पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अमरिंदर सिंह ग्रेवाल ने लुधियाना के ज्यूडिशियल कोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्थापित वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर (Vulnerable Witness Deposition Centre) का उद्घाटन किया। यह केंद्र विशेष रूप से संवेदनशील और पीड़ित गवाहों की सुरक्षित एवं निर्भय वातावरण में गवाही दर्ज कराने के उद्देश्य से बनाया गया है।
उद्घाटन समारोह के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरप्रीत कौर रंधावा, एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट डेज़ी बांगर, चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव हिमांशु अरोड़ा, चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पवलीन सिंह, पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन सग्गर, सचिव हिमांशु वालिया तथा अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बिना आरोपी के सामने आए दर्ज होगी गवाही
अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष केंद्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित गवाहों को अदालत में आरोपी का सामना न करना पड़े। इसके लिए गवाहों के आने-जाने का अलग मार्ग बनाया गया है, जो सामान्य कोर्ट परिसर से अलग है।
केंद्र में एक विशेष कक्ष बनाया गया है, जहां गवाह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुरक्षित वातावरण में अपना बयान दर्ज करा सकेंगे। इससे गवाहों का मानसिक दबाव कम होगा और वे बिना किसी भय के न्यायिक प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
बच्चों और महिला पीड़ितों के लिए विशेष व्यवस्था
न्यायालय प्रशासन ने बताया कि यदि गवाह कोई बच्चा या महिला पीड़ित है, तो उसके लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सेंटर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के बच्चों के अनुकूल कक्ष तक अलग मार्ग बनाया गया है, जहां बच्चों के लिए पढ़ाई और खेलकूद की सामग्री उपलब्ध है, ताकि वे सहज महसूस कर सकें।
आधुनिक तकनीक से होगी सुनवाई
केंद्र में कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनकी मदद से अदालत गवाह का बयान रिकॉर्ड कर सकेगी, जबकि आरोपी को उसके सामने उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और संवेदनशील बनेगी।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के अंत में जस्टिस अमरिंदर सिंह ग्रेवाल और जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरप्रीत कौर रंधावा ने न्यायालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
MLA सिद्धू, बग्गा, ग्रेवाल, छीना और दयालपुरा ने अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में इनका औपचारिक उद्घाटन किया
राज्य के लोगों को अच्छी, सस्ती और मुफ़्त हेल्थकेयर सर्विस देने के अपने वादे को और मज़बूत करते हुए, आज लुधियाना ज़िले के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में MLA ने 16 नए आम आदमी क्लीनिक लोगों को समर्पित किए।
इन क्लीनिकों का उद्घाटन MLA कुलवंत सिंह सिद्धू, MLA चौधरी मदन लाल बग्गा, MLA दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, MLA राजिंदरपाल कौर छीना, MLA जगतार सिंह दयालपुरा ने अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में किया।
इन नए क्लीनिकों के खुलने के साथ, ज़िले में आम आदमी क्लीनिकों की कुल संख्या 111 से बढ़कर 127 हो गई है, जो पंजाब सरकार द्वारा हेल्थ सेक्टर में लाई जा रही क्रांति में एक और अहम मील का पत्थर है।
विधायकों ने मिलकर बताया कि नए आम आदमी क्लीनिक 33 फीट रोड, बादल फ्लैट्स, मुंडियां कलां; गुरु अर्जन देव नगर, ढोलेवाल मिलिट्री कैंप के पास, लुधियाना; सिविल सिटी पार्क के पास, वार्ड नंबर 92; जे ब्लॉक, बी.आर.एस. नगर, गुरुद्वारा दशमेश सिंह सभा के सामने; जवाहर नगर; PSIEC, खन्ना; कायलीवाल (पुराना वेटनरी हॉस्पिटल बिल्डिंग); पुराना बाजार, साहनेवाल; वार्ड नंबर 30, वाटर वर्क्स, उत्तम नगर, खन्ना; वार्ड नंबर 9, वाटर वर्क्स, नरोत्तम नगर, रतनहेड़ी रोड, खन्ना; रेरू साहिब गुरुद्वारा के पास, शिमलापुरी; सतगुरु राम सिंह नगर; कालू राम धर्मशाला, चंडीगढ़ रोड, समराला; लालटन खुर्द; ऊंची मंगली और चंदन नगर, एम.सी. ट्यूबवेल, वार्ड नंबर 68 में बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार ठोस प्रयास कर रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को उसके घर के पास अच्छी क्वालिटी की और मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देना है। आम आदमी क्लीनिक के माध्यम से लोगों को एक ही छत के नीचे मुफ्त OPD सलाह, जरूरी दवाएं, डायग्नोस्टिक टेस्ट, मां और बच्चे की स्वास्थ्य देखभाल, टीकाकरण, नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों की जांच और इलाज और कई अन्य स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी क्लीनिकों की लगातार बढ़ती संख्या पंजाब सरकार की लोगों की भलाई के प्रति पक्के वादे और समर्पण का प्रतीक है। इन क्लीनिकों ने न केवल आम आदमी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाई है, बल्कि सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का बोझ भी काफी हद तक कम किया है। इस पहल से हजारों परिवारों के इलाज पर होने वाले खर्च में भी कमी आई है।
कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. हरिंदर सूद ने कहा कि लुधियाना जिले में अब 127 आम आदमी क्लीनिक चल रहे हैं, जिनके माध्यम से बड़ी संख्या में लोग हर दिन मुफ्त और अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भविष्य में भी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने, लोगों को बेहतर हेल्थ सुविधाएं देने और राज्य के हर नागरिक को अच्छी हेल्थ सर्विस देने के लिए इसी पक्के इरादे से काम करती रहेगी।
कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने विधानसभा क्षेत्र साहनेवाल में 76.41 लाख रूपये की लागत से बने तीन नए आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित किए
पंजाब सरकार प्रदेश के हर वर्ग को बेहतर, निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध: कैबिनेट मंत्री मुंडियां
पंजाब सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है: हरदीप सिंह मुंडियां
लुधियाना / सत्ता संदेश
पंजाब सरकार द्वारा प्रदेशवासियों को उनके घरों के निकट उच्चस्तरीय एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज विधानसभा क्षेत्र साहनेवाल में 76.41 लाख रूपये की लागत से तैयार किए गए तीन नए आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित किए गए। इन क्लीनिकों का उद्घाटन पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, अन्य सरकारी विभागों के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बादल फ्लैट, मुंडियां कलां में 27.96 लाख रूपये की लागत से, पुराना बाजार, साहनेवाल में 22.06 लाख रूपये की लागत से तथा गांव ऊंची मंगली में 26.39 लाख रूपये की लागत से आम आदमी क्लीनिक तैयार कर जनता को समर्पित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये क्लीनिक स्थानीय लोगों को उनके घरों के निकट ही बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग को बेहतर, निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आम आदमी क्लीनिकों की स्थापना से लोगों को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाइयां, विभिन्न प्रकार की जांचें तथा प्रारंभिक उपचार जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं, जिससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों में अनुभवी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की गई है, ताकि प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि अब छोटी-मोटी बीमारियों के उपचार के लिए लोगों को दूर-दराज के अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि वे अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
मुंडियां ने कहा कि पंजाब सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आम आदमी क्लीनिक इस मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन क्लीनिकों में उपलब्ध निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच करवाएं तथा स्वस्थ पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर सिविल अस्पताल साहनेवाल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डॉ. रामेश कुमार ने भी आम आदमी क्लीनिकों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देते हुए भरोसा दिलाया कि लोगों को सभी स्वास्थ्य सेवाएं पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से उपलब्ध कराई जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय निवासियों ने पंजाब सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि नए आम आदमी क्लीनिक शुरू होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ हो जाएंगी।
कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में 87 लाख रूपये की लागत से बने तीन नए आम आदमी क्लीनिकों का किया उद्घाटन
लोगों को घर के नजदीक ही उच्च स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध होंगी : तरुनप्रीत सिंह सौंद
खन्ना के नरोतम नगर, फोकल प्वाइंट और उत्तम नगर में शुरू हुए नए आम आदमी क्लीनिक
खन्ना / सत्ता संदेश
खन्ना विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने पंजाब सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर-घर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए शनिवार को खन्ना में 87 लाख रूपये की लागत से तैयार किए गए तीन नए आम आदमी क्लीनिकों का उद्घाटन कर उन्हें जनता को समर्पित किया। ये क्लीनिक नरोतम नगर, फोकल प्वाइंट तथा उत्तम नगर, खन्ना में स्थापित किए गए हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि नरोतम नगर स्थित आम आदमी क्लीनिक पर 27 लाख रूपये , जबकि फोकल प्वाइंट और उत्तम नगर स्थित क्लीनिकों पर 30-30 लाख रूपये की लागत आई है। उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अपने घर के निकट ही उच्च गुणवत्ता वाली प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि आम आदमी क्लीनिकों में 107 प्रकार की आवश्यक दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं तथा योग्य चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच और परामर्श भी बिना किसी शुल्क के दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इन तीन नए क्लीनिकों के शुरू होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेष रूप से बुजुर्गों, माताओं और महिलाओं को उपचार के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि अब खन्ना विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी क्लीनिकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। इनमें से तीन क्लीनिक ग्रामीण क्षेत्रों में, चार पहले से ही खन्ना शहर में संचालित थे और आज तीन नए क्लीनिक जनता को समर्पित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जहां भी ऐसे क्लीनिकों की आवश्यकता महसूस होगी, वहां भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सौंद ने कहा कि पिछली सरकारों के समय सिविल अस्पताल, खन्ना की दैनिक ओपीडी केवल 300 से 400 मरीजों तक सीमित रहती थी और उस समय आम आदमी क्लीनिक जैसी कोई व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों के अनुसार वर्तमान में सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी 1,500 से अधिक हो चुकी है, जबकि पहले से संचालित सात आम आदमी क्लीनिकों में प्रतिदिन लगभग 1,400 मरीज उपचार प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार प्रतिदिन लगभग 2,900 लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों नए क्लीनिकों में भी प्रतिदिन 150 से 200 मरीजों की जांच होगी, जिससे लोगों को और अधिक बेहतर तथा सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने लोगों से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे स्वास्थ्य कार्ड का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार को 10 लाख रूपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाला यह कार्ड अवश्य बनवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह योजना गंभीर बीमारियों के उपचार के दौरान परिवारों के लिए बड़ा सहारा साबित होगी तथा लोगों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से बचाएगी।
इस अवसर पर सिविल अस्पताल, खन्ना के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डॉ. मनिंदर भसीन सहित विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
73 शहरी और 27 ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेंगे नए क्लीनिक, 107 दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मिलेंगे मुफ्त
चंडीगढ़ / सत्ता संदेश
पंजाब सरकार ने अपनी आम आदमी क्लीनिक योजना का विस्तार करते हुए राज्यभर में 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू करने की घोषणा की है। इन नए क्लीनिकों के शुरू होने के साथ ही पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों की कुल संख्या बढ़कर 1,090 हो जाएगी।
सरकार के अनुसार, 25 जुलाई से 27 जुलाई तक तीन दिनों के दौरान कैबिनेट मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता विभिन्न जिलों में इन नए क्लीनिकों का उद्घाटन करेंगे। नए क्लीनिकों में 73 शहरी क्षेत्रों और 27 ग्रामीण क्षेत्रों के क्लीनिक शामिल हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक व्यापक होगी।
मुफ्त मिलेंगी दवाइयां और जांच सुविधाएं
हर आम आदमी क्लीनिक में मरीजों को 107 आवश्यक दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
5.90 करोड़ से अधिक मरीजों को मिला लाभ
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, आम आदमी क्लीनिक योजना के तहत अब तक 5.90 करोड़ से अधिक ओपीडी मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अलावा 3.43 करोड़ से अधिक मुफ्त डायग्नोस्टिक टेस्ट किए जा चुके हैं, जिससे लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च से राहत मिली है।
पंजाब सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और लोगों तक सुलभ चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए इस योजना का विस्तार जारी रहेगा।
पंजाब सरकार ने 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू किए। अब राज्य में कुल 1,090 क्लीनिक हो गए हैं, जहां 107 दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त उपलब्ध होंगे।
भारत की अध्यक्षता में चल रही ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठकों के अंतर्गत चंडीगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित की ग
विस्तारित ब्रिक्स वैश्विक स्वास्थ्य के भविष्य को नवाचार और सर्वसम्मति-आधारित समाधानों के माध्यम से आकार देने का एक अभूतपूर्व अवसर प्रस्तुत करता है: केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव
भारत ने लचीली और समावेशी स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण के लिए ब्रिक्स स्वास्थ्य ट्रैक के तहत नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय शिखर सम्मेलन में एफएसएसएआई, एनएचए और आयुष मंत्रालय के प्रदर्शनी मंडपों का उद्घाटन किया
चंडीगढ़ / सत्ता संदेश
भारत की अध्यक्षता में चल रही ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठक के अंतर्गत, वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आज चंडीगढ़ में आयोजित की गई।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने बैठक का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और सहयोग, नवाचार और स्वास्थ्य सेवा तक समान पहुंच के माध्यम से वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
अपने उद्घाटन भाषण में, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने चंडीगढ़ में प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत किया और कहा कि नवाचार, स्थिरता और सुविचारित विकास के प्रति शहर का लोकाचार भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के विषय, “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” को बखूबी प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि यह विषय वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य में हो रहे बदलावों के संदर्भ में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, जहां तेजी से जटिल और परस्पर जुड़े स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के लिए राष्ट्रों के बीच मजबूत सहयोग, समन्वय और सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता है।
विस्तारित ब्रिक्स समूह के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि यह समूह, जो विश्व की जनसंख्या, वैज्ञानिक विशेषज्ञता और विनिर्माण क्षमता के एक महत्वपूर्ण हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, नवाचार और सर्वसम्मति-आधारित समाधानों के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य के भविष्य को आकार देने का एक अभूतपूर्व अवसर प्रदान करता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि साझेदारी और साझा जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित होकर, भारत ने लचीली, न्यायसंगत और समावेशी स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स हेल्थ ट्रैक के तहत नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है।
उन्होंने बताया कि इन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना; मजबूत निगरानी प्रणालियों और प्रयोगशाला नेटवर्क के माध्यम से भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयारी बढ़ाना; डिजिटल स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना; पारंपरिक चिकित्सा को स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों में एकीकृत करना; नियामक ढांचे को मजबूत करना; कुशल स्वास्थ्य कार्यबल विकसित करना; सहयोगात्मक अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना; और स्वास्थ्य सेवाओं, आवश्यक दवाओं और चिकित्सा उत्पादों तक समय पर, किफायती और समान पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने ब्रिक्स हेल्थ ट्रैक के तहत भारत की प्रमुख पहलों – स्वस्थ जीवनशैली के लिए ब्रिक्स मिशन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रस्तावित ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस – पर प्रकाश डाला, जो निवारक और प्रोत्साहक स्वास्थ्य देखभाल, विशेष देखभाल, ज्ञान साझाकरण और उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में गहन सहयोग के प्रति ब्रिक्स देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करती हैं।
ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों के घोषणापत्र के मसौदे का जिक्र करते हुए पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि यह दस्तावेज सदस्य देशों के बीच व्यापक तकनीकी परामर्शों के सामूहिक दृष्टिकोण और परिणाम को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के दौरान हुई चर्चाओं से घोषणापत्र के शेष प्रावधानों पर आम सहमति बनाने में मदद मिलेगी, जिससे 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में इसे अपनाने का मार्ग प्रशस्त होगा ।
उन्होंने परमाणु चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने और ब्रिक्स वैक्सीन अनुसंधान और विकास केंद्र की गतिविधियों का समर्थन करने के महत्व पर भी जोर दिया, साथ ही सहयोगात्मक अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और आयुष मंत्रालय के प्रदर्शनी मंडपों का भी उद्घाटन किया। इन मंडपों में खाद्य सुरक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा वितरण के क्षेत्र में भारत की प्रमुख पहलों और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया, जिससे प्रतिनिधियों को देश की परिवर्तनकारी स्वास्थ्य पहलों का अनुभव करने का अवसर मिला।
वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के दौरान हुई चर्चा का मुख्य केंद्र ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणा को अंतिम रूप देना था। वरिष्ठ अधिकारियों ने ब्रिक्स स्वास्थ्य ट्रैक के अंतर्गत प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी साझा चुनौतियों से निपटने में सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
इन चर्चाओं में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करना, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को आगे बढ़ाना, डिजिटल स्वास्थ्य और स्वास्थ्य नवाचार को बढ़ावा देना, सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयारी और प्रतिक्रिया को बढ़ाना, रोगाणुरोधी प्रतिरोध से निपटना, दवा सहयोग को मजबूत करना, गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा उत्पादों तक पहुंच में सुधार करना और पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य अनुसंधान में सहयोग को बढ़ावा देना जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया।
सहभागी देशों ने सुदृढ़ और न्यायसंगत स्वास्थ्य प्रणालियों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक अनुसंधान, ज्ञान साझाकरण, क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान के महत्व पर जोर दिया। बैठक में स्वास्थ्य से संबंधित सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मजबूत बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
भारत सरकार के संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग (DoT) के नोडल कार्यालय, नियंत्रक संचार लेखा (CCA), पंजाब के कार्यालय द्वारा अपोलो क्लिनिक (सिटी हॉस्पिटल), सेक्टर-8, चंडीगढ़ (सीजीएचएस सूचीबद्ध अस्पताल) के सहयोग से दिनांक 22 जुलाई, 2026 को कार्यालय परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।
यह शिविर श्री विजेंद्रा एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब के सक्षम नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं हाउसकीपिंग स्टाफ के बीच स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रोत्साहित करना था। इस पहल का लाभ कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को भी मिला, जिन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया और चिकित्सा परामर्श एवं स्वास्थ्य जांच सुविधाओं का लाभ उठाया। शिविर के दौरान कुल 70 प्रतिभागियों, जिनमें अधिकारी, कर्मचारी, हाउसकीपिंग स्टाफ एवं परिवार के सदस्य शामिल थे, ने स्वास्थ्य जांच सुविधाओं का लाभ उठाया।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों के लिए सामान्य चिकित्सा, अस्थि रोग, स्त्री रोग एवं नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त, रक्तचाप (BP), रैंडम ब्लड शुगर (RBS) तथा हैंड ग्रिप स्ट्रेंथ टेस्ट सहित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच सुविधाएं भी प्रदान की गईं।
स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब के कार्यालय द्वारा अपने अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के स्वास्थ्य, कल्याण एवं हितों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर, एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर एवं क्रिटिकल केयर ब्लॉक उत्तर भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को देंगे नई दिशा
“जनता का बढ़ता विश्वास हमारी जिम्मेदारी को बढ़ाता है; इसका समाधान मरीजों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि अवसंरचना का विस्तार करना है।” – प्रो. विवेक लाल, निदेशक, PGIMER
पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER ), चंडीगढ़ अपनी स्वास्थ्य सेवाओं की यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनने जा रहा है। भारत के माननीय प्रधानमंत्री 17 जुलाई 2026 को दो अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं—एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर (एएनसी) और एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर (AMCC)—का उद्घाटन करेंगे तथा क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) की आधारशिला रखेंगे। लगभग ₹1,200 करोड़ की लागत वाली ये परियोजनाएँ संस्थान के इतिहास में स्वास्थ्य अवसंरचना के सबसे बड़े विस्तारों में से एक हैं।
इन नई सुविधाओं से न केवल चंडीगढ़ बल्कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड तथा अन्य पड़ोसी राज्यों के उन लाखों मरीजों को लाभ मिलेगा, जो उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए पीजीआईएमईआर पर निर्भर हैं।
उद्घाटन से पूर्व अपने विचार व्यक्त करते हुए पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा, “ये परियोजनाएँ भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी छलांग हैं। पीजीआईएमईआर सदैव प्रत्येक मरीज को उसकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इन सुविधाओं के शुरू होने से विश्वस्तरीय उपचार प्रदान करने की हमारी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना भी जारी रहेगा।”
एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर
एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर को देश की सबसे उन्नत न्यूरोलॉजिकल देखभाल सुविधाओं में से एक के रूप में विकसित किया गया है। इसमें अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीक, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, उन्नत गहन चिकित्सा इकाइयाँ तथा आपातकालीन सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे तंत्रिका संबंधी रोगों के उपचार की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रो. विवेक लाल
“पीजीआई में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी की शुरुआत वर्ष 1967 में मात्र 50 बिस्तरों के साथ हुई थी। एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर के साथ यह संख्या बढ़कर 400 से अधिक बिस्तरों तक पहुँच रही है, जिनमें समर्पित आईसीयू और आपातकालीन सुविधाएँ शामिल हैं। यह एक परिवर्तनकारी कदम है, जिससे स्ट्रोक, मस्तिष्क ट्यूमर, रीढ़ की बीमारियों, मिर्गी, ट्रॉमा और अन्य जटिल न्यूरोलॉजिकल रोगों से पीड़ित मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।”
एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर
एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर में माताओं, नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए समग्र स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इसमें समर्पित आईसीयू, आधुनिक लेबर सुइट, विशेष नवजात सेवाएँ और उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएँ होंगी।
प्रो. विवेक लाल ने कहा, “पीजीआईएमईआर ने भारत में कई नवजात सेवाओं की शुरुआत की है। एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर विशेष आईसीयू, उन्नत तकनीक और समर्पित स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से माताओं और नवजात शिशुओं को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।”
क्रिटिकल केयर ब्लॉक नए क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला कोविड-19 महामारी से मिली सीख के बाद देश की आपातकालीन स्वास्थ्य तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रो. लाल ने कहा, “महामारी ने हमें यह सिखाया कि क्रिटिकल केयर अवसंरचना कोई विलासिता नहीं, बल्कि आवश्यकता है। यह नया क्रिटिकल केयर ब्लॉक सुनिश्चित करेगा कि गहन चिकित्सा और वेंटिलेटर सहायता की आवश्यकता वाले मरीजों को बिना अनावश्यक विलंब के समय पर उपचार मिल सके। यह भविष्य की स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है।”
वर्तमान में पीजीआईएमईआर में प्रतिवर्ष लगभग 30 लाख मरीजों का पंजीकरण होता है तथा प्रतिदिन 10,000 से 15,000 ओपीडी परामर्श प्रदान किए जाते हैं। संस्थान बढ़ती मरीज संख्या को बोझ नहीं, बल्कि जनता के बढ़ते विश्वास का प्रतीक मानता है।
इस संदर्भ में निदेशक ने कहा, “अक्सर कहा जाता है कि पीजीआई पर मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। मेरा मानना है कि हमारी जिम्मेदारी बढ़ रही है। पीजीआई लाखों लोगों के लिए आशा और विश्वास का केंद्र है। समाधान मरीजों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि बढ़ती मांग के अनुरूप अपनी अवसंरचना और सेवाओं का लगातार विस्तार करना है।”
निदेशक ने बताया कि पीजीआईएमईआर आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत अत्यधिक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएँ न्यूनतम या बिना किसी लागत के उपलब्ध कराता है।
संस्थान में अब तक 5,500 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। इसके अलावा लिवर, हृदय, फेफड़े और कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाएँ भी उपलब्ध हैं, जिनमें से कई अब आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। सेवाओं के विस्तार के कारण पात्र किडनी प्रत्यारोपण मरीजों की प्रतीक्षा अवधि में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
पीजीआईएमईआर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में भी राष्ट्रीय अग्रणी संस्थान बनकर उभरा है। संस्थान अब तक 40 लाख से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श प्रदान कर चुका है तथा देशभर के 250 से अधिक चिकित्सा संस्थानों, जिनमें सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (एएफएमसी) और अन्य तृतीयक स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं, को शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रसारण करता है।
निदेशक ने संस्थान की अभिनव ‘सारथी’ पहल का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को मरीज सेवा में स्वयंसेवा के लिए प्रेरित करना है। यह कार्यक्रम एक छोटे स्वयंसेवी प्रयास से विकसित होकर हजारों युवाओं का जनआंदोलन बन चुका है, जो संस्थान में मरीजों की सहायता कर रहे हैं।
प्रो. लाल ने कहा, “स्वास्थ्य सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि करुणा और संवेदनशीलता का भी नाम है। ‘सारथी’ के माध्यम से युवा स्वयंसेवक सहानुभूति और सामुदायिक सेवा की भावना सीखते हैं तथा देश के सबसे व्यस्त अस्पतालों में से एक में मरीजों की सहायता करते हैं। संवेदनशील नागरिकों का निर्माण करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना आधुनिक अस्पतालों का निर्माण करना।”
इन ऐतिहासिक परियोजनाओं के शुरू होने के साथ पीजीआईएमईआर उन्नत, किफायती और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में अग्रसर होगा तथा चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्थानों में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा। यह उद्घाटन भारत सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने और उत्तर भारत के लाखों लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के सतत प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER ), चंडीगढ़ ने सोमवार को 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किए जाने वाले ऐतिहासिक स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं के महत्व से मीडिया को अवगत कराया।
कैरोन ब्लॉक के बोर्ड रूम में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए PGIMER के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने इसे संस्थान की स्वास्थ्य उत्कृष्टता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा, “माननीय प्रधानमंत्री की आगामी यात्रा पीजीआईएमईआर की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ये केवल नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि उत्तर भारत के करोड़ों लोगों तक उन्नत, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की हमारी क्षमता में एक परिवर्तनकारी छलांग का प्रतीक हैं।”
प्रधानमंत्री एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर (AMCC) तथा एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर (ANC) का उद्घाटन करेंगे, साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की आधारशिला भी रखेंगे। लगभग ₹1,200 करोड़ की लागत वाली ये परियोजनाएं उत्तर भारत में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा तथा उन्नत अनुसंधान को नई मजबूती प्रदान करेंगी।
रोगी सेवा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रो. लाल ने कहा, “हमारा मूल मंत्र हमेशा से केवल एक रहा है—रोगी सेवा, रोगी सेवा और रोगी सेवा। हमारी प्रत्येक नई सुविधा इसी उद्देश्य से विकसित की गई है कि हर मरीज को गरिमा, संवेदनशीलता और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक के साथ विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा सके।”
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों में डीन (अकादमिक) प्रो. संजय जैन, उपनिदेशक (प्रशासन) श्री पंकज राय, न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. एस.के. गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अशोक कुमार, बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण कुमार, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. वनीता जैन, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रो. विजय गोनी, प्रोफेसर इंचार्ज (इंजीनियरिंग) प्रो. समीर अग्रवाल, लेफ्टिनेंट कर्नल गुरविंदर सिंह भट्टी (एस.एच.ई.), एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव चौहान तथा अस्पताल प्रशासन विभाग से डॉ. रमन शर्मा एवं डॉ. विजय तड़िया उपस्थित रहे।
एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर की जानकारी देते हुए निदेशक ने कहा, “₹505 करोड़ की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक केंद्र आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से सुसज्जित है। 300 बिस्तरों वाले इस केंद्र में अत्याधुनिक नवजात गहन चिकित्सा इकाइयां (NICU), मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तथा मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इससे पीजीआईएमईआर की प्रतिवर्ष 6,000 से अधिक उच्च जोखिम वाली प्रसूतियों के प्रबंधन की क्षमता और सुदृढ़ होगी।”
इन्फोसिस फाउंडेशन के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रो. लाल ने कहा, “उन्नत चिकित्सा उपकरणों की स्थापना के लिए ₹147 करोड़ का उदार सहयोग प्रदान करने पर हम इन्फोसिस फाउंडेशन के अत्यंत आभारी हैं। सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की यह अनुकरणीय साझेदारी हमारी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की क्षमता को उल्लेखनीय रूप से मजबूत करेगी तथा आने वाली पीढ़ियों तक मरीजों को लाभान्वित करेगी।”
300 बिस्तरों वाला एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोरेडियोलॉजी, न्यूरोएनेस्थीसिया, न्यूरोक्रिटिकल केयर तथा पुनर्वास सेवाओं को एक ही परिसर में समाहित करेगा। 61 गहन चिकित्सा बिस्तरों, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटरों तथा अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं से युक्त यह केंद्र जटिल न्यूरोलॉजिकल रोगों के उपचार को नई दिशा देगा।
इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रो. लाल ने कहा, “यह नया केंद्र उपचार में होने वाली देरी को कम करेगा, मरीजों के जीवित रहने की संभावना तथा दीर्घकालिक न्यूरोलॉजिकल परिणामों में सुधार लाएगा और पीजीआईएमईआर को न्यूरोसाइंस शिक्षा, अनुसंधान एवं उन्नत उपचार के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।”
माननीय प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत लगभग ₹244 करोड़ की लागत से विकसित किए जाने वाले 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की आधारशिला भी रखेंगे। कोविड-19 महामारी के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही यह सुविधा आपातकालीन तैयारियों तथा बहुविषयक क्रिटिकल केयर सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
पीजीआईएमईआर में बढ़ते मरीजों की संख्या पर टिप्पणी करते हुए प्रो. लाल ने कहा, “पीजीआईएमईआर में आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या हमारे लिए बोझ नहीं, बल्कि इस संस्थान पर लोगों के अटूट विश्वास का प्रमाण है। हम इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हैं कि निरंतर अपनी अवसंरचना और सेवाओं का विस्तार करें ताकि कोई भी मरीज गुणवत्तापूर्ण उपचार से वंचित न रहे।”
निदेशक ने आयुष्मान भारत योजना के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा, “इस योजना ने अनेक जटिल उपचारों और उन्नत शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं को उन मरीजों के लिए भी आर्थिक रूप से सुलभ बनाया है, जो पहले वित्तीय बाधाओं के कारण इनका लाभ नहीं उठा पाते थे। अंग प्रत्यारोपण, कैंसर उपचार से लेकर जटिल हृदय एवं न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं तक, पीजीआईएमईआर विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए मरीजों पर आर्थिक बोझ को न्यूनतम कर रहा है।”
उन्नत उपचार की किफायत पर बल देते हुए प्रो. लाल ने कहा, “आज पीजीआईएमईआर इस बात का जीवंत उदाहरण है कि अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं अत्यधिक महंगी होना आवश्यक नहीं हैं। आयुष्मान भारत योजना और हमारी अमृत फार्मेसियों के माध्यम से अनेक महंगी दवाएं पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग तीन सौवें हिस्से की लागत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे जीवनरक्षक उपचार जरूरतमंद मरीजों की पहुंच में आ सका है।”
प्रो. लाल ने भारत सरकार तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “ये ऐतिहासिक परियोजनाएं रोगी सेवा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान तथा आपातकालीन स्वास्थ्य तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी और देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में पीजीआईएमईआर की प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करेंगी।”
मीडिया ब्रीफिंग का समापन संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें निदेशक ने रोगी सेवाओं, नई स्वास्थ्य अवसंरचना की तैयारियों तथा भविष्य की विस्तार योजनाओं से संबंधित मीडिया के प्रश्नों के उत्तर दिए तथा उत्कृष्ट रोगी सेवा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के प्रति पीजीआईएमईआर की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (HBCHRC), पंजाब ने मरीजों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के महज छह महीनों में 100 से अधिक जटिल रोबोटिक सर्जरियां सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। HBCHRC भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत टाटा मेमोरियल सेंटर की एक इकाई है। यह मील का पत्थर हासिल करने वाला केंद्र सरकार का यह अस्पताल पंजाब के न्यू चंडीगढ़ में स्थित है।
रोबोटिक सर्जरी सुविधा की योजना की घोषणा पिछले साल अगस्त में होमी भाभा कैंसर कॉन्क्लेव के दौरान पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश (UT) के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया द्वारा की गई थी। इस उपलब्धि को साझा करते हुए, HBCHRC के निदेशक डॉ. आशीष गुलिया ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी पूरे उत्तर भारत में केवल सीमित अस्पतालों में ही उपलब्ध है।
डॉ. गुलिया ने कहा, “शुरुआत के समय, हमने पहले 80 मरीजों को मुफ्त में रोबोटिक सर्जरी प्रदान करने का वादा किया था। हमें यह साझा करते हुए गर्व हो रहा है कि हमने न केवल छह महीने से भी कम समय में 100 सफल रोबोटिक सर्जरियां पूरी कीं, बल्कि सभी 100 मरीजों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के यह इलाज मिला।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे न्यू चंडीगढ़ परिसर में रोबोटिक सर्जरी सुविधा उन्नत चिकित्सा तकनीक से लैस है और अब अन्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों की तुलना में काफी कम लागत पर इलाज की पेशकश कर रही है।”
ओंकोसर्जरी (Oncosurgery) विभाग के प्रमुख डॉ. विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि रोबोटिक सर्जरी सर्जन की जगह नहीं लेती है। उन्होंने कहा, “पूरी प्रक्रिया के दौरान सर्जन का ही पूरा नियंत्रण रहता है और सभी महत्वपूर्ण निर्णय ऑपरेटिंग सर्जन द्वारा ही लिए जाते हैं। रोबोट केवल सर्जरी को अधिक सटीकता के साथ करने में मदद करता है।”
रोबोटिक सर्जरी के फायदों पर प्रकाश डालते हुए, ओंकोसर्जन डॉ. अरविंद गुरु ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी सर्जनों को पहुंच से दूर वाले क्षेत्रों में अधिक सटीकता के साथ काम करने की अनुमति देती है, जबकि इसमें केवल छोटे कीहोल (keyhole) के आकार के चीरों की आवश्यकता होती है। इसके परिणामस्वरूप खून कम बहता है, दर्द कम होता है और मरीज जल्दी ठीक होते हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल ने एक 80 वर्षीय मरीज की भी सफल रोबोटिक सर्जरी की है, जिसे आईसीयू में कम समय बिताना पड़ा और वे तेजी से स्वस्थ हुए। विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ कैंसर का इलाज
आपको बता दें कि पंजाब और आसपास के राज्यों को बेहतरीन कैंसर इलाज देने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अगस्त 2022 में इस अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित किया था। भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाले टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई द्वारा करीब 660 करोड़ की लागत से बना यह 300 बेड वाला अस्पताल हर आधुनिक सुविधा (जैसे सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट) से लैस है। यह अस्पताल एक मुख्य केंद्र (Hub) की तरह काम करता है, जबकि संगरूर वाला 150 बेड का अस्पताल इसकी एक शाखा (Spoke) के रूप में मरीजों की सेवा कर रहा है।