ब्रेकिंग न्यूज़
जनगणना 2027: चंडीगढ़ में मकान सूचीकरण कार्य 100% पूर्ण

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

जनगणना संचालन निदेशालय, चंडीगढ़ को यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण ब्लॉक (House Listing Block – HLB) कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।

29 मई की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के सभी 2,054 मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLBs) का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिससे चंडीगढ़ के सभी 10 जनगणना प्रभारों (Census Charges) में 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हुई है।

यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्रगणकों (Enumerators), पर्यवेक्षकों (Supervisors), चार्ज अधिकारियों (Charge Officers) तथा अन्य जनगणना कर्मियों के समर्पित प्रयासों से संभव हो सकी है, जिन्होंने मकान सूचीकरण कार्य को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए अथक परिश्रम किया। निरंतर निगरानी तथा प्रभावी क्षेत्रीय समन्वय ने इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस उपलब्धि पर जनगणना संचालन निदेशक, चंडीगढ़, डॉ. नवजोत खोसा, आईएएस, तथा प्रधान जनगणना अधिकारी, चंडीगढ़, निशांत कुमार यादव ने इस कार्य में लगे सभी अधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और कठिन परिश्रम की सराहना की। उन्होंने चंडीगढ़ के नागरिकों द्वारा प्रदान किए गए पूर्ण सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया, जिसके कारण इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफलतापूर्वक सम्पन्न किया जा सका।

जनगणना संचालन निदेशालय, चंडीगढ़ अब जनगणना 2027 के अगले चरण अर्थात जनसंख्या गणना (Population Enumeration) के लिए पूर्णतः तैयार है, जिसका शुभारंभ फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। इसके सुचारु एवं सफल क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ की जा रही हैं।

जनगणना विभाग इस कार्य में सहयोग एवं सहभागिता प्रदान करने वाले सभी हितधारकों तथा नागरिकों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता है। विभाग जनगणना 2027 के आगामी चरणों में उच्चतम डेटा गुणवत्ता, कार्यकुशलता तथा जनसेवा के मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

चंडीगढ़, जनगणना 2027, जनगणना प्रभार, मकान सूचीकरण ब्लॉक, पंजाब समाचार, ब्रेकिंग न्यूज,

*पंजाब के मुख्य सचिव ने मिसाल कायम करके नागरिकों से जनगणना 2027 के स्व-गणना अभियान में शामिल होने का आग्रह किया*

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 1 मई 2026: पंजाब के मुख्य सचिव, श्री के ए पी सिन्हा आईएएस, ने अपने आवास पर ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी की।

इस प्रक्रिया को श्री मंजीत सिंह ब्रार, प्रशासनिक सचिव, स्थानीय शासन विभाग, और डॉ. नवजोत खोसा, निदेशक, जनगणना संचालन निदेशालय, पंजाब एवं चंडीगढ़, द्वारा सुगम बनाया गया।

उन्होंने राज्य के सभी निवासियों से राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की, इसे एक नागरिक जिम्मेदारी बताते हुए, जो सार्वजनिक आवश्यकताओं का आकलन करने, संसाधनों के न्यायसंगत आवंटन को सुनिश्चित करने, और सुशासन को मजबूत करने में मदद करती है। उन्होंने आगे आग्रह किया कि हर परिवार की गणना हो, हर किसी से पहुंच बनाई जाए और कोई भी पीछे न छूटे।

मुख्य सचिव ने कहा कि सक्रिय जनभागीदारी एक अधिक मजबूत, अधिक समावेशी और विकसित भारत के निर्माण में मदद करेगी। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि विश्वसनीय जनगणना डेटा स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, कल्याणकारी योजनाओं, और विकास नीतियों की योजना का आधार बनता है, जिससे स्व-गणना विकसित भारत के विज़न को साकार करने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन जाती है।

स्व-गणना, जनगणना 2027 की एक प्रमुख विशेषता है और इसे पंजाब राज्य में 30 अप्रैल, 2026 से 14 मई, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यह व्यक्तियों को अपने घरों में आराम से ऑनलाइन अपने जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक विवरण सुविधापूर्वक प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है। इसके महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि एक विश्वसनीय और समावेशी जनगणना के संचालन के लिए स्व-गणना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह नागरिकों को अपने परिवार, समुदाय, और क्षेत्र के सटीक प्रतिनिधित्व के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण में सीधे योगदान देने का अवसर देती है। यह पहल भौतिक संपर्क की आवश्यकता को उल्लेखनीय रूप से कम करती है, जबकि डेटा संग्रह की दक्षता, कवरेज, और विश्वसनीयता को बढ़ाती है। इसके बाद 15 मई, 2026 से 13 जून, 2026 तक गृह सूचीकरण चरण आयोजित किया जाएगा।

सभी निवासियों से आग्रह किया जाता है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाएं और जनगणना 2027 की सफलता में पूरे मन से योगदान दें। उनकी सक्रिय भागीदारी एक व्यापक और विश्वसनीय राष्ट्रीय डेटाबेस के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो सूचित निर्णय-निर्माण और भविष्य की योजना के लिए आवश्यक है।

पंजाब में 30 अप्रैल से शुरू होगा जनगणना 2027 का पहला चरण

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

जनगणना 2027 के चरण-I (हाउसलिस्टिंग और आवासीय जनगणना) तथा स्व-गणना की शुरुआत पर विशेष जोर देते हुए मीडिया को जानकारी देने के लिए, पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के जनगणना संचालन निदेशालय की निदेशक डॉ. नवजोत खोसा आईएएस और पंजाब के स्थानीय सरकार विभाग के प्रशासकीय सचिव श्री मनजीत सिंह बराड़ आईएएस द्वारा एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। भारत में जनगणना जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के तहत की जाती है। जनगणना 2027 भारत में 16वीं जनगणना होगी और स्वतंत्रता के बाद आठवीं। पिछली जनगणना 2011 में की गई थी, जबकि 2021 की जनगणना को कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था।

यह जानकारी दी गई कि जनगणना का डेटा सामाजिक-आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी के एक व्यापक स्रोत के रूप में काम करता है और विकास योजना, कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। चरण-I, जिसमें 30 अप्रैल, 2026 से 14 मई, 2026 तक स्व-गणना और इसके बाद 15 मई, 2026 से 13 जून, 2026 तक घर-घर जाकर जनगणना शामिल है और चरण-II जनसंख्या गणना, 9 फरवरी, 2027 से 28 फरवरी, 2027 तक निर्धारित है। चरण-I का ध्यान आवास की स्थिति, सुविधाओं और परिसंपत्तियों पर रहेगा और यह जनसंख्या गणना चरण के लिए आधार का काम करेगा।

डॉ. नवजोत खोसा ने बताया कि जनगणना 2027 पहली बार डिजिटल मोड में मोबाइल एप्लिकेशन के साथ-साथ ऑनलाइन पोर्टल (https://se.census.gov.in) के माध्यम से स्व-गणना शुरू करने के साथ आयोजित की जाएगी। लोग निर्धारित अवधि के दौरान अपना विवरण भरकर जमा करने पर एक अद्वितीय स्व-गणना संदर्भ आईडी प्राप्त करेंगे, जिसे क्षेत्र सत्यापन के दौरान गणना करने वाले कर्मचारी के साथ साझा किया जाएगा। जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी की जाएगी और मकान सूचीकरण ब्लॉक के निर्माण के लिए वेब-आधारित मैपिंग का उपयोग किया गया है।

मनजीत बराड़, जनगणना के राज्य नोडल अधिकारी, ने सूचित किया कि व्यापक प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें पूरे राज्य में मकान सूचीकरण ब्लॉक का निर्माण और अनुमानित 67,000 गणना करने वाले कर्मचारियों तथा पर्यवेक्षकों (आरक्षित सहित) की नियुक्ति शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि जनगणना कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण एक व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से किया गया है। पंजाब में, 52 मास्टर प्रशिक्षकों (राज्य से 36 और डीसीओ, पंजाब से 16) और 932 फील्ड प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। गणना करने वाले कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 16 अप्रैल से 9 मई 2026 तक राज्य भर के विभिन्न स्थानों पर चल रहा है, जो जनगणना कार्य के सुचारु और प्रभावी संचालन के लिए तैयारी सुनिश्चित करता है।

मीडिया की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा गया कि मीडिया लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। मीडिया से जन जागरूकता फैलाने, सार्वजनिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने और गलत सूचना, विशेष रूप से अंकीय गणना और डेटा की गोपनीयता से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया गया था। निवासियों से जनगणना में सक्रिय रूप से भाग लेने, सटीक जानकारी प्रदान करने और गणना करने वालों को पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया गया। यह दोहराया गया कि एकत्र की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

जनगणना 2027 के लिए एक राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (1855) पंजाब में 30.04.2026 से जनता को स्वयं-जनगणना, मकान सूचीकरण अभियानों और शिकायत निवारण से संबंधित प्रश्नों में सहायता करने के लिए चालू रहेगा।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की स्व-गणना, नागरिकों से जनगणना 2027 में भागीदारी की अपील

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

हरियाणा में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियां तेज़ हो गई हैं और इसके प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं आवास गणना” के तहत स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने स्वयं स्व-गणना पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर एक प्रेरणादायक पहल की है।

मुख्य सचिव द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देता है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। जनगणना किसी भी देश के विकास की आधारशिला होती है, जिससे सरकार को योजनाएं बनाने और संसाधनों का सही वितरण करने में मदद मिलती है।

इस अवसर पर जनगणना निदेशालय हरियाणा के निदेशक डॉ. ललित जैन और विशेष सचिव राजस्व हरियाणा हेमा शर्मा भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि स्व-गणना प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर स्व-गणना पोर्टल पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज करें। इससे न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि डेटा की शुद्धता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

सरकार का उद्देश्य है कि जनगणना 2027 को तकनीकी रूप से सशक्त और अधिक सहभागिता वाला बनाया जाए, ताकि हर नागरिक की सही और पूरी जानकारी दर्ज हो सके। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान सफल होगा और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

*यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव ने ऑनलाइन स्व-गणना कर डिजिटल जनगणना को बढ़ावा दिया।जनगणना 2027 में नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान।*

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 16 अप्रैल। जनगणना 2027 में डिजिटल भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव H. Rajesh Prasad ने आज ऑनलाइन जनगणना पोर्टल के माध्यम से सफलतापूर्वक अपना स्व-गणना (Self-Enumeration) पूर्ण किया।
स्व-गणना की प्रक्रिया को Navjot Khosa, निदेशक, जनगणना संचालन निदेशालय, यूटी चंडीगढ़ तथा Nishant Kumar Yadav, उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी, यूटी चंडीगढ़ द्वारा सुगम बनाया गया।
यह पहल यूटी प्रशासन की तकनीक के माध्यम से कुशल, पारदर्शी एवं नागरिक-अनुकूल जनगणना संचालन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्य सचिव द्वारा स्व-गणना कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है, जिससे सभी नागरिकों को इस सरल एवं सुरक्षित डिजिटल प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिलेगी। स्व-गणना के माध्यम से नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन अपने विवरण भर सकते हैं, जिससे सटीकता सुनिश्चित होती है और आमजन तथा गणनाकर्ताओं दोनों का समय बचता है।
इस प्रक्रिया के दौरान मुख्य सचिव, यूटी चंडीगढ़ ने प्रभावी योजना निर्माण एवं नीति निर्धारण के लिए सटीक आंकड़ों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से सहयोग करने तथा इस सरल, सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल स्व-गणना सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
जनगणना संचालन निदेशालय, यूटी चंडीगढ़, उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी, यूटी चंडीगढ़ तथा चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा स्व-गणना प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें नागरिकों की सहायता के लिए समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन (1855) भी शामिल है, जहां वे अपनी शंकाओं या तकनीकी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे आधिकारिक जनगणना पोर्टल (https://se.census.gov.in⁠�) पर जाकर निर्धारित समयावधि के भीतर अपनी स्व-गणना पूर्ण करें। एकत्रित की गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए, जनगणना अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा।
मुख्य सचिव द्वारा सफलतापूर्वक की गई स्व-गणना जनगणना 2027 के क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और इससे इस राष्ट्रीय अभियान में व्यापक जनभागीदारी को प्रेरणा मिलने की अपेक्षा है।

*जनगणना 2027: हरियाणा में 16 अप्रैल, 2026 से स्व-गणना शुरू होगी**निवासियों की गोपनीयता और निजता सुनिश्चित की जाएगी*

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

हरियाणा राज्य में, जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की मुहिम 16 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक चलेगा, जिससे लोग ऑफिशियल पोर्टल se.census.gov.in के ज़रिए अपनी स्वयं गणना का विवरण ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। ऑफिस ऑफ़ द रजिस्ट्रार जनरल एंड सेंसस कमिश्नर, इंडिया की यह डिजिटल पहल, नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे हरियाणा के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों के परिवार मोबाइल फ़ोन, टैबलेट या कंप्यूटर का इस्तेमाल करके कहीं से भी हिस्सा ले सकते हैं।

स्व-गणना पूरी तरह से स्वयं घोषणा पर आधारित प्रक्रिया है और इसके लिए किसी दस्तावेज की ज़रूरत नहीं है। नागरिकों को मोबाइल नंबर और ओटीपी का इस्तेमाल करके पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा, डिजिटल मैप पर अपने घर या जगह को मार्क करना होगा, और घर के सभी सदस्यों के ब्यौरे के साथ-साथ घर की स्थिति और सुविधाओं की जानकारी डालनी होगी।  इस फ़ॉर्म में लगभग 33 सवाल हैं, जिनमें घर की बनावट, घर का टाइप और स्थिति, पीने के पानी की उपलब्धता, बिजली, सफ़ाई, और सामाजिक-आर्थिक और पढ़ाई-लिखाई की जानकारी शामिल है। मोबाइल नंबर देना ज़रूरी होगा। सबमिट करने पर, एक यूनिक सेल्फ़-एन्यूमरेशन आई डी (SE ID) बनेगी, जिसे फ़ील्ड वेरिफ़िकेशन के दौरान एन्यूमरेटर के साथ साझा करना होगा।

स्वगणना चरण के बाद 1 मई से 30 मई 2026 तक हाउसलिस्टिंग और गृह गणना(HLO) की जाएगी। गृह गणना के दौरान, एन्यूमरेटर ऑनलाइन सबमिट की गई जानकारी को सत्यापित करने और उन घरों की गणना करने के लिए घरों में जाएँगे जिन्होंने स्वगणना नहीं की है।

सेल्फ़-एन्यूमरेशन की सुविधा हरियाणा के सभी ज़िलों में उपलब्ध है और इसे इस प्रक्रिया को तेज़, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सरल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इस काम से इकट्ठा किया गया डेटा ज़िला-स्तर की योजनाबंदी और हरियाणा में राज्य के विकास और भलाई की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह सेवा को बेहतर बनाने में मदद करेगा।  नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से तथ्यों पर आधारित प्रबंधन मजबूत होगा और हरियाणा के विकास में तेज़ी आएगी।

निवासियों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह से गोपनीय और सुरक्षित रहेगी। डेटा का इस्तेमाल सिर्फ़ स्टैटिस्टिकल मकसद और सेंसस एक्ट के नियमों के अनुसार डेवलपमेंट प्लानिंग के लिए किया जाएगा। नागरिकों को भरोसा दिलाया जाता है कि प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा सबसे ज़रूरी हैं।

हरियाणा के सभी निवासियों से अपील है कि वे 16 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रोसेस में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और जानकारी सही और पूरी तरह से जमा करें। उनकी भागीदारी एक मज़बूत, डेटा-ड्रिवन हरियाणा बनाने में मदद करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि देश के सबसे बड़े प्रशासकीय कार्यक्रम में हर घर की गणना हो।

हरियाणा के राज्यपाल ने जनगणना 2027 के लिए लोगों से स्व-गणना करने के लिए की अपील 

सभी हरियाणावासी अपने स्व-गणना करें — प्रो. असीम कुमार घोष

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

 निदेशक, जनगणना एवं नागरिक पंजीकरण (हरियाणा), गृह मंत्रालय द्वारा आज माननीय राज्यपाल हरियाणा, प्रो. अशीम कुमार घोष से शिष्टाचार भेंट की गई तथा उन्हें जनगणना 2027 से संबंधित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर जनगणना गतिविधियों से संबंधित एक कैलेंडर भी जारी किया गया। हरियाणा राज्य में स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी। सभी नागरिक मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे Self-Enumeration पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। यह एक सरल, सुरक्षित एवं आधुनिक पहल है। इसके पश्चात, 1 मई से 30 मई 2026 तक पूरे राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (Houselisting Operations) के अंतर्गत प्रगणक प्रत्येक घर का दौरा करेंगे।
इस मौके पर माननीय राज्यपाल हरियाणा ने श्री ललित जैन, निर्देशक, जनगणना विभाग, हरियाणा तथा उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके आंकड़ों के आधार पर हरियाणा के विकास की दिशा और नीति निर्धारित की जाएगी।

राज्यपाल ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्व-गणना का अधिक से अधिक उपयोग करें, क्योंकि यह अत्यंत सुविधाजनक एवं सुगम है। इससे समय और संसाधनों की बचत भी होगी।

अंत में, प्रो. घोष ने सभी हरियाणा निवासियों से अपील की कि वे जनगणना कर्मचारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें, ताकि यह महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

जनगणना-2027 के लिए तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन

जनगणना-2027 के अंतर्गत तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन जिले में 6 से 9 अप्रैल तक उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी हिमांशु जैन और जिला जनगणना अधिकारी-सह-अतिरिक्त उपायुक्त पूनम सिंह की अध्यक्षता में किया गया।

प्रशिक्षण जिला जनगणना समन्वयक एवं सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-II आलोक कुमार, विश्व सोम और नियुक्त मास्टर ट्रेनर जसबीर सिंह संधू और उपमा कौल द्वारा दिया गया। दो बैचों में कुल 68 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया (क्रमशः 35 और 33 प्रतिभागी)।

जनगणना-2027 के अंतर्गत जिले में कुल 105 फील्ड ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें से 37 फील्ड ट्रेनरों को पहले ही 3 से 5 अप्रैल तक लुधियाना नगर निगम में प्रशिक्षित किया जा चुका है। ये फील्ड ट्रेनर तहसील/प्रभारी स्तर पर पर्यवेक्षकों और गणनाकर्ताओं को आगे प्रशिक्षण देंगे। लुधियाना के भारत नगर चौक स्थित सरकारी बालिका महाविद्यालय में दोनों बैचों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण सत्रों के दौरान, मास्टर प्रशिक्षकों ने बताया कि यह पहली डिजिटल जनगणना होगी और उन्होंने स्व-गणना की अवधारणा से परिचित कराया, जिसके तहत नागरिक 30 अप्रैल से 14 मई, 2026 तक अपने घर का विवरण स्वयं भर सकते हैं। जनगणना का पहला चरण (घरों की सूची बनाना) 15 मई से 13 जून, 2026 तक चलेगा, जिसके दौरान गणनाकर्ता घरों का दौरा करेंगे और 33 प्रश्नों के माध्यम से जानकारी एकत्र करेंगे।

उपायुक्त और नगर आयुक्त ने सभी नागरिकों से भारत सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।

कार्यशाला में उप आर्थिक एवं सांख्यिकी सलाहकार परवीन कुमारी, अन्वेषक मनजीत कौर और सभी फील्ड प्रशिक्षक भी उपस्थित थे।