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नहरी पानी का उपयोग 78 प्रतिशत से अधिक होना पंजाब की कृषि के लिए एक अच्छा प्रयास है : परमवीर सिंह एडवोकेट

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के सक्षम नेतृत्व में राज्य में कृषि को फिर से लाभदायक व्यवसाय बनाने के लिए गंभीर कदम उठाए जा रहे हैं। पंजाब मीडियम इंडस्ट्री बोर्ड के वाइस चेयरमैन परमवीर सिंह एडवोकेट ने विचार साझा करते हुए बताया कि पंजाब में सिंचाई के लिए नहरी पानी से जुड़े जो कार्य चल रहे हैं, उनकी देखरेख मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं।

2022 में जब मान सरकार ने कार्यभार संभाला था, उस समय पिछली सरकारों के कार्यकाल में केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का ही उपयोग सिंचाई के लिए किया जा रहा था। मान सरकार पिछले चार वर्षों से खेतों की सिंचाई सीधे नहरी पानी से सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

इसके तहत टेल तक पानी पहुंचाने के लिए नहरों और कच्ची नालियों (कस्सियों) की मरम्मत की गई है। सैकड़ों किलोमीटर नई कच्ची नालियां और पाइपलाइनें बिछाई गई हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब अब 78 प्रतिशत से अधिक नहरी पानी का उपयोग कर रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले कुछ महीनों में इस आंकड़े को 90 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचाना है।

इस पहल से पंजाब की भूमि को कई लाभ हुए हैं। राज्य के भूजल स्तर में सुधार हुआ है और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पंजाब का भूजल स्तर लगभग 2 मीटर ऊपर आया है। पिछले 20 वर्षों में यह पहली बार दर्ज किया गया सुधार है।

इसके अलावा, बड़े पैमाने पर मोटरें कम चलने के कारण बिजली की भारी बचत हुई है, जिसे अन्य कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार नहरी पानी के उपयोग से फसल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है, जिससे किसानों को अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और प्रयासों के कारण पंजाब तेजी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। नहरी पानी की आपूर्ति व्यवस्था को सुधारकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को कई स्तरों पर लाभ पहुंचाया है।