दिहाड़ी मजदूरी से भारतीय सेना तक का सफर: लहरागागा के साका ने रचा इतिहास
गरीब परिवार के बेटे ने मेहनत के दम पर हासिल की बड़ी सफलता, आर्मी मेडिकल कोर में हुआ चयन
लहरागागा / सत्ता संदेश
संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश करते हुए लहरागागा के रहने वाले युवा साका ने भारतीय सेना में भर्ती होकर अपने परिवार, समुदाय और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखने वाले साका का चयन आर्मी मेडिकल कोर, लखनऊ में हुआ है।
जानकारी के अनुसार, जोगी समुदाय से जुड़े साका ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने दुकानों पर दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार की आर्थिक मदद की और अपनी शिक्षा जारी रखी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर भारतीय सेना में जगह बनाई।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
स्थानीय लोगों के अनुसार, साका ने बचपन से ही कई आर्थिक चुनौतियों का सामना किया। परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और सेना में भर्ती होने का सपना देखा। लगातार मेहनत और तैयारी के बाद उनका चयन आर्मी मेडिकल कोर में हो गया, जिससे पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।
लहरागागा पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
सेना में चयन के बाद जब साका अपने गृह नगर लहरागागा पहुंचे तो मोहल्ले और क्षेत्र के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर और मिठाइयां बांटकर उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया।
परिवार के सदस्यों ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार जोगी समुदाय से भारतीय सेना में भर्ती होने वाले युवाओं में साका का नाम एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में सामने आया है।
माता-पिता को किया सैल्यूट
कार्यक्रम के दौरान भावुक पल उस समय देखने को मिला जब साका ने अपने माता-पिता को सैल्यूट कर उनके संघर्ष, त्याग और सहयोग के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और सभी ने युवा सैनिक के जज्बे की सराहना की।
गौरव गोयल ने किया सम्मानित
इस अवसर पर पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल के पुत्र गौरव गोयल ने भी साका को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि साका की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने साका के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
साका की यह सफलता साबित करती है कि यदि इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो आर्थिक कठिनाइयां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। आज साका की कहानी हजारों युवाओं को अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा दे रही है।

