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SIR पर सुनील जाखड़ का AAP-कांग्रेस पर निशाना, बोले- पंजाब की फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं आई कोई परेशानी

अनिंदिता मित्रा से मुलाकात के बाद जाखड़ ने उठाए सवाल; हरपाल चीमा और भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों का किया जिक्र, प्रगट सिंह ने फॉर्म-6 पर मांगा जवाब

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा से मुलाकात के बाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं पर निशाना साधा। जाखड़ ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में SIR को लेकर विरोध और हंगामा हो रहा है, लेकिन पंजाब में अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद किसी बड़ी परेशानी की बात सामने नहीं आई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पंजाब में प्रक्रिया को लेकर स्थिति सामान्य रही, तो दूसरे राज्यों में इसे लेकर इतना विवाद क्यों हो रहा है।

गौरतलब है कि पंजाब की अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर 2026 को जारी की गई। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सूची में कुल 2,01,00,727 मतदाता दर्ज हैं। SIR से पहले दर्ज मतदाताओं की तुलना में अंतिम सूची में करीब 13.60 लाख की कमी आई है, जबकि अगस्त में जारी ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। <Cite refs={[“turn557186search6″,”turn557186search9”]}/>

हरपाल चीमा और भगवंत मान के क्षेत्रों के आंकड़ों का किया जिक्र

सुनील जाखड़ ने अपने बयान में वित्त मंत्री हरपाल चीमा और मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में हुई कमी का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि हरपाल चीमा के क्षेत्र में करीब 1.83 लाख मतदाताओं में से लगभग 3,000 नाम कम हुए, जबकि भगवंत मान के क्षेत्र में 1.57 लाख के आसपास मतदाताओं में से करीब 5,000 नाम कम हुए।

जाखड़ ने कांग्रेस नेताओं के विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों का भी जिक्र किया और कहा कि इन आंकड़ों को सामने रखकर स्थिति को समझना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रगट सिंह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस को ऐसा अध्यक्ष मिला है, जो किसी मुद्दे पर समझौता नहीं करता। साथ ही उन्होंने नेताओं से चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों को गुमराह नहीं करने और व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को देखने की अपील की।

नोट: विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित आंकड़े सुनील जाखड़ के बयान के अनुसार हैं; इनका स्वतंत्र निर्वाचन क्षेत्रवार सत्यापन उपलब्ध जानकारी में नहीं किया गया है।

फॉर्म-6 को लेकर प्रगट सिंह ने उठाए सवाल

SIR प्रक्रिया और फॉर्म-6 को लेकर कांग्रेस नेता प्रगट सिंह ने कहा कि यदि किसी को फॉर्म-6 से संबंधित कोई समस्या है, तो उसे तथ्यों और उचित प्रक्रिया के आधार पर उठाना चाहिए, न कि केवल हंगामा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई वास्तविक परेशानी थी, तो संबंधित स्तर पर उस पर सवाल उठाए जाने चाहिए थे।

जाखड़ ने प्रगट सिंह को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने आसपास मौजूद ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए, जो उनके मुताबिक उन्हें गलत दिशा में ले जा सकते हैं। दोनों नेताओं की टिप्पणियों के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण और उसके आंकड़ों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

नशे के मामले में पिस्टल लाइसेंस पर उठाया सवाल

पंजाब में नशे के मुद्दे पर बोलते हुए सुनील जाखड़ ने एक व्यक्ति के खिलाफ नशे से संबंधित मामले होने के बावजूद उसके पास पिस्टल का लाइसेंस होने पर सवाल उठाया। उन्होंने इसे हैरानी की बात बताया और कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

जाखड़ ने एक ड्रग इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उसके बाद आगे की कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने जिस मामले का जिक्र किया, उसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

मोहाली SSP को ED के पत्र पर सरकार को घेरा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को पत्र लिखकर मामला दर्ज करने की मांग किए जाने के सवाल पर जाखड़ ने पंजाब सरकार की आलोचना की। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे “महाबेईमान सरकार” कहा।

यह जाखड़ की राजनीतिक टिप्पणी है। ED के पत्र, उसमें उल्लिखित आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों या अधिकारियों का पक्ष जरूरी है।

अकाली दल वारिस पंजाब की सरफकोट में पहली बैठक, 2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा

डेरा बाबा नानक के गांव सरफकोट में अकाली दल वारिस पंजाब की पहली बैठक हुई। भाई सुखविंदर सिंह अगवान के नेतृत्व में नेताओं ने संगठन विस्तार और 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की।

डेरा बाबा नानक / पंजाब / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: लवप्रीत सिंह खुशीपुर

अकाली दल वारिस पंजाब संगठन की पहली बैठक हलका डेरा बाबा नानक के गांव सरफकोट में आयोजित की गई। वरिष्ठ नेता भाई सुखविंदर सिंह अगवान के नेतृत्व में हुई इस बैठक में माझा क्षेत्र के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक के दौरान संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने और आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई।

बैठक में माझा जोन के अध्यक्ष भाई अमरजीत सिंह वनचारी, स्वर्ण सिंह गोल्डन, बटाला के जिला अध्यक्ष मनजिंदर सिंह बल, हलका फतेहगढ़ चूड़ियां से भाई युवराज सिंह लाले नंगल, हलका डेरा बाबा नानक से भाई शमशेर सिंह घुम्मन और गुरजिंदर सिंह पड्डा विशेष रूप से मौजूद रहे।

इस दौरान विभिन्न वक्ताओं ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन के अध्यक्ष और सांसद भाई अमृतपाल सिंह के विचारों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में युवा संगठन से जुड़ रहे हैं। वक्ताओं ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

नेताओं ने कहा कि हलका डेरा बाबा नानक में यह संगठन की पहली बैठक है। आने वाले दिनों में क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में भी बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि संगठन का विस्तार किया जा सके और लोगों तक अपनी विचारधारा पहुंचाई जा सके।

बैठक के दौरान नेताओं ने दावा किया कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए संगठन की ओर से राज्य में करीब 40 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जा चुके हैं। बाकी उम्मीदवारों के नाम भी जल्द घोषित करने की बात कही गई।

बैठक में संगठन की आगामी रणनीति, गांव स्तर पर संपर्क अभियान और चुनावी तैयारियों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

सचखंड डेरा बल्लां पहुंचे परगट सिंह, भगवंत मान के चुनाव लड़ने की चर्चा पर बोले—‘मोस्ट वेलकम’

जालंधर के सचखंड डेरा बल्लां पहुंचे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने भगवंत मान के उनके विधानसभा हलके से चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा, ‘मोस्ट वेलकम, अच्छी बात है।’

जालंधर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने माथा टेककर लिया आशीर्वाद, मुख्यमंत्री के उनके विधानसभा हलके से चुनाव लड़ने के सवाल पर दी प्रतिक्रिया

जालंधर / सत्ता संदेश

दिनांक : 9 अक्टूबर

पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह जालंधर स्थित सचखंड डेरा बल्लां में नतमस्तक हुए और आशीर्वाद लिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वह यहां आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे हैं और ऐसे पवित्र धार्मिक स्थल पर राजनीति को लेकर चर्चा करना उचित नहीं है।

हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के उनके विधानसभा हलके से चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर परगट सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मोस्ट वेलकम, अच्छी बात है। अगर वह यहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है और वह आ सकते हैं।”

परगट सिंह के इस बयान को मुख्यमंत्री भगवंत मान के संभावित चुनावी मुकाबले से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके विधानसभा हलके से मुख्यमंत्री के चुनाव लड़ने को लेकर चल रही चर्चाओं पर अभी किसी आधिकारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।

डेरा बल्लां में माथा टेकने पहुंचे परगट सिंह ने धार्मिक स्थल पर राजनीति से जुड़े सवालों पर संयमित रुख अपनाया, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर उनकी प्रतिक्रिया ने पंजाब की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

लुधियाना : AAP नेताओं ने BJP कार्यालय को घेरा, पुलिस ने की तीन लेयर की बैरिकेडिंग

लुधियाना में AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने BJP कार्यालय के बाहर मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने सुरक्षा के लिए तीन लेयर की बैरिकेडिंग की। AAP जिला प्रधान जतिंदर खंगूड़ा ने BJP पर ED-CBI के जरिए डराने का आरोप लगाया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय के बाहर मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी तरह की धक्का-मुक्की या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भाजपा कार्यालय के आसपास तीन लेयर की बैरिकेडिंग की गई थी।

प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं और विधायकों ने बैरिकेडिंग पार कर भाजपा कार्यालय की ओर पहुंचने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। मौके पर पुलिस बल की तैनाती के साथ स्थिति पर नजर रखी गई।

प्रदर्शन के अंत में आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया और प्रदर्शन समाप्त किया।

इस दौरान AAP के जिला प्रधान जतिंदर खंगूड़ा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ED और CBI जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को डराने का प्रयास कर रही है। हालांकि, ये आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं।

प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की। पुलिस की तीन स्तरीय बैरिकेडिंग के चलते भाजपा कार्यालय की ओर जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।

बंगला साहिब में नतमस्तक हुए चरणजीत सिंह चन्नी, बोले- ‘जब भी दिल्ली आता हूं, आशीर्वाद लेने जरूर पहुंचता हूं’

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब में माथा टेका। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब भी वह दिल्ली आते हैं, गुरुद्वारा बंगला साहिब में माथा टेककर आशीर्वाद लेते हैं।

गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होने के बाद चन्नी ने पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी में किसे कब पद देना है या किसी पद से बदलाव करना है, यह कांग्रेस आलाकमान और राहुल गांधी का अधिकार है।

सचिन पायलट को लेकर बोले चन्नी

पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट को लेकर चन्नी ने कहा कि वह पास के राज्य से आते हैं और उनके पंजाब प्रभारी बनने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद और ऊर्जा पैदा हुई है। इससे पहले भी चन्नी पायलट की नियुक्ति का स्वागत कर चुके हैं।

चन्नी ने दावा किया कि पंजाब कांग्रेस में अब दूरियां और मतभेद खत्म हो चुके हैं और सभी नेता एकजुट होकर काम करेंगे। हालांकि, हाल के दिनों में पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं।

अमित शाह की रैली पर चन्नी का हमला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पंजाब में रैली को लेकर चन्नी ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब की सीमा पर BSF, CRPF और सेना की तैनाती के बावजूद राज्य में नशे और ड्रोन की समस्या कैसे बनी हुई है।

चन्नी ने बीजेपी के नशा खत्म करने के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इसे खत्म करने में दो साल लगेंगे तो बीजेपी को दिल्ली में ही रहना चाहिए और पंजाब आने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने आगे दावा किया कि पंजाब में बीजेपी के पैर कभी नहीं जम सकते। चन्नी ने कहा कि एजेंसियों के जरिए डराने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन पंजाब झुकने वाला नहीं है।

Punjab : वारिस पंजाब पार्टी की सक्रियता तेज, जगजीत सिंह धालीवाल ने धार्मिक स्थलों पर टेका माथा

पंजाब में चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कपूरथला में वारिस पंजाब पार्टी के हलका इंचार्ज जगजीत सिंह धालीवाल ने धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर पंजाब की खुशहाली और अमन-शांति की कामना की।

कपूरथला / सत्ता संदेश

पंजाब में चुनावी माहौल नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ने लगी है। विभिन्न पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता लगातार लोगों के बीच पहुंचकर जनसंपर्क मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में वारिस पंजाब पार्टी के कपूरथला हलका इंचार्ज जगजीत सिंह धालीवाल ने कपूरथला शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया।

गुरुद्वारा साहिब में की अरदास, मंदिरों में भी लिया आशीर्वाद

जगजीत सिंह धालीवाल ने कपूरथला शहर में विभिन्न धार्मिक स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर अरदास की। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग मंदिरों में पहुंचकर भी उन्होंने पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।

इस दौरान उन्होंने पंजाब में अमन-शांति, आपसी भाईचारे और लोगों की खुशहाली की कामना की।

लोगों के हितों की रक्षा करना पार्टी का उद्देश्य: धालीवाल

जगजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना या सत्ता हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों के हितों के लिए काम करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य पंजाब के लोगों के अधिकारों की रक्षा करना है।

धालीवाल के मुताबिक, पार्टी का प्रयास है कि पंजाब में किसी भी व्यक्ति के साथ धक्केशाही न हो और हर व्यक्ति को न्याय मिल सके।

सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को खुला निमंत्रण

धालीवाल ने कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के साथ अन्याय या धक्केशाही होती है तो वह अपनी समस्या लेकर उनके पास आ सकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को अपनी समस्याएं उनके सामने रखने का खुला निमंत्रण दिया।

उन्होंने कहा कि वह पार्टी की विचारधारा से ऊपर उठकर लोगों की समस्याओं को सुनने का प्रयास करेंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनकी समस्याओं को उठाया जाएगा।

न्यायप्रिय समाज बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील

जगजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ राजनीति करना नहीं है। उनका कहना है कि लोगों का भला करना और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है तो उसकी आवाज उठाना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर वह आला अधिकारियों से मुलाकात कर लोगों की समस्याओं को उनके सामने रखेंगे।

धालीवाल ने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को लेकर बेझिझक उनसे संपर्क करें, ताकि उनकी आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके।

उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को बांटना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करना होना चाहिए।

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां

पंजाब में चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। नेता लगातार धार्मिक स्थलों, सामाजिक कार्यक्रमों और आम लोगों के बीच पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। ऐसे में कपूरथला हलके में जगजीत सिंह धालीवाल की धार्मिक स्थलों की यात्रा को भी राजनीतिक और जनसंपर्क गतिविधियों के तौर पर देखा जा रहा है।

शिरोमणि अकाली दल को लगा झटका, पूर्व पार्षद सुरजीत राणा कांग्रेस में हुए शामिल

विधायक राणा गुरजीत सिंह ने शेखूपुर पहुंचकर करवाया पार्टी में शामिल, अकाली नेता सबी लंकेश भी कांग्रेस में आए

कपूरथला / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : गगन बहल

पंजाब की राजनीति में कपूरथला से जुड़ी एक अहम राजनीतिक गतिविधि सामने आई है। करीब 30 साल से शिरोमणि अकाली दल के साथ जुड़े पूर्व नगर पार्षद (MC) सुरजीत सिंह राणा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उनके साथ अकाली नेता सबी लंकेश और करीब 100 परिवारों के कांग्रेस में शामिल होने का दावा किया गया है।

कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह शेखूपुर स्थित सुरजीत सिंह राणा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने सुरजीत सिंह राणा समेत अन्य लोगों को कांग्रेस में शामिल करवाया।

1996 से अकाली दल के साथ थे सुरजीत सिंह राणा

कांग्रेस में शामिल होने के बाद पूर्व MC सुरजीत सिंह राणा ने अकाली दल छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि वह 1996 से लगातार शिरोमणि अकाली दल के लिए काम करते आ रहे थे। उन्होंने पार्टी के साथ अपने करीब तीन दशक लंबे जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए मेहनत की।

सुरजीत सिंह राणा ने आरोप लगाया कि जो लोग पहले उनका विरोध करते थे, वे बाद में दूसरी पार्टी में चले गए और उनकी पुरानी पार्टी से जीते तीन पार्षदों को समर्थन दिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से आहत होकर उन्होंने शिरोमणि अकाली दल को अलविदा कहने का फैसला किया।

बोले- मैं अकेला नहीं, वार्ड के 100 परिवार भी कांग्रेस में आएंगे

सुरजीत सिंह राणा ने कहा कि कांग्रेस में उनका शामिल होना व्यक्तिगत फैसला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके वार्ड से करीब 100 परिवार कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह के नेतृत्व में उन्हें नई राजनीतिक दिशा मिली है और अब वह कांग्रेस के साथ मिलकर क्षेत्र में काम करेंगे।

इस मौके पर अकाली नेता सबी लंकेश के भी कांग्रेस में शामिल होने की बात सामने आई है। कांग्रेस की ओर से इसे कपूरथला क्षेत्र में पार्टी के आधार को मजबूत करने वाली राजनीतिक घटना के तौर पर देखा जा रहा है।

पूर्व विधायक से. दर्शन सिंह शिवालिक अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल
  • पूर्व विधायक स. दर्शन सिंह शिवालिक अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल
  • हलका गिल के सभी गांवों के बड़ी संख्या में पहुंचे सरपंचों, पंचों और कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई अपनी भागीदारी
  • आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी राष्ट्रीय पार्टी से गठबंधन नहीं किया जाएगा: बापू स. तरसेम सिंह खालसा

लुधियाना/सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ को आज उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब पूर्व विधायक एवं पंजाब सरकार के पूर्व संसदीय सचिव स. दर्शन सिंह शिवालिक अपने साथियों सहित पार्टी में शामिल हो गए। अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के संरक्षक बापू स. तरसेम सिंह खालसा, विधायक स. मनप्रीत सिंह इयाली, सेक्रेटरी जनरल स. मनदीप सिंह सिद्धू सहित पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय कैनाल रोड पर आयोजित कार्यक्रम में हलका गिल के सभी गांवों से बड़ी संख्या में सरपंच, पंच और कार्यकर्ता पहुंचे तथा अपनी भागीदारी दर्ज कराते हुए, पार्टी के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, बापू स. तरसेम सिंह खालसा ने स. दर्शन सिंह शिवालिक का पार्टी में स्वागत करते हुए, कहा कि पंजाब को एक निरोल पंथक सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री उम्मीदवार सांसद भाई स. अमृतपाल सिंह खालसा के नेतृत्व में लड़ेगा। उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग पार्टी की नीतियों के साथ खड़ा है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए, बापू स. तरसेम सिंह खालसा ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि केवल एक क्षेत्रीय पार्टी ही पंजाब के मुद्दों का प्रभावी समाधान कर सकती है।

इससे पहले विधायक स. मनप्रीत सिंह अयाली ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को मिल रहा भारी जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि पंजाब में अगली पंथक सरकार बनने जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ही राज्य को सही दिशा और दशा प्रदान कर सकता है।

इस दौरान उन्होंने विवादित वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी हुक्मनामे के पालन के लिए पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और उनके आदेश सर्वोपरि हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वे 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार उपस्थित होंगे।

वहीं पर, सरदार दर्शन सिंह शिवालिक ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों को आजमा चुके पंजाब के लोगों को अब पार्टी से काफी उम्मीदें हैं और पार्टी उन उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरेगी।

कार्यक्रम के दौरान काबल सिंह भुल्लर, अमरजीत सिंह वनचिड़ी, संदीप सिंह रुपालों, हरभजन सिंह तूड़, हरबीर सिंह अयाली, पृथीपाल सिंह बटाला, हल्का इंच जगराओं राजीव कुमार लवली, मनदीप सिंह हसनपुर, हरपाल सिंह कोहली, हरप्रीत सिंह प्रिंस, हनी सिंगला, हरभजन सिंह अयाली, जगरूप सिंह, मलकीत सिंह बल्ल तथा बलराज सिंह लुधियाना सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ द्वारा DC कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन; CM का पुतला फूंका

लुधियाना / सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ने विवादित वायरल वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग करते हुए, राज्यभर में किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला के तहत आज लुधियाना में जिला माल अधिकारी को पंजाब के राज्यपाल के नाम एक मांग-पत्र सौंपा। डिप्टी कमिश्नर की अनुपस्थिति में यह मांग-पत्र जिला माल अधिकारी को दिया गया। इससे पहले अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय तक रोष मार्च निकाला और मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंकने से पहले उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं राजीव कुमार लवली, जत्थेदार जसवंत सिंह चीमा और संदीप सिंह रुपालों ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है, जो सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं, पंजाब के लोगों के विश्वास और संवैधानिक जवाबदेही से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से संबंधित एक विवादित वायरल वीडियो सामने आया था, जिसमें उन पर सिख धर्म के गुरु साहिबानों तथा 20वीं सदी के प्रमुख सिख नेता संत जरनैल सिंह खालसा भिंडरांवाले के धार्मिक प्रतीकों के प्रति अपमानजनक व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे थे।

उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था। उस समय मुख्यमंत्री ने वीडियो को पूरी तरह फर्जी और एआई के माध्यम से तैयार किया गया बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों पर करवाई गई विभिन्न फोरेंसिक जांचों की रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच रिपोर्टों में वीडियो में किसी प्रकार की एडिटिंग, टैंपरिंग, डीपफेक तकनीक या एआई के जरिए छेड़छाड़ का कोई प्रमाण नहीं मिला और वीडियो को वास्तविक पाया गया। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब ने एक हुक्मनामा जारी करते हुए कहा कि कोई सिख भगवंत मान से मेलजोल न रखे और उन्हें धार्मिक रूप से बहिष्कृत माना जाए।

पार्टी नेताओं ने कहा कि अब यह मामला केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब के लोगों और सिख समुदाय के सामने किए गए दावों की सत्यता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म में गुरु साहिबानों, भक्तों, शहीदों और संत-महापुरुषों का सम्मान केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सिख जीवन का मूल सिद्धांत है। ऐसे मामलों में उठने वाले आरोप और संदेह पूरे सिख समुदाय की भावनाओं को गहराई से प्रभावित करते हैं।

उन्होंने कहा कि कानून और न्याय के सिद्धांत यह मांग करते हैं कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न हो, जांच और जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकता। नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करते हुए यह भी कहा कि उनकी सरकार द्वारा पहले बनाए गए बेअदबी संबंधी कानूनों के तहत उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

जिला लुधियाना की पांच सदस्यीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य कुलविंदर सिंह चंदी, अजीत सिंह बल्ल और हरभजन सिंह इयाली सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं तथा महिला विंग की राष्ट्रीय महासचिव साजिया परवीन ने कहा कि यह स्थिति समूचे सिख समुदाय, नानक नाम लेवा संगतों और आम लोगों के लिए गहरी पीड़ा और चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात पंजाब के लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और कमजोर कर सकता है।

उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए तथा इसकी जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से करवाई जाए। साथ ही जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर पद से इस्तीफा लेने की मांग भी की गई, ताकि जांच किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो सके। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए और पंजाब के लोगों को उनके सवालों के जवाब मिलने चाहिए।

यह विरोध प्रदर्शन जत्थेदार जसवंत सिंह चीमा, राजीव कुमार लवली और संदीप सिंह रुपालों के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसमें एडवोकेट इंदरजीत सिंह, महिला विंग की संयुक्त सचिव बीबी हरप्रीत कौर अकालगढ़, कुलविंदर सिंह चंदी, हरभजन सिंह इयाली, मलकीत सिंह बल्ल, शमशेर सिंह लाडोवाल, भोला सिंह मंगली, बलविंदर सिंह भिंदा, तलविंदर सिंह माछिया, गोपी कनेजा, कुलदीप सिंह मंगली, कुलदीप सिंह तलवंडी, तेजिंदरपाल सिंह तेजी, जगतार सिंह हंबड़ा, परमजीत सिंह हंबड़ा, लखविंदर सिंह हंबड़ा, हरजीत सिंह बाबा रायकोट, महिबूब स्टूडियो वाले, जसपाल सिंह जस सिद्धवां, चौधरी अवतार सिंह लड्डू जगराओं, सुखविंदर सिंह खालसा राऊवाल, जसवीर सिंह जस्सी जगराओं, जसप्रीत सिंह जस्सी ढिल्लो, पूर्व सरपंच बलदेव सिंह सलेमपुरा टिब्बा, मनजीत सिंह मंड बंगसीपुरा, जरनैल सिंह कुरशैदपुरा, जगदीश सिंह गगड़ा, रणजीत सिंह सोनू, गुरदीप कौर, हरप्रीत कौर, गुरप्रीत सिंह काउंके, खालसा बोहड़ सिंह काउंके, शमशेर सिंह खालसा जगराओं, रणजोध सिंह खालसा, जसवीर सिंह खालसा, इंदरजीत सिंह खालसा सहित अनेक नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नाभा की बाहरी कॉलोनियों में फूटा लोगों का गुस्सा, AAP सरकार और MLA देव मान पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप

नाभा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : चेतन मेहता

सीवरेज, सड़क और पीने के पानी की मांग को लेकर बड़ी सभा, ढाई करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच की उठी मांग

नाभा की बाहरी कॉलोनियों के लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान लोगों ने एक बड़ी सभा कर आम आदमी पार्टी सरकार और नाभा के विधायक देव मान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लोगों का आरोप है कि चुनाव से पहले कॉलोनियों को नगर परिषद में शामिल करने और विकास कार्य करवाने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन जीत के बाद उनकी कोई सुध नहीं ली गई।

सभा में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन जस्सी सोहियांवाला भी पहुंचे, जहां लोगों ने उनके सामने सीवरेज, पक्की सड़कों और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग उठाई। इतना ही नहीं, लोगों ने पिछली सरकार के समय कॉलोनियों में विकास कार्यों के नाम पर पास हुए करीब ढाई करोड़ रुपये के खर्च की जांच की भी मांग की। वहीं जस्सी सोहियांवाला ने लोगों की समस्याओं के जल्द समाधान और कथित घोटाले की जांच का भरोसा दिया।