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अदालत ने RG Kar रेप-मर्डर केस में सीबीआई की विशेष जांच टीम गठित करने के दिए निर्देश

कोलकाता / सत्ता संदेश

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आरजी कर रेप और हत्या मामले में बृहस्पतिवार को सीबीआई की तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया। यह टीम प्रशिक्षु डॉक्टर के नौ अगस्त 2024 की रात भोजन करने से लेकर उनके अंतिम संस्कार तक की पूरी घटनाक्रम की जांच करेगी।

गौरतलब है कि नौ अगस्त 2024 की रात अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था।

मामले में आरोप लगाए गए हैं कि घटना के बाद सबूत मिटाने और पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिश की गई थी।

न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने कहा कि सीबीआई के संयुक्त निदेशक (पूर्वी क्षेत्र) इस एसआईटी का नेतृत्व करेंगे। टीम के बाकी दो सदस्यों की नियुक्ति अदालत के आदेश के 48 घंटे के भीतर की जाएगी।

अदालत ने कहा कि इस बेहद गंभीर और संवेदनशील घटना के सामाजिक प्रभावों को देखते हुए एसआईटी को सबूत नष्ट करने और मामले को दबाने के आरोपों की भी जांच करनी होगी।

पीठ ने एसआईटी को निर्देश दिया कि वह प्रशिक्षु डॉक्टर के अस्पताल में भोजन करने से लेकर अगले दिन शाम को हुए अंतिम संस्कार तक की हर गतिविधि की विस्तार से जांच करे। अदालत ने टीम को 25 जून तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी होगी।

पीड़िता के माता-पिता ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर अपनी बेटी के साथ हुए बलात्कार और हत्या की व्यापक जांच की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि इस जघन्य अपराध में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं।

इस मामले में नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को प्रशिक्षु डॉक्टर से बलात्कार और हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

“बिहार में नीट अभ्यर्थी की मौत: मामले की जांच अब सीबीआई से कराने की सिफारिश”

बिहार नीट अभ्यर्थी सीबीआई

पटना, 31 जनवरी (भाषा) बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने पटना में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की हाल ही में हुई मौत मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश की है।

बिहार पुलिस का एक विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रहा है।

जहानाबाद की रहने वाली छात्रा इस महीने की शुरुआत में पटना के चित्रगुप्त नगर में अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी, कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। छात्रा के परिवार ने उसका यौन उत्पीड़न होने और अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

चौधरी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से पटना में नीट छात्रा की हत्या के मामले (केस नंबर- 14/26) की जांच सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया है। इस घटना का पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से खुलासा होना चाहिए।’’

उपमुख्यमंत्री के पास गृह विभाग भी है।

छात्रा के माता-पिता ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य पुलिस यौन उत्पीड़न की बात से इनकार करके और इसे आत्महत्या का मामला बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका को खारिज नहीं किया गया और यह नतीजा पुलिस के शुरुआती दावे से अलग है कि मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज ने यौन उत्पीड़न की बात को खारिज कर दिया है। इस मामले में छात्रा के हॉस्टल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है।