कार्यालय हैं।

जवाहर भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे ने बताया कि जवाहर भवन की चौथी मंज़िल पर बने कैफेटेरिया में आग लग गई है। दमकल विभाग के कर्मचारी इसे बुझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, स्थिति अभी भी काबू में नहीं है।

शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आग चौथी मंजिल के कैफेटेरिया से शुरू हुई थी। PWD के कर्मचारियों ने पहले आग बुझाने के उपलब्ध सिस्टम का इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से बेकाबू होती जा रही थी। तीन-चार दमकल गाड़ियां पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने की लगातार कोशिशें जारी हैं। अच्छी बात यह है कि सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति को भारी नुकसान होने की आशंका है।

केंद्र का बड़ा एक्शन: 23 और व्यक्तियों को घोषित किया गया ‘आतंकवादी’

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 और व्यक्तियों को ‘आतंकवादी’ घोषित किया है. यह कार्रवाई केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में की गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारत और देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट है और किसी भी आतंकी गतिविधि या उसके समर्थकों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी.

मंत्रालय ने बताया कि ये व्यक्ति भारत-विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों की साजिश और उन्हें अंजाम देने, आतंकवाद को बढ़ावा देने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार से घुसपैठ कराने, प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सहायता करने, आतंकवाद के लिए धन जुटाने तथा आतंकवादियों की भर्ती जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त रहे हैं.

गृह मंत्रालय का मानना है कि इन व्यक्तियों को ‘आतंकवादी’ घोषित किए जाने से उनके वित्तीय नेटवर्क, आवाजाही, भर्ती क्षमता और अन्य आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी. साथ ही, ये कदम आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को कमजोर करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा.

गृहमंत्रालय ने जिन 23 आतंकियों प्रतिबंधित किया है उनका विस्तृत डिटेल :

  • मसूद इलियास कश्मीरी उर्फ मुफ्ती मसूद इलियास उर्फ मसूद इलियास उर्फ अबु मोहम्मद उर्फ एम. मसूद इलियास की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है और वह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह मौलाना मसूद अज़हर का विश्वासपात्र और कश्मीर में घुसपैठ का मुख्य समन्वयक है. वह सोशल मीडिया के ज़रिए युवाओं को आतंकी गुटों में भर्ती करने और टेरर फंडिंग जुटाने में सक्रिय है. उसने अप्रैल 2022 में जम्मू के संजवान में PDP कार्यालय के पास नाका पार्टी पर हुए हमले को अंजाम दिया था.
  • मोहम्मद मुसादिक उर्फ डॉक्टर उर्फ अब्दुल मनन उर्फ सज्जाद उर्फ हमज़ा उर्फ वाहिद ख़ान की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह लसिंयाकोट सेक्टर का लॉन्चिंग कमांडर है जो सीमा पर सुरंगों के माध्यम से घुसपैठ कराता है. वह ड्रोन के जरिए हथियारों और गोला-बारूद की खेप भारत भेजने में शामिल रहा है. इसके अलावा, वह अयोध्या के आर.जे.बी. परिसर, नागपुर के आरएसएस मुख्यालय और पानीपत की आई.ओ.सी.एल. रिफाइनरी जैसे रणनीतिक स्थानों की टोह लेने में संलिप्त था.
  • मुफ्ती मोहम्मद असग़र खान उर्फ अबू साद उर्फ साद जिमी की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह PoK में JeM का अमीर और सैन्य विंग का प्रमुख है. वह जम्मू के नगरोटा में भारतीय सेना के कैंप पर हुए आतंकवादी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है. वह मुज़फ्फराबाद में आतंकियों को जेहादी और सैन्य प्रशिक्षण देने के लिए कैंप चलाता है.
  • हाफ़िज़ अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) / हरकत-उल-मुजाहिद्दीन (HuM) से संबंध रखता है. उसने नगरोटा सेना शिविर पर हमले के लिए सांबा-कठुआ सेक्टर से तीन पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ कराई थी. उसने 1995/96 के दौरान अफगान युद्ध में भाग लिया था और वह आईएसआई (ISI) की मदद से आतंकी गतिविधियों का समन्वय करता है. वह JeM की शासी परिषद (शूरा) का सदस्य है.
  • अब्दुल्ला जिहादी उर्फ शाहनवाज़ उर्फ अल हिजामा की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह मुफ्ती असगर खान का सह-षड्यंत्रकारी है और उत्तरी कश्मीर क्षेत्र में आतंकियों की घुसपैठ की सुविधा प्रदान करता है. उसने भारत सरकार के खिलाफ घृणा और असंतोष फैलाने के प्रयास किए हैं. वह कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में स्थित कई लॉन्चिंग कैंपों का प्रबंधन संभालता था.
  • फ़िरदौस अहमद भट की राष्ट्रीयता भारत (वर्तमान पता – पाकिस्तान) है तथा लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखता है. वह लश्कर-ए-तैयबा का लॉन्चिंग कमांडर है जो वर्ष 2018 में वैध दस्तावेजों के सहारे वाघा सीमा से पाकिस्तान चला गया था. वह नियंत्रण रेखा (LoC) के पार विदेशी आतंकवादियों के लिए सुरक्षित मार्ग का प्रबंधन करता है. इसके साथ ही, वह ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को हथियार मुहैया कराने और दक्षिण कश्मीर के युवाओं को भड़काकर आतंक में भर्ती करने का काम करता है.
  • गुलाम फरीद उर्फ गुलशन कुमार उर्फ फरीद की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखता है. उसने वर्ष 2001 से 2005 तक पाकिस्तानी सेना में सेवा की थी. इसके बाद वह सितंबर 2008 में बांग्लादेश के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ. दिसंबर 2008 में उसे जम्मू से गिरफ्तार किया गया था और बाद में जुलाई 2019 में उसे पाकिस्तान वापस निर्वासित कर दिया गया.
  • हारून रशीद गनई उर्फ शुनू की राष्ट्रीयता भारत (वर्तमान पता – पाकिस्तान) है तथा लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखता है. वह मार्च 2018 में वैध दस्तावेजों के साथ पाकिस्तान गया और वहां लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया. वह कश्मीर घाटी के युवाओं को आतंकी रैंकों में शामिल होने के लिए प्रेरित करता है और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ओवर ग्राउंड वर्कर्स को हथियार तथा गोला-बारूद की आपूर्ति करता है.
  • बिलाल अहमद मीर उर्फ अहमद भाई की राष्ट्रीयता भारत (वर्तमान पता – मुज़फ्फराबाद, PoK) है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से संबंध रखता है. वह सीमा पार (पाकिस्तान/PoK) से बैठकर स्थानीय कश्मीरी युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने और भड़काने की साजिश रचता है. इसके अलावा, वह कश्मीर घाटी में हथियारों, गोला-बारूद और रसद की अवैध आपूर्ति श्रृंखला के प्रबंधन में सीधे तौर पर शामिल है.
  • आबिद कयूम लोन की राष्ट्रीयता भारत (वर्तमान पता – PoK) है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से संबंध रखता है. वह फरवरी 2020 में अटारी चेक पोस्ट के माध्यम से पाकिस्तान गया और वापस नहीं लौटा. वह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हमलों की योजना बनाने और लश्कर के लिए धन जुटाने का काम करता है. वह नियंत्रण रेखा (LoC) पर एक संगठित सिंडिकेट के माध्यम से पाकिस्तान से भारत में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों (नारकोटिक्स) की तस्करी करता है, जिससे प्राप्त धन का उपयोग आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया जाता है.
  • नज़ीर अहमद गुज्जर उर्फ अबू मनाज़िल की राष्ट्रीयता भारत (वर्तमान पता – इस्लामाबाद, पाकिस्तान) है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से संबंध रखता है. वह वर्ष 2006 में नियंत्रण रेखा पार कर PoK चला गया था. उसने डोडा और किश्तवाड़ क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए स्थानीय युवाओं को भर्ती किया. वह ड्रोन का उपयोग करके सांबा और आर.एस. पुरा सेक्टर से भारतीय क्षेत्र में हथियारों और गोला-बारूद की खेप भेजने का मुख्य ऑपरेटर रहा है.
  • अब्दुल रऊफ उर्फ हाफिज अब्दुल रऊफ उर्फ हाफिज अब्दुल रौफ उर्फ हाफिज अब्दुर रौफ की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / जमात-उद-दावा (JuD) / फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (FIF) से संबंध रखता है. वह 1999 से लश्कर का एक वरिष्ठ नेता है और आतंकी हाफिज सईद की सीधी कमान के अधीन काम करता है. वह ‘फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन’ (FIF) और अल-मदीना वेलफेयर ट्रस्ट जैसे धर्मार्थ संगठनों की आड़ में लश्कर के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन और जनसमर्थन जुटाने का काम करता है. संयुक्त राज्य अमेरिका ने उसे ‘विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी’ (SDGT) घोषित किया है.
  • अशफाक अहमद उर्फ इशफाक अहमद की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह वर्ष 2000 में जैश में शामिल हुआ और बहावलपुर में ‘शुआबा हदीस’ और अल-रहमत ट्रस्ट (जैश का चैरिटी विंग) का प्रभारी है. उसे पाक-अधिकृत कश्मीर में जेहादी प्रशिक्षण मिला था. वह जनवरी 2016 के पठानकोट वायुसेना स्टेशन हमले के दौरान इस्तेमाल किए गए पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों के ग्राहकों में से एक पाया गया था.
  • हाफिज खालिद वालीद उर्फ हाफिज खालिद नाइक उर्फ खालिद वालिद की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / जमात-उद-दावा (JuD) से संबंध रखता है. वह लश्कर प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद का दामाद है और वर्ष 2003 से लश्कर की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य रहा है. वह जून 2016 में हुए पम्पोर हमले का मुख्य मास्टरमाइंड था, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के आठ जवान शहीद हुए थे. अगस्त 2012 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा उसे वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित किया गया था.
  • मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की उर्फ मौलाना इमदाद उर्फ इमदाद भाई उर्फ मौलाना इमददुल्लाह की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह जैश के कैदियों के विंग (शोबा-ए-असीरन) का अमीर और संगठन के कानूनी मामलों का प्रमुख है. वह मौलाना मसूद अज़हर और उसके डिप्टी मुफ्ती अब्दुल रऊफ असघर का बेहद करीबी सहयोगी है. वह जनवरी 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकवादियों के साथ वास्तविक समय में समन्वय स्थापित करने में शामिल था.
  • मौलाना सैफुल्लाह खालिद उर्फ वलियुल उर्फ मोहम्मद सलीम उर्फ वाजिद की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) से संबंध रखता है. वह पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग का महासचिव है और पहले मिल्ली मुस्लिम लीग (MML) का अध्यक्ष रह चुका है. उसने लश्कर और जमात-उद-दावा के कई विंग्स (जैसे प्रचार विभाग, नियंत्रण और सुधार विंग) के प्रमुख के रूप में कार्य किया है. अप्रैल 2018 में अमेरिका ने उसे वैश्विक आतंकवादी (SDGT) सूची में शामिल किया था.
  • मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा उर्फ समामा इल्यास उर्फ वारिस अली की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से संबंध रखता है. वह वर्तमान में इस्लामाबाद (चट्टा बख्तावर) से लश्कर के ऑपरेशन कमांडर के रूप में काम कर रहा है. वह भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कश्मीर घाटी में सक्रिय अन्य लश्कर कैडरों के साथ वित्तीय और साजो-सामान (लॉजिस्टिक्स) सहायता का समन्वय करता है. इसके खिलाफ श्रीनगर के CI कश्मीर पुलिस स्टेशन में विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (UAPA) के अधीन मामला दर्ज है.
  • मौलाना यूसुफ ताईबी उर्फ मोहम्मद यूसुफ की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / जमात-उद-दावा (JuD) से संबंध रखता है. यह LeT/JuD का एक केंद्रीय नेता है जो वर्तमान में संगठन के नियंत्रण और सुधार (दावत-ओ-इस्लाह) विंग से जुड़ा हुआ है. वह पूर्व में कराची स्थित LeT/JuD से संबद्ध संस्था ‘जामिया अल-दीरासत अल-इस्लामिया ट्रस्ट’ (JADIAT) का प्रभारी रह चुका है. वर्तमान में वह लाहौर के ‘अल-क़दसिया इस्लामिक सेंटर’ से जुड़ा है और पंजाब के सरगोधा मरकज़ में शुक्रवार को धार्मिक उपदेश (खुतबा) देने का काम करता है.
  • ओवैस फारूज़ उर्फ ओवैस अहमद मीर उर्फ ओवैस फारूज़ मीर की राष्ट्रीयता भारत है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से संबंध रखता है. वह अप्रैल 2018 में वैध भारतीय पासपोर्ट पर वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान गया और LeT के आतंकवादी रैंक में शामिल हो. जनवरी 2023 में उसके भाई फरज़ान फिरोज़ को श्रीनगर पुलिस ने 450 ग्राम हेरोइन (कीमत लगभग 9.95 लाख रुपये) और LeT के लेटर पैड के साथ गिरफ्तार किया था. उसके खिलाफ NIA कोर्ट, पुलवामा ने धारा 82 CrPC के अधीन उद्घोषणा आदेश जारी किया है.
  • क़ारी याक़ूब शेख उर्फ क़ारी मोहम्मद याक़ूब शेख उर्फ याक़ूब शेख उर्फ क़ारी शेख मुहम्मद याकूब उर्फ मोहम्मद याकूब की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा पाकिस्तान मरकाजी मुस्लिम लीग (PMML) / जमात-उद-दावा (JuD) से संबंध रखता है. वह JuD का एक केंद्रीय नेता और उसकी केंद्रीय ‘दवाती टीम’ का सदस्य है. उसने 2018 के पाकिस्तानी आम चुनाव में मिल्ली मुस्लिम लीग (MML) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. वह सऊदी अरब में लश्कर और JuD के लिए फंड इकट्ठा करने के मिशनों में प्रमुखता से शामिल रहा है. अगस्त 2012 में अमेरिका ने उसे वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित किया था.
  • राणा इफ्तिखार उर्फ राणा वलीद आतिफ उर्फ राणा इफ्तिखार हैदर उर्फ राणा इफ्तिखार अहमद उर्फ हैदर खान की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / जमात-उद-दावा (JuD) से संबंध रखता है. वह LeT प्रमुख हाफिज़ सईद का अत्यंत करीबी और उसके कश्मीर ऑपरेशन्स के वित्त (Finance) का मुख्य प्रबंधक है. वह मारे गए और भारतीय जेलों में बंद आतंकियों के परिवारों के कल्याण के लिए काम करने वाले विंग ‘शोबा-ए-असीरन’ का प्रभारी है. वर्ष 1993 में जम्मू-कश्मीर के मेंढर सेक्टर में एक मुठभेड़ के दौरान घायल होने पर उसे गिरफ्तार किया गया था और यह 2004 तक भारतीय जेल में बंद रहा.
  • वसीम नूर जाट उर्फ क़ारी वसीम की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. यह जैश का एक लॉन्चिंग कमांडर है जो कोटली व्यवस्था संभालता है. वह वर्ष 2021-22 के दौरान ड्रोन के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में हथियार और गोला-बारूद गिराने की गतिविधियों में शामिल रहा है. उसे पहले अक्टूबर 2008 में सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ्तार किया गया था और वह 2012 से 2015 तक कोट भलवाल सेंट्रल जेल, जम्मू में बंद था, जहाँ से रिहा होने के बाद उसे पाकिस्तान निर्वासित कर दिया गया था.
  • मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ मुहांदीस उर्फ ज़ाकिर की राष्ट्रीयता पाकिस्तान (मूल रूप से भारतीय, वर्तमान में रावलपिंडी में सक्रिय) है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / अल-कायदा / ISIS से संबंध रखता है. वह वर्ष 2012 के बेंगलुरु LeT साजिश मामले और 2013 के नांदेड़ LeT मामले का मुख्य मास्टरमाइंड और हैंडलर है, जिसमें दक्षिणपंथी राजनेताओं और पत्रकारों की लक्षित हत्याओं (Target Killings) की साजिश रची गई थी. वह वर्ष 2013 में आतंकी फरहतुल्लाह गोरी की मदद से पाकिस्तान भाग गया. जांच के अनुसार, वह रामेश्वरम कैफे विस्फोट मामले (2024), मंगलुरु कुकर विस्फोट और अल-हिंद ISIS मॉड्यूल मामले में एक ऑनलाइन हैंडलर के रूप में शामिल रहा है. वह सोशल मीडिया और यूट्यूब /टेलीग्राम चैनलों (जैसे ‘सवत अल हक’) पर राष्ट्र-विरोधी और जिहादी वीडियो के जरिए युवाओं को भर्ती करने का काम करता है.
सुल्तानपुर लोधी रोड पर स्विफ्ट कार और रेहड़ी की टक्कर, दो गंभीर घायल

कपूरथला: सुल्तानपुर लोधी रोड स्थित आरसीएफ जगदंबे पेट्रोल पंप के नजदीक सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्विफ्ट कार और रेहड़ी की टक्कर में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।

छल्लियां बेचकर घर लौट रहे थे दोनों

सिविल अस्पताल में उपचाराधीन शंभू पुत्र राम सेवक निवासी पंजाबी बाग, मंसूरवाल दोना ने बताया कि वह अपने भतीजे नितेश पुत्र नवल माथो के साथ आरसीएफ क्षेत्र में छल्लियां बेचकर रेहड़ी पर घर लौट रहे थे। देर रात जब वे जगदंबे पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने उनकी रेहड़ी को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण कि दोनों हुए गंभीर घायल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि रेहड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार शंभू व नितेश सड़क पर जा गिरे। हादसे में दोनों को गंभीर चोटें आईं।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची SSF टीम

घटना की जानकारी मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स के एएसआई हरप्रीत सिंह, कांस्टेबल लवप्रीत सिंह और दीपक बाबू तुरंत मौके पर पहुंचे। एएसआई हरप्रीत सिंह ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त स्विफ्ट कार घटनास्थल पर पलटी हुई अवस्था में मिली, लेकिन कार में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।

सिविल अस्पताल में चल रहा उपचार

SSF टीम ने प्राथमिक सहायता प्रदान करने के बाद दोनों घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. युगता की देखरेख में उनका इलाज जारी है।

पुलिस ने शुरू की जांच

हादसे की सूचना संबंधित थाना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कार चालक की तलाश में जुटी हुई है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली में शराब की दुकान पर गोलीबारी और लूट के प्रयास की जांच में अवैध हथियारों के नेटवर्क का खुलासा

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज क्षेत्र में स्थित एक सरकारी शराब की दुकान पर हुई गोलीबारी और लूट के प्रयास के मामले की जांच के दौरान अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 24 मई को हुई उस सनसनीखेज घटना की जांच के दौरान की गई, जिसमें बदमाशों ने मध्य दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में एक सरकारी शराब की दुकान को निशाना बनाया था। घटना के दौरान लूटपाट का विरोध करने पर अपराधियों ने दुकान के सेल्समैन पर हमला किया, उसे चाकू मारकर घायल कर दिया और गोलीबारी भी की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया। इसी कड़ी में पुलिस को अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक संगठित नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके बाद विशेष अभियान चलाकर एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी से कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हथियार कहां से लाए गए, किन लोगों तक उनकी आपूर्ति की जाती थी और क्या इस नेटवर्क का संबंध अन्य आपराधिक घटनाओं से भी है।

अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में अवैध हथियारों की तस्करी और आपूर्ति पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इस मामले में सामने आया नेटवर्क केवल एक स्थानीय गिरोह तक सीमित है या इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध हथियारों की उपलब्धता लूट, डकैती, हत्या और संगठित अपराध जैसी घटनाओं को बढ़ावा देती है। ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

पुलिस ने बताया कि पहाड़गंज गोलीबारी मामले के मुख्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी अभियान जारी है। गिरफ्तार व्यक्ति से मिली जानकारी के आधार पर आगे की छापेमारी और जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और उससे जुड़े अन्य अपराधियों के बारे में भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

मेजर जनरल भारत महतानी को एन सी सी निदेशालय हेडक्वार्टर से कर्नाटका और केरला सब-एरिया हेडक्वार्टर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के तौर पर तैनात किया गया है।

भारत / सत्ता संदेश

मेजर जनरल भारत महतानी अभी एन सी सी निदेशालय में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़  के लिए एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने 1 नवंबर, 2025 को यह प्रतिष्ठित कमान संभाली थी, और निवर्तमान अधिकारी, मेजर जनरल जगदीप सिंह चीमा से पारंपरिक बैटन लिया था।      7 महीने के सफल और प्रभावशाली कार्यकाल के बाद, यह जनरल ऑफिसर बेंगलुरु में कर्नाटका और केरला सब-एरिया हेडक्वार्टर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के तौर पर कमान संभालने जा रहे हैं।

मेजर जनरल भारत महतानी अपने नए पद पर व्यापक अनुभव लेकर आए हैं। एन सी सी के एडिशनल डायरेक्टर जनरल का पद संभालने से पहले, उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में एक इन्फैंट्री ब्रिगेड, झारखंड और बिहार सब-एरिया में और पश्चिमी सेक्टर में एक इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली थी। अपनी विशिष्ट सेवा के लिए, उन्हें GOC-in-Chief, पश्चिमी कमान प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है।

उनके प्रभावशाली कार्यकाल, नेतृत्व और युवा विकास में उनके योगदान का सम्मान करने के लिए, एन सी सी निदेशालय ने इस जनरल ऑफिसर के लिए एक औपचारिक विदाई समारोह आयोजित किया।

युवती से लूट की वारदात CCTV में कैद, चाकू दिखा बदमाशों ने छीना बैग देर रात काम से घर लौट रही युवती को बाइक सवार लुटेरों ने बनाया निशाना

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना में देर रात एक युवती के साथ लूट की वारदात सामने आई है। गुरु अर्जुन देव नगर की डाकखाना वाली गली नंबर 8 में दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने चाकू की नोक पर युवती से बैग लूट लिया। पूरी घटना इलाके में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है।


जानकारी के मुताबिक 27 मई की देर रात युवती काम से घर लौट रही थी। इसी दौरान दो बाइक पर आए चार बदमाशों ने उसे घेर लिया। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि एक बदमाश ने चाकू दिखाकर युवती का बैग छीनने की कोशिश की। युवती ने बैग बचाने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने उसे धक्का देकर बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। जिस घर के CCTV कैमरे में यह वारदात कैद हुई, वहां रहने वाली महिला ने बताया कि उसने रात के समय युवती की चीखें सुनी थीं। बाद में उसके पति ने CCTV फुटेज चेक की तो पता चला कि बाइक सवार बदमाशों ने सुनसान गली में लूट की वारदात को अंजाम दिया।


इलाका वासियों का कहना है कि यहां पहले भी स्नैचिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में पुलिस गश्त ना के बराबर है, जिसके कारण नशेड़ी और बदमाश बेखौफ होकर घूम रहे हैं। उधर थाना डिवीजन नंबर 7 के एसएचओ गगनदीप ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लुधियाना से गुरमीत सिंह की रिपोर्ट

दिल्ली के राजौरी गार्डन में तेज रफ्तार कार ने पद यात्री को कुचला, मौत

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

New Delhi के पश्चिमी इलाके राजौरी गार्डन में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक पद यात्री की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि हादसा बृहस्पतिवार देर रात करीब ढाई बजे राजौरी गार्डन स्थित मार्बल बाजार के पास रिंग रोड पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार काफी तेज गति में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिसके बाद सड़क पार कर रहे व्यक्ति को उसने जोरदार टक्कर मार दी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसे के समय चालक नशे में था या नहीं तथा वाहन की गति कितनी थी।

दिल्ली में लगातार बढ़ते सड़क हादसों को लेकर चिंता बनी हुई है। विशेष रूप से देर रात तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग कई गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि गति सीमा का पालन और सख्त निगरानी ऐसे हादसों को कम करने के लिए बेहद जरूरी है।

फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।