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पवन कल्याण का बयान: “विजय की तेजी से बढ़ती राजनीतिक सफलता देखकर कभी-कभी ईर्ष्या होती है”

आंध्र प्रदेश / सत्ता संदेश

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Pawan Kalyan ने अभिनेता-राजनेता Joseph Vijay की राजनीतिक सफलता पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए एक बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है।

पवन कल्याण ने कहा कि कभी-कभी उन्हें यह सोचकर आश्चर्य होता है कि कुछ राजनीतिक व्यक्तित्व बहुत कम समय में इतनी तेज़ी से सफलता हासिल कर लेते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी तेज़ प्रगति को देखकर उनके मन में “ईर्ष्या का भाव” भी उत्पन्न होता है।

उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी यात्रा पूरी तरह जमीनी स्तर से शुरू हुई है और इसमें वर्षों का संघर्ष, अनुभव और निरंतर मेहनत शामिल रही है। इसके विपरीत, उन्होंने संकेत दिया कि कुछ लोग अपेक्षाकृत कम समय में ही बड़ी राजनीतिक ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं।

पवन कल्याण के इस बयान को राजनीतिक और फिल्मी दुनिया के बीच तुलना के रूप में देखा जा रहा है। विजय, जो लंबे समय से तमिल सिनेमा के सुपरस्टार रहे हैं, हाल के वर्षों में राजनीति में सक्रिय हुए हैं और उन्हें तमिलनाडु की राजनीति में एक उभरते हुए बड़े चेहरे के रूप में देखा जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि पवन कल्याण का यह बयान दो लोकप्रिय चेहरों की राजनीतिक यात्रा की तुलना को लेकर है, जहां एक तरफ वर्षों का संगठनात्मक अनुभव है, वहीं दूसरी ओर तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और जनसमर्थन है।

हालांकि पवन कल्याण ने अपने बयान में किसी प्रत्यक्ष विवाद या आलोचना का उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनके शब्दों ने राजनीतिक चर्चा को जरूर बढ़ा दिया है। समर्थकों के बीच इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की राजनीति में इस बयान को लेकर आगे भी चर्चा तेज होने की संभावना है, क्योंकि दोनों ही राज्यों में फिल्मी हस्तियों की राजनीतिक भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है।

तमिलनाडु में सियासी संकट: CM विजय की कुर्सी पर खतरा, CPIM ने दी समर्थन वापसी की धमकी

नेशनल डेस्क: तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के मात्र 10 दिन के भीतर ही मुख्यमंत्री जोसेफ विजय (TVK) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राज्य में सत्तारूढ़ ‘तमिलगा वेट्री कड़गम’ (TVK) सरकार को बाहर से समर्थन दे रही CPIM ने समर्थन वापस लेने की चेतावनी दी है।

विवाद का मुख्य कारण: यह सियासी तूफान तब खड़ा हुआ जब ऐसी खबरें आईं कि सीएम विजय अपनी सरकार को स्थिर करने के लिए AIADMK के 25 बागी विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने पर विचार कर रहे हैं। CPIM के राज्य सचिव पी षणमुगम ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी ने समर्थन केवल इसलिए दिया था ताकि राज्य को फिर से चुनाव न झेलना पड़े और BJP का प्रभाव न बढ़े। उन्होंने कहा कि चूंकि जनादेश DMK और AIADMK दोनों के खिलाफ था, इसलिए AIADMK के साथ मिलकर सरकार चलाना जनता के फैसले के खिलाफ होगा।

मौजूदा गणित: 108 सीटें जीतने वाली TVK को वर्तमान में कांग्रेस, वामपंथी दलों, VCK और IUML का समर्थन हासिल है। यदि CPIM और अन्य सहयोगी दल (कुल 8 विधायक) समर्थन वापस लेते हैं, तो सरकार की स्थिरता के लिए विजय को AIADMK के बागी विधायकों की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, इससे जनता के बीच एक नकारात्मक संदेश जाने का डर बना हुआ है, जिसके कारण TVK की कोर टीम इस स्थिति को संतुलित करने में जुटी है।

विजय की शपथ पर सस्पेंस: तमिलनाडु में सरकार गठन का खेल उलझा, VCK और IUML के समर्थन पर फंसा पेंच

नेशनल डेस्क : तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। TVK प्रमुख विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। पहले खबर थी कि विजय शनिवार सुबह 11 बजे नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, लेकिन राज्यपाल को अब तक कुछ प्रमुख पार्टियों के समर्थन पत्र नहीं मिले हैं, जिसके कारण शपथ ग्रहण का समय और तारीख अभी तय नहीं हो पाई है।

बहुमत का आंकड़ा और पार्टियों की मांग : तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 117 सीटों की आवश्यकता है। विजय ने राज्यपाल को 116 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा है, जिसमें TVK के 107, कांग्रेस के 5 और CPI-CPM के 4 विधायक शामिल हैं। बहुमत के आंकड़े से मात्र एक कदम दूर विजय को अब चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि VCK और IUML के समर्थन पत्र अभी तक राजभवन नहीं पहुंचे हैं। खबरों के मुताबिक, VCK ने समर्थन देने के बदले डिप्टी सीएम पद की मांग की है, जबकि IUML ने स्पष्ट कर दिया है कि वे एमके स्टालिन (DMK) के साथ हैं।

विपक्ष की सक्रियता : इस बीच राज्य में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। AMMK के महासचिव टी. टी. वी. दिनाकरन ने राज्यपाल को पत्र सौंपकर AIADMK के एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की घोषणा कर दी है। हालांकि, TVK के विधायक मैरी विल्सन का दावा है कि विजय न केवल 5 साल बल्कि लंबे समय तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने फिलहाल शपथ ग्रहण की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है और वे शेष हस्ताक्षरों का इंतजार कर रहे हैं।