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पंजाब में 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, तापमान में 5°C तक गिरावट के आसार

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में चार दिन भारी बारिश का अलर्ट है। कई इलाकों में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई। इससे तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। पारा अब सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे पहुंच गया है, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। 

फरीदकोट में सबसे अधिक 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले चार दिन भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तापमान में चार से पांच डिग्री तक की कमी आने की संभावना है।

मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली जिलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, अमृतसर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

पंजाब के न्यूनतम तापमान में भी 1.4 डिग्री की गिरावट आई है, जो सामान्य के नजदीक बना हुआ है। फरीदकोट में सबसे कम 24.5 डिग्री न्यूनतम पारा दर्ज किया गया। फरीदकोट में 22.8 मिलीमीटर, पठानकोट में 4.5 मिलीमीटर, पटियाला में 2.0 मिलीमीटर और होशियारपुर में 1.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अमृतसर का अधिकतम पारा 34.0 डिग्री और न्यूनतम 27.4 डिग्री रहा। लुधियाना का अधिकतम 33.0 डिग्री और न्यूनतम 27.6 डिग्री दर्ज किया गया।

भारी बारिश से जलमग्न हुआ पठानकोट, लोगों ने खराब ड्रेनेज सिस्टम पर उठाए सवाल

पठानकोट / सत्ता संदेश

पंजाब के पठानकोट में हुई भारी बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। लगातार हुई बारिश के बाद शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर कई फीट तक पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश के बाद शहर में यही हालात बन जाते हैं। उनका आरोप है कि ड्रेनेज सिस्टम की खराब व्यवस्था और समय पर नालों की सफाई न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और रिहायशी इलाकों में जमा हो जाता है।

बारिश के कारण कई घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई वाहन पानी में फंस गए और लोगों को लंबा समय जाम में बिताना पड़ा। स्कूल, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी जलभराव के कारण आवाजाही प्रभावित रही।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक बनाया जाए और बरसात से पहले नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके।

हालांकि, प्रशासन का कहना है कि जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने का काम युद्ध स्तर पर जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने दावा किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही सामान्य हालात बहाल कर दिए जाएंगे।

भारी बारिश के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि हर मानसून में सामने आने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब निकलेगा।