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आंध्र प्रदेश से होगी ‘विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन’ की राष्ट्रीय शुरुआत: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि ‘विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ का राष्ट्रीय शुभारंभ 1 जुलाई को आंध्र प्रदेश से किया जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री विभिन्न फील्ड स्थलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत विकास योजना की जानकारी साझा की जाएगी तथा आंध्र प्रदेश द्वारा विकसित मॉडल पंचायतों और जीरो-वेस्ट ग्राम पंचायतों के सफल कार्यों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने राज्य में चल रहे ग्रामीण विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण विकास योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे सभी कार्यों को जियो-टैग किया गया है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और भ्रष्टाचार की संभावना समाप्त हो। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों के सत्यापन के लिए फेस रिकॉग्निशन आधारित प्रणाली का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है।

पवन कल्याण ने कहा कि राज्य में ग्रामीण सड़कों के निर्माण और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा प्रत्येक पंचायत में मवेशियों के लिए पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे पशुपालकों को लाभ मिल रहा है।

उन्होंने VB-G RAM-G पहल के अंतर्गत आंध्र प्रदेश को 7,700 करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड अंतरिम राशि उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार और ग्रामीण विकास मंत्रालय का आभार भी व्यक्त किया।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि आंध्र प्रदेश में VB-G RAM-G के तहत कॉफी बागान गतिविधियों को शामिल किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य सरकार तटीय क्षेत्रों में मॉडल पंचायतों के विकास की दिशा में भी विशेष प्रयास कर रही है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने कहा कि तटीय क्षेत्रों में मॉडल पंचायतों के विकास के लिए मंत्रालय हरसंभव सहयोग देगा। उन्होंने बताया कि ये पंचायतें ग्रामीण विकास और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण बनेंगी।

बैठक के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों, जिन्हें ‘लखपति दीदी’ के नाम से जाना जाता है, के लिए वाहन खरीद संबंधी पहल को भी समर्थन देने की जानकारी दी गई। इसके लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत आवश्यक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

शिवराज सिंह चौहान ने PMAY-G के तहत 12 राज्यों को 10,021 करोड़ की मदर सैंक्शन जारी की

दिल्ली / सत्ता संदेश

‘सभी के लिए आवास’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 12 राज्यों को 10,021.42 करोड़ की मदर सैंक्शन केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी की उपस्थिति में जारी की।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिन राज्यों को मदर सैंक्शन जारी की उसमें- असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु एवं उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश का कोई भी गरीब कच्चे मकान में न रहे। इसी संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रारंभ की गई थी। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत 4.95 करोड़ घरों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 3.91 करोड़ घरों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा 3.05 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

उन्होंने राज्यों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने हेल्पलाइन, शिकायत निवारण प्रणाली, वर्षा जल संचयन, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन तथा राजमिस्त्री प्रशिक्षण जैसे सराहनीय प्रयास किए हैं, जिनके कारण योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आई है।

महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएमएवाई-जी के अंतर्गत लगभग 75 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम अथवा संयुक्त स्वामित्व में स्वीकृत किए गए हैं, जिससे महिलाओं का सम्मान, स्वाभिमान एवं सामाजिक सुरक्षा सुदृढ़ हुई है।

उन्होंने राज्यों से लंबित शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण करने तथा जारी की गई राशि के त्वरित उपयोग को सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राज्यों ने अभी तक वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लक्ष्यों के अनुरूप स्वीकृतियां पूर्ण नहीं की हैं, जिन्हें 30 जून 2026 तक पूरा किया जाना चाहिए।