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Punjab : वारिस पंजाब पार्टी की सक्रियता तेज, जगजीत सिंह धालीवाल ने धार्मिक स्थलों पर टेका माथा

पंजाब में चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कपूरथला में वारिस पंजाब पार्टी के हलका इंचार्ज जगजीत सिंह धालीवाल ने धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर पंजाब की खुशहाली और अमन-शांति की कामना की।

कपूरथला / सत्ता संदेश

पंजाब में चुनावी माहौल नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ने लगी है। विभिन्न पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता लगातार लोगों के बीच पहुंचकर जनसंपर्क मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में वारिस पंजाब पार्टी के कपूरथला हलका इंचार्ज जगजीत सिंह धालीवाल ने कपूरथला शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया।

गुरुद्वारा साहिब में की अरदास, मंदिरों में भी लिया आशीर्वाद

जगजीत सिंह धालीवाल ने कपूरथला शहर में विभिन्न धार्मिक स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर अरदास की। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग मंदिरों में पहुंचकर भी उन्होंने पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।

इस दौरान उन्होंने पंजाब में अमन-शांति, आपसी भाईचारे और लोगों की खुशहाली की कामना की।

लोगों के हितों की रक्षा करना पार्टी का उद्देश्य: धालीवाल

जगजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना या सत्ता हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों के हितों के लिए काम करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य पंजाब के लोगों के अधिकारों की रक्षा करना है।

धालीवाल के मुताबिक, पार्टी का प्रयास है कि पंजाब में किसी भी व्यक्ति के साथ धक्केशाही न हो और हर व्यक्ति को न्याय मिल सके।

सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को खुला निमंत्रण

धालीवाल ने कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के साथ अन्याय या धक्केशाही होती है तो वह अपनी समस्या लेकर उनके पास आ सकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को अपनी समस्याएं उनके सामने रखने का खुला निमंत्रण दिया।

उन्होंने कहा कि वह पार्टी की विचारधारा से ऊपर उठकर लोगों की समस्याओं को सुनने का प्रयास करेंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनकी समस्याओं को उठाया जाएगा।

न्यायप्रिय समाज बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील

जगजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ राजनीति करना नहीं है। उनका कहना है कि लोगों का भला करना और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है तो उसकी आवाज उठाना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर वह आला अधिकारियों से मुलाकात कर लोगों की समस्याओं को उनके सामने रखेंगे।

धालीवाल ने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को लेकर बेझिझक उनसे संपर्क करें, ताकि उनकी आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके।

उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को बांटना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करना होना चाहिए।

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां

पंजाब में चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। नेता लगातार धार्मिक स्थलों, सामाजिक कार्यक्रमों और आम लोगों के बीच पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। ऐसे में कपूरथला हलके में जगजीत सिंह धालीवाल की धार्मिक स्थलों की यात्रा को भी राजनीतिक और जनसंपर्क गतिविधियों के तौर पर देखा जा रहा है।

शिरोमणि अकाली दल को लगा झटका, पूर्व पार्षद सुरजीत राणा कांग्रेस में हुए शामिल

विधायक राणा गुरजीत सिंह ने शेखूपुर पहुंचकर करवाया पार्टी में शामिल, अकाली नेता सबी लंकेश भी कांग्रेस में आए

कपूरथला / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : गगन बहल

पंजाब की राजनीति में कपूरथला से जुड़ी एक अहम राजनीतिक गतिविधि सामने आई है। करीब 30 साल से शिरोमणि अकाली दल के साथ जुड़े पूर्व नगर पार्षद (MC) सुरजीत सिंह राणा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उनके साथ अकाली नेता सबी लंकेश और करीब 100 परिवारों के कांग्रेस में शामिल होने का दावा किया गया है।

कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह शेखूपुर स्थित सुरजीत सिंह राणा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने सुरजीत सिंह राणा समेत अन्य लोगों को कांग्रेस में शामिल करवाया।

1996 से अकाली दल के साथ थे सुरजीत सिंह राणा

कांग्रेस में शामिल होने के बाद पूर्व MC सुरजीत सिंह राणा ने अकाली दल छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि वह 1996 से लगातार शिरोमणि अकाली दल के लिए काम करते आ रहे थे। उन्होंने पार्टी के साथ अपने करीब तीन दशक लंबे जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए मेहनत की।

सुरजीत सिंह राणा ने आरोप लगाया कि जो लोग पहले उनका विरोध करते थे, वे बाद में दूसरी पार्टी में चले गए और उनकी पुरानी पार्टी से जीते तीन पार्षदों को समर्थन दिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से आहत होकर उन्होंने शिरोमणि अकाली दल को अलविदा कहने का फैसला किया।

बोले- मैं अकेला नहीं, वार्ड के 100 परिवार भी कांग्रेस में आएंगे

सुरजीत सिंह राणा ने कहा कि कांग्रेस में उनका शामिल होना व्यक्तिगत फैसला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके वार्ड से करीब 100 परिवार कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह के नेतृत्व में उन्हें नई राजनीतिक दिशा मिली है और अब वह कांग्रेस के साथ मिलकर क्षेत्र में काम करेंगे।

इस मौके पर अकाली नेता सबी लंकेश के भी कांग्रेस में शामिल होने की बात सामने आई है। कांग्रेस की ओर से इसे कपूरथला क्षेत्र में पार्टी के आधार को मजबूत करने वाली राजनीतिक घटना के तौर पर देखा जा रहा है।

पूर्व विधायक से. दर्शन सिंह शिवालिक अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल
  • पूर्व विधायक स. दर्शन सिंह शिवालिक अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल
  • हलका गिल के सभी गांवों के बड़ी संख्या में पहुंचे सरपंचों, पंचों और कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई अपनी भागीदारी
  • आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी राष्ट्रीय पार्टी से गठबंधन नहीं किया जाएगा: बापू स. तरसेम सिंह खालसा

लुधियाना/सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ को आज उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब पूर्व विधायक एवं पंजाब सरकार के पूर्व संसदीय सचिव स. दर्शन सिंह शिवालिक अपने साथियों सहित पार्टी में शामिल हो गए। अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के संरक्षक बापू स. तरसेम सिंह खालसा, विधायक स. मनप्रीत सिंह इयाली, सेक्रेटरी जनरल स. मनदीप सिंह सिद्धू सहित पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय कैनाल रोड पर आयोजित कार्यक्रम में हलका गिल के सभी गांवों से बड़ी संख्या में सरपंच, पंच और कार्यकर्ता पहुंचे तथा अपनी भागीदारी दर्ज कराते हुए, पार्टी के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, बापू स. तरसेम सिंह खालसा ने स. दर्शन सिंह शिवालिक का पार्टी में स्वागत करते हुए, कहा कि पंजाब को एक निरोल पंथक सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री उम्मीदवार सांसद भाई स. अमृतपाल सिंह खालसा के नेतृत्व में लड़ेगा। उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग पार्टी की नीतियों के साथ खड़ा है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए, बापू स. तरसेम सिंह खालसा ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि केवल एक क्षेत्रीय पार्टी ही पंजाब के मुद्दों का प्रभावी समाधान कर सकती है।

इससे पहले विधायक स. मनप्रीत सिंह अयाली ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को मिल रहा भारी जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि पंजाब में अगली पंथक सरकार बनने जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ही राज्य को सही दिशा और दशा प्रदान कर सकता है।

इस दौरान उन्होंने विवादित वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी हुक्मनामे के पालन के लिए पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और उनके आदेश सर्वोपरि हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वे 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार उपस्थित होंगे।

वहीं पर, सरदार दर्शन सिंह शिवालिक ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों को आजमा चुके पंजाब के लोगों को अब पार्टी से काफी उम्मीदें हैं और पार्टी उन उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरेगी।

कार्यक्रम के दौरान काबल सिंह भुल्लर, अमरजीत सिंह वनचिड़ी, संदीप सिंह रुपालों, हरभजन सिंह तूड़, हरबीर सिंह अयाली, पृथीपाल सिंह बटाला, हल्का इंच जगराओं राजीव कुमार लवली, मनदीप सिंह हसनपुर, हरपाल सिंह कोहली, हरप्रीत सिंह प्रिंस, हनी सिंगला, हरभजन सिंह अयाली, जगरूप सिंह, मलकीत सिंह बल्ल तथा बलराज सिंह लुधियाना सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ द्वारा DC कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन; CM का पुतला फूंका

लुधियाना / सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ने विवादित वायरल वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग करते हुए, राज्यभर में किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला के तहत आज लुधियाना में जिला माल अधिकारी को पंजाब के राज्यपाल के नाम एक मांग-पत्र सौंपा। डिप्टी कमिश्नर की अनुपस्थिति में यह मांग-पत्र जिला माल अधिकारी को दिया गया। इससे पहले अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय तक रोष मार्च निकाला और मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंकने से पहले उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं राजीव कुमार लवली, जत्थेदार जसवंत सिंह चीमा और संदीप सिंह रुपालों ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है, जो सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं, पंजाब के लोगों के विश्वास और संवैधानिक जवाबदेही से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से संबंधित एक विवादित वायरल वीडियो सामने आया था, जिसमें उन पर सिख धर्म के गुरु साहिबानों तथा 20वीं सदी के प्रमुख सिख नेता संत जरनैल सिंह खालसा भिंडरांवाले के धार्मिक प्रतीकों के प्रति अपमानजनक व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे थे।

उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था। उस समय मुख्यमंत्री ने वीडियो को पूरी तरह फर्जी और एआई के माध्यम से तैयार किया गया बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों पर करवाई गई विभिन्न फोरेंसिक जांचों की रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच रिपोर्टों में वीडियो में किसी प्रकार की एडिटिंग, टैंपरिंग, डीपफेक तकनीक या एआई के जरिए छेड़छाड़ का कोई प्रमाण नहीं मिला और वीडियो को वास्तविक पाया गया। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब ने एक हुक्मनामा जारी करते हुए कहा कि कोई सिख भगवंत मान से मेलजोल न रखे और उन्हें धार्मिक रूप से बहिष्कृत माना जाए।

पार्टी नेताओं ने कहा कि अब यह मामला केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब के लोगों और सिख समुदाय के सामने किए गए दावों की सत्यता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म में गुरु साहिबानों, भक्तों, शहीदों और संत-महापुरुषों का सम्मान केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सिख जीवन का मूल सिद्धांत है। ऐसे मामलों में उठने वाले आरोप और संदेह पूरे सिख समुदाय की भावनाओं को गहराई से प्रभावित करते हैं।

उन्होंने कहा कि कानून और न्याय के सिद्धांत यह मांग करते हैं कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न हो, जांच और जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकता। नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करते हुए यह भी कहा कि उनकी सरकार द्वारा पहले बनाए गए बेअदबी संबंधी कानूनों के तहत उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

जिला लुधियाना की पांच सदस्यीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य कुलविंदर सिंह चंदी, अजीत सिंह बल्ल और हरभजन सिंह इयाली सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं तथा महिला विंग की राष्ट्रीय महासचिव साजिया परवीन ने कहा कि यह स्थिति समूचे सिख समुदाय, नानक नाम लेवा संगतों और आम लोगों के लिए गहरी पीड़ा और चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात पंजाब के लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और कमजोर कर सकता है।

उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए तथा इसकी जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से करवाई जाए। साथ ही जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर पद से इस्तीफा लेने की मांग भी की गई, ताकि जांच किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो सके। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए और पंजाब के लोगों को उनके सवालों के जवाब मिलने चाहिए।

यह विरोध प्रदर्शन जत्थेदार जसवंत सिंह चीमा, राजीव कुमार लवली और संदीप सिंह रुपालों के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसमें एडवोकेट इंदरजीत सिंह, महिला विंग की संयुक्त सचिव बीबी हरप्रीत कौर अकालगढ़, कुलविंदर सिंह चंदी, हरभजन सिंह इयाली, मलकीत सिंह बल्ल, शमशेर सिंह लाडोवाल, भोला सिंह मंगली, बलविंदर सिंह भिंदा, तलविंदर सिंह माछिया, गोपी कनेजा, कुलदीप सिंह मंगली, कुलदीप सिंह तलवंडी, तेजिंदरपाल सिंह तेजी, जगतार सिंह हंबड़ा, परमजीत सिंह हंबड़ा, लखविंदर सिंह हंबड़ा, हरजीत सिंह बाबा रायकोट, महिबूब स्टूडियो वाले, जसपाल सिंह जस सिद्धवां, चौधरी अवतार सिंह लड्डू जगराओं, सुखविंदर सिंह खालसा राऊवाल, जसवीर सिंह जस्सी जगराओं, जसप्रीत सिंह जस्सी ढिल्लो, पूर्व सरपंच बलदेव सिंह सलेमपुरा टिब्बा, मनजीत सिंह मंड बंगसीपुरा, जरनैल सिंह कुरशैदपुरा, जगदीश सिंह गगड़ा, रणजीत सिंह सोनू, गुरदीप कौर, हरप्रीत कौर, गुरप्रीत सिंह काउंके, खालसा बोहड़ सिंह काउंके, शमशेर सिंह खालसा जगराओं, रणजोध सिंह खालसा, जसवीर सिंह खालसा, इंदरजीत सिंह खालसा सहित अनेक नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नाभा की बाहरी कॉलोनियों में फूटा लोगों का गुस्सा, AAP सरकार और MLA देव मान पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप

नाभा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : चेतन मेहता

सीवरेज, सड़क और पीने के पानी की मांग को लेकर बड़ी सभा, ढाई करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच की उठी मांग

नाभा की बाहरी कॉलोनियों के लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान लोगों ने एक बड़ी सभा कर आम आदमी पार्टी सरकार और नाभा के विधायक देव मान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लोगों का आरोप है कि चुनाव से पहले कॉलोनियों को नगर परिषद में शामिल करने और विकास कार्य करवाने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन जीत के बाद उनकी कोई सुध नहीं ली गई।

सभा में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन जस्सी सोहियांवाला भी पहुंचे, जहां लोगों ने उनके सामने सीवरेज, पक्की सड़कों और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग उठाई। इतना ही नहीं, लोगों ने पिछली सरकार के समय कॉलोनियों में विकास कार्यों के नाम पर पास हुए करीब ढाई करोड़ रुपये के खर्च की जांच की भी मांग की। वहीं जस्सी सोहियांवाला ने लोगों की समस्याओं के जल्द समाधान और कथित घोटाले की जांच का भरोसा दिया।

विवादित बयान पर रवनीत सिंह बिट्टू ने मांगी माफी, बोले- किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत करना मेरा उद्देश्य नहीं

अमृतसर / सत्ता संदेश

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने अपने हाल ही में दिए गिए विवादित बयान पर माफी मांगी। बिट्टू ने कहा कि अगर उनके मुंह से निकले कुछ शब्दों की वजह से किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। तो वह दिल से अफसोस जताते हैं और इस बात का खास ध्यान रखेंगे कि भविष्य में ऐसी गलती न हो। उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि उनका कभी भी किसी SC, OBC, हिंदू, सिख या किसी अन्य समुदाय को नीचा दिखाने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि जिस दौरान ये विवादित शब्द बोले गए। उस दौरान माहौल बहुत गरम था और पुलिस और दूसरे लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी।


रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि वह लंबे समय से ऐसे चुनाव क्षेत्रों से जनप्रतिनिधि रहे हैं, जहां SC समुदाय की आबादी ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार और राजनीतिक जीवन में हमेशा हर वर्ग और समुदाय का सम्मान किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि वह हर समुदाय के साथ अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं और सामाजिक सद्भाव को मज़बूत करने के लिए काम करते रहे हैं।
बिट्टू ने कहा कि अगर उनके किसी बयान से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह सभी सामाजिक संगठनों, NGO, डेरों और धार्मिक नेताओं से भी माफ़ी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी धार्मिक जगह या कैंप में जाकर भी अपना अफ़सोस ज़ाहिर करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का बोझ है कि उनकी बातों को गलत तरीके से लिया गया।


पंजाब BJP की लीडरशिप के बारे में कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयानों के बारे में पूछे जाने पर बिट्टू ने कहा कि सभी नेता पार्टी हाईकमान के फ़ैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब की राजनीति के एक अनुभवी और सीनियर नेता हैं, जिनका सम्मान करना सबका फ़र्ज़ है। उनके मुताबिक, सीनियर नेता हमेशा गाइडेंस देते हैं और उनकी राय को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।


पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए बिट्टू ने कहा कि राज्य में गैंगस्टरवाद और आपराधिक गतिविधियां चिंता का विषय हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले भी कई गंभीर घटनाएं हुई हैं, जिनमें पुलिस कर्मियों पर हमले और हथियार लूटने की घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की ज़रूरत है और समाज के हर वर्ग को कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब भी पुलिस अपराधियों के खिलाफ़ कार्रवाई करती है, तो कई बार उन्हें अलग-अलग लेवल पर विरोध का सामना करना पड़ता है, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मुश्किलें आती हैं। बिट्टू ने तर्क दिया कि पंजाब को अपराध और गैंगस्टरवाद से मुक्त करने के लिए मज़बूत और निर्णायक कदम उठाने की ज़रूरत है।

कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी स्थिति के बारे में एक सवाल के जवाब में बिट्टू ने कहा कि पार्टी के अंदर चल रहे विवाद और नेताओं के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग नेताओं द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दिए जा रहे बयान इस बात का संकेत हैं कि पार्टी में एकता की कमी है।
अपने भाषण के आखिर में, बिट्टू ने दोहराया कि वह समाज के हर वर्ग का सम्मान करते हैं और उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह अपने शब्दों को और सोच-समझकर चुनेंगे ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्र सरकार को घेरा

अमृतसर / सत्ता संदेश

पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने अमृतसर में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व मंत्री और पूर्व MLA डॉ. राज कुमार वेरका ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए और आम लोगों को हो रही आर्थिक मुश्किलों का मुद्दा उठाया।


मीडिया से बात करते हुए डॉ. राज कुमार वेरका ने कहा कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें चरम पर पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई ने आम लोगों की ज़िंदगी पर बुरा असर डाला है। उन्होंने दावा किया कि घर का बजट बिगड़ गया है और बढ़ते खर्चों से लोग परेशान हैं।


डॉ. वेरका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA सरकार के दौरान रसोई गैस और पेट्रोल की कीमतें कम थीं, तो BJP सरकार की तीखी आलोचना करती थी। उन्होंने कहा कि आज जब ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, तो केंद्र सरकार लोगों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण किसान, युवा और आम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।


पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोगों के मुद्दों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि देश के लोग बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबाव से तंग आ चुके हैं। डॉ. वेरका ने अपने भाषण के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय देश की अर्थव्यवस्था मजबूत थी और वैश्विक आर्थिक संकट के बावजूद भारत ने स्थिरता बनाए रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए और महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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टांडा नगर काउंसिल चुनाव में AAP का दबदबा, 15 में से 10 वार्डों पर जीत


होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: जसप्रीत सिंह सैनी


पंजाब के होशियारपुर जिले के टांडा उड़मुड़ नगर काउंसिल चुनाव में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 15 में से 10 वार्डों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार 5 वार्डों में विजयी रहे। मतगणना शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। 26 मई को हुए नगर काउंसिल चुनाव की मतगणना 29 मई को पूरी की गई। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर एवं अतिरिक्त जिला चुनाव अधिकारी निकास कुमार ने बताया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुचारू ढंग से संपन्न हुई।

मतगणना के परिणामों के अनुसार वार्ड नंबर 1 और 2 से कांग्रेस उम्मीदवार हिना वैद और बलदेव राम विजयी रहे। वार्ड नंबर 3 से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार सरोज बाला ने जीत हासिल की। वार्ड नंबर 4 और 5 से कांग्रेस के उम्मीदवार दविंदर सिंह और गुरप्रीत कौर ने बाजी मारी।
वहीं वार्ड नंबर 6 से सेठ राम, वार्ड नंबर 7 से नरेंद्र कौर, वार्ड नंबर 8 से हरमीत सिंह वड़ैच, वार्ड नंबर 10 से प्रवीण खन्ना, वार्ड नंबर 11 से गुरबख्श कौर, वार्ड नंबर 12 से हरी कृष्ण, वार्ड नंबर 13 से परमिंदर कौर, वार्ड नंबर 14 से मनजीत कौर और वार्ड नंबर 15 से जसवंत कौर आम आदमी पार्टी के टिकट पर विजयी रहे।

वार्ड नंबर 9 से कांग्रेस उम्मीदवार प्रीतपाल कौर ने जीत दर्ज की। इस तरह कुल 15 वार्डों में से आम आदमी पार्टी ने 10 और कांग्रेस ने 5 सीटों पर कब्जा जमाया।