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PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…29-05-2026

पंजाब डेस्क: आज की बड़ी खबरों में उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में हुआ दर्दनाक हादसा और पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों के चौंकाने वाले नतीजे प्रमुख हैं। इसके साथ ही चंडीगढ़ के बड़े घोटाले में लग्जरी कारों की जब्ती और मौसम के बदले मिजाज ने भी सुर्खियां बटोरी हैं।

1. हमीरपुर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन पुल गिरने से 6 मजदूरों की मौत: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे बेतवा नदी पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल का हिस्सा अचानक ढह गया। उस समय तेज आंधी और बारिश हो रही थी, जिसके कारण पुल की सटरिंग और स्लैब गिर गए। हादसे के वक्त पुल के नीचे सो रहे 6 मजदूरों की मलबे में दबने से मौत हो गई, जिनकी पहचान लोकेंद्र, कुलदीप, सावंत, सभाजीत, पुष्पेंद्र और राजेश के रूप में हुई है। फिलहाल SDRF और प्रशासन की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।

2. पंजाब निकाय चुनाव: ‘आप’ का जबरदस्त दबदबा: पंजाब के 8 नगर निगमों, 75 नगर कौंसिलों और 20 नगर पंचायतों के चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने बड़ी जीत दर्ज की है। मतगणना के आंकड़ों के अनुसार, 1977 में से 759 वार्डों में AAP ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस 315, अकाली दल 201 और भाजपा 95 वार्डों पर सिमट गई।

3. दिग्गजों के गढ़ में उलटफेर: राजा वड़िंग को झटका, CM मान की बड़ी जीत: मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्वाचन क्षेत्र धूरी में AAP ने 21 में से 19 सीटें जीतकर विपक्ष का सफाया कर दिया। वहीं, पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग को उनके गढ़ गिद्दड़बाहा में करारी शिकस्त मिली, जहाँ AAP ने 19 में से 17 सीटें जीतीं। मोहाली में भी AAP विधायक कुलवंत सिंह के बेटे चुनाव जीत गए, जबकि पूर्व कांग्रेस मंत्री बलबीर सिंह के बेटे को हार का सामना करना पड़ा।

4. 2027 चुनाव का ‘ट्रेलर’: एक्सपर्ट्स की राय: राजनीतिक जानकारों का मानना है कि AAP की यह जीत 2027 के विधानसभा चुनावों का ‘ट्रेलर’ हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 2021 में कांग्रेस ने इससे भी बड़ी जीत हासिल की थी, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में वह बुरी तरह हार गई थी। उनके अनुसार, विधानसभा चुनाव में रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दे हावी रहेंगे।

5. स्मार्ट सिटी घोटाला: ₹200 करोड़ के भ्रष्टाचार से खरीदीं लग्जरी कारें जब्त: चंडीगढ़ नगर निगम के ₹200 करोड़ के स्मार्ट सिटी घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों की लग्जरी गाड़ियाँ जब्त की हैं। इनमें ₹4.30 करोड़ की मर्सिडीज-बेंज AMG G-63, रेंज रोवर और एक इलेक्ट्रिक कार शामिल है। आरोपी अधिकारियों ने घोटाले की रकम का इस्तेमाल इन महंगी गाड़ियों को खरीदने में किया था।

6. पंजाब-चंडीगढ़ में मौसम का ‘रेड अलर्ट‘: मौसम विभाग ने 29 मई को पंजाब और चंडीगढ़ में भारी बारिश, तेज आंधी (70-80 किमी/घंटा) और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने कुछ इलाकों में बिजली गिरने और लू चलने की भी संभावना जताई है। पिछले 24 घंटों में तापमान में करीब 2.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।

7. एक्टर योगराज सिंह को हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत: पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता और अभिनेता योगराज सिंह को महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी के मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। यह मामला उनकी वेब सीरीज ‘लुक्खे’ के एक वायरल वीडियो क्लिप से जुड़ा था, जिसमें उन पर अश्लील भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगा था।

8. केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू पर जातिसूचक टिप्पणी का आरोप: पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ स्वत: संज्ञान लिया है। आरोप है कि धूरी दौरे के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था। आयोग ने संगरूर के SSP से 1 जून तक इस मामले में जांच रिपोर्ट मांगी है।

9. जालंधर में मां की बहादुरी: किडनैपर को धूल चटाई: जालंधर के लांबड़ा इलाके में एक मां ने अपनी 3 साल की बेटी को अपहरण होने से बचा लिया। नशे में धुत एक आरोपी बच्ची को उठाकर ले जाने की कोशिश कर रहा था, तभी मां ने उसे थप्पड़ मारकर जमीन पर गिरा दिया। बाद में स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

10. लुधियाना में चाकू की नोक पर युवती से लूट: लुधियाना में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें दो बदमाश एक युवती को चाकू दिखाकर उसका बैग लूटते नजर आ रहे हैं। बदमाशों ने युवती को धक्का देकर दीवार से सटा दिया और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पुलिस फिलहाल फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।

पंजाब निकाय चुनाव: ‘आप’ की बड़ी जीत, पर 2027 की राह में कांग्रेस और एंटी-इनकम्बेंसी की चुनौती

लुधियाना/चंडीगढ़: पंजाब के 104 निकायों (8 नगर निगमों सहित) के चुनाव परिणामों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने 1977 में से 958 वार्ड जीतकर अपना दबदबा साबित किया है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह जीत 2027 के विधानसभा चुनाव का ‘ट्रेलर’ तो है, लेकिन AAP के लिए आगे की राह इतनी आसान नहीं होगी, क्योंकि कांग्रेस अभी भी एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में टिकी हुई है।

कांग्रेस का गढ़ बरकरार, ‘आप’ के लिए चेतावनी: भले ही AAP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन वह कांग्रेस के 2021 के रिकॉर्ड (1199 वार्ड) को नहीं तोड़ पाई। रोचक तथ्य यह है कि 2021 में सभी 8 निगम जीतने के बावजूद कांग्रेस 2022 का विधानसभा चुनाव हार गई थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, निकाय चुनाव सफाई और सीवरेज जैसे स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं, जबकि विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी, ड्रग्स और कानून-व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दे और एंटी-इनकम्बेंसी (सत्ता विरोधी लहर) का असर दिखेगा।

दिग्गजों के क्षेत्र में ‘आप’ की सेंध : AAP ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के गढ़ गिद्दड़बाहा और प्रताप सिंह बाजवा के क्षेत्र धारीवाल में एकतरफा जीत हासिल कर जमीनी स्तर पर अपने कैडर विस्तार का प्रमाण दिया है। यह जीत 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के गिरे हुए ग्राफ के बाद विधायकों के लिए एक ‘बूस्टर डोज’ मानी जा रही है।

BJP और अकाली दल का प्रदर्शन : इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) चौथे नंबर की पार्टी बनकर रह गई है, जिससे संकेत मिलते हैं कि उसका शहरी कोर वोट बैंक भी खिसक गया है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल (SAD) की स्थिति में भी कोई खास सुधार नहीं दिखा है और वह तीसरे नंबर की लड़ाई लड़ रही है। कांग्रेस ने कपूरथला नगर निगम में बहुमत हासिल कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।

माझे की सुरीली बेटीमोहिनी रसीला

गुरभजन सिंह गिल
चेयरमैन
पंजाबी लोक विरासत अकादमी
लुधियाना

पिछले वर्ष मोहिनी रसीला हमें सदा के लिए छोड़कर चली गईं। उनकी स्मृति में आज उनके परिवार द्वारा कलानौर के निकट गांव खुशिपुर (गुरदासपुर) में पहला “मोहिनी रसीला स्मारक मेला” आयोजित किया गया। इसमें माझे के लगभग सभी प्रमुख गायक शामिल हुए। मोहिनी रसीला पर राजपाल सिंह बाठ द्वारा संपादित पुस्तक “सुरों की नज़्म” का इस अवसर पर गुरमीत सिंह बाजवा ने गणमान्य अतिथियों से लोकार्पण करवाया। यह एक शुभ कार्य है। स्मरण के लिए पुस्तक से बड़ा कोई साधन नहीं। रछपाल रसीला इस प्रयास के लिए बधाई के पात्र हैं।

अब मुझसे पूछो—मोहिनी रसीला कौन थीं?

रावी नदी के इस पार और उस पार शब्द, सुर, संगीत और प्रतिभा की भरपूर फसल उगती है। 1947 से पहले जब वतन एक था, तब नदी के दोनों ओर के गवैये अक्सर आते-जाते रहते थे। अधिकतर गायक पुरुष होते थे। महिलाएँ भी गाती थीं, लेकिन घर की चारदीवारी के भीतर ही—तिंझण में चरखा कातते समय या विवाह-शादियों में। लंबे हेक वाले गीतों का बोलबाला था। बचपन में मैंने अपनी तायाजी की बेटियों, बहन जीतो और बहन वीरो को साथ बैठकर गाते सुना था। बहन वीरो द्वारा बजाई पीतल की गागर आज भी कई बार सपनों में सुनाई देती है।

“घड़ा बजता, घड़ोली बजती
कहीं गागर बजती सुन मुंडिया…”

अब गागर कहीं सुनाई नहीं देती। यह घर के बर्तनों से भी गायब हो गई है और संगीत वाद्यों से भी। कितना सोना रेत में मिलकर मिट्टी हो गया—लोग-संस्कृति के अनेक वाद्य विलुप्त होते जा रहे हैं।

इसी तरह लोक रंग के गायक और लेखक भी धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं—सोने की डलियों जैसे गायक। ढाढी सोहन सिंह सीतल, जसवंत सिंह चाड़ भट्टी, गुरचरण सिंह गोहलवड़, मूला सिंह पाखरपुरी, कविशर जोगा सिंह जोगी, कुलवंत सिंह बीए, बलदेव सिंह बैंकां और कई अन्य। लोक गायक देविंदर सिंह नबीपुर, अमरजीत गुरदासपुरी, हमारे गांव बसंतकोट के हरदेव सिंह खुशदिल, जसबीर खुशदिल खेलेयां वाला, ज्ञान सिंह कमल, जागीर सिंह तालिब, अमरीक सिंह हरगोबिंदपुरी, लखबीर सिंह लखा भरथ—ये सब जैसे खोए हुए रत्न हैं।

माझे की सुरीली बेटियों में जोगिंदर अरोड़ा, गुरमीत बावा, प्रीति बाला और मोहिनी रसीला भी उस दुनिया में चली गईं, जहाँ से कोई वापस नहीं आता।

अमरजीत गुरदासपुरी अक्सर कहते थे कि माझे की गायकी का रंग-ढंग और मधुरता रावी नदी का पानी पीने के कारण है।

रावी नदी धरती की सुरीली बेटी है। उसके किनारे चलने वाली हवा भी संगीत सा स्वर भरती है। इन्हीं में से रावी की बेटी, सोने की कण जैसी माझे की बेटी थी—मोहिनी रसीला।

किसी “है” को “था” कहना सबसे कठिन कार्य होता है।

गीतकार बाबू सिंह मान द्वारा लिखा और नरेंद्र बीबा द्वारा गाया एक गीत हमेशा यादों में बसता है—

“हाथों छोड़े सजनां नूं,
नाले याद करां नाले रोवां…”

…और इसी प्रकार आगे की पंक्तियाँ विरह, पीड़ा और स्मृतियों का गहरा भाव व्यक्त करती हैं।

उनके जीवनसाथी और मेरे छोटे भाई रछपाल रसीला की मनःस्थिति भी लगभग ऐसी ही है। उन्होंने बताया कि मोहिनी रसीला की याद में एक पुस्तक तैयार करवाई जा रही है। शब्दों का ताजमहल बनाना अच्छे लोगों की सोच का हिस्सा होता है।

रछपाल का गांव मेरे गांव बसंतकोट से मात्र दस किलोमीटर दूर है। पहले साइकिल से यात्रा करते समय ये रास्ते यादों में बसे रहते थे, अब नई सड़कों ने दूरी तो घटा दी है, लेकिन यादों के भीतर रास्ते और गहरे हो गए हैं।

लेखक मित्र राजपाल सिंह बाठ के अनुसार, मोहिनी रसीला का जन्म 28 मई 1961 को माता जसवंत कौर और पिता सरदार रजिंदर सिंह के घर गांव मियांकोट (कलानौर के निकट), जिला गुरदासपुर में हुआ था।

उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मियांकोट से, मैट्रिक सरकारी हाई स्कूल कलानौर से और बीए आरआर डीएवी कॉलेज बटाला से की। उनके प्रमाणपत्रों पर उनका नाम कमलजीत कौर दर्ज है।

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के इंटर-कॉलेज युवा महोत्सव में उन्होंने दो बार अपने कॉलेज की संगीत टीम का नेतृत्व किया—एक बार विजेता और एक बार द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

फरवरी 1980 में उनका विवाह लोक गायक रछपाल रसीला से हुआ। उनका एक पुत्र रूपिंदर सिंह ऑस्ट्रेलिया में परिवार सहित रहता है।

वे अपने गुरु लाल चंद यमला जट्ट को मानती थीं। उनकी आवाज़ में लोक गीत, दोहे, कथाएँ और धार्मिक गीत शामिल हैं।

मोहिनी रसीला और रछपाल रसीला की लोकप्रियता विदेशों तक पहुँची—इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, सिंगापुर आदि देशों में उन्होंने अनेक कार्यक्रम किए।

उनकी रिकॉर्डिंग एचएसवी सोनोटोन, इनरिको, सीटीसी जैसी कंपनियों में हुई। वे आकाशवाणी जालंधर और दूरदर्शन जालंधर की मान्यता प्राप्त कलाकार थीं।

उन्हें कई पुरस्कार मिले—ढाढी अमर सिंह शौकी मेले का पुरस्कार, हाशिम शाह स्मृति पुरस्कार, और लाला चंद यमला जट्ट सम्मान आदि।

मोहिनी रसीला के लोकप्रिय गीतों में लोक गीत, लोक कथाएँ, दोहे और धार्मिक भजन शामिल हैं—जैसे “मैं माझे दी जट्टी”, “गुड्डी ले दे कागजां दी”, “शाहनी कौला”, “सोहनी”, “मिर्ज़ा साहिबां” आदि।

उनकी आवाज़ में “तेरा भाणा मीठा लागे”, “धन बाबा दीप सिंह जी” जैसे धार्मिक गीत भी प्रसिद्ध हैं।

कैंसर जैसी बीमारी ने इस सुरीली गायिका को घेर लिया और 29 मई 2025 को उन्होंने सदा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

माझे की यह बुलंद, सुरीली बेटी हमेशा के लिए चुप हो गई। अब केवल यादें शेष हैं—

“अहो गए सज्जण अहो गए,
लांघ गए दरिया…”

वर्ष 2026-27 में प्रवेश के लिए गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, लुधियाना में हेल्प डेस्क स्थापित – डिप्टी कमिश्नर

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर श्री हिमांशु जैन, आई.ए.एस. ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि पंजाब राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड, चंडीगढ़ के माध्यम से किए जा रहे प्रवेश (Admissions) के लिए ऋषि नगर, छोटी हैबोवाल के पास स्थित एस.आर.एस. सरकारी बहु-तकनीकी (पॉलिटेक्निक) कॉलेज में एक हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्र इस हेल्प डेस्क पर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपना पंजीकरण (Registration) करवा सकते हैं।
प्रवेश के लिए योग्यता (Eligibility): प्रथम वर्ष डिप्लोमा (1st Year Diploma): 10वीं पास कर चुके छात्र इंजीनियरिंग डिप्लोमा के प्रथम वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं। द्वितीय वर्ष (Direct 2nd Year / Lateral Entry): आईटीआई (2 वर्षीय), 12वीं (वोकेशनल), या 12वीं (साइंस) पास छात्र सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं।
सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में 7 डिप्लोमा स्ट्रीम उपलब्ध हैं: कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (Computer Science & Engineering), इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (Information Technology), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (Electrical Engineering), इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (Electronics & Communication Engineering), फैशन डिजाइनिंग (Fashion Designing), गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग (Garment Manufacturing), मॉडर्न ऑफिस प्रैक्टिस (Modern Office Practice)
छात्रवृत्ति और फीस में छूट (Scholarships): अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए: भारत/पंजाब सरकार द्वारा संचालित डॉ. अंबेडकर पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के तहत, जिन छात्रों के माता-पिता की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है, उन्हें केवल 1,133 रुपये की मामूली फीस देनी होगी। अन्य श्रेणियों के लिए: मुख्यमंत्री वजीफा (स्कॉलरशिप) योजना के तहत छात्रों को उनकी मुख्य योग्यता परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर फीस में बड़ी राहत/लाभ दिया जाता है। संपर्क सूत्र और मार्गदर्शन सेल (Contact Details) विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों की जानकारी और मार्गदर्शन के लिए एक गाइडेंस सेल का गठन किया गया है, जो श्रीमती रूपिंदर कौर (विभागाध्यक्ष) और डॉ. पवन कुमार (वरिष्ठ व्याख्याता) की देखरेख में काम कर रहा है: मोबाइल नंबर: 98158-95547, लैंडलाइन नंबर: 0161-2303223
कॉलेज परिसर में छात्राओं के लिए सुरक्षित होस्टल की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ पारिवारिक और अनुशासित माहौल है। पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के समग्र व्यक्तित्व विकास (Personality Development) के लिए बेहतरीन खेल के मैदान और सांस्कृतिक गतिविधियों (Cultural Activities) का भी विशेष प्रबंध है।
डिप्टी कमिश्नर ने लुधियाना जिले और आसपास के युवाओं से पंजाब सरकार की इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

श्री सौरभ विजय, सीईओ यूआईडीएआई, ने क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़, का दौरा किया और आधार सेवा वितरण तंत्र की समीक्षा की

चंडीगढ़, / सत्ता संदेश

श्री सौरभ विजय, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), ने आज यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ का दौरा किया ताकि क्षेत्र में क्षेत्रीय कार्यालय और आधार सेवा वितरण पारिस्थितिकी तंत्र के संचालन की समीक्षा की जा सके।

इस दौरे के दौरान, श्री सौरभ विजय ने क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विस्तृत बातचीत की और क्षेत्र में चल रही विभिन्न आधार-संबंधी पहलों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आधार सेवाओं के कुशल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की और पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला।

सीईओ ने परिचालन कार्यप्रवाह की समीक्षा की और आधार नामांकन, अपडेटेशन, प्रमाणीकरण पारिस्थितिकी तंत्र, शिकायत निवारण तंत्र और जागरूकता पहलों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने निवासी अनुभव में सुधार करने और क्षेत्र में आधार सेवाओं की पहुंच और विश्वसनीयता को मजबूत करने पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

कर्मचारियों के साथ अपनी बातचीत के दौरान, श्री सौरभ विजय ने अधिकारियों को निवासियों को निर्बाध और सुरक्षित पहचान सेवाएँ प्रदान करने के विज़न की ओर समर्पण के साथ काम जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने परिचालन दक्षता और सेवा गुणवत्ता को और बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार का लाभ उठाने के महत्व को भी रेखांकित किया।

अपने दौरे के हिस्से के रूप में, श्री सौरभ विजय ने क्षेत्रीय कार्यालय आने वाले निवासियों से भी बातचीत की और आधार-संबंधी सेवाओं के साथ उनके अनुभव के बारे में पूछा। निवासियों ने नामांकन और अद्यतन प्रक्रियाओं के बारे में अपनी प्रतिक्रिया साझा की, और सीईओ ने हर निवासी के लिए सरल, सुविधाजनक और परेशानी-मुक्त सेवा वितरण सुनिश्चित करने के प्रति यूआईडीएआई की प्रतिबद्धता को दोहराया।

सीईओ ने आगे आधार सेवा केंद्र (एएसके), चंडीगढ़ का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने आधार नामांकन, जनसंख्या संबंधी अपडेट, बायोमेट्रिक अपडेट, और दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रियाओं सहित एंड-टू-एंड निवासी सेवा प्रक्रियाओं की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र के कार्यकलापों का अवलोकन किया और सेवा वितरण प्रथाओं व परिचालन व्यवस्थाओं के संबंध में कर्मचारियों से बातचीत की।

आधार सेवा केंद्र के दौरे के दौरान, श्री सौरभ विजय ने आधार सेवाएँ प्राप्त कर रहे निवासियों से भी बातचीत की और केंद्र में प्रतीक्षा समय, सेवा पहुँच और समग्र अनुभव के बारे में प्रतिक्रिया ली। उन्होंने निवासी-अनुकूल वातावरण बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और समयपरक तथा कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करने के महत्व पर ज़ोर दिया।

उन्होंने यह ज़ोर दिया कि आधार निवासियों के लिए विभिन्न कल्याण योजनाओं और सेवाओं तक पहुँच सुगम बनाकर अच्छे शासन और जीवन की सहजता को सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहता है। उन्होंने सभी आधार-संबंधी गतिविधियों में डेटा सुरक्षा, सेवा अखंडता और परिचालन उत्कृष्टता बनाए रखने के महत्व पर और बल दिया।

यह दौरा आधार को सुदृढ़ करने के प्रति यूआईडीएआई की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है

मांग में अचानक और तेज़ी से वृद्धि के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) हरियाणा में निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित कर रही

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) – इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल – देश भर में परिचालन और लॉजिस्टिक्स समन्वय जारी रखे हुए हैं ताकि कई क्षेत्रों में ईंधन की मांग में अचानक और तीव्र वृद्धि के बावजूद पेट्रोल (एमएस), डीजल (एचएसडी) और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

हाल के दिनों में, ओएमसी ने कई राज्यों में मौसमी कृषि गतिविधियों और कटाई कार्यों के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की उल्लेखनीय रूप से अधिक खपत देखी है। अन्य आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में कम कीमत के कारण खुदरा ग्राहकों के सार्वजनिक क्षेत्र के खुदरा आउटलेट्स की ओर रुख करने और संस्थागत और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के खुदरा ईंधन आउटलेट्स की ओर स्पष्ट रुझान के कारण भी अतिरिक्त मांग का दबाव उत्पन्न हुआ है।

सार्वजनिक क्षेत्र की ओएमसी अपने टर्मिनलों, डिपो, पाइपलाइनों, एलपीजी बॉटलिंग संयंत्रों और खुदरा आउटलेट्स के व्यापक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से निर्बाध आपूर्ति बनाए हुए हैं। आपूर्ति दल, परिवहन नेटवर्क, टर्मिनल संचालन और चुनिंदा खुदरा आउटलेट्स बाजारों में निर्बाध उत्पाद आवागमन और समय पर पुनःपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 24×7 कार्यरत हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां निर्बाध ईंधन आपूर्ति के लिए राज्य प्रशासन के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए हुए हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां स्टॉक की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही हैं और बढ़ी हुई मांग को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए रसद और वितरण योजना पर घनिष्ठ समन्वय स्थापित कर रही हैं।

अनिल कुमार सिंह, राज्य स्तरीय समन्वयक, हरियाणा, नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सामान्य खरीदारी जारी रखें और अनावश्यक रूप से घबराकर खरीदारी करने से बचें। उपभोक्ताओं से यह भी अनुरोध है कि वे ईंधन की उपलब्धता से संबंधित सटीक जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

मेजर जनरल भारत महतानी को एन सी सी निदेशालय हेडक्वार्टर से कर्नाटका और केरला सब-एरिया हेडक्वार्टर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के तौर पर तैनात किया गया है।

भारत / सत्ता संदेश

मेजर जनरल भारत महतानी अभी एन सी सी निदेशालय में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़  के लिए एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने 1 नवंबर, 2025 को यह प्रतिष्ठित कमान संभाली थी, और निवर्तमान अधिकारी, मेजर जनरल जगदीप सिंह चीमा से पारंपरिक बैटन लिया था।      7 महीने के सफल और प्रभावशाली कार्यकाल के बाद, यह जनरल ऑफिसर बेंगलुरु में कर्नाटका और केरला सब-एरिया हेडक्वार्टर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के तौर पर कमान संभालने जा रहे हैं।

मेजर जनरल भारत महतानी अपने नए पद पर व्यापक अनुभव लेकर आए हैं। एन सी सी के एडिशनल डायरेक्टर जनरल का पद संभालने से पहले, उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में एक इन्फैंट्री ब्रिगेड, झारखंड और बिहार सब-एरिया में और पश्चिमी सेक्टर में एक इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली थी। अपनी विशिष्ट सेवा के लिए, उन्हें GOC-in-Chief, पश्चिमी कमान प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है।

उनके प्रभावशाली कार्यकाल, नेतृत्व और युवा विकास में उनके योगदान का सम्मान करने के लिए, एन सी सी निदेशालय ने इस जनरल ऑफिसर के लिए एक औपचारिक विदाई समारोह आयोजित किया।

युवती से लूट की वारदात CCTV में कैद, चाकू दिखा बदमाशों ने छीना बैग देर रात काम से घर लौट रही युवती को बाइक सवार लुटेरों ने बनाया निशाना

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना में देर रात एक युवती के साथ लूट की वारदात सामने आई है। गुरु अर्जुन देव नगर की डाकखाना वाली गली नंबर 8 में दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने चाकू की नोक पर युवती से बैग लूट लिया। पूरी घटना इलाके में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है।


जानकारी के मुताबिक 27 मई की देर रात युवती काम से घर लौट रही थी। इसी दौरान दो बाइक पर आए चार बदमाशों ने उसे घेर लिया। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि एक बदमाश ने चाकू दिखाकर युवती का बैग छीनने की कोशिश की। युवती ने बैग बचाने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने उसे धक्का देकर बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। जिस घर के CCTV कैमरे में यह वारदात कैद हुई, वहां रहने वाली महिला ने बताया कि उसने रात के समय युवती की चीखें सुनी थीं। बाद में उसके पति ने CCTV फुटेज चेक की तो पता चला कि बाइक सवार बदमाशों ने सुनसान गली में लूट की वारदात को अंजाम दिया।


इलाका वासियों का कहना है कि यहां पहले भी स्नैचिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में पुलिस गश्त ना के बराबर है, जिसके कारण नशेड़ी और बदमाश बेखौफ होकर घूम रहे हैं। उधर थाना डिवीजन नंबर 7 के एसएचओ गगनदीप ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लुधियाना से गुरमीत सिंह की रिपोर्ट

भारत 2035 तक 150 अरब डॉलर की सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन बनाने की दिशा में बढ़े: नीति आयोग

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

NITI Aayog ने शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत को 2035 तक वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में केवल भागीदार की भूमिका तक सीमित रहने के बजाय नेतृत्वकारी स्थिति हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसके लिए देश में 120 से 150 अरब डॉलर तक की सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला विकसित करने की आवश्यकता बताई गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले दशक में सेमीकंडक्टर उद्योग वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे रणनीतिक और तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र रहेगा, क्योंकि यह इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, रक्षा, टेलीकॉम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी प्रमुख तकनीकों की रीढ़ है।

नीति आयोग के अनुसार, भारत पहले ही इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और निर्माण क्षमता विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है, लेकिन दीर्घकालिक सफलता के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित करना जरूरी है, जिसमें डिजाइन, निर्माण, पैकेजिंग और सप्लाई चेन सभी शामिल हों।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में हाल के वर्षों में आए व्यवधानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देशों के लिए सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। कोविड-19 महामारी और उसके बाद की भू-राजनीतिक तनावों ने इस उद्योग की संवेदनशीलता को और उजागर किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के पास इस क्षेत्र में बड़ी क्षमता है, खासकर उसके विशाल इंजीनियरिंग टैलेंट, डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार और बढ़ते घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार के कारण। हालांकि, उच्च तकनीकी निवेश, अनुसंधान एवं विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां भी मौजूद हैं।

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सरकार को निजी क्षेत्र के साथ मिलकर दीर्घकालिक नीति स्थिरता, कर प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।

नीति आयोग ने कहा कि यदि भारत इस दिशा में सफल होता है, तो वह न केवल आयात पर निर्भरता कम कर सकेगा, बल्कि वैश्विक तकनीकी सप्लाई चेन में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकता है।

फिलहाल यह लक्ष्य भारत की औद्योगिक और तकनीकी नीति में एक बड़े रणनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है, जो आने वाले दशक में देश की आर्थिक संरचना को भी प्रभावित कर सकता है।

कम बारिश और अल नीनो की आशंका को देखते हुए राज्यों को तैयारी तेज करने के निर्देश: कृषि मंत्री चौहान

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने शुक्रवार को सभी राज्य सरकारों से अपील की है कि वे संभावित कम वर्षा और अल नीनो जैसी मौसमीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु पैटर्न के कारण कृषि क्षेत्र पर असर पड़ सकता है, इसलिए समय रहते रणनीति बनाना जरूरी है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमान का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि इस वर्ष मानसून सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसानों की फसलों, सिंचाई व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव को कम करने के लिए राज्य स्तर पर सक्रियता जरूरी है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार, अल नीनो जैसी परिस्थितियां अक्सर मानसूनी वर्षा को प्रभावित करती हैं, जिससे कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे हालात में जल प्रबंधन, वैकल्पिक फसल योजना और समय पर बीज उपलब्धता जैसी व्यवस्थाएं बेहद महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

मंत्री चौहान ने कहा कि राज्यों को कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग के साथ मिलकर एक समन्वित कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। इसमें सूखा-रोधी फसलों को बढ़ावा देना, पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और किसानों को समय पर सलाह देना शामिल होना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार, कम वर्षा की स्थिति में सबसे अधिक असर धान, गन्ना और कुछ अन्य पानी-प्रधान फसलों पर पड़ता है। इसलिए कृषि नीति में फसल विविधीकरण (क्रॉप डायवर्सिफिकेशन) और सूखा-सहिष्णु किस्मों को बढ़ावा देना लंबे समय से एक महत्वपूर्ण रणनीति माना जाता है।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि केंद्र और राज्य मिलकर किसानों तक मौसम आधारित कृषि सलाह पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल अलर्ट सिस्टम का विस्तार कर रहे हैं। इससे किसानों को बुवाई और सिंचाई के समय पर निर्णय लेने में मदद मिलती है।

कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं सहायता योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। उन्होंने राज्यों को चेताया कि किसी भी प्रकार की देरी से किसानों को नुकसान बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में मानसून की अनिश्चितता कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में वैज्ञानिक खेती, जल संरक्षण और तकनीकी हस्तक्षेप ही दीर्घकालिक समाधान हैं।

फिलहाल सरकार का फोकस तैयारी और जोखिम प्रबंधन पर है, ताकि संभावित कम बारिश का प्रभाव किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर न्यूनतम रहे।