बरनाला-बठिंडा हाईवे पर रणक्षेत्र बना तपा: किसानों और पुलिस में हिंसक झड़प, बैरिकेड्स उखाड़े; 53 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
पंजाब डेस्क : पंजाब के बरनाला-बठिंडा नेशनल हाईवे पर तपा के पास शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को किसानों और पुलिस के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला,। भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
झड़प का मुख्य कारण: बीकेयू (एकता उगराहां) के जिला अध्यक्ष चमकौर सिंह नैनेवाल के अनुसार, यह पूरा विवाद बठिंडा जिले के गांव जींद में लगभग 700 एकड़ जमीन से जुड़ा है। किसानों का आरोप है कि इस मामले में उन्हें न्याय दिलाने के बजाय प्रशासन द्वारा परेशान किया जा रहा है। किसान नेताओं ने दावा किया कि सरनदीप सिंह और बलदेव सिंह जैसे किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं और जेल में बंद सरनदीप को उसकी मां की मृत्यु के बाद भी रिहा नहीं किया गया, जिससे किसानों में गहरा रोष है।
बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़े किसान: प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां के आह्वान पर किसानों ने बरनाला में डीसी कार्यालय के बाहर बड़े प्रदर्शन की घोषणा की थी। हाईवे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और एसएसपी मोहम्मद सरफराज आलम की मौजूदगी में वॉटर कैनन और बैरिकेडिंग के जरिए किसानों को रोकने की कोशिश की गई।
हालांकि, प्रदर्शनकारी किसानों, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे, ने पुलिस के बैरिकेड्स उखाड़ फेंके और बाजार क्षेत्र की सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ते हुए बठिंडा की ओर कूच किया।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां: हंगामे और झड़प के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए करीब 53 किसानों को गिरफ्तार कर लिया है,। पुलिस द्वारा रोकने के प्रयासों के बावजूद किसानों का जत्था आगे बढ़ता रहा, जिससे पूरे इलाके में देर शाम तक तनाव का माहौल बना रहा। किसान नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनके खिलाफ दर्ज मामले रद्द नहीं होते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

