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Neet Paper Leak मामले में CBI ने कोर्ट में पेश की 20 हजार पन्नों की चार्जशीट, 13 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

दिल्ली / सत्ता संदेश

नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों के लिए गठित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. CBI ने कोर्ट को बताया कि 20 हजार पेज की चार्जशीट है. जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, साक्ष्य नष्ट करना, भ्रष्टाचार और लोक परीक्षा अधिनियम के तहत अपराध की धाराएं लगाई गई हैं.

CBI के मुताबिक चार्जशीट में 360 गवाह, 422 दस्तावेज, 43 भौतिक साक्ष्य हैं. 12 मई 2026 को उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी. नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.

92 ठिकानों पर छापेमारी

CBI ने 8 साइबर विशेषज्ञ समेत 72 अधिकारियों की टीम बनाई थी और महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त कर फोरेंसिक जांच की गई. CBI ने बताया कि फोरेंसिक, हैंडराइटिंग और शैक्षणिक रिपोर्ट से लीक की पुष्टि हुई है.

कुल 13 लोगों को किया गिरफ्तार

CBI के मुताबिक पहली गिरफ्तारी 13 मई 2026 को हुई थी. पेपर लीक मामले में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें NTA के 3 सब्जेक्ट एक्सपर्ट भी शामिल हैं. इसके साथ ही बिचौलियों और कोचिंग से जुड़े 2 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया. CBI ने बताया कि मनी ट्रेल की जांच चल रही है. कई बैंक खाते, लॉकर और एक डीमैट खाता फ्रीज किया गया है.

अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी

राउज़ एवेन्यू कोर्ट स्थित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने CBI की चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लिया है. कोर्ट ने CBI को चार्जशीट के एनेक्सचर (Annexure) दाखिल करने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया है. कोर्ट ने नोट किया कि चार्जशीट में दस्तावेजों, बयानों और वस्तुओं की सूची संलग्न की गई है. कोर्ट ने CBI से पूछा कि चार्जशीट में जिन बयानों और अन्य दस्तावेजों का हवाला दिया गया है, वह कहां हैं.

CBI ने चार्जशीट के एनेक्स्चर दस्तावेज़ को दाखिल करने के लिए समय मांगा. CBI ने कोर्ट को बताया कि 20,000 पृष्ठों के एनेक्स्चर दस्तावेज़ को स्कैन किया जा रहा है. राउज़ एवेन्यू कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी.

Tamilnadu : 100 करोड़ के पलानी मंदिर जमीन घोटाले में CBCID का एक्शन, 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

तमिलनाडु / सत्ता संदेश

अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी की जांच जारी है, इस बीच देश के कई अन्य मंदिरों से ऐसे ही घोटालों और चोरी के मामले सामने आए है। इस पर कार्रवाई भी की जा रही है. लेकिन अब मंदिर की जमीन से जुड़ा धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया जिसमें तमिलनाडु के एक प्रतिष्ठित मंदिर से संबंधित मठ की कीमती जमीन का धोखाधड़ी के साथ रजिस्ट्रेशन ही करवा लिया गया है। आम जनता की नाराजगी देखते हुए सरकार में जांच के आदेश दिए और 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि CB-CID ने तमिलनाडु के डिंडीगुल शहर के मशहूर पलानी मुरुगन मंदिर से जुड़े एक मठ की कीमती जमीन के कथित धोखाधड़ी के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां मंदिर के पास तलहटी में स्थित 1.4 एकड़ के प्लॉट से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल केस में एक बड़ी कामयाबी हैं।

100 करोड़ कीमत, 2 करोड़ में रजिस्ट्री

यह प्रॉपर्टी, जिसका इस्तेमाल अभी श्रद्धालुओं के लिए फ्री पार्किंग के तौर पर किया जा रहा है और इसकी बाजार में कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई, उसे इस महीने की शुरुआत में महज 2 करोड़ रुपये में निजी शख्स के नाम धोखाधड़ी से रजिस्टर करा दिया गया था।

धोखाधड़ी के साथ यह लेन-देन 6 जुलाई को किया गया था, जबकि 1888 का एक स्थायी बंदोबस्ती विलेख (Permanent Endowment Deed) मौजूद है। जिसमें इस जमीन को सिर्फ धार्मिक और धर्मार्थ कार्यों के लिए समर्पित किया गया था और इस पर किसी भी तरह की व्यवसायिक बिक्री या ट्रांसफर करने पर रोक लगी थी। रजिस्ट्रेशन के दौरान हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (Hindu Religious and Charitable Endowments, HR&CE) विभाग की स्पष्ट, लिखित आपत्तियों पर भी ध्यान नहीं दिया गया।

रजिस्ट्री कराने वाले अफसरों पर गिरी गाज

राज्य सरकार ने पहले ही अवैध रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पलानी के ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार जस्टिन मणिकंदन और जिला रजिस्ट्रार शशिकला को सस्पेंड कर दिया है। मणिकंदन, जो अभी मद्रास हाई कोर्ट से मिली अंतरिम अग्रिम जमानत पर बाहर हैं। उनसे हाल ही में CB-CID की टीम ने 7 घंटे तक लंबी पूछताछ की थी।

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच पहले ही इस केस में दखल दे चुकी है और विवादित बिक्री विलेख (Sale Deed) को अमान्य घोषित कर चुकी है।

गलत तरीके से जमीन का रजिस्ट्रेशन कराए जाने को लेकर जनता और राजनीतिक हलकों में खासा आक्रोश दिखा. लोगों की नाराजगी को देखते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक ने पिछले दिनों 15 जुलाई को मामले की जांच क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CB-CID) को सौंप दी थी।

चल रही जांच के तहत, जांचकर्ताओं ने घोटाले में शामिल बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए मंदिर के पूर्व अधिकारियों, रिटायर राजस्व अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन विभाग के कर्मचारियों सहित 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की है।

IND vs SL Test Match : श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान, किसकी हुई वापसी और किसको मिला मौका

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी। दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगी। टीम की कमान एक बार फिर शुभमन गिल के हाथों में सौंपी गई है, जबकि अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है।

India Announce Test Squad For Sri Lanka Tour, Saransh Jain Earns Maiden Call-Up

सारांश जैन टीम में नया चेहरा
 इस टीम में सबसे चौंकाने वाला चयन सारांश जैन का है, जिन्हें पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।

घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले इस ऑलराउंडर को पहली बार सीनियर टीम से बुलावा मिला है।

विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल संभालेंगे। बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल को भी जगह मिली है।

ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार टीम का हिस्सा हैं। 

बीसीसीआई ने स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट के लिए चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे, इसलिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया।

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बुमराह-सुदर्शन का चयन सब्जेक्ट टू फिटनेस
तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई जसप्रीत बुमराह करेंगे। उनके साथ मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ को भी टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से फिटनेस मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगी।

किन खिलाड़ियों की हुई टेस्ट टीम में वापसी
भारत ने पिछला टेस्ट अफगानिस्तान के खिलाफ खेला था। उस टीम से तुलना करें तो नीतीश रेड्डी, हर्ष दुबे, वॉशिंगटन सुंदर मौजूदा टीम का हिस्सा नहीं हैं। वहीं, रवींद्र जडेजा और बुमराह की टेस्ट टीम में वापसी हुई है। हालांकि, बुमराह का खेलना अभी तय नहीं है। इसके अलावा सारांश नया चेहरा हैं। जडेजा ने पिछला टेस्ट पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बरसापारा स्टेडियम में खेला था। वह काफी लंबे समय बाद वापसी कर रहे हैं। उनका पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच इस साल जनवरी में आया था।विज्ञापन

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श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम
 

  • कप्तान: शुभमन गिल
  • उपकप्तान: केएल राहुल
  • यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह*, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।


(*) साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह का चयन सब्जेक्ट टू फिटनेस है, यानी बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से फिटनेस मंजूरी मिलने के बाद ही खेल सकेंगे।

भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज 2026 का कार्यक्रम

मैचतारीखस्थान
पहला टेस्ट15-20 अगस्त 2026गॉल
दूसरा टेस्ट23-27 अगस्त 2026कोलंबो
असम में बाढ़ का कहर : PM ने सांसदों के साथ की समीक्षा बैठक विधायकों को 1 महीने का वेतन देने का किया ऐलान

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने असम के विभिन्न हिस्सों में व्याप्त बाढ़ की स्थिति पर राज्य के सांसदों के साथ बैठक की। इसके साथ ही आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।

पीएम मोदी ने क्या बताया? 

एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने लोगों की सुरक्षा और कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना की। उन्होंने एक्स पर लिखा,’असम के सांसदों से मुलाकात की और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। मैं सभी की सुरक्षा और कुशल मंगल की कामना करता हूं। 

असम में क्या है हालात?

इस बीच, असम के शिवसागर जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है क्योंकि नौजान गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया और सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे सैकड़ों परिवार आश्रय, भोजन और सुरक्षित पेयजल तक पहुंच के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं।


वहीं, असम के विधायकों ने एक बड़ा फैसला लिया है। रायजोर दल को छोड़कर सभी विधायकों ने मंगलवार को राज्य के बाढ़ पीड़ितों की राहत और पुनर्वास के लिए अपने एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की।

अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने क्या एलान किया?

अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने कहा कि वह और उपाध्यक्ष हब्बे टेरोन बाढ़ राहत के लिए एक महीने का वेतन दान करेंगे। उन्होंने घोषणा की, ‘हमारे अलावा, विधानसभा सचिवालय के सभी कर्मचारी पीड़ितों की राहत और पुनर्वास के लिए एक दिन का वेतन दान करेंगे।’

संसदीय कार्य मंत्री ने क्या कहा? 

इस पहल का स्वागत करते हुए संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा कि भाजपा के सभी विधायक भी एक महीने का वेतन दान करेंगे। राज्य में तृणमूल कांग्रेस के इकलौते विधायक शेरमन अली अहमद ने भी ऐसा ही किया और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए अपने एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की।

वायुसेना की ओर से राहत अभियान जारी

भारतीय वायुसेना की ओर से असम और नागालैंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियान लगातार जारी है। खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद वायुसेना राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटी हुई है। मंगलवार को भारतीय वायुसेना ने बताया कि पिछले 10 दिनों के दौरान उसके हेलीकॉप्टरों ने बाढ़ में फंसे 458 लोगों को सुरक्षित बचाकर निकाला है।

वायुसेना के मुताबिक अभी तक प्रभावित क्षेत्रों में हवाई मार्ग से 9 टन से अधिक आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई गई है। वायुसेना के अधिकारी व जवान रहात अभियान के दौरान लगातार दुर्गम और जलमग्न क्षेत्रों में उड़ान भर रहे है।

बता दे कि कुल 631 गांव अभी भी जलमग्न हैं। वहीं, राहत कार्य 184 शिविरों और वितरण केंद्रों के माध्यम से जारी हैं, जहां लगभग 28,700 लोगों को आश्रय दिया गया है। 

अमृतसर एयरपोर्ट से ‘ईजी कनेक्ट’ सेवा शुरू, 27 अंतरराष्ट्रीय शहरों में भरेगी उड़ान

अमृतसर / सत्ता संदेश

एयर इंडिया ने सोमवार से श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से ‘ईजी कनेक्ट’ सेवा शुरू कर दी। इसके तहत अमृतसर से दिल्ली के रास्ते उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया समेत 27 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक यात्रियों को आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। यह सेवा केंद्र सरकार के हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत शुरू की गई है।

कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके। उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से सेवा की शुरुआत पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अमृतसर में हब-एंड-स्पोक मॉडल का विस्तार देश के विभिन्न हिस्सों को विश्वस्तरीय हवाई संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पंजाब का वैश्विक संपर्क मजबूत होगा और पर्यटन, व्यापार तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

नई व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय यात्री अमृतसर एयरपोर्ट पर ही अपने अंतिम गंतव्य तक के लिए चेक-इन और इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसके बाद दिल्ली में उन्हें दोबारा बैगेज चेक-इन कराने या टर्मिनल बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री सीधे अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्री के रूप में अपनी आगे की उड़ान पकड़ सकेंगे।विज्ञापन

एयर इंडिया अमृतसर से दिल्ली के लिए रोजाना दो उड़ानें संचालित करेगी। पहली उड़ान एआई-1113 सुबह 9:10 बजे अमृतसर से रवाना होकर 10:40 बजे दिल्ली पहुंचेगी, जबकि दूसरी उड़ान एआई-1115 रात 10 बजे रवाना होकर 11:20 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इन उड़ानों के जरिए दिल्ली पहुंचने के चार घंटे के भीतर 27 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए कनेक्टिंग उड़ानें उपलब्ध होंगी।

एयर इंडिया के गवर्नेंस, रिस्क, कंप्लायंस एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स के ग्रुप हेड पी. बालाजी ने कहा कि पंजाब के बड़ी संख्या में लोग अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में रहते हैं। नई व्यवस्था से यात्रियों को विदेशी हवाई अड्डों पर बार-बार औपचारिकताएं पूरी करने और लंबी ट्रांजिट प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

सुबह संचालित होने वाली उड़ान के जरिए यात्री लंदन, बर्मिंघम, पेरिस, मिलान, कोपेनहेगन, वियना, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, फ्रैंकफर्ट और रोम सहित कई यूरोपीय शहरों तक पहुंच सकेंगे। वहीं रात की उड़ान से न्यूयॉर्क, नेवार्क, सैन फ्रांसिस्को, शिकागो, टोरंटो, वैंकूवर, मेलबर्न, सिडनी, सिंगापुर, फुकेत, बाली और दुबई समेत अन्य गंतव्यों के लिए कनेक्टिविटी मिलेगी।

एयर इंडिया के अनुसार, आने वाले समय में अहमदाबाद, गोवा, कोच्ची और अन्य शहरों से भी ‘ईजी कनेक्ट’ सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा अगले दो महीनों में अमृतसर के लिए अंतरराष्ट्रीय से घरेलू उड़ानों के ट्रांजिट की सुविधा भी इसी मॉडल के तहत लागू किए जाने की योजना है।

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा पद से दिया इस्तीफा,CJP के प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसला

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, NEET विवाद और छात्र आंदोलन के बीच बड़ा फैसला

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। जिस शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नीट छात्र धरना प्रदर्शन दे रहे थे, उन्होंने आखिरकर इस्तीफा दे दिया है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

 युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं का सम्मान

मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभार प्रकट करता हूं।

सीबीटी मोड में परीक्षा कराने का लिया निर्णय

किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।

इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।

पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

मेधावी छात्रों को मिली सफलता

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा कि 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।

मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।

यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।

जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र (इस्तीफा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।

मैं प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा।

प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा।

PAU में “विकसित भारत हेतु स्मार्ट एवं सतत कृषि” विषय पर यंग प्रोफेशनल्स राउंडटेबल का सफल आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत माई भारत (MY Bharat) द्वारा एनएसएस इकाई, पंजाब विश्वविद्यालय के सहयोग से राजीव गांधी कॉलेज भवन, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2026 – यंग प्रोफेशनल्स राउंडटेबल का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “विकसित भारत हेतु स्मार्ट एवं सतत कृषि” था। यह आयोजन देशव्यापी VBYLD पहल के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं एवं युवा पेशेवरों को नीति-निर्माण संबंधी संवाद में सहभागी बनाना तथा विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने हेतु व्यवहारिक एवं प्रभावी सुझाव प्राप्त करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों का स्वागत एवं विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुखजिंदर ऋषि, निदेशक, युवा कल्याण विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय रहे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुश्री रश्मीत कौर, राज्य निदेशक, माई भारत पंजाब, श्री शिवधन शर्मा, यूटी निदेशक, माई भारत चंडीगढ़ तथा श्री आकर्ष दीक्षित, राज्य निदेशक, माई भारत हरियाणा उपस्थित रहे।

तकनीकी सत्र में डॉ. संजीव चौहान एवं श्री लिवअर्पित संधू ने पैनल विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए, जबकि श्री पंचम काजला ने राउंडटेबल चर्चा का सफल संचालन किया। विशेषज्ञों ने तकनीक आधारित कृषि, जलवायु-अनुकूल खेती, युवा कृषि उद्यमिता, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सशक्त बनाने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा कृषि उत्पादकता एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल नवाचारों के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और कृषि क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागियों, जिनमें माई भारत स्वयंसेवक, एनएसएस स्वयंसेवक, युवा पेशेवर एवं युवा नेता शामिल थे, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने स्मार्ट, सतत एवं प्रौद्योगिकी आधारित कृषि प्रणाली के निर्माण हेतु अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। खुली चर्चा (Open Floor Discussion) के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जो भविष्य की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध होंगे।

इस कार्यक्रम का सफल आयोजन श्री विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, माई भारत चंडीगढ़ के नेतृत्व में डॉ. भारत बजाज, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, पंजाब विश्वविद्यालय तथा डॉ. किरण बांद्रा, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, पंजाब विश्वविद्यालय के सहयोग से किया गया। उनके समन्वित प्रयासों से कार्यक्रम का सफल संचालन एवं युवाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुई।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि भारत के युवा स्मार्ट, समावेशी एवं सतत कृषि प्रणाली के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। राउंडटेबल के दौरान प्राप्त सुझाव एवं अनुशंसाएँ विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के व्यापक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी तथा विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होंगी।

Himachal Pradesh : लाहौल-स्पीति में बड़ा हादसा, मलबे में दबी टैक्सी, 13 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश / सत्ता संदेश

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया. उदयपुर-किलाड़ मार्ग पर कडू नाला के पास अचानक पहाड़ दरकने से कुल्लू से पांगी जा रही एक टैक्सी मलबे में दब गई. हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. इसकी पुष्टि खुद घटनास्थल पहुंचे भरमौर विधायक डॉ. जनक राज ने की. उन्होंने बताया कि मृतकों में छह महीने की एक मासूम बच्ची भी शामिल है. टैक्सी में कुल 15 लोग सवार थे, जिनमें से एक घायल को सुरक्षित निकाल लिया गया है.

जानकारी के अनुसार, हादसा उदयपुर-किलाड़ सड़क मार्ग पर कडू नाला के पास हुआ. कुल्लू से पांगी जा रही टैक्सी जैसे ही इस स्थान से गुजर रही थी, तभी अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा. भारी मलबा सीधे टैक्सी पर गिरने से वाहन पूरी तरह दब गया और यात्रियों को संभलने का मौका भी नहीं मिला.

सड़क खुलने के बाद शुरू हुआ था सफर

बताया जा रहा है कि उदयपुर-किलाड़ सड़क मार्ग एक दिन पहले लैंडस्लाइड के कारण बंद कर दिया गया था. इस वजह से सभी यात्री तिंदी क्षेत्र में रुके हुए थे. शुक्रवार को सड़क खुलने के बाद टैक्सी पांगी के लिए रवाना हुई, लेकिन कुछ ही दूरी पर कडू नाला के पास यह भीषण हादसा हो गया.

हादसे में 13 लोगों की मौत

घटनास्थल पर मौजूद भरमौर विधायक डॉ. जनक राज ने बताया कि टैक्सी में कुल 15 लोग सवार थे. हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है. मृतकों में छह महीने की एक मासूम बच्ची भी शामिल है. एक घायल को मलबे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला, लेकिन इनमें से कोई जिंदा नहीं बचा था.

बारिश के मौसम में बढ़ा लैंडस्लाइड का खतरा

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ गई हैं. प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. वहीं हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन, NDRF और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए. जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया.

मोदी कैबिनेट ने 1264 करोड़ की रेलवे परियोजना और 3030 करोड़ के केमिकल पार्क स्कीम को मंजूरी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता ने शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कर्नाटक और आंध्र को जोड़ने वाली रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। बेल्लारी-गुंटकल रेलवे लाइन को मंजूरी दी गयी। नई लाइन के लिए 1264 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गयी। रेल मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए रेल परियोजनाओं अहम भूमिका निभाएगी।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट ने मुख्य केमिकल सेक्टर के लिए 3,030 करोड़ रुपये की नई स्कीम को मंजूरी दी। तीन डेडिकेटेड केमिकल्स पार्क बनाए जाएंगे। प्रत्येक पार्क को एक हजार करोड़ रुपए की मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।केमिकल पार्क सही तरीके से बने। एक-एक प्लांट 15000 करोड़ से 20000 करोड़ रुपए तक हो सकता है।

बल्लारी से गुंटकल तक रेलवे लाइन को मंजूरी

कैबिनेट कमेटी ने आज कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बल्लारी- गुंटकल सेक्शन की तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दे दी है, जिसकी कुल लागत लगभग 1,264 करोड़ रुपये है।

यह प्रोजेक्ट PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान पर आधारित है, जिसका फोकस इंटीग्रेटेड प्लानिंग और स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन के ज़रिए मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक एफ़िशिएंसी को बढ़ाने पर है. यह प्रोजेक्ट लोगों, सामान और सर्विसेज़ के आने-जाने के लिए आसान कनेक्टिविटी देगा।

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश राज्यों के 3 जिलों को कवर करने वाला यह प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 46 kms बढ़ा देगा। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट लगभग 99 गांवों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, जिनकी आबादी लगभग सात लाख है।

बैठक में तीन केमिकल पार्क बनाने की मिली मंजूरी

कैबिनेट ने देश में तीन खास केमिकल पार्क बनाने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन या BHAVYA – रसायन स्कीम को मंज़ूरी दे दी है। इस स्कीम की घोषणा वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में की गई थी।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस स्कीम का कुल फाइनेंशियल खर्च 3,030 करोड़ रुपए होगा, जिसमें से 3,000 करोड़ पार्क के अंदर कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी और बेसिक यूटिलिटी बनाने की लागत को पूरा करने के लिए और Rs. 30 करोड़ एडमिनिस्ट्रेटिव खर्च के तौर पर होंगे। यह स्कीम वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय 2030-31 तक 5 साल के समय के लिए चलेगी।

उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत, केंद्र हर पार्क के लिए रुपए 1,000 करोड़ तक का ग्रांट देगा। यह संबंधित राज्य सरकार द्वारा कम से कम 500 करोड़ रुपए के योगदान पर निर्भर करेगा।

Weather Update : मानसून का कहर… असम में बाढ़ से 47 की मौत, गुजरात-जम्मू में हालात गंभीर

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का कहर लगातार जारी है। सबसे गंभीर स्थिति असम में है, जहां बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। पिछले 24 घंटों में छह और लोगों की जान गई है। वहीं, बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 7.21 लाख से अधिक हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, राज्य के 11 जिलों के 37 राजस्व सर्किलों और 883 गांवों में बाढ़ का असर है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।


कौन से जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?

राज्य में 103 राहत शिविरों में 24,124 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है, जबकि 255 राहत वितरण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। दूरदराज के इलाकों में फंसे लोगों तक ड्रोन के जरिए भोजन, पेयजल और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। बाढ़ के कारण 25,375.44 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। साथ ही कई स्थानों पर सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।


कौन-कौन सी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं?

बाढ़ की स्थिति इसलिए भी चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि डिब्रूगढ़ के खोवांग में बुर्हीदिहिंग, शिवसागर में दिखो और देसांग, गोलाघाट के नुमालीगढ़ में धनसिरी तथा श्रीभूमि में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

गुजरात में बारिश ने कैसी तबाही मचाई?

गुजरात के वलसाड, नवसारी, सूरत और तापी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। सबसे अधिक प्रभावित वलसाड जिले के उमरगाम तालुका में बुधवार सुबह से गुरुवार सुबह तक महज 16 घंटे में 1,100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 1,200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। सूरत में 1,500 और नवसारी के 11 गांवों से 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तापी जिले में बारिश से जुड़ी एक व्यक्ति की मौत हुई है। 300 से अधिक सड़कें अस्थायी रूप से बंद हैं और राज्य परिवहन निगम की 200 से ज्यादा बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

सूरत में बारिश से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बंद

गुजरात के सूरत में भारी बारिश के कारण अंबिका नदी उफान पर आ गई है। नदी का पानी पुल के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। सुरक्षा के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (नेशनल एक्सप्रेसवे 4) पर ईएनए (पलसाना) और खरेल (नवसारी) के बीच वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन स्थिति पर नज़र रखे हुए है। पानी का स्तर कम होते ही यातायात फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में बारिश से हालात कितने गंभीर हैं?

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के कारण तवी, चिनाब और झेलम समेत कई नदियां उफान पर हैं। भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाओं के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। खराब मौसम के कारण अमरनाथ, वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्राएं लगातार पांचवें दिन भी स्थगित रहीं। कटड़ा में लगभग 15 हजार श्रद्धालु फंसे हुए हैं। कश्मीर विश्वविद्यालय ने 24 और 25 जुलाई को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।


राजस्थान में मौसम विभाग ने क्या चेतावनी जारी की है?

मौसम विभाग ने 24 और 25 जुलाई के बीच अजमेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से क्या असर पड़ा?

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू और ऊना में गुरुवार को तेज बारिश हुई। चंबा जिले के साच जोत क्षेत्र में बादल फटने से चुराह उपमंडल के सतरूंडी नाला, रानीकोट और कार्थ नाला में अचानक बाढ़ आ गई। इससे कई मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़कों पर आ गईं। प्रदेश में 136 सड़कें बंद हैं, जबकि कई इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

केंद्र से मदद की गारंटी और मौसम का अलर्ट?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात की है। उन्होंने राज्य के हालात की जानकारी ली और हर संभव मदद का भरोसा दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री से बात कर जरूरी सहायता देने की बात कही है। सूरत में भी 2,200 लोगों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया गया है।