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लुधियाना: गुरु नानक पब्लिक स्कूल के समारोह में पहुंचे कुलतार सिंह संधवान, मेधावी छात्र सम्मानित

लुधियाना के गुरु नानक पब्लिक स्कूल की 47वीं वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और शिक्षा, पंजाबी मातृभाषा व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

“विद्यार्थियों का भविष्य संवारने में शिक्षकों की अहम भूमिका” — मेधावी छात्रों को किया सम्मानित, पंजाबी मातृभाषा और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक न केवल बच्चों को किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि उनमें नैतिक मूल्यों, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।

वे लुधियाना स्थित गुरु नानक पब्लिक स्कूल के 47वें वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर डॉ. मुकेश कुमार अरोड़ा, जीएनपीएस कमेटी के अध्यक्ष जसबीर सिंह रयात और स्कूल की प्रिंसिपल दर्शप्रीत कौर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए कुलतार सिंह संधवान ने विद्यार्थियों को मेहनत, लगन और समर्पण के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सफलता की कुंजी है। विद्यार्थियों को स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा हासिल करनी चाहिए और अपने ज्ञान व प्रतिभा का उपयोग समाज की भलाई के लिए करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को ऐसे रचनात्मक कार्य करने की सलाह दी, जिनसे वे समाज में अपनी अलग पहचान बना सकें।

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने ICSE और ISC परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में योग की शानदार प्रस्तुति के माध्यम से स्वस्थ जीवन का संदेश दिया गया। वहीं, मोबाइल फोन के अनावश्यक इस्तेमाल के दुष्प्रभावों को दर्शाते नाटक ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा झूमर, कथक फ्यूजन, गिद्दा और भांगड़ा की प्रस्तुतियों ने पंजाबी संस्कृति की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया।

विद्यार्थियों ने एक साइलेंट प्ले के माध्यम से प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश भी दिया। इन प्रस्तुतियों के जरिए बच्चों ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व को उजागर किया।

कुलतार सिंह संधवान ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनकी मेहनत और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने बदलते समय में पंजाबी मातृभाषा को संरक्षित करने और इसे बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी मातृभाषा से जुड़े रहने तथा इसके सम्मान और गौरव को बनाए रखने की अपील की।

समारोह के अंत में स्कूल की प्रिंसिपल दर्शप्रीत कौर ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले अभिभावकों, शिक्षकों और सभी स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

गुरु नानक पब्लिक स्कूल का यह वार्षिक समारोह शैक्षणिक उपलब्धियों, कला, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का सुंदर संगम रहा, जिसमें विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मकता की झलक देखने को मिली।

खन्ना: मेगा PTM के जरिए सरकारी स्कूलों की पढ़ाई का स्तर होगा बेहतर, मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने किया स्कूलों का दौरा

खन्ना में कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दो सरकारी स्कूलों में मेगा PTM के दौरान विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत की। ललहेड़ी स्कूल में साइंस लैब के निर्माण कार्य का उद्घाटन किया।

खन्ना / लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित मेगा पेरेंट-टीचर मीटिंग (मेगा PTM) कार्यक्रम के तहत खन्ना के दो सरकारी स्कूलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत की तथा शिक्षा व्यवस्था में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी के महत्व पर जोर दिया।

कैबिनेट मंत्री ने अमलोह रोड स्थित राघववीर सिंह फ्रीडम फाइटर पीएम श्री गवर्नमेंट हाई स्कूल और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल, ललहेड़ी का दौरा किया। उन्होंने कहा कि मेगा PTM का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन करना नहीं, बल्कि उनके मानसिक, नैतिक और सामाजिक विकास को भी सुनिश्चित करना है।

सौंद ने कहा कि बच्चे किसी भी देश और समाज की सबसे मूल्यवान संपत्ति होते हैं। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाना जरूरी है। शिक्षा समाज की प्रगति का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए माता-पिता तथा शिक्षकों की संयुक्त भूमिका अहम है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कदम उठा रही है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर ऊंचा उठाने और विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा की सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मेगा पेरेंट-टीचर मीटिंग के माध्यम से माता-पिता और शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होता है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, प्रदर्शन और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा करने के साथ उनकी जरूरतों को समझने तथा समय रहते सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलती है।

उन्होंने विद्यार्थियों की तुलना बिना तराशे हीरों से करते हुए कहा कि उचित मार्गदर्शन, मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से उनकी प्रतिभा को निखारा जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर काम करने तथा उनके सर्वांगीण विकास में योगदान देने की अपील की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल, ललहेड़ी में साइंस लैब के निर्माण कार्य का उद्घाटन भी किया।

कार्यक्रम में मार्केट कमेटी खन्ना के चेयरमैन जगतार सिंह गिल, जिला परिषद सदस्य मास्टर अवतार सिंह दैहिरू, ओएसडी करण अरोड़ा, वार्ड नंबर 8 के पार्षद राज लखिया, अमनदीप सिंह पूरेवाल, पुनीत खट्टर सहित स्कूलों के शिक्षक, स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्य, विद्यार्थी और उनके अभिभावक मौजूद रहे।

चंडीगढ़ :180 ETT शिक्षकों का प्रदर्शन, सेक्टर-39 में सिसोदिया के आवास के बाहर पहुंचे

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के करीब 180 ETT शिक्षकों और उनके परिवारों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया। शुक्रवार को शिक्षक सेक्टर-30 में एकत्र हुए और बाद में सेक्टर-39 स्थित आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया के आवास की ओर बढ़े। शिक्षकों की मांगों में भर्ती से जुड़े मामलों, सेवा में बहाली और वेतनमान समेत अन्य मुद्दे शामिल हैं।

प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला है। इससे पहले 22 अगस्त को भी 180 ETT शिक्षकों और उनके परिवारों ने चंडीगढ़ में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।

शिक्षकों का आरोप है कि उनकी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवाद के कारण उन्हें लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला 2016 की भर्ती से जुड़ा है और शिक्षक भर्ती में कथित अनियमितताओं, बहाली तथा अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

सेक्टर-39 के सरकारी आवासों को लेकर भी सियासी सवाल

प्रदर्शन के बीच चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित सरकारी आवासों को लेकर पंजाब की राजनीति में पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सेक्टर-39 का सरकारी बंगला नंबर 960 पहले पंजाब कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह को आवंटित किया गया था और बाद में इसे मनीष सिसोदिया से जोड़ा गया। हालांकि सरकारी आवासों के आवंटन और इस्तेमाल को लेकर सामने आए दावों पर आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के स्पष्टीकरण को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने सरकारी आवासों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि आम आदमी पार्टी से जुड़े नेताओं ने उनके आरोपों को खारिज किया है। इसी विवाद के बीच सेक्टर-39 में ETT शिक्षकों का प्रदर्शन राजनीतिक तौर पर भी चर्चा में आ गया है।

शिक्षकों का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेकर उन्हें राहत देनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि लंबे समय से लंबित भर्ती और सेवा संबंधी मामलों का समाधान आखिर कब होगा।

पंजाब में टीचर्स को नॉन-एकेडमिक ड्यूटी से राहत, स्कूल ऑफ एमिनेंस के प्रिंसिपल्स और शिक्षकों ने फैसले का किया स्वागत

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों, विशेषकर स्कूल ऑफ एमिनेंस, के शिक्षकों को नॉन-एकेडमिक और अतिरिक्त ड्यूटी से राहत देने के फैसले का शिक्षकों और प्रिंसिपल्स ने स्वागत किया है। शिक्षकों का कहना है कि इस फैसले से अब उनका अधिक समय क्लासरूम में बीतेगा और वे विद्यार्थियों की पढ़ाई, रिवीजन और परीक्षा की तैयारी पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेंगे।

स्कूल ऑफ एमिनेंस, मॉल रोड अमृतसर की प्रिंसिपल मंदीप कौर ने सरकार के फैसले के लिए आभार जताते हुए कहा कि जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों से नॉन-एकेडमिक ड्यूटी न ली जाए। उन्होंने बताया कि उनके स्कूल के करीब 8 से 10 शिक्षक BLO और SIR जैसी ड्यूटी में लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव और अन्य राष्ट्रीय स्तर के कार्य जरूरी हैं, लेकिन शिक्षकों को इन ड्यूटी से राहत मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई को सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि परीक्षाएं नजदीक हैं और ऐसे समय में शिक्षकों की क्लासरूम में मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण है। इससे विद्यार्थी रिवीजन, गाइडेंस और परीक्षा की तैयारी पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे।

गैर-शैक्षणिक ड्यूटी से पढ़ाई का सिलसिला होता है प्रभावित

स्कूल ऑफ एमिनेंस में लंबे समय से कार्यरत शिक्षिका मंदीप कौर ने कहा कि जब शिक्षकों को नॉन-एकेडमिक कार्यों के लिए स्कूल से बाहर भेजा जाता है, तो शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच पढ़ाई का सिलसिला प्रभावित होता है। कई बार शिक्षक कई दिनों या हफ्तों तक बाहरी ड्यूटी में व्यस्त रहते हैं, जिससे संबंधित विषय का क्रम टूट जाता है।

उन्होंने कहा कि खासकर टर्मिनल और फाइनल परीक्षाओं से पहले विद्यार्थियों को शिक्षकों की रिवीजन और मार्गदर्शन के लिए जरूरत होती है। ऐसे समय में शिक्षकों की गैरमौजूदगी का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।

शिक्षकों की मौजूदगी से विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ

बायोलॉजी लेक्चरर प्रतिभा मिश्रा ने कहा कि शिक्षक की प्राथमिक जिम्मेदारी विद्यार्थियों को पढ़ाना और उनके साथ संवाद करना है। नॉन-एकेडमिक जिम्मेदारियों से राहत मिलने के बाद शिक्षक अधिक एकाग्रता के साथ अपनी शिक्षण जिम्मेदारी निभा सकेंगे।

इंग्लिश लेक्चरर सदर शर्मा ने कहा कि कई बार स्कूल का बड़ा हिस्सा बाहरी ड्यूटी पर चला जाता है, जिससे स्कूल का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और व्यक्तिगत संवाद की भी जरूरत होती है।

शिक्षकों का कहना है कि क्लासरूम में नियमित मौजूदगी से विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके अनुशासन, आत्मविश्वास और समग्र विकास पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन ने पंजाब सरकार के इस आदेश को शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों के शैक्षणिक कार्य पर फोकस बढ़ाने वाला कदम बताया है।

गुरदासपुर : निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा के छात्र पर शराब लाने का आरोप, रेस्टिगेट करने के मामले में स्कूल प्रबंधन ने रखा पक्ष

गुरदासपुर के निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा के छात्र पर स्कूल में शराब लाने का आरोप और रेस्टिगेशन का मामला सामने आया है। स्कूल प्रबंधन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा, जबकि मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं।

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

गुरदासपुर शहर के एक नामी निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा के छात्र को स्कूल में शराब लाने के आरोप में रेस्टिगेट किए जाने का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। छात्र के अभिभावकों ने पहले स्कूल प्रबंधन पर उनके बच्चे पर पानी की बोतल में शराब लाने का झूठा आरोप लगाने का आरोप लगाया था। इस मामले को लेकर अभिभावकों ने शिक्षा अधिकारियों, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री तक शिकायत की थी, जिसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से मामले की जांच शुरू की गई।

अब मामले में एचआरए स्कूल प्रबंधन ने भी अपना पक्ष सामने रखा है। स्कूल की वाइस प्रिंसिपल नवदीप कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि बच्चे ने खुद स्कूल में बीयर लेकर आने की बात स्वीकार की थी। उनके अनुसार, इसके बाद संबंधित शिक्षिका ने मामले की जांच की और स्कूल प्रबंधन के मुताबिक बच्चे के पास शराब होने की पुष्टि होने पर उसके अभिभावकों को स्कूल बुलाया गया।

स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि बच्चे की गलती स्वीकार कर उसे सुधारने के बजाय अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए। इसके बाद बच्चे को अस्थायी तौर पर स्कूल आने से रोकने का निर्णय लिया गया।

वाइस प्रिंसिपल नवदीप कौर ने यह भी आरोप लगाया कि अभिभावकों की ओर से मामले को सोशल मीडिया पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और स्कूल प्रबंधन पर गलत आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि एचआरए स्कूल लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाए हुए है और स्कूल प्रबंधन मामले की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग करेगा।

वहीं, अभिभावकों द्वारा सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करवाने की मांग पर स्कूल प्रबंधन ने कहा कि फुटेज सार्वजनिक नहीं की जाएगी। हालांकि, स्कूल के मुताबिक जांच अधिकारी की आवश्यकता होने पर संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करवाई जाएगी।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चे को रेस्टिगेट करने से पहले निर्धारित नियमों का पालन किया गया था और इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को भी लिखित रूप से जानकारी दी गई थी। स्कूल ने किसी भी नियम के उल्लंघन से इनकार किया है।

फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की जा रही है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में वास्तविक स्थिति क्या थी और स्कूल की कार्रवाई नियमों के अनुरूप थी या नहीं।

मेगा PTM में उमड़े अभिभावक, शिक्षा सुधारों पर MLA अशोक पराशर पप्पी ने साझा किए विचार

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार की तरफ़ से एजुकेशन सेक्टर में किए जा रहे सुधार के कामों और एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस की लीडरशिप में मेगा PTM (पेरेंट्स-टीचर मीटिंग) कैंपेन के तहत आज लुधियाना ज़िले के सभी सरकारी स्कूलों में मेगा PTM कामयाबी से ऑर्गनाइज़ की गई।

MLA अशोक पराशर पप्पी ने लुधियाना के सेंट्रल सब-डिस्ट्रिक्ट के तहत स्कूल ऑफ़ एमिनेंस (इस्लामिया स्कूल) में टीचर-पेरेंट्स मीटिंग में हिस्सा लिया।

इस मौके पर MLA पराशर ने स्टूडेंट्स के अच्छे भविष्य के लिए टीचर्स और पेरेंट्स के साथ अपने विचार शेयर किए और एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस के साइन किए हुए स्पेशल तारीफ़ लेटर उन मेधावी स्टूडेंट्स, टीचर्स और दूसरे स्टाफ़ मेंबर्स को बांटे गए जिन्होंने स्कूलों के कामकाज में असरदार तरीके से योगदान दिया है। इनमें मिड-डे मील वर्कर्स, सिक्योरिटी गार्ड्स, कैंपस मैनेजर्स, स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों के मेंबर्स और दूसरे लोग शामिल हैं जिन्होंने पूरे एकेडमिक साल में बहुत अच्छी सेवा और लगन दिखाई है।

इस दौरान पेरेंट्स और स्टूडेंट्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्कूलों में मौजूद सुविधाओं, पढ़ाई के स्टैंडर्ड और बच्चों की प्रोग्रेस के बारे में जानकारी ली।

मेगा PTM के दौरान MLA पप्पी ने पेरेंट्स से सीधे बातचीत की और स्टूडेंट्स की एकेडमिक परफॉर्मेंस, को-करिकुलर एक्टिविटीज़ और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चों के ऑल-राउंड डेवलपमेंट के लिए पेरेंट्स, टीचर्स और स्टूडेंट्स के बीच लगातार संपर्क बहुत ज़रूरी है।

उन्होंने कहा कि मेगा PTM के ज़रिए पेरेंट्स से मिला फीडबैक एजुकेशन सिस्टम को और मज़बूत और असरदार बनाने में मददगार साबित होता है। इससे बच्चों की ज़रूरतों, रुचियों, समस्याओं और उनके भविष्य की उम्मीदों को समझने का मौका मिलता है, जिसके आधार पर उनके बेहतर भविष्य के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाता है।

MLA अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र को दी जा रही प्राथमिकता और सरकारी स्कूलों में किए जा रहे सुधारों से लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सुविधाओं और अच्छी शिक्षा के कारण अब बड़ी संख्या में माता-पिता अपने बच्चों का एडमिशन सरकारी स्कूलों में करवा रहे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान ने भरोसा दिलाया कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक छात्रों को अच्छी शिक्षा देने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं, ताकि छात्र हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकें और अपने माता-पिता, स्कूल, जिले और पंजाब का नाम रोशन कर सकें।