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सीसीपीए ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा परिणामों से संबंधित भ्रामक दावों के लिए कोचिंग संस्‍थान पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया


नई दिल्ली / सत्ता संदेश

संस्थान ने सफल उम्मीदवारों द्वारा लिए गए पाठ्यक्रमों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई

सीसीपीए ने दोहराया है कि कोचिंग सेवाओं का चयन करने से पहले उपभोक्ताओं को उचित जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने वाजीराम एंड रवि आईएएस स्टडी सेंटर एलएलपी के खिलाफ अंतिम आदेश पारित किया है जिसमें उस पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन करते हुए जानबूझकर महत्वपूर्ण जानकारी छिपाकर भ्रामक विज्ञापन देने के लिए 7,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें बढ़ावा देने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के उल्लंघन में किसी भी वस्तु या सेवा के संबंध में कोई झूठा या भ्रामक विज्ञापन न दिया जाए।

मुख्य आयुक्त श्रीमती निधि खरे और आयुक्त श्री अनुपम मिश्रा की अध्यक्षता वाली केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने वाजीराम एंड रवि आईएएस स्टडी सेंटर एलएलपी के खिलाफ यह आदेश पारित किया है। प्राधिकरण ने पाया कि कोचिंग संस्थान ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2023 में सफल हुए उम्मीदवारों के नाम, फोटो और उपलब्धियों का प्रमुखता से इस्तेमाल करते हुए बड़े-बड़े दावे किए और इन उम्मीदवारों द्वारा चुने गए विशिष्ट पाठ्यक्रमों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई।

यूपीएससी सीएसई 2023 के परिणाम घोषित होने के बाद संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट (www.vajiramandravi.com) पर निम्नलिखित दावे प्रकाशित किए गए:

  • शीर्ष 10 में से रैंक धारक वाजीराम एंड रवि से हैं।
  • शीर्ष 50 में रैंक हासिल करने वाले 37 उम्‍मीदवार वाजीराम एंड रवि से हैं।
  • तथ्य: हर सालयूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से चयनित होने वाले 30 प्रतिशत से अधिक अधिकारी वाजीराम एंड रवि के छात्र होते हैं।”
  • विस्तृत जांच के बाद सीसीपीए ने निम्नलिखित बातें पाईं:
क्रम संख्यासंस्थान का दावासीसीपीए के निष्कर्ष
 शीर्ष 10 में से 8 रैंक धारक वाजीराम एंड रवि से हैं।8 में से 7 उम्मीदवारों ने केवल निःशुल्क साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम में ही नामांकन कराया था।
 शीर्ष 50 में 37 रैंक धारक37 उम्मीदवारों में से 29 ने केवल निःशुल्क साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम में ही नामांकन कराया था।
 “तथ्य: हर साल, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से चयनित होने वाले 30 प्रतिशत से अधिक अधिकारी वजिराम एंड रवि के छात्र होते हैं।” 2021 में सफल उम्मीदवारों में से 86.36 प्रतिशत ने साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम में नामांकन कराया।2022 में सफल उम्मीदवारों में से 78.31 प्रतिशत ने साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम में नामांकन कराया।2023 में, सफल उम्मीदवारों में से 97.56 प्रतिशत ने साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम में नामांकन कराया।2024 में सफल उम्मीदवारों में से 71.69 प्रतिशत ने साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम में नामांकन कराया।

उपर्युक्त महत्वपूर्ण जानकारी इन वर्षों में से किसी भी वर्ष संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं की गई थी।

सीसीपीए ने यह भी पाया कि आईजीपी एक ऐसा कार्यक्रम है जो तभी शुरू होता है जब कोई उम्मीदवार यूपीएससी सीएसई की प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाएं स्वतंत्र रूप से उत्तीर्ण कर लेता है। ये दोनों ही बेहद कठिन प्रतियोगी परीक्षाएं हैं जिनमें संस्थान का कोई शैक्षणिक योगदान नहीं होता। संस्थान ने व्यापक सशुल्क कोचिंग कार्यक्रमों के विज्ञापनों के साथ ऐसे उम्मीदवारों को प्रमुखता से प्रदर्शित करके, चुने गए विशिष्ट पाठ्यक्रम का खुलासा किए बिना, यह भ्रामक धारणा बनाई कि ये उम्मीदवार उसके पूर्ण-स्तरीय कोचिंग कार्यक्रमों के छात्र हैं।

सीसीपीए ने पाया कि सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए विशिष्ट पाठ्यक्रमों का खुलासा न करना, जिसमें यह जानकारी भी शामिल है कि क्या उम्मीदवारों ने पूर्ण-अवधि के कक्षा कार्यक्रम, वैकल्पिक विषय कोचिंग, परीक्षा श्रृंखला या अल्प अवधि के निःशुल्क साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम में भाग लिया था, अधिनियम के तहत भ्रामक विज्ञापन माना जाता है, क्योंकि यह संभावित उपभोक्ताओं को सोच-समझकर निर्णय लेने की क्षमता से वंचित करता है। सीसीपीए ने माना कि विवादित विज्ञापन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28)(iv) के तहत “भ्रामक विज्ञापन” की परिभाषा के अंतर्गत आते हैं, जो महत्वपूर्ण जानकारी को जानबूझकर छिपाने पर रोक लगाती है। यह आचरण अधिनियम की धारा 2(9) का भी उल्लंघन पाया गया, जो उपभोक्ताओं को सूचित होने का अधिकार प्रदान करती है।

अब तक, सीसीपीए ने छात्रों के हितों की रक्षा और कोचिंग क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए कोचिंग संस्थानों को 60 से अधिक नोटिस जारी किए हैं। सीसीपीए ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई), आईआईटी-जेईई, नीट, आरबीआई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने वाले कोचिंग संस्थानों पर 1.46 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।

(अंतिम आदेश निम्नलिखित लिंक के माध्यम से देखे जा सकते हैं: https://jagograhakjago.gov.in/CCPA_Orders/index.html )।

लुधियाना में यू.पी.एस.सी. प्रीलिम्स परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, 14 परीक्षा केंद्रों पर किए गए थे सख्त प्रबंध

लुधियाना /सत्ता संदेश

सुबह और दोपहर की दो शिफ्टों में हुई यू.पी.एस.सी. परीक्षा, हजारों उम्मीदवार हुए शामिल

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन द्वारा यू.पी.एस.सी. परीक्षा केंद्रों का किया गया निरीक्षण

लुधियाना में यू.पी.एस.सी. परीक्षा दौरान सुरक्षा और सुविधाओं के पूरे इंतजाम मौजूद रहे

जिला प्रशासन ने रविवार को जिले भर के 14 केंद्रों पर संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित किया।

4,353 पंजीकृत उम्मीदवारों में से 2,753 उम्मीदवार, जिनमें 1,300 पुरुष और 1,453 महिलाएं शामिल थीं, सुबह के सत्र में उपस्थित हुए, जबकि 2,758 उम्मीदवारों ने दोपहर के सत्र की परीक्षा दी, जिनमें 1,287 पुरुष और 1,442 महिलाएं शामिल थीं।

परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की गई। पहला पेपर सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित किया गया, जबकि दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित हुआ।

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, परिवहन, बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी, निर्बाध बिजली आपूर्ति, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं सहित व्यापक प्रबंध किए थे।

निर्धारित परीक्षा केंद्रों में डी.सी.एम. प्रेसीडेंसी स्कूल, अर्बन एस्टेट-III, जमालपुर कॉलोनी, चंडीगढ़ रोड, लुधियाना; एम.जी.एम. पब्लिक स्कूल, अर्बन एस्टेट फेज-1, दुगरी, लुधियाना; भारती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, किचलू नगर, लुधियाना; आर.एस. मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर, मॉडल टाउन, लुधियाना; और सरकारी कॉलेज फॉर गर्ल्स, रेख बाग, भारत नगर चौक, लुधियाना शामिल थे।

अतिरिक्त केंद्रों में एस.सी.डी. सरकारी कॉलेज, सिविल लाइंस, लुधियाना शामिल था, जहां परीक्षाएं इसकी पुरानी इमारत (ब्लॉक-ए), पी.टी.ए. बिल्डिंग (ब्लॉक-बी) और पी.जी. बिल्डिंग (ब्लॉक-सी) में आयोजित की गईं। इसके अलावा एस.डी.पी. कॉलेज फॉर वूमेन, दरेसी रोड; खालसा कॉलेज फॉर वूमेन, सिविल लाइंस; सरकारी कॉलेज फॉर गर्ल्स, रेख बाग (सब-सेंटर ए); मालवा सेंट्रल कॉलेज ऑफ एजुकेशन फॉर वूमेन, बसंत सिटी; स्कूल ऑफ एमिनेंस, मॉडल टाउन; और गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज (एम.बी.ए. ब्लॉक), गिल पार्क, गिल रोड, लुधियाना भी परीक्षा केंद्रों में शामिल थे।

प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पुरुष और महिला कर्मचारियों सहित आवश्यक पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई थी। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर उम्मीदवारों की तलाशी भी ली गई।