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Ludhiana : राज्य सरकार की तरफ से शहर को सुंदर बनाने के लिए शुरु किया गया ‘मिशन क्लीन पंजाब’

लुधियाना / सत्ता संदेश

  • लुधियाना जिले में अलग-अलग जगहों पर सफाई कैंपेन चलाया गया
  • कैबिनेट मिनिस्टर्स/MLAs ने अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में खास कैंपेन चलाया

पंजाब सरकार की तरफ से राज्य के शहरों और कस्बों को साफ, सुंदर और हेल्दी बनाने के मकसद से शुरू किए गए ‘मिशन क्लीन पंजाब’ कैंपेन के तहत लुधियाना जिले में खास सफाई कैंपेन चल रहा है, जहां कैबिनेट मिनिस्टर्स और MLAs ने अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में कैंपेन चलाया।

कैबिनेट मिनिस्टर हरदीप सिंह मुंडियां ने साहनेवाल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 24, मुंडियां कलां से सफाई कैंपेन चलाया। इस मौके पर काउंसलर गुरमीत सिंह मुंडियां और आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स भी मौजूद थे।

सफाई ड्राइव के दौरान कैबिनेट मिनिस्टर हरदीप सिंह मुंडियां और अलग-अलग MLAs ने खुद सफाई ड्राइव में हिस्सा लिया और सफाई के बारे में अवेयरनेस का मैसेज दिया और कहा कि अपने आस-पास को साफ और सुंदर बनाना हम सबकी मिली-जुली जिम्मेदारी है।

इसी तरह, लुधियाना सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र में MLA अशोक पराशर पप्पी ने नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार और अपने सभी साथियों के साथ मिलकर इस खास सफाई अभियान को लीड किया और लुधियाना सेंट्रल में सफाई अभियान को जारी रखा। इस दौरान सफाई कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया और इस खास सफाई अभियान में और सहयोग करने का न्योता दिया गया।

MLA कुलवंत सिंह सिद्धू ने विधानसभा क्षेत्र आत्म नगर के तहत भाई हिम्मत सिंह नगर, शहीद करनैल सिंह नगर, गुरु नानक कॉलोनी, गिल नहर के पास सफाई अभियान को लीड किया, जबकि MLA दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल ने वार्ड नंबर 7, मेन राहों रोड पर सफाई अभियान को लीड किया।

रायकोट विधानसभा क्षेत्र से MLA हाकम सिंह ठेकेदार ने बस स्टैंड रोड पर चल रहे सफाई अभियान का जायजा लिया और स्थानीय निवासियों से अपील की कि “आइए, मिलकर रायकोट को साफ और सुंदर बनाएं”।

उन्होंने मिलकर बताया कि ‘स्वच्छ अभियान पंजाब’ पंजाब सरकार का एक महत्वपूर्ण अभियान है, जिसका मकसद राज्य के शहरों और कस्बों में सफाई व्यवस्था को और मजबूत करना और लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि साफ़ माहौल हर नागरिक का अधिकार और ज़िम्मेदारी दोनों है।

उन्होंने यह भी कहा कि सफ़ाई सिर्फ़ एक दिन या कैंपेन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक ज़रूरी हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में, गलियों, नालियों, सड़कों और पब्लिक जगहों की सफ़ाई को प्रायोरिटी के आधार पर पक्का करना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सही वेस्ट मैनेजमेंट से कई मौसमी और पानी से होने वाली बीमारियों को रोकने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ‘स्वच्छ अभियान पंजाब’ को लोगों का आंदोलन बनाने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा सपोर्ट करें और हर नागरिक को अपने घरों, दुकानों, कमर्शियल जगहों और आस-पास के इलाकों को साफ़ रखने का वादा करना चाहिए।

कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज, सिद्धरमैया ने बुलाई अहम मंत्रिमंडलीय बैठक; अटकलों पर लग सकता है विराम

बेंगलुरु / सत्ता संदेश

Siddaramaiah द्वारा बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल सहयोगियों की अहम बैठक बुलाए जाने के बाद Karnataka की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चल रही नेतृत्व परिवर्तन और सत्ता संतुलन की अटकलों के बीच इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों के साथ मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, सरकार के कामकाज और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से राज्य की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, जिनमें नेतृत्व परिवर्तन, मंत्रिमंडल फेरबदल और पार्टी के अंदर शक्ति संतुलन जैसे मुद्दे शामिल हैं। ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री द्वारा अचानक बुलाई गई बैठक ने राजनीतिक सरगर्मियों को और बढ़ा दिया है। हालांकि सरकार की ओर से इसे नियमित प्रशासनिक बैठक बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे मौजूदा परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं।

बताया जा रहा है कि बैठक में सरकार की विकास योजनाओं, आगामी राजनीतिक रणनीति और पार्टी संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा राज्य में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और जनता से जुड़े मामलों की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल रहने की संभावना है।

विपक्षी दल भी इस बैठक पर नजर बनाए हुए हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य सरकार के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है और इसी कारण अचानक बैठक बुलाने की जरूरत पड़ी है। वहीं सत्तारूढ़ Indian National Congress के नेताओं ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह स्थिर है और मुख्यमंत्री नियमित रूप से मंत्रियों के साथ समन्वय बैठक करते रहते हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक के बाद कर्नाटक की राजनीति में चल रही कई अटकलों पर विराम लग सकता है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया बैठक के जरिए एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर सकते हैं, ताकि सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर किसी तरह की भ्रम की स्थिति खत्म हो सके।