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PM मोदी ने चंडीगढ़ में 4,700 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का किया उद्घाटन
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने चंडीगढ़ में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सड़क अवसंरचना सहित 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया
  • चंडीगढ़ में आज स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है; प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां इन परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए मुझे खुशी हो रही है
  • प्रधानमंत्री ने कहा: स्वच्छता एक दिन का काम नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है
  • प्रधानमंत्री ने कहा: जब कोविड-19 महामारी आई, तो भारत मदद मांगने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को मदद देने वाला देश था
  • प्रधानमंत्री ने कहा: भारत में स्वास्थ्य सेवा अब विशेषाधिकार की जगह एक अधिकार बन रही है

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और इन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सड़क अवसंरचना शामिल हैं। राष्ट्र की प्रगति के लिए एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में शहर की अनूठी स्थिति को रेखांकित करते हुए, उन्होंने बेहतर जीवन शैली और सुगम जीवन सुनिश्चित करने के लिए इसकी प्रतिष्ठा पर बल दिया। क्षेत्र पर मां चंडी की दिव्य कृपा को स्वीकार करते हुए, उन्होंने इसके निरंतर, सुनियोजित विकास के लिए सत्तारूढ़ प्रशासन की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। मोदी ने कहा, “चंडीगढ़ का विकास हमेशा से हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।”

प्रधानमंत्री ने डेढ़ साल पहले लागू किए गए देश की न्याय व्यवस्था के ऐतिहासिक और व्यापक सुधार को याद करते हुए दंडात्मक औपनिवेशिक कानूनों से न्यायोचित ढांचे की ओर हुए बदलाव  के बारे में बताया। श्री मोदी ने कहा, “भारतीय न्याय संहिता का कार्यान्वयन चंडीगढ़ से ही शुरू हुआ।”

शहरी परिदृश्य के आधुनिकीकरण के लिए किए गए वित्तीय निवेशों के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र, स्मार्ट यातायात प्रबंधन और डिजिटल शासन जैसी परिवर्तनकारी पहलों का उल्लेख किया। स्वास्थ्य, शिक्षा और अवसंरचना परियोजनाओं के उद्घाटन पर निवासियों को बधाई देते हुए, उन्होंने इन भविष्योन्मुखी उन्नयनों को गति देने वाले भारी पूंजी निवेश के बारे में बताया। श्री मोदी ने कहा, “शहर को उच्च तकनीक वाला बनाने के इस मिशन पर ढाई हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।”

क्षेत्रीय विकास के लिए समर्पित विस्तृत दैनिक कार्यक्रम का विवरण देते हुए, प्रधानमंत्री ने हरियाणा के जींद में अपने पूर्व कार्यक्रम और पंजाब के जालंधर की आगामी यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने अपने चंडीगढ़ को दोनों पड़ोसी राज्यों को निर्बाध रूप से जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण भौगोलिक और प्रशासनिक सेतु के रूप में प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने कहा, “हमारा चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब दोनों को प्रभावी ढंग से जोड़ता है।”

प्रधानमंत्री ने स्थानीय शहरी विकास के व्यापक क्षेत्रीय प्रभाव पर बल देते हुए कहा कि शहर में हुए सुधार किस प्रकार हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पड़ोसी क्षेत्रों की आबादी के जीवन स्तर को सीधे तौर पर बेहतर बनाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा वितरण में शहर की अपरिहार्य और केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला। श्री मोदी ने कहा, “चिकित्सा सेवाओं के लिए, चंडीगढ़ इस पूरे क्षेत्र का एक प्रमुख केंद्र है।”

स्थानीय चिकित्सा संस्थान में उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं के व्यापक विस्तार की घोषणा करते हुए, प्रधानमंत्री ने तंत्रिका विज्ञान केंद्र, मातृ एवं शिशु केंद्र और गहन चिकित्सा अस्पताल ब्लॉक सहित कई महत्वपूर्ण नई सुविधाओं की जानकारी साझा की। श्री मोदी ने कहा, “इन परियोजनाओं से लाखों लोगों को और भी बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी।”

प्रधानमंत्री ने 2015 में संस्थान के दीक्षांत समारोह में अपनी पिछली यात्रा को याद करते हुए, पिछले एक दशक में हासिल की गई असाधारण क्षमता निर्माण की सराहना की। उन्होंने इस प्रगति को निरंतर आगे बढ़ाने में लगे प्रशासनिक दल, शैक्षणिक कर्मचारियों और चिकित्सकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। श्री मोदी ने कहा, “संस्थान की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए मैं यहां के प्रोफेसरों और युवा डॉक्टरों की बहुत सराहना करता हूं।”

प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वच्छता मानकों के बीच सीधा सम्‍बंध बताते हुए स्वच्छ भारत मिशन के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ को याद किया। उन्होंने करोड़ों शौचालयों के निर्माण से लेकर खुले में शौच की प्रथा के उन्मूलन तक लागू किए गए व्यापक संरचनात्मक परिवर्तनों का विस्तृत विवरण दिया और स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए शहर के प्रयासों की सराहना की। श्री मोदी ने कहा, “विभिन्न पहलें शुरू की गईं ताकि स्वच्छता हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन जाए।”

प्रधानमंत्री ने असाधारण नागरिक समर्पण के लिए झाड़ू योद्धा के नाम से जाने जाने वाले स्थानीय सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू जी की जमीनी स्तर पर स्वच्छता आंदोलन शुरू करने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने इन प्रेरणादायक सामुदायिक प्रयासों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करने के सरकार के निर्णय पर गर्व व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा, “नई जागरूकता पैदा करने के लिए, हमारी सरकार ने उन्हें इस वर्ष पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है।”

प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक स्वच्छता को एक बार का आयोजन नहीं बल्कि निरंतर जीवनशैली का हिस्सा बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की कि आज के कार्यक्रम में विशेष ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान को शामिल किया गया है। उन्होंने इस पहल को अपनाने के लिए स्थानीय नागरिकों की सराहना की और रोग निवारण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “स्वच्छता अभियान देश भर में अनेक बीमारियों की रोकथाम में बेहद सहायक साबित हुए हैं।”

प्रधानमंत्री ने देश की स्वास्थ्य सेवा क्षमता को लेकर अतीत में फैली वैश्विक चिंताओं का उल्‍लेख करते हुए कई बार संकट के दौरान व्याप्त संदेह की तुलना करते हुए ऐतिहासिक कोरोना महामारी के दौरान देश के सक्रिय नेतृत्व के बारे में बताया। उन्होंने गर्वपूर्वक कहा कि सहायता मांगने के बजाय, देश ने सहायता प्रदान की और अब जटिल चिकित्सा उपचारों के लिए एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन गया है। श्री मोदी ने कहा, “हमारी सरकार ने भारत की क्षमता को पूरी तरह से बदल दिया और दुनिया के दृष्टिकोण में आमूलचूल परिवर्तन किया।”

इस क्रांतिकारी बदलाव का श्रेय बारह वर्षों के समर्पित नीतिगत क्रियान्वयन को देते हुए, प्रधानमंत्री ने चिकित्सा सुविधाएं सभी के लिए मुहैया कराने और सभी नागरिकों के लिए सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल सुनिश्चित करने के मूलभूत संकल्प को याद किया। श्री मोदी ने कहा, “पिछले बारह वर्षों में देश की सफलता इसी संकल्प का प्रत्यक्ष परिणाम है।”

प्रधानमंत्री ने चिकित्सा अवसंरचना के देशव्यापी आक्रामक विस्तार का विवरण देते हुए 2014 के बाद 15 नए एम्स की मंजूरी, सैकड़ों मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और विशिष्ट अस्पतालों की तेजी से बढ़ती संख्या के बारे में बताया। उन्होंने गर्व से चंडीगढ़ में होमी भाभा कैंसर अस्पताल के 2022 में उद्घाटन का उल्लेख किया, जो अब हजारों मरीजों की कुशलतापूर्वक सेवा कर रहा है। श्री मोदी ने कहा, “हाल के वर्षों में, भारत ने अपनी स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना का तेजी से और व्यापक रूप से विस्तार किया है।”

जमीनी स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच पर बल देते हुए, प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन की भूमिका का विस्तार से वर्णन किया। इसके तहत गहन चिकित्सा केंद्रों और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 17.5 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर वर्तमान में शहरी, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जांच और व्यापक स्वास्थ्य पैकेज प्रदान कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा, “प्रत्येक गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के तेजी से विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।”

प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक स्वास्थ्य में डिजिटल तकनीक के क्रांतिकारी एकीकरण के बारे में बताते हुए, विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने के लिए ई-संजीवनी मिशन की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोग अब कठिन यात्रा किए बिना आसानी से शीर्ष स्तर के विशेषज्ञों से जुड़ सकते हैं। श्री मोदी ने कहा, “आज देश भर में 48 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं।”

इन व्यापक चिकित्सा सुधारों के जीवनरक्षक प्रभाव को दर्शाते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि अब 90 प्रतिशत से अधिक प्रसव अत्यंत सुरक्षित संस्थागत व्यवस्थाओं में होते हैं। उन्होंने चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए, जो मातृ मृत्यु दर में 86 प्रतिशत की भारी गिरावट और देश भर में शिशु मृत्यु दर में भारी कमी को दर्शाते हैं। श्री मोदी ने कहा, “स्वास्थ्य सेवाओं के इस व्यापक विस्तार के कारण शिशु मृत्यु दर में भी भारी कमी आई है।”

प्रधानमंत्री ने चिकित्सा सम्‍बंधी प्रगति और सक्रिय स्वास्थ्य रणनीतियों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए, प्रशासन के निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर दोहरे ध्‍यानाकर्षण पर बल दिया। उन्होंने पोषण अभियान, मिशन इंद्रधनुष, योग प्रोत्साहन, एचपीवी टीकाकरण अभियान और यू-विन प्लेटफॉर्म जैसी समग्र पहलों को संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों से विशाल आबादी को सक्रिय रूप से सुरक्षित रखने का श्रेय दिया। श्री मोदी ने कहा, “इन अनेक महत्वपूर्ण प्रयासों के कारण करोड़ों लोगों का जीवन निरंतर सुरक्षित हो रहा है।”

तपेदिक के खिलाफ चलाए जा रहे सक्रिय राष्ट्रीय अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए, प्रधानमंत्री ने समुदाय-आधारित टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत समय पर जांच और उपचार पर दिए जा रहे विशेष बल के बारे में विस्तार से बताया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने पिछले दशक में संक्रमण में 21 प्रतिशत की कमी और 90 प्रतिशत से अधिक उपचार कवरेज की उपलब्धि की सराहना की। श्री मोदी ने कहा, “जन की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को अत्यधिक जागरूक बनाया जा रहा है।”

इस स्वास्थ्य सेवा क्रांति के प्राथमिक लाभार्थियों की पहचान करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवार सबसे अधिक लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने समान चिकित्सा पहुंच के प्रति राष्ट्र के दृष्टिकोण में एक मौलिक दार्शनिक परिवर्तन पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “भारत में स्वास्थ्य सेवाएं अब विशेषाधिकार नहीं रहीं, बल्कि पूर्ण अधिकार बन रही हैं।”

चिकित्सा शिक्षा में ऐतिहासिक रूप से चली आ रही बाधाओं को दूर करते हुए, प्रधानमंत्री ने शैक्षणिक सीटों की गंभीर कमी का उल्‍लेख किया, जिसने पहले युवा छात्रों की आकांक्षाओं को चकनाचूर कर दिया था। उन्होंने घोषणा की कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है, स्नातकोत्तर सीटों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है और हाल ही में स्थानीय संस्थान में एमबीबीएस कॉलेज को बहुप्रतीक्षित मंजूरी मिली है। श्री मोदी ने कहा, “यह व्यापक विस्तार प्रतिभाशाली युवाओं को शीर्ष संस्थानों में अध्ययन करने का अवसर देगा और देश को सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर प्रदान करेगा।”

प्रधानमंत्री ने शहर में मौजूद शिक्षा, इंजीनियरिंग और चिकित्सा अनुसंधान संस्थानों के अनूठे संगम की प्रशंसा करते हुए, स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में इसके तीव्र विकास की भविष्यवाणी की। इस शैक्षणिक यात्रा को गति देने के लिए, उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में कुरुक्षेत्र बॉयज़ हॉस्टल का उद्घाटन और नए शोधार्थियों के आवास की आधारशिला रखी। श्री मोदी ने कहा, “हमारा प्रयास है कि हमारे युवाओं को उन्नत अनुसंधान के लिए सर्वोत्तम प्रयोगशालाएं और बेहतर संकाय उपलब्ध हों।”

प्रधानमंत्री ने कठोर शैक्षणिक वातावरण को तकनीकी प्रगति से सीधे जोड़ते हुए एआई, सेमीकंडक्टर और डीप-टेक में प्रगति को गति देने के लिए एक मजबूत अनुसंधान तंत्र की परम आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय शिक्षकों और छात्रों पर अटूट विश्वास व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा, “जब अनुसंधान वातावरण वास्तव में मजबूत होगा तभी नवाचार में तेजी आएगी।”

प्रधानमंत्री ने सुदृढ़ अवसंरचना को आर्थिक समृद्धि का अंतिम खाका बताते हुए सरकार के नवीन समग्र विकास दृष्टिकोण का समर्थन किया। उन्होंने आईटी सिटी से कुराली तक छह लेन वाले नए राजमार्ग का उद्घाटन किया। इससे हवाई अड्डे की सड़क पर भीड़भाड़ कम होगी और क्षेत्रीय यात्रियों के लिए सुगम आवागमन सुनिश्चित करने हेतु ‘पीआर सेवन स्पर’ की आधारशिला रखी। श्री मोदी ने कहा, “इन सभी रणनीतिक विकास कार्यों से उद्योग और व्यापार को अभूतपूर्व गति प्राप्त होगी।”

क्षेत्रीय संपर्क के विषय को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री ने जालंधर में एक साथ रेलवे परियोजनाओं के शुभारंभ और जींद को सोनीपत से जोड़ने वाली देश की पहली स्वच्छ ईंधन से चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन के ऐतिहासिक शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने सतत, हरित परिवहन में इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि पर जनता को बधाई दी। श्री मोदी ने कहा, “स्वच्छ ईंधन से चलने वाली यह ट्रेन देश के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।”

अपने सम्‍बोधन का समापन एक विकसित भारत के दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ करते हुए, प्रधानमंत्री ने भविष्य के लिए तैयार प्रौद्योगिकियों, परिवहन प्रणालियों और स्वास्थ्य सेवा संरचनाओं पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लोगों को आश्वासन दिया कि वर्तमान प्रशासन आने वाली पीढ़ियों की सेवा करने वाली स्थायी संस्थाओं के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। श्री मोदी ने कहा, “हमें ऐसे साहसिक निर्णय लेने होंगे जिनका अधिकतम लाभ हमारी आने वाली सभी पीढ़ियों तक सहजता से पहुंचे।”

WCTR 2026 टूलूज़, फ्रांस में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज की शोध उपलब्धि

 चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

स्थान: विश्व परिवहन अनुसंधान सम्मेलन (WCTR 2026), 6–10 जुलाई 2026, टूलूज़, फ्रांस आयोजन: वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रांसपोर्ट रिसर्च सोसाइटी (WCTRS) द्वारा टूलूज़ स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (TSE) एवं टूलूज़ कैपिटोल यूनिवर्सिटी, फ्रांस के सहयोग से।

शोधपत्र: Development of Rural Accessibility Model for Terrain-Sensitive Settlements: A GIS–AHP Framework with Participatory Calibration (पेपर आईडी: A82796AB)

प्रस्तुतकर्ता: डॉ. बी. आदिनारायण, सहायक प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़।

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ ने फ्रांस में टूलूज़ में आयोजित प्रतिष्ठित विश्व परिवहन अनुसंधान सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। डॉ बी आदिनारायण ने पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण बसावटों के लिए विकसित भू-भाग संवेदनशील ग्रामीण पहुंच मॉडल पर अपना शोध प्रस्तुत किया। इस तकनीकी सत्र में लगभग 60 अंतर्राष्ट्रीय शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, परिवहन विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रस्तुति के दौरान शोध पर व्यापक तकनीकी चर्चा हुई तथा विश्व के अग्रणी परिवहन विषेशज्ञों के साथ सार्थक संवाद स्थापित हुआ।

इस सम्मेलन में लगभग 140 देशों के परिवहन शोधकर्ता, नीति-निर्माता, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ एवं व्यावसायिक प्रतिनिधि शामिल हुए। यह सम्मेलन वैश्विक ज्ञान आदान-प्रदान, वैज्ञानिक सहयोग एवं परिवहन अनुसंधान के क्षेत्र में नेटवर्किंग का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

यह सम्मेलन वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रांसपोर्ट रिसर्च सोसाइटी (WCTRS) द्वारा टूलूज़ स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (TSE) तथा टूलूज़ कैपिटोल यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित किया गया।

इस शोध में भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS), एनालिटिक हाइरार्की प्रोसेस (AHP), मशीन लर्निंग, रिमोट सेंसिंग तथा हितधारकों की सहभागिता को एकीकृत कर ग्रामीण पहुंच का एक नवीन मॉडल विकसित किया गया, जो न्यायसंगत एवं सतत आधारभूत संरचना नियोजन में सहायक है। इस मॉडल का उपयोग मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले की 1,176 ग्रामीण बस्तियों तथा लगभग 5.01 लाख की आबादी पर किया गया।

शोध पद्धति में भू-भाग आधारित यात्रा अवरोध मॉडलिंग, डिजिटल एलिवेशन मॉडल (DEM), सड़क नेटवर्क विश्लेषण, कॉस्ट-डिस्टेंस मॉडलिंग, Sentinel-2 उपग्रह चित्र, Random Forest आधारित बस्ती पहचान तथा हितधारकों द्वारा निर्धारित AHP भारांक का उपयोग किया गया।

मुख्य उपलब्धियां

  • पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नवीन GIS–AHP आधारित पहुंच मूल्यांकन मॉडल विकसित किया।
  • मशीन लर्निंग एवं रिमोट सेंसिंग के माध्यम से 89.7% सटीकता के साथ बस्तियों का वर्गीकरण किया।
  • Accessibility Index का मान 0.130 से 0.642 के बीच पाया गया, जिससे लगभग पांच गुना असमानता का पता चला।
  • 57.7% ग्रामीण बस्तियां निम्न या अत्यंत निम्न पहुंच श्रेणी में पाई गईं।
  • जिले की आधे से अधिक आबादी को आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं तक पर्याप्त पहुंच उपलब्ध नहीं है।
  • सबसे कम पहुंच वाली 81% बस्तियां 600 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित हैं।
  • अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि केवल सड़क संपर्क आधारित सूचकांक वास्तविक पहुंच का सही आकलन नहीं करते तथा यात्रा-समय आधारित पहुंच मूल्यांकन अधिक प्रभावी है।

शोध में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर ग्रामीण पहुंच का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया, जिससे पता चला कि पश्चिम गारो हिल्स वैश्विक औसत से नीचे है।

यह शोध संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) विशेष रूप से SDG-9 (उद्योगनवाचार एवं आधारभूत संरचना) तथा SDG-11 (सतत शहर एवं समुदाय) की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

यह मॉडल नीति-निर्माताओं, परिवहन योजनाकारों, सरकारी एजेंसियों एवं विकास संगठनों को कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में आधारभूत संरचना निवेश की प्राथमिकता तय करने हेतु वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है।

भविष्य में इस शोध को वास्तविक समय GPS डेटा, क्राउडसोर्स्ड गतिशीलता डेटा, डिजिटल कनेक्टिविटी संकेतकों तथा मौसमी पहुंच विश्लेषण के साथ और अधिक उन्नत बनाया जाएगा।

WCTR 2026 में इस शोध की प्रस्तुति ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श एवं नए वैश्विक शोध सहयोग स्थापित करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया। यह अध्ययन दर्शाता है कि GIS, मशीन लर्निंग, रिमोट सेंसिंग तथा सहभागी निर्णय प्रक्रिया का समन्वय दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक समावेशी, टिकाऊ एवं लचीली परिवहन अवसंरचना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

विश्व के प्रतिष्ठित परिवहन सम्मेलनों में इस शोध की सफल प्रस्तुति पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा तथा वैश्विक परिवहन चुनौतियों के समाधान हेतु उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

PM Modi Chandigarh Visit: SPG ने संभाली सुरक्षा की कमान, 1200 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे से पहले शहर हाई अलर्ट पर है। प्रधानमंत्री के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) और पीजीआई में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने सुरक्षा तैयारियों की कमान संभाल ली है।

सोमवार को एसपीजी की टीम ने दोनों कार्यक्रम स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया जबकि चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने के लिए मल्टी एजेंसी मॉक एक्सरसाइज आयोजित की। 

दौरे के दौरान चंडीगढ़ पुलिस के करीब 1200 जवान तैनात रहेंगे। इनके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और अन्य अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां कार्यक्रम स्थलों, संवेदनशील इलाकों और प्रमुख चौराहों पर मोर्चा संभालेंगी।

एसपीजी के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को पीजीआई और पेक परिसर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रवेश एवं निकास मार्ग, वीवीआईपी मूवमेंट, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, सुरक्षा घेरा और अन्य संवेदनशील बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने यूटी के मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद के साथ बैठक कर सुरक्षा तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, जिम्मेदारियों के बंटवारे और अंतिम तैयारियों को लेकर रणनीति तय की गई।

एयरपोर्ट पर मल्टी एजेंसी मॉक एक्सरसाइज 

प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सोमवार को चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मल्टी एजेंसी मॉक एक्सरसाइज भी आयोजित की। अभ्यास के दौरान एयरपोर्ट पर आतंकी हमले जैसी काल्पनिक स्थिति बनाई गई, ताकि विभिन्न एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय को परखा जा सके। इस मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ, भारतीय सेना, पंजाब पुलिस, कस्टम विभाग और एयरपोर्ट पब्लिक हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की टीमों ने हिस्सा लिया।

जल्द ही विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी होगी

वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से एडवाइजरी का पालन करने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।

एसपीजी ने सौंपा संयुक्त सिक्योरिटी एक्शन प्लान

एसपीजी ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त सुरक्षा एक्शन प्लान साझा कर दिया है। इसके तहत कार्यक्रम स्थल, एयरपोर्ट, वीवीआईपी रूट, पार्किंग, प्रवेश द्वार और आसपास के क्षेत्रों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड, क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी), स्नाइपर और निगरानी टीमों की भी तैनाती रहेगी। पूरे सुरक्षा तंत्र पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

प्रधानमंत्री करेंगे दो सेंटरों का उद्घाटन, एक का शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को पीजीआई के दो बड़े सेंटरों का उद्घाटन करेंगे। वह एक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास भी रखेंगे। पीजीआई के निदेशक प्रोफेसर विवेक लाल ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सेंटरों से मरीजों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।

उद्घाटन किए जाने वाले सेंटरों में एडवांस मैटरनल चाइल्ड केयर सेंटर और एडवांस्ड न्यूरोसाइन सेंटर शामिल हैं। प्रत्येक सेंटर में 300 बेड की सुविधा होगी। क्रिटिकल केयर ब्लॉक में 150 बेड होंगे, जिसका शिलान्यास किया जाएगा। इन सभी सुविधाओं पर लगभग 1250 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन सेंटरों में अत्याधुनिक ओटी, वेंटिलेटर और स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा।

सेंटरों की सुविधाएं और आयुष्मान योजना

न्यूरोसाइन सेंटर में ओपीडी पहले से चल रही है। बाकी सुविधाएं अगले तीन से छह महीनों में शुरू होंगी। सिटी स्कैन की सुविधा अगस्त में शुरू होगी, जबकि एमआरआई की सुविधा जनवरी तक उपलब्ध हो जाएगी। मदर एंड चाइल्ड सेंटर में अभी आईपीडी बना है, ओपीडी ब्लॉक फेज टू में बनेगा। प्रोफेसर विवेक लाल ने आयुष्मान भारत योजना को दुनिया की सबसे अच्छी स्वास्थ्य सेवा पहल बताया। पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट की वेटिंग खत्म हो गई है, और यह आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त में किया जा रहा है। डोनर मिलने के साथ ही ट्रांसप्लांट की डेट दे दी जा रही है।