रायकोट के कत्याल पैलेस में जिला स्तरीय किसान प्रशिक्षण कैंप आयोजित हुआ। कृषि निदेशक डॉ. गुरजीत सिंह बराड़ ने अधिकृत डीलरों से खाद खरीदने और बिल लेने की अपील की। पराली प्रबंधन और रबी फसलों की तकनीकों पर भी जानकारी दी गई।
रायकोट / लुधियाना / सत्ता संदेश
किसानों को रबी की फसलों की बुवाई और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, जिला लुधियाना की ओर से रायकोट के कत्याल पैलेस में जिला स्तरीय किसान प्रशिक्षण कैंप लगाया गया। कैंप में जिले भर से 2,000 से अधिक किसानों ने भाग लिया, जबकि कृषि क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले 29 प्रगतिशील किसानों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के मार्गदर्शन और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के नेतृत्व में आयोजित इस कैंप का उद्घाटन पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. गुरजीत सिंह बराड़ ने किया। रायकोट के विधायक हाकम सिंह ठेकेदार और पनग्रेन के चेयरमैन डॉ. तेजपाल सिंह गिल विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। कैंप का आयोजन एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी (ATMA) के तहत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की योजना के वित्तीय सहयोग से किया गया।
पराली प्रबंधन और पानी बचाने पर जोर
किसानों को संबोधित करते हुए कृषि निदेशक डॉ. गुरजीत सिंह बराड़ ने कहा कि टिकाऊ खेती के लिए स्वच्छ वातावरण, उपजाऊ मिट्टी और जल संरक्षण बेहद जरूरी हैं। फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और मानव स्वास्थ्य, पशुओं तथा पेड़-पौधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करें, अधिक से अधिक पौधे लगाएं और पानी बचाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाएं। उन्होंने सुपर सीडर जैसी कृषि मशीनों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने की बात कही।
खाद केवल अधिकृत डीलरों से खरीदें किसान
डॉ. बराड़ ने कहा कि रबी की फसलों के लिए पंजाब में DAP और अन्य खादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से खाद की कमी को लेकर बेवजह चिंता न करने और दूसरे राज्यों से संदिग्ध या नकली खाद खरीदने से बचने की अपील की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान खाद केवल सहकारी समितियों या अधिकृत डीलरों से खरीदें और प्रत्येक खरीद का पक्का बिल जरूर लें। यदि कोई व्यक्ति अवैध तरीके से खाद बेचता है, तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग को दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि नकली खाद से संबंधित मामलों में विभाग की ओर से नमूने एकत्र किए गए हैं और कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा गया है।
पराली जलाने से बचें, मिट्टी की जांच करवाएं: विधायक
रायकोट के विधायक हाकम सिंह ठेकेदार ने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने के बजाय आधुनिक कृषि मशीनों की मदद से उसका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने खाद का संतुलित इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए मिट्टी की जांच करवाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को मक्के की खेती जैसे वैकल्पिक विकल्पों पर भी ध्यान देने की सलाह दी।
विधायक ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, पनग्रेन के चेयरमैन डॉ. तेजपाल सिंह गिल ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने और खेती को आर्थिक रूप से अधिक लाभदायक बनाने के लिए प्रेरित किया।
कृषि विशेषज्ञों ने साझा की तकनीकी जानकारी
जिला मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. गुरदीप सिंह ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद और कीटनाशक उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता है। किसानों तक नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी पहुंचाने के लिए गांव और ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
कैंप के दौरान पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना और गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने रबी की फसलों, पौधों की बीमारियों, कृषि मशीनरी, मिट्टी की सेहत और खेती से जुड़े अन्य विषयों पर जानकारी दी। विशेषज्ञों ने किसानों के सवालों के जवाब भी दिए।
रायकोट के एसडीएम खुशप्रीत सिंह ने किसानों से कृषि विभाग की सलाह के अनुसार खेती करने और धान की कटाई के मौजूदा सीजन में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में सहयोग देने की अपील की।
कैंप में विभिन्न सरकारी विभागों और स्वयं सहायता समूहों की ओर से प्रदर्शनियां भी लगाई गईं। इस अवसर पर जिला लीड बैंक मैनेजर गुरदीप सिंह, डेयरी विभाग के अधिकारी, विभिन्न ब्लॉकों के कृषि अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कैंप के आयोजन में सहयोग के लिए ब्लॉक इम्प्रूवमेंट टीम की सराहना की गई। अंत में जिला कृषि सूचना अधिकारी डॉ. गुरिंदर पाल कौर ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और किसानों का धन्यवाद किया।