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LPU में एग्री-स्टार्टअप स्टेकहोल्डर्स कनेक्ट में कृषि क्षेत्र में मदद और इनोवेशन पर होगी चर्चा

फगवाड़ा / सत्ता संदेश

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) की ओर से 18 अगस्त यानि की मंगलवार को यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में एग्री-स्टार्टअप स्टेकहोल्डर्स कनेक्ट’ का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देशभर से एग्री-स्टार्टअप, सरकारी प्रतिनिधि, इंडस्ट्री एक्सपर्ट, शोधकर्ता, NGO, किसान उत्पादक संगठन (FPO), इनक्यूबेटर, शिक्षाविद और छात्र शामिल होंगे।

आपको बता दें कि यह कार्यक्रम भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के MANAGE-सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एग्रीप्रेन्योरशिप (MANAGE-CIA) के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश में तेजी से विकसित हो रहे एग्री-इनोवेशन और एग्रीप्रेन्योरशिप इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न स्टेकहोल्डर्स को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।

देशभर के एग्री-स्टार्टअप होंगे शामिल

इस कार्यक्रम की खासियत देश के अलग-अलग हिस्सों से एग्री-स्टार्टअप की भागीदारी होगी। इन्हें सरकारी अधिकारियों, निवेशकों, इंडस्ट्री विशेषज्ञों, इनक्यूबेटर, FPO प्रतिनिधियों, NGO और शोधकर्ताओं के साथ सीधे संवाद और नेटवर्किंग का मौका मिलेगा।

इस कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में उभरती तकनीकों, उद्यमिता, बाजार के अवसरों, संस्थागत सहयोग, इनोवेशन और टिकाऊ कृषि समाधानों जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

स्टार्टअप और कृषि इकोसिस्टम के बीच सहयोग पर जोर

‘एग्री-स्टार्टअप स्टेकहोल्डर्स कनेक्ट’ का उद्देश्य स्टार्टअप और व्यापक कृषि इकोसिस्टम के बीच सहयोग को मजबूत करना है। इसके तहत ज्ञान साझा करने, नेटवर्किंग, मेंटरिंग और संभावित साझेदारी के मौको को बढ़ावा दिया जाएगा।

MANAGE-CIA की ओर से ऐसे स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्टार्टअप्स को कृषि संस्थानों और इकोसिस्टम पार्टनर्स से जोड़ने पर जोर दिया जाता है, ताकि उन्हें आवश्यक ज्ञान, संसाधनों और सहयोग के अवसरों तक बेहतर पहुंच मिल सके।

LPU में स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा

LPU अपने उद्यमिता इकोसिस्टम और इनक्यूबेशन सुविधाओं के माध्यम से स्टार्टअप विकास को बढ़ावा दे रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य युवा इनोवेटर्स और उद्यमियों को अपने विचारों को व्यावहारिक एवं सफल उद्यमों में बदलने के लिए आवश्यक वातावरण और सहयोग उपलब्ध कराना है।

ऐसे में ‘एग्री-स्टार्टअप स्टेकहोल्डर्स कनेक्ट’ कृषि क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप्स, विशेषज्ञों, संस्थानों और अन्य हितधारकों के बीच नेटवर्किंग, ज्ञान साझा करने और संभावित साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।

PAU में “विकसित भारत हेतु स्मार्ट एवं सतत कृषि” विषय पर यंग प्रोफेशनल्स राउंडटेबल का सफल आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत माई भारत (MY Bharat) द्वारा एनएसएस इकाई, पंजाब विश्वविद्यालय के सहयोग से राजीव गांधी कॉलेज भवन, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2026 – यंग प्रोफेशनल्स राउंडटेबल का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “विकसित भारत हेतु स्मार्ट एवं सतत कृषि” था। यह आयोजन देशव्यापी VBYLD पहल के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं एवं युवा पेशेवरों को नीति-निर्माण संबंधी संवाद में सहभागी बनाना तथा विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने हेतु व्यवहारिक एवं प्रभावी सुझाव प्राप्त करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों का स्वागत एवं विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुखजिंदर ऋषि, निदेशक, युवा कल्याण विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय रहे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुश्री रश्मीत कौर, राज्य निदेशक, माई भारत पंजाब, श्री शिवधन शर्मा, यूटी निदेशक, माई भारत चंडीगढ़ तथा श्री आकर्ष दीक्षित, राज्य निदेशक, माई भारत हरियाणा उपस्थित रहे।

तकनीकी सत्र में डॉ. संजीव चौहान एवं श्री लिवअर्पित संधू ने पैनल विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए, जबकि श्री पंचम काजला ने राउंडटेबल चर्चा का सफल संचालन किया। विशेषज्ञों ने तकनीक आधारित कृषि, जलवायु-अनुकूल खेती, युवा कृषि उद्यमिता, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सशक्त बनाने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा कृषि उत्पादकता एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल नवाचारों के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और कृषि क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागियों, जिनमें माई भारत स्वयंसेवक, एनएसएस स्वयंसेवक, युवा पेशेवर एवं युवा नेता शामिल थे, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने स्मार्ट, सतत एवं प्रौद्योगिकी आधारित कृषि प्रणाली के निर्माण हेतु अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। खुली चर्चा (Open Floor Discussion) के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जो भविष्य की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध होंगे।

इस कार्यक्रम का सफल आयोजन श्री विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, माई भारत चंडीगढ़ के नेतृत्व में डॉ. भारत बजाज, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, पंजाब विश्वविद्यालय तथा डॉ. किरण बांद्रा, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, पंजाब विश्वविद्यालय के सहयोग से किया गया। उनके समन्वित प्रयासों से कार्यक्रम का सफल संचालन एवं युवाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुई।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि भारत के युवा स्मार्ट, समावेशी एवं सतत कृषि प्रणाली के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। राउंडटेबल के दौरान प्राप्त सुझाव एवं अनुशंसाएँ विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के व्यापक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी तथा विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होंगी।

कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने पी.ए.यू. लुधियाना में उत्तरी भारत की पहली केंद्रीय धुरवी सिंचाई प्रणाली का किया उद्घाटन

मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने पानी संरक्षण के लिए नई तकनीक अपनाने पर दिया जोर

सिर्फ एक चक्र में 3 एकड़ खेत की होगी सिंचाई, खेती में ए.आई. और नवाचार अपनाने की अपी

पंजाब के मिट्टी एवं जल संरक्षण, खान एवं भू-विज्ञान तथा जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने बुधवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पी.ए.यू.), लुधियाना में राज्य की पहली केंद्रीय धुरवी सिंचाई प्रणाली का उद्घाटन किया। यह उत्तरी भारत में आधुनिक, स्वचालित सिंचाई तकनीक की पहली स्थापना है।

इस अवसर पर पी.ए.यू. के वाइस चांसलर डॉ. सतबीर सिंह गोसल, डी.जी.एम. नाबार्ड अमित गर्ग तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रगतिशील किसान, वैज्ञानिक, फैकल्टी सदस्य तथा मृदा एवं जल संरक्षण, कृषि, बागवानी और अन्य संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।

इस मौके पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने वैज्ञानिकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) के उभरते युग में नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने और अत्याधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की। उन्होंने पंजाब में भूजल की नाजुक स्थिति को उजागर करते हुए जल संरक्षण के लिए आधुनिक सिंचाई तरीकों को बढ़ावा देने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

बरिंदर गोयल ने पंजाब सरकार की भूजल संरक्षण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कृषि में सतही जल के उपयोग को बढ़ाने के लिए किए गए महत्वपूर्ण प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पंजाब में उन्नत केंद्रीय धुरवी सिंचाई प्रणाली की शुरुआत के लिए मृदा एवं जल संरक्षण विभाग की प्रशंसा की तथा पी.ए.यू. में इस अग्रणी प्रदर्शन परियोजना को वित्तीय सहायता देने के लिए नाबार्ड का धन्यवाद किया।

तकनीक का वर्णन करते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्रीय धुरी सिंचाई प्रणाली एक बार में पूर्णतः स्वचालित सिंचाई समाधान प्रदान करती है, जो विशेष रूप से श्रमिकों की कमी से जूझ रहे पंजाब के खेतों के लिए लाभदायक है। इस प्रणाली को किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती और 3 एकड़ के खेत के लिए सटीक सिंचाई केवल आवश्यक डेटा दर्ज करके प्राप्त की जा सकती है, जिससे पूरा कार्य एक ही चक्र में पूरा हो जाता है।
उन्होंने पंजाब के कृषि और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में नाबार्ड द्वारा लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार की नवाचारी और मार्गदर्शक पहलों के लिए पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया, साथ ही चल रहे और आगामी परियोजनाओं के लिए निरंतर सहयोग का भी भरोसा दिलाया।