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भिवानी में SDG-7 पर हितधारक सम्मेलन, किफायती और स्वच्छ ऊर्जा के लिए मानकों की भूमिका पर चर्चा

भिवानी / हरियाणा / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के हरियाणा शाखा कार्यालय की ओर से 17 सितंबर को बया टूरिस्ट रिज़ॉर्ट, भिवानी में ‘एक बेहतर दुनिया के लिए सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मानक’ विषय पर हितधारकों का सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में SDG-7 यानी किफायती और स्वच्छ ऊर्जा पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

यह कार्यक्रम 14 अक्टूबर 2026 को मनाए जाने वाले विश्व मानक दिवस 2026 के अग्रिम कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया। इसमें सरकारी विभागों, शिक्षा जगत, MSME, उद्योग संघों और अन्य हितधारक संगठनों के 50 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विपिन कुमार सिंह, IFS, उप वन संरक्षक, भिवानी ने सतत औद्योगिक विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी, टिकाऊ कार्यप्रणालियों और संसाधनों के कुशल उपयोग के बीच संतुलन जरूरी है। उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में मानकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

BIS हरियाणा शाखा कार्यालय की निदेशक एवं प्रमुख श्रीमती मधुरिमा माधव ने विश्व मानक दिवस 2026 के विषय और SDG-7 के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किफायती और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में लागू भारतीय मानकों की भूमिका की जानकारी दी। इस दौरान IS/ISO 50001 सहित सौर प्रणालियों, उपकरणों और घटकों से संबंधित मानकों का उल्लेख किया गया।

उन्होंने बताया कि लगभग 96 प्रतिशत BIS लाइसेंस MSME के पास हैं, इसलिए मानकीकरण और गुणवत्ता व्यवस्था में MSME की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने MSME प्रतिनिधियों से मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ मानक तैयार करने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।

तकनीकी सत्र में BIS हरियाणा शाखा कार्यालय के वैज्ञानिक-डी एवं संयुक्त निदेशक श्री चंदन कुमार ने सिंचाई उपकरण, कृषि उत्पाद एवं उपकरण, कपड़ा उत्पाद, PE/PVC पाइप, विद्युत केबल, पेवर ब्लॉक और ग्वार गम सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े भारतीय मानकों की जानकारी दी।

उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादों पर भी प्रस्तुति दी और बताया कि भारतीय मानक किस तरह नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी पहलों को समर्थन प्रदान करते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय सौर मिशन, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और पीएम-कुसुम योजना जैसी पहलों का भी संदर्भ दिया गया।

सम्मेलन के साथ जिला MSME सेंटर, भिवानी के सहयोग से MSME बैठक भी आयोजित की गई। BIS के वैज्ञानिक-सी एवं निदेशक श्री अनंत कुमार ने उत्पाद प्रमाणन योजना और कारोबार में सुगमता के लिए किए गए हालिया सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने प्रमाणन दिशानिर्देशों, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCO) और BIS के ऑनलाइन पोर्टल में किए गए बदलावों के बारे में बताया।

प्रतिभागियों को BIS के विभिन्न ई-संसाधनों, जिनमें प्रशिक्षण पोर्टल, कैप्सूल कोर्स, शिकायत प्रबंधन पोर्टल और BIS CARE ऐप शामिल हैं, की जानकारी भी दी गई।

वहीं, जिला MSME सेंटर, भिवानी के औद्योगिक विस्तार अधिकारी श्री सतीश रोहिल्ला ने MSME के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और प्रोत्साहनों की जानकारी दी। उन्होंने वित्तीय सहायता, तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता प्रमाणन और बाजार विकास से संबंधित प्रावधानों पर भी जानकारी साझा की।

कार्यक्रम के अंत में संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें हितधारकों ने भारतीय मानकों, BIS प्रमाणन, QCO और अन्य अनुरूपता आवश्यकताओं से जुड़े सवाल पूछे। BIS अधिकारियों ने प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देते हुए संबंधित प्रक्रियाओं और आवश्यकताओं को स्पष्ट किया।

सम्मेलन के माध्यम से BIS और MSME क्षेत्र के बीच संवाद को मजबूत करने तथा गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता और सतत विकास में भारतीय मानकों की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मानेसर में EV कलपुर्जा विक्रेता विकास कार्यक्रम, BIS ने मानकों और प्रमाणन पर दी जानकारी

गुरुग्राम / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), हरियाणा शाखा कार्यालय ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DFO), करनाल की ओर से मानेसर में आयोजित दो दिवसीय विद्युत वाहन (EV) कलपुर्जा विक्रेता विकास कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का आयोजन 1 और 2 सितंबर 2026 को आईसीएटी कन्वेंशन सेंटर-2, मानेसर, गुरुग्राम में किया गया।

इस कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), ऑटोमोबाइल उद्योग, इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों, नवोदित उद्यमों और विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में व्यावसायिक अवसरों, तकनीकी आवश्यकताओं, परीक्षण, प्रमाणन, गुणवत्ता मानकों और नियामक प्रावधानों को लेकर उद्योग जगत को जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

BIS ने लगाया जागरूकता स्टॉल

कार्यक्रम में BIS हरियाणा शाखा कार्यालय ने BIS फरीदाबाद शाखा कार्यालय के सहयोग से विशेष स्टॉल स्थापित किया। स्टॉल पर इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित भारतीय मानकों, शोध प्रकाशनों और अध्ययन सामग्री को प्रदर्शित किया गया। इनमें भारत का राष्ट्रीय विद्युत संहिता भी शामिल रही।

इसके अलावा BIS के प्रकाशन ‘विद्युत वाहन चार्जिंग अवसंरचना एवं मानक : एक अवलोकन’ को भी प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मानकों, सुरक्षा आवश्यकताओं और गुणवत्ता के महत्व को लेकर उद्योग प्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों को जानकारी दी गई।

BIS स्टॉल पर विभिन्न उद्योगों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर अधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने उत्पादों पर लागू भारतीय मानकों, BIS प्रमाणन और अनुरूपता मूल्यांकन से जुड़ी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी हासिल की।

MSME की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता पर चर्चा

MSME-DFO, करनाल के अपर विकास आयुक्त संजीव चावला ने भी अपने सहयोगियों के साथ BIS स्टॉल का दौरा किया। इस दौरान खास तौर पर तेजी से उभर रहे इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में काम कर रहे MSMEs की गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार में स्वीकार्यता को मजबूत करने में भारतीय मानकों तथा अनुरूपता मूल्यांकन की भूमिका पर चर्चा हुई।

EV मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों पर तकनीकी सत्र

कार्यक्रम के पहले दिन 1 सितंबर को BIS हरियाणा शाखा कार्यालय की ओर से ‘विद्युत वाहनों के लिए मानक एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में नवीनतम विकास’ विषय पर तकनीकी सत्र में भाग लिया गया।

इस सत्र में BIS के वैज्ञानिक-डी सौरभ चंद्र ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने MSMEs और अन्य हितधारकों को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े उत्पादों पर लागू भारतीय मानकों, अनिवार्य प्रमाणन आवश्यकताओं और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में हुए नवीनतम विकास की जानकारी दी।

प्रतिभागियों को इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जों और संबंधित उत्पादों के लिए लागू मानकों तथा प्रमाणन प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछने और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर भी मिला।

‘मानक बाधा नहीं, गुणवत्ता और सुरक्षा का माध्यम’

कार्यक्रम में ‘हरियाणा में विद्युत वाहन पारिस्थितिकी तंत्र की सुविधा’ विषय पर भी सत्र आयोजित किया गया। इसमें हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण/नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, हरियाणा सरकार के परियोजना अधिकारी सुख चैन सिंह ने भारतीय मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मानकों को किसी बाधा या समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मानक गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने तथा बेहतर भविष्य के निर्माण का माध्यम हैं। उन्होंने मानकों को व्यापक रूप से अपनाने को भारत को गुणवत्ता-सचेत राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। इनमें विक्रेता विकास, निवेश एवं संयुक्त उपक्रम के अवसर, ऊर्जा दक्षता, इलेक्ट्रिक वाहनों के परीक्षण की आवश्यकताएं और MSMEs के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाएं प्रमुख रहीं।

दूसरे दिन उद्योग और हितधारकों के साथ व्यापक संवाद

कार्यक्रम के दूसरे दिन 2 सितंबर को BIS अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक संवाद किया। इनमें शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों, स्टार्टअप्स, विनिर्माताओं और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

हितधारकों ने BIS प्रमाणन, लागू भारतीय मानकों, प्रमाणन प्राप्त करने की प्रक्रिया और विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादों के लिए अनुरूपता मूल्यांकन से संबंधित जानकारी हासिल की। BIS अधिकारियों ने प्रतिभागियों के सवालों और आवश्यकताओं के आधार पर मानकों तथा प्रमाणन प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस दौरान उपभोक्ता शिकायतों और उनकी रिपोर्टिंग प्रक्रिया को लेकर भी व्यावहारिक सवाल उठाए गए। विशेष रूप से ऐसे मामलों पर चर्चा हुई, जब BIS प्रमाणित उत्पाद में बाद में गुणवत्ता या प्रदर्शन से जुड़ी समस्या सामने आती है। अधिकारियों ने शिकायतों की रिपोर्टिंग और समाधान के लिए उपलब्ध माध्यमों की जानकारी दी।

66 प्रदर्शनी स्टॉल, 1,000 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा

दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रदर्शनी हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटोमोटिव इकोसिस्टम से जुड़े उत्पादों, तकनीकों, सेवाओं और पहलों को प्रदर्शित करने वाले करीब 66 स्टॉल लगाए गए।

प्रदर्शनी में 1,000 से अधिक आगंतुकों ने हिस्सा लिया। इनमें उद्योग प्रतिनिधि, MSMEs, स्टार्टअप्स, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और अन्य हितधारक शामिल रहे।

EV सेक्टर में गुणवत्ता और मानक जागरूकता को बढ़ावा

मानेसर में आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, MSMEs, स्टार्टअप्स, तकनीकी संस्थानों और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना। BIS की सहभागिता के माध्यम से भारतीय मानकों, अनुरूपता मूल्यांकन, प्रमाणन आवश्यकताओं, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और उपभोक्ता शिकायतों से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

विक्रेता विकास कार्यक्रम के माध्यम से BIS हरियाणा शाखा कार्यालय ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में गुणवत्ता, मानक जागरूकता और नियामक अनुपालन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही BIS और MSME-DFO, करनाल के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा उद्योगों को प्रासंगिक भारतीय मानकों और वैधानिक आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए मार्गदर्शन देने का अवसर भी मिला।