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प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवेनिया के जनेज जान्शा को प्रधानमंत्री चुने जाने पर दी बधाई

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Slovenia की संसद द्वारा Janez Janša को प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उन्हें बृहस्पतिवार को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि वह स्लोवेनिया के नए नेतृत्व के साथ मिलकर द्विपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश और वैश्विक मुद्दों पर साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम करने की बात कही।

जानकारी के अनुसार, जनेज जान्शा को स्लोवेनिया की संसद में हुए मतदान के बाद देश का नया प्रधानमंत्री चुना गया है। वे स्लोवेनियाई राजनीति में तीन दशकों से अधिक समय से सक्रिय और प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। उनकी राजनीतिक छवि एक अनुभवी और दक्षिणपंथी रुझान वाले नेता के रूप में देखी जाती है।

स्लोवेनिया यूरोप का एक महत्वपूर्ण देश है और यूरोपीय संघ का सदस्य भी है। भारत और स्लोवेनिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी कई मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री स्तर पर इस तरह के बधाई संदेश दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे भविष्य में व्यापारिक और रणनीतिक साझेदारी के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

फिलहाल, भारत और स्लोवेनिया दोनों देशों की सरकारें आपसी सहयोग को बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को विस्तार देने की दिशा में काम कर रही हैं।

भीषण गर्मी से बचने शिमला पहुंचे सैलानी, 72 घंटे में 70 हजार वाहन शहर में दाखिल

शिमला / सत्ता संदेश

मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी वजह से शिमला में वाहनों का भारी दबाव देखने को मिल रहा है और शहर के कई हिस्सों में बार-बार जाम की स्थिति बन रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 24 दिनों में शिमला में कुल 6 लाख 31 हजार वाहन पहुंचे हैं। इनमें से करीब 70 हजार वाहन सिर्फ पिछले 72 घंटों में शहर में दाखिल हुए।

हालांकि पर्यटन सीजन अभी अपने चरम पर नहीं पहुंचा है, लेकिन ‘पहाड़ों की रानी’ शिमला पहले ही पर्यटकों और वाहनों से भर चुकी है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने की अपील की है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने बताया कि पिछले 24 दिनों में चंडीगढ़-कालका मार्ग से लगभग 3 लाख 70 हजार वाहन शिमला पहुंचे हैं। इसके अलावा किन्नौर, बिलासपुर और कुल्लू मार्ग से भी बड़ी संख्या में पर्यटक वाहनों का आगमन हुआ है।

उन्होंने कहा कि अचानक बढ़े पर्यटक दबाव के कारण शहर की पुरानी पार्किंग समस्या और गंभीर हो गई है। पिछले एक सप्ताह में 1 लाख 54 हजार 450 वाहन शिमला पहुंचे, जबकि केवल पिछले 72 घंटों में करीब 70 हजार वाहनों की एंट्री दर्ज की गई।

यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासन ने शिमला को पांच जोनों में बांटा है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है। ट्रैफिक कंट्रोल में सहायता के लिए स्वयंसेवकों की भी मदद ली जा रही है।

जाम कम करने के लिए पुलिस वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर रही है। ऊपरी शिमला जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली मार्ग से भेजा जा रहा है ताकि शहर के मुख्य मार्गों पर दबाव कम किया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि जून महीने में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए पंचायत चुनाव समाप्त होने के बाद 31 मई के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

आमतौर पर हिमाचल प्रदेश में पर्यटन सीजन जून के पहले सप्ताह में चरम पर पहुंचता है, लेकिन इस वर्ष उत्तर और पश्चिम भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण पर्यटन सीजन समय से पहले ही शुरू हो गया है।

एक और उपलब्धि हासिल

PGIMER के 12 घंटे OT मॉडल से एक वर्ष में प्रमुख सर्जरी में 10.46% की वृद्धि

चंडीगढ़ स्थित PGIMER Chandigarh ने अपने नवाचारपूर्ण 12 घंटे इलेक्ट्रिव ऑपरेशन थिएटर (OT) मॉडल के सफल क्रियान्वयन के एक वर्ष पूरे होने पर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। संस्थान ने बताया कि इस मॉडल के लागू होने के बाद प्रमुख सर्जरी में उल्लेखनीय और निरंतर वृद्धि देखी गई है, जिससे मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिली है।

“सीमाओं को स्वीकार करने के बजाय हमने संभावनाओं का विस्तार चुना” – प्रो. विवेक लाल

PGIMER के निदेशक Vivek Lal ने कहा कि यह पहल मरीजों की बढ़ती जरूरतों, सर्जरी की लंबी प्रतीक्षा सूची और अस्पताल की क्षमता पर बढ़ते दबाव को देखते हुए शुरू की गई थी।

उन्होंने कहा,
“हमने सीमाओं को स्वीकार करने के बजाय सर्जिकल देखभाल में संभावनाओं और पहुंच को बढ़ाने का निर्णय लिया।”

12 घंटे OT मॉडल से बड़ा बदलाव

1 मई 2025 से लागू इस मॉडल के तहत इलेक्ट्रिव ऑपरेशन थिएटर का समय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बजाय बढ़ाकर रात 8 बजे तक कर दिया गया।

इस बदलाव का उद्देश्य था—

  • लंबी सर्जरी वेटिंग लिस्ट को कम करना
  • बेड उपयोग को बेहतर बनाना
  • तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं में पहुंच बढ़ाना

इस पहल के बाद PGIMER देश का पहला संस्थान बन गया जिसने 12 घंटे का संरचित OT मॉडल लागू किया।

10.46% की वृद्धि, 3,695 अतिरिक्त सर्जरी

संस्थान के अनुसार, एक वर्ष में कुल प्रमुख सर्जरी में 10.46% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 3,695 अतिरिक्त ऑपरेशन के बराबर है।

यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि मरीजों को:

  • जल्दी ऑपरेशन की सुविधा मिली
  • अस्पताल में प्रतीक्षा समय कम हुआ
  • बेड उपयोग अधिक प्रभावी हुआ

जटिल सर्जरी में भी सुधार

रिपोर्ट में बताया गया कि यह वृद्धि मुख्य रूप से उच्च जटिलता वाली सर्जरी में देखी गई, जिनमें शामिल हैं:

  • ऑर्थोपेडिक्स
  • न्यूरोसर्जरी
  • सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
  • रोबोटिक सर्जरी
  • ट्रांसप्लांट सर्जरी
  • यूरोलॉजी

यह दर्शाता है कि संस्थान की अत्याधुनिक सर्जिकल क्षमता और मजबूत हुई है।

ऑर्थोपेडिक्स में 80% तक वृद्धि

विशेष रूप से ऑर्थोपेडिक्स OT-22 में लगभग 80% की वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है।

महीने-दर-महीने प्रदर्शन

आंकड़ों के अनुसार, 12 में से 9 महीनों में सर्जरी में वृद्धि दर्ज की गई।
सबसे अधिक वृद्धि:

  • अगस्त: +54% (1,210 अतिरिक्त सर्जरी)
  • अक्टूबर: +31% (730 अतिरिक्त सर्जरी)

सिस्टम स्तर पर बड़ा सुधार

संस्थान ने कहा कि यह मॉडल केवल संख्या में वृद्धि नहीं है, बल्कि यह:

  • स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता
  • ऑपरेशन थिएटर उपयोग
  • और मरीजों की पहुंच में सुधार

का बड़ा उदाहरण है।

PGIMER के अनुसार, यह पहल देश में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सिस्टम-लेवल सुधार के रूप में देखी जा रही है।

मजबूत मांग से कच्चे तेल के वायदा भाव में उछाल, कीमत 152 रुपये बढ़कर 8,778 रुपये प्रति बैरल

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

मजबूत हाजिर मांग और कारोबारियों द्वारा सौदों के आकार में बढ़ोतरी के चलते मंगलवार को कच्चे तेल के वायदा भाव में तेजी दर्ज की गई। लगातार बढ़ती मांग के बीच निवेशकों की सक्रिय भागीदारी से कीमतों में मजबूती देखने को मिली।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून महीने में डिलीवरी वाले कच्चे तेल का अनुबंध 152 रुपये यानी 1.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ Crude Oil Futures (MCX) 8,778 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया।

कारोबार के दौरान कुल 11,942 लॉट के लिए लेनदेन हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में सक्रियता बनी हुई है और निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत बनी हुई है।

विश्लेषकों के अनुसार, हाजिर बाजार में मांग बढ़ने से वायदा बाजार को समर्थन मिला है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति और मांग से जुड़े संकेत भी कीमतों पर असर डाल रहे हैं।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा क्षेत्र में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।

मजबूत मांग के चलते हाल के सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हलचल देखी जा रही है, और आगे भी अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम इसके रुझान को प्रभावित कर सकते हैं।

शेयर बाजार में तेजी पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 479 अंक टूटा, निफ्टी भी गिरा

मुंबई / सत्ता संदेश

लगातार दो सत्रों से जारी तेजी के बाद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये में कमजोरी के कारण निवेशकों की धारणा पर दबाव पड़ा, जिससे बाजार लाल निशान में बंद हुआ।

कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक BSE Sensex 479 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का सूचकांक Nifty 50 भी 118 अंक टूटकर नीचे आ गया।

विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा, जहां ईरान के दक्षिणी क्षेत्र में अमेरिकी हमले की रिपोर्टों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। इससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी और भारतीय शेयर बाजार पर भी दबाव पड़ा।

इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये में कमजोरी आने से भी निवेशकों की चिंता बढ़ी। विशेष रूप से बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा है।

दिनभर के कारोबार में उतार-चढ़ाव का माहौल रहा, जहां शुरुआत में बाजार स्थिर दिखाई दिया, लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांक नीचे आ गए। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और तेल कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

भारत एआई क्रांति के अगले चरण का नेतृत्व करने को तैयार: माइक्रोसॉफ्ट अधिकारी

नयी दिल्ली/ सत्ता संदेश

वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी Microsoft के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि भारत अपने मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम और विशाल डेवलपर समुदाय के दम पर कृत्रिम मेधा (एआई) के अगले चरण की तैनाती में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि भारत का तेजी से बढ़ता डिजिटल ढांचा, इंटरनेट की व्यापक पहुंच और तकनीकी प्रतिभा का बड़ा आधार इसे वैश्विक एआई विकास के केंद्र के रूप में उभरने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत एआई आधारित नवाचारों और अनुप्रयोगों के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे एआई तकनीक के व्यावहारिक उपयोग के नए अवसर बन रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, वित्त और शासन जैसे क्षेत्रों में एआई के बढ़ते उपयोग से देश में डिजिटल परिवर्तन को और गति मिलेगी।

माइक्रोसॉफ्ट अधिकारी के अनुसार, भारत न केवल एआई तकनीक का उपयोग करने वाला बड़ा बाजार है, बल्कि यह एक ऐसा देश भी है जहां बड़ी संख्या में डेवलपर्स और इंजीनियर वैश्विक स्तर पर नवाचार में योगदान दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे कि आधार, यूपीआई और अन्य ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म एआई के प्रभावी उपयोग के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इससे न केवल सेवाओं की दक्षता बढ़ेगी बल्कि पारदर्शिता और पहुंच में भी सुधार होगा।

अधिकारी ने कहा कि एआई के अगले चरण में जिम्मेदार और सुरक्षित तकनीक के विकास पर जोर होगा, और भारत इस दिशा में वैश्विक मानकों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आने वाले समय में एआई नवाचारों का वैश्विक हब बन सकता है, जहां तकनीक और प्रतिभा दोनों का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।

मारुति सुजुकी ने खर्च में कटौती के लिए उठाए कदम, जरूरत पर वर्क फ्रॉम होम और विदेश यात्राओं पर रोक लागू

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी Maruti Suzuki India Limited ने परिचालन खर्च कम करने और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के प्रभाव को कम करने के लिए कई अहम कदम उठाने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा है कि परिस्थितियों के अनुसार ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सुविधा दी जाएगी और विदेश यात्राओं पर अस्थायी रूप से रोक लगाई जाएगी।

कंपनी ने यह जानकारी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की, जिसमें उसने कहा कि वह प्रधानमंत्री Narendra Modi की मितव्ययिता (austerity) की अपील को गंभीरता से ले रही है और साथ ही पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध के दीर्घकालिक आर्थिक प्रभावों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

मारुति सुजुकी ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी अपने संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

कंपनी के अनुसार, जहां संभव होगा वहां कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी जाएगी, जिससे परिचालन में लचीलापन बना रहे और यात्रा व अन्य खर्चों में कमी लाई जा सके। इसके साथ ही गैर-जरूरी विदेशी दौरों पर रोक लगाने का निर्णय भी लिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में अस्थिरता का असर ऑटोमोबाइल सेक्टर की सप्लाई चेन और लागत पर पड़ सकता है। ऐसे में कंपनियां पहले से ही लागत नियंत्रण और दक्षता बढ़ाने की रणनीति अपना रही हैं।

मारुति सुजुकी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारतीय ऑटो सेक्टर मांग और वैश्विक आपूर्ति परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। कंपनी ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भी वह स्थिति के अनुसार अपने परिचालन में आवश्यक बदलाव करती रहेगी।

जोया अख्तर के प्रोडक्शन हाउस से 66 हार्ड डिस्क चोरी, ऑफिस बॉय समेत दो गिरफ्तार, बांद्रा पुलिस की कार्रवाई

मुंबई / सत्ता संदेश

फिल्मकार Zoya Akhtar और Reema Kagti के प्रोडक्शन हाउस से फिल्मों और वेब सीरीज से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा की चोरी का मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक ऑफिस बॉय भी शामिल है।

पुलिस के अनुसार, यह मामला मुंबई के Mumbai स्थित प्रोडक्शन कंपनी “टाइगर बेबी डिजिटल एलएलपी” से जुड़ा है, जहां से कुल 66 हार्ड डिस्क चोरी होने की पुष्टि हुई है। इन हार्ड डिस्क में आगामी फिल्मों और वेब सीरीज से संबंधित संवेदनशील और महत्वपूर्ण डेटा संग्रहीत था।

यह चोरी सोमवार को उस समय सामने आई जब कंपनी की कार्यकारी सहायक महजबीन शेख ने बांद्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ऑफिस से हार्ड डिस्क अचानक गायब पाई गईं, जिसके बाद आंतरिक जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि चोरी में कंपनी के अंदरूनी कर्मचारियों की भूमिका हो सकती है। तकनीकी निगरानी और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में एक आरोपी ऑफिस बॉय बताया जा रहा है, जो कंपनी के दफ्तर में कार्यरत था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी की गई हार्ड डिस्क का इस्तेमाल या बिक्री कहां और किस उद्देश्य से की जानी थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में कोई बड़ा नेटवर्क या बाहरी व्यक्ति भी शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल कंटेंट चोरी का यह मामला फिल्म इंडस्ट्री के लिए गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है, क्योंकि ऐसे डेटा में अनरिलीज़्ड फिल्मों और वेब सीरीज की जानकारी होती है, जिसका दुरुपयोग होने का खतरा रहता है।

फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है और सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है।

असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान में 1,500 से अधिक छात्रों को दिया गया प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का प्रशिक्षण

गुवाहाटी/ सत्ता संदेश

असम के Manas National Park और इसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 1,500 से अधिक स्कूली छात्रों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। यह जानकारी वन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को दी।

यह जागरूकता अभियान विभिन्न संपर्क कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों को जंगलों, वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।

यह पहल ‘मानस मित्र कार्यक्रम’ के तहत की गई, जिसे Manas National Park and Tiger Reserve Authority ने स्थानीय समुदायों और संरक्षण प्रयासों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू किया है।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और वन अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि कैसे वन्यजीवों और जंगलों का संरक्षण मानव जीवन के लिए आवश्यक है। साथ ही उन्हें यह भी समझाया गया कि अवैध शिकार, वनों की कटाई और पर्यावरण प्रदूषण किस तरह प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित करते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के जरिए स्थानीय समुदायों और युवाओं को संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में पर्यावरण सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

छात्रों ने भी इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े सवाल पूछे। कई छात्रों ने भविष्य में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने की इच्छा भी जताई।

वन विभाग का मानना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से न केवल छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ती है, बल्कि स्थानीय समुदायों और राष्ट्रीय उद्यान के बीच सहयोग भी मजबूत होता है।

महाराष्ट्र के नासिक में प्याज किसानों का प्रदर्शन, खरीद मूल्य के विरोध में राजमार्ग जाम

नासिक/ सत्ता संदेश

महाराष्ट्र के Nashik जिले में सोमवार को प्याज किसानों ने सरकार द्वारा तय किए गए खरीद मूल्य के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देते हुए यातायात को पूरी तरह बाधित कर दिया, जिससे कई घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि प्याज का मौजूदा खरीद मूल्य उनकी लागत के मुकाबले बेहद कम है, जिससे खेती करना घाटे का सौदा बनता जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

किसानों ने बताया कि खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी की बढ़ती लागत के बावजूद प्याज का बाजार मूल्य काफी नीचे बना हुआ है। इसी वजह से बड़ी संख्या में किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और कई किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से प्याज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने और खरीद व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।

यह विरोध ऐसे समय में हुआ है जब महाराष्ट्र में प्याज उत्पादन और कीमतों को लेकर पहले भी कई बार किसान आंदोलन कर चुके हैं। राज्य में प्याज की खेती बड़े पैमाने पर होती है और इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर किसानों की आजीविका पर पड़ता है।