स्पेन भेजने के नाम पर थाईलैंड में युवकों को कथित तौर पर बनाया बंधक
कपूरथला / सत्ता संदेश
सुल्तानपुर लोधी: विदेश जाकर बेहतर भविष्य बनाने का सपना देख रहे पंजाब के युवाओं को कथित फर्जी ट्रैवल एजेंटों और मानव तस्करी नेटवर्क के चंगुल में फंसाने का गंभीर मामला सामने आया है। सुल्तानपुर लोधी और जालंधर के दो युवकों को कथित तौर पर स्पेन भेजने का भरोसा देकर थाईलैंड भेजा गया, जहां परिवारों के आरोप के मुताबिक उन्हें करीब 10 दिन तक बंधक बनाकर टॉर्चर किया गया और लाखों रुपये की फिरौती मांगी गई।
मामले में कथित ‘खान बाबा गैंग’ का नाम सामने आने के बाद इसकी गंभीरता और बढ़ गई है। पीड़ित परिवारों ने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और थाईलैंड में फंसे कुलराज सिंह की सुरक्षित भारत वापसी तथा कथित ट्रैवल एजेंटों और डोंकरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
11.5 लाख रुपये में स्पेन भेजने का हुआ था सौदा
परिवारों के मुताबिक, सुल्तानपुर लोधी के गांव गिलां निवासी मनप्रीत सिंह और जालंधर जिले के गांव मानक निवासी कुलराज सिंह को स्पेन भेजने की बात लोहियां निवासी संजीव कुमार से हुई थी। परिवारों के अनुसार उसका कार्यालय डल्ला गांव में बताया गया है।
दोनों युवकों को स्पेन भेजने के लिए कथित तौर पर प्रत्येक से करीब 11.5 लाख रुपये लेने की बात तय हुई थी। परिवारों का कहना है कि यह रकम स्पेन पहुंचने के बाद देने की बात कही गई थी।
30 जुलाई को दिल्ली से थाईलैंड भेजा गया
परिवारों केलुधियाना के टिब्बा थाने के प्रेम विहार चौक के पास बदमाशों ने एक रिक्शा ड्राइवर को पीटा, घटना CCTV में कैद हो गई, बदमाशों ने एक ई-रिक्शा में भी तोड़फोड़ की, ई-रिक्शा ड्राइवर ने अपनी बात रखी, लेकिन ई-रिक्शा ड्राइवर को बिना किसी वजह के पीटा गया।
लुधियाना के टिब्बा थाने के तहत प्रेम विहार चौक के पास बदमाशों द्वारा एक ई-रिक्शा ड्राइवर की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। आपको बता दें कि बाइक सवार बदमाशों ने ई-रिक्शा ड्राइवर को घेरकर पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। ई-रिक्शा ड्राइवर के मुताबिक, उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद बदमाशों ने कहा कि उसके पिता को गाली दी गई थी, जिसके चलते उसे पीटा गया। फिलहाल, पीड़ित ने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस ने कहा है कि जांच शुरू कर दी गई है।
लुधियाना के टिब्बा थाने के प्रेम विहार चौक के पास बदमाशों ने एक रिक्शा ड्राइवर को पीटा, घटना CCTV में कैद हो गई, बदमाशों ने एक ई-रिक्शा में भी तोड़फोड़ की, ई-रिक्शा ड्राइवर ने अपनी बात रखी, लेकिन ई-रिक्शा ड्राइवर को बिना किसी वजह के पीटा गया।
लुधियाना के टिब्बा थाने के तहत प्रेम विहार चौक के पास बदमाशों द्वारा एक ई-रिक्शा ड्राइवर की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। आपको बता दें कि बाइक सवार बदमाशों ने ई-रिक्शा ड्राइवर को घेरकर पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। ई-रिक्शा ड्राइवर के मुताबिक, उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद बदमाशों ने कहा कि उसके पिता को गाली दी गई थी, जिसके चलते उसे पीटा गया। फिलहाल, पीड़ित ने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस ने कहा है कि जांच शुरू कर दी गई है। अनुसार, 30 जुलाई को दोनों युवकों को दिल्ली एयरपोर्ट से थाईलैंड भेजा गया। उन्हें कथित तौर पर बताया गया था कि थाईलैंड में पासपोर्ट पर स्टांप लगेगा और करीब एक घंटे बाद उन्हें स्पेन जाने वाली अगली फ्लाइट में बैठा दिया जाएगा।
हालांकि, परिवारों का आरोप है कि थाईलैंड पहुंचने के बाद युवकों को स्पेन भेजने के बजाय कथित तौर पर तस्करों के हवाले कर दिया गया। इसके बाद दोनों को बंधक बनाकर रखा गया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट व टॉर्चर किया गया।
मनप्रीत ने सुनाई खौफनाक आपबीती
भारत लौटे मनप्रीत सिंह ने अपनी आपबीती परिवार और संत सीचेवाल के सामने रखी। मनप्रीत के मुताबिक, स्पेन जाने का सपना लेकर घर से निकले दोनों युवकों के लिए थाईलैंड पहुंचने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कथित डोंकर परिवारों से लगातार पैसे की मांग करते थे। पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। परिवारों को डराने के लिए कथित तौर पर टॉर्चर की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी भेजी जाती थीं।
मनप्रीत ने बताया कि उस दौरान उन्हें सबसे ज्यादा अपने परिवार की चिंता थी। उन्होंने कहा कि हालात इतने भयावह थे कि हर समय जान बचने को लेकर डर बना रहता था।
24 लाख रुपये देने के बाद मनप्रीत की रिहाई का दावा
मनप्रीत के परिवार का आरोप है कि कथित डोंकरों की मांग पूरी करने के लिए उन्होंने अलग-अलग समय पर करीब 24 लाख रुपये दिए। इसके बाद मनप्रीत को रिहा कर दिया गया।
परिवार के अनुसार, रिहाई के करीब दो घंटे बाद ही मनप्रीत को भारत लौटने वाली फ्लाइट में भेज दिया गया। परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि वह कथित तौर पर बिना पासपोर्ट के सिर्फ टिकट के आधार पर भारत कैसे पहुंच गया। इस पूरे घटनाक्रम की भी जांच की मांग की गई है।
कुलराज के परिवार से 8 लाख रुपये लेने का आरोप
दूसरी ओर, थाईलैंड में फंसे कुलराज सिंह की पत्नी नेहा ने आरोप लगाया कि कथित अपहरणकर्ताओं ने परिवार से 8 लाख रुपये लिए, लेकिन इसके बाद भी 15 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई।
परिवार का कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ थे। आरोप है कि इसके बाद कुलराज को धमकाया गया और उसके खिलाफ कथित तौर पर मामला दर्ज कर उसे थाईलैंड की जेल भेज दिया गया।
संत सीचेवाल ने DGP पंजाब और विदेश मंत्रालय से जांच की मांग की
मामले को गंभीर बताते हुए राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने DGP पंजाब और विदेश मंत्रालय से पूरे मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है।
संत सीचेवाल ने कहा कि यदि ‘खान बाबा गैंग’ के नाम से कोई नेटवर्क पंजाब के युवाओं को निशाना बना रहा है, तो इसकी जड़ तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने यह पता लगाने की मांग की कि इस कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या पंजाब के अन्य युवा भी इसके निशाने पर हैं।
उन्होंने कथित तौर पर बिना पासपोर्ट के मनप्रीत के भारत लौटने के मामले को भी गंभीर सवाल बताते हुए इसकी जांच की जरूरत बताई।
युवाओं से फर्जी ट्रैवल एजेंटों से सावधान रहने की अपील
संत सीचेवाल ने पंजाब के युवाओं से विदेश जाने की जल्दबाजी में संदिग्ध ट्रैवल एजेंटों या दलालों पर भरोसा न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विदेश जाने से पहले एजेंट और पूरी यात्रा प्रक्रिया की कानूनी एवं आधिकारिक जानकारी की जांच करना बेहद जरूरी है।
दोनों परिवारों ने उम्मीद जताई कि संबंधित एजेंसियां मामले की निष्पक्ष जांच करेंगी, कुलराज सिंह की सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित होगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कथित ट्रैवल एजेंटों, डोंकरों तथा नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

