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PSL 2026: बाबर आजम की कप्तानी में पेशावर जाल्मी बनी चैंपियन, 9 साल का इंतजार खत्म कर जीते करोड़ों

स्पोर्टस डेस्क : पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 11वें सीजन का खिताब पेशावर जाल्मी ने अपने नाम कर लिया है। बाबर आजम की कप्तानी में खेलते हुए टीम ने 3 मई को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में हैदराबाद किंग्समेन को 5 विकेट से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा किया। इस जीत के साथ ही पेशावर जाल्मी ने खिताब के लिए अपने 9 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया; इससे पहले टीम ने आखिरी बार 2017 में डैरेन सैमी की कप्तानी में खिताब जीता था।

हैदराबाद किंग्समेन की पारी का पतन: लाहौर में खेले गए इस निर्णायक मैच में मार्नस लाबुशेन की कप्तानी वाली हैदराबाद किंग्समेन की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए बुरी तरह विफल रही। पूरी टीम महज 18 ओवर में 129 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। हैदराबाद के लिए सैम अयूब ने सबसे ज्यादा 54 रनों की पारी खेली, लेकिन अन्य कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सका।

आरोन हार्डी का ऑलराउंड प्रदर्शन: पेशावर जाल्मी की इस जीत के सबसे बड़े नायक ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर आरोन हार्डी रहे। उन्होंने पहले गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए 4 ओवर में 27 रन देकर 4 विकेट झटके और फिर बल्लेबाजी में मोर्चा संभालते हुए नाबाद 56 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। उनके इस बेहतरीन खेल के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

बाबर आजम शून्य पर आउट, फिर भी रचा इतिहास: पेशावर जाल्मी को 130 रनों का आसान लक्ष्य मिला था, जिसे उन्होंने 15.2 ओवर में ही हासिल कर लिया। हालांकि, कप्तान बाबर आजम फाइनल में अपनी पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट हो गए, लेकिन पूरे सीजन में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक 588 रन बनाए। बतौर कप्तान बाबर आजम का यह पहला PSL खिताब है।

इनामी राशि: चैंपियन बनने पर पेशावर जाल्मी को 5 लाख अमेरिकी डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 4.74 करोड़ रुपये) की इनामी राशि मिली।

PSL 2026 को बड़ा झटका: एक-एक कर 8 विदेशी खिलाड़ियों ने छोड़ा साथ, IPL के लिए पाकिस्तान को दिखाया ठेंगा

स्पोर्टस डेस्क: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 11वें सीजन के आगाज से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। 26 मार्च से शुरू होने जा रही इस लीग से अब तक 8 प्रमुख विदेशी खिलाड़ियों ने अपना नाम वापस लेकर पाकिस्तान की उम्मीदों को करारा झटका दिया है।

इन दिग्गजों ने फेरा मुंह: लीग छोड़ने वाले खिलाड़ियों की सूची लंबी है और इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं:ऑस्ट्रेलिया: जैक फ्रेजर मैक्गर्क (रावलपिंडी) और स्पेन्सर जॉनसन (क्वेटा ग्लैडिएटर्स)।वेस्टइंडीज: जॉनसन चार्ल्स (कराची किंग्स) और गुटाकेश मोती (लाहौर कलंदर्स)।

इंग्लैंड व अन्य: इंग्लैंड के टिमल मिल्स, साउथ अफ्रीका के ओटनील बार्टमैन, जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी और अफगानिस्तान के रहमानुल्लाह गुरबाज ने भी अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं।

IPL और निजी कारण बनी वजह: सूत्रों के अनुसार, इन खिलाड़ियों के हटने के पीछे की सबसे बड़ी वजह IPL 2026 है। कई खिलाड़ियों को आईपीएल फ्रेंचाइजियों से बुलावा आ चुका है या उनकी बातचीत अंतिम दौर में है। वहीं, अफगानिस्तान के खिलाड़ियों को उनके बोर्ड ने पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद के चलते एनओसी (NOC) देने से मना कर दिया है।

PCB की धमकियां नाकाम: दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इन खिलाड़ियों को कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी, लेकिन खिलाड़ियों ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। पीसीबी जहां एक ओर अपनी लीग को लेकर बड़े दावे करता है, वहीं विदेशी खिलाड़ियों के इस तरह जाने से लीग की साख और आयोजन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

PSL 2026 पर संकट के बादल: ऑस्ट्रेलिया ने खिलाड़ियों को पाकिस्तान जाने से रोका, क्या रद्द होगा टूर्नामेंट?

स्पोर्टस डेस्क: 26 मार्च से शुरू होने वाली पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) पर अब रद्द या स्थगित होने का बड़ा खतरा मंडराने लगा है। दरअसल, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपने नागरिकों और खिलाड़ियों को पाकिस्तान न जाने की सख्त चेतावनी जारी की है। इस टूर्नामेंट में स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और ग्लेन मैक्सवेल जैसे 17 दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी और कोच हिस्सा लेने वाले थे, लेकिन सरकार की इस सलाह के बाद उनके खेलने पर संशय बन गया है।

तनाव का मुख्य कारण: इस खतरे के पीछे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता सैन्य संघर्ष है। 16 मार्च को पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में किए गए हवाई हमले के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। इस हमले में एक अस्पताल को निशाना बनाने का आरोप है, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने भी कार्रवाई करने का ऐलान किया है, जिससे युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा पर खतरा: रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में विदेशियों, विशेषकर उन जगहों को निशाना बनाया जा सकता है जहाँ वे अधिक संख्या में रहते हैं। पीएसएल के कई मैच पेशावर और रावलपिंडी जैसे शहरों में होने हैं, जिन्हें खतरे की श्रेणी में रखा गया है। अकेले रावलपिंडी में 11 मैच निर्धारित हैं।

पीसीबी को लग सकता है करोड़ों का घाटा: पहले ही कई बड़े खिलाड़ी पीएसएल छोड़कर आईपीएल (IPL) खेलने जा चुके हैं। अब यदि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी अपना नाम वापस लेते हैं, तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के लिए टूर्नामेंट का आयोजन करना मुश्किल हो जाएगा। इससे पीसीबी को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान होना तय माना जा रहा है।