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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना को दो और ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ की सौगात दी
  • किदवई नगर स्कूल में 27 कक्षाएँ जबकि मिलर गंज में 11 कक्षाएँ; दोनों आधुनिक प्रयोगशालाओं, ऑडिटोरियम और अन्य सुविधाओं से लैस: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • लुधियाना में अब 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • औद्योगिक क्रांति के बाद अब लुधियाना शिक्षा क्रांति में भी पंजाब का अग्रणी जिला बनकर उभर रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • बेहतर शैक्षणिक वातावरण से प्रेरित होकर निजी स्कूलों के विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • विदेशों में शिक्षकों का प्रशिक्षण, आधुनिक फर्नीचर और सभी सुविधाओं से युक्त पुस्तकालयों ने सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत किया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • हमारी सरकार ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब को देशभर में 27वें स्थान से पहले स्थान पर पहुंचाया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से उस ‘रंगले पंजाब’ का निर्माण कर रहे हैं, जिसका हमारे बच्चे सपना देखते हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • हमारा लक्ष्य स्वस्थ, शिक्षित और नशा-मुक्त पंजाब का निर्माण करना है, जिसकी प्राप्ति के लिए हम दिन-रात कार्य कर रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लुधियाना के किदवई नगर और मिलर गंज में दो नए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जनता को समर्पित किए, जिसके साथ जिले में स्कूल ऑफ एमिनेंस की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। आधुनिक कक्षाओं, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, ऑडिटोरियम तथा अन्य उन्नत सुविधाओं से सुसज्जित ये नए परिसर सरकारी शिक्षा को मजबूत करने और विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंजाब सरकार के ठोस प्रयासों का हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में लगातार किए गए निवेश ने सरकारी स्कूलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि बेहतर आधारभूत ढांचे, विदेशों में शिक्षकों के प्रशिक्षण तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के कारण अभिभावकों का सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास लगातार बढ़ा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में 27वें स्थान से छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है, जो प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर स्वस्थ, शिक्षित और नशा-मुक्त पंजाब के निर्माण के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराता है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों से संवाद किया तथा कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का दौरा किया

मुख्यमंत्री ने नव-आरंभ किए गए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ का दौरा करते हुए विद्यार्थियों के साथ काफी समय बिताया। उन्होंने कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशालाओं तथा अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का निरीक्षण किया और आधुनिक आधारभूत ढांचे का जायजा लेने के साथ विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, वैज्ञानिक प्रयोगों और सीखने के अनुभवों पर बातचीत की। भगवंत सिंह मान ने शिक्षकों और स्कूल स्टाफ से भी मुलाकात की तथा राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए उनके समर्पण की सराहना की।मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान अनेक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक उनसे ऑटोग्राफ लिए, जबकि कुछ विद्यार्थियों ने प्रेम और सम्मान के प्रतीक के रूप में अपने हाथों से बनाए गए स्केच और चित्र उन्हें भेंट किए। कार्यक्रम के दौरान एक विद्यार्थी के अभिभावकों ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट किया और उनकी अगुवाई में शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे क्रांतिकारी प्रयासों की प्रशंसा की।

इन ऐतिहासिक क्षणों की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज लुधियाना में नए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ भवन का उद्घाटन करना मेरे लिए अत्यंत गर्व और संतोष का विषय है। हमारे सरकारी स्कूलों का उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण विद्यार्थियों को निजी स्कूल छोड़कर यहां प्रवेश लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। पंजाब आज स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर है और इस वर्ष हमारे सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि 125 से अधिक विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स परीक्षा पास की है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर हम उस ‘रंगले पंजाब’ का निर्माण कर रहे हैं, जिसका हमारे बच्चे सपना देखते हैं। इंकलाब जिंदाबाद।”

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के लोगों, विशेष रूप से लुधियाना के निवासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। किदवई नगर और मिलर गंज में दो नए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ भवन जनता को समर्पित किए जा रहे हैं। इन दो नए स्कूलों के साथ लुधियाना में अब 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस हो गए हैं, जिससे यह पंजाब का सबसे अधिक स्कूल ऑफ एमिनेंस वाला पहला जिला बन गया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब की औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने के बाद अब लुधियाना राज्य की शिक्षा क्रांति में भी अग्रणी बनकर उभर रहा है। स्कूल ऑफ एमिनेंस मॉडल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच में अमीर और गरीब के बीच की खाई को काफी हद तक समाप्त किया है। आज सामान्य परिवारों के बच्चों को ऐसी सुविधाएं मिल रही हैं, जो अनेक निजी विद्यालयों से भी बेहतर हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “ये स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “किदवई नगर स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस 10.62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है। नया भवन 8300 वर्ग गज से अधिक क्षेत्र में बनाया गया है और इसमें कुल 60 कमरे हैं, जिनमें 27 कक्षाएं, सात आधुनिक प्रयोगशालाएं, एक पुस्तकालय, प्राचार्य कक्ष, 500 विद्यार्थियों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम तथा नौ शौचालय शामिल हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मिलर गंज स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस 3.48 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह नई इमारत 1800 वर्ग गज से अधिक क्षेत्र में निर्मित की गई है और इसमें कुल 22 कमरे हैं, जिनमें 11 कक्षाएं, सात प्रयोगशालाएं, प्राचार्य कक्ष तथा छह शौचालय शामिल हैं। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए यहां एक लिफ्ट भी स्थापित की गई है। इससे पहले इंद्रपुरी, लुधियाना में भी एक अत्याधुनिक स्कूल ऑफ एमिनेंस भवन का उद्घाटन किया जा चुका है।”

उन्होंने आगे कहा, “इंद्रपुरी स्कूल प्रीमियम सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें एक स्विमिंग पूल तथा एक टेनिस कोर्ट भी शामिल है। यहां विद्यार्थियों की संख्या 1320 से बढ़कर 1788 हो गई है, जो सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “लुधियाना जिले के 200 सरकारी विद्यालयों के आधारभूत ढांचे का व्यापक उन्नयन किया गया है। जिले भर में लगभग तीन लाख विद्यार्थी सरकारी विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। लुधियाना में अब 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस तथा 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस संचालित हो रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “राज्य सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से शिक्षा क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहल की हैं। केवल मुफ्त सुविधाओं अथवा रियायती योजनाओं से गरीबी और सामाजिक बुराइयों का स्थायी समाधान संभव नहीं है, बल्कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाकर उन्हें इस दुष्चक्र से बाहर निकाल सकती है। इसलिए सरकार शिक्षा के स्तर को और अधिक बेहतर बनाने तथा आम लोगों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर पहुंचा है। राज्य सरकार ने प्राथमिक एवं मिडिल शिक्षा को सुदृढ़ किया है, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया है, स्मार्ट कक्षाएं शुरू की हैं तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़े भी इस उपलब्धि की पुष्टि करते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।”
यह रहा भाग-3 (अंतिम भाग) का हिंदी अनुवाद, मूल प्रेस विज्ञप्ति के क्रम और शैली को यथावत रखते हुए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट कक्षाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है और आज पंजाब इस क्षेत्र में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। उल्लेखनीय है कि पहले यह स्थान केरल के पास था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान प्राप्त किया है। आने वाले समय में भी ऐसे अनेक प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर समाज और राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बनाती है, इसलिए राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।”

उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि प्रत्येक बच्चा, चाहे वह किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से संबंधित हो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार रखता है। शिक्षा के क्षेत्र को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की सभी पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी वही अवसर प्राप्त हों, जो अन्य बच्चों को उपलब्ध हैं। शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने तथा समृद्ध पंजाब के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है और राज्य सरकार इस क्षेत्र को और मजबूत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैंने पदभार संभाला था, उस समय स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब देश में 27वें स्थान पर था। यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि आज राज्य इस क्षेत्र में पहले स्थान पर पहुंच चुका है। वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जबकि वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 हो गई है, जो पंजाब के सरकारी विद्यालयों के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। पंजाब ने सरकारी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठकों के आयोजन में भी अग्रणी भूमिका निभाई है, जिनमें लगभग 24 लाख अभिभावकों की भागीदारी दर्ज की गई। लगभग 20,000 सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को निःशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है, जिनमें 12,000 छात्राएं शामिल हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लुधियाना में 155 विद्यार्थियों ने जेईई और नीट परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं, जबकि 47 विद्यार्थियों ने पंजाब राज्य प्रतिभा खोज परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। पिछले वर्ष लुधियाना के 201 विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सात स्वर्ण पदकों सहित कुल 25 पदक जीतकर जिले और राज्य का गौरव बढ़ाया।”

इससे पूर्व मलिका सिंह, केशव कुमार, राहुल, ऐशप्रीत कौर, अक्ष, सौरभ, आराधना, जसदीप कौर, लवी तथा अन्य विद्यार्थियों ने शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने वाली अभिनव पहलों के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

“पंजाब शिक्षा क्रांति”कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना के स्कूलों में ब्यूटी एंड वैलनेस लैब और स्मार्ट क्लासरूम का किया उद्घाटन

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार ने शिक्षा बजट में किया बड़ा इजाफा, स्कूलों तक पहुंची ग्रांट: तरुणप्रीत सिंह सौंदशिक्षा के क्षेत्र में पंजाब देश में पहले स्थान पर: मंत्री सौंद का दावाप्राइवेट स्कूलों से सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ रहा रुझान, 20 हजार बच्चों ने लिया दाखिला: सौंदपंजाब के स्कूलों में 8800 नए क्लासरूम और 30 हजार नए बाथरूम तैयार खन्ना

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने वर्ष 2021-22 में शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026-27 में 19,279 करोड़ रुपये कर दिया है, जो पंजाब के किसी भी क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी अलॉटमेंट है। यह राशि केवल कागजों तक सीमित नहीं रही, बल्कि हर स्कूल तक पहुंचाई गई है।ये विचार कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने “पंजाब शिक्षा क्रांति” कार्यक्रम के तहत गुरुवार को खन्ना हलके के रघवीर सिंह फ्रीडम फाइटर पीएम श्री सरकारी हाई स्कूल में 13.2 लाख रुपये की लागत से बनी “ब्यूटी एंड वेलनेस लैब” और सरकारी मिडिल स्कूल खन्ना खुर्द में 9.55 लाख रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस क्लासरूम के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए।कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब के सरकारी स्कूलों में बेहतरीन प्रोजेक्ट लाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रघवीर सिंह फ्रीडम फाइटर पीएम श्री सरकारी हाई स्कूल, खन्ना में पहले पंजाब सरकार की ग्रांट से एक बड़े हॉल का निर्माण किया गया और अब इसी हॉल में 13.2 लाख रुपये की लागत से “ब्यूटी एंड वेलनेस लैब” स्थापित की गई है।उन्होंने बताया कि इस लैब में 4 बड़ी सैलून कुर्सियां, 2 शैंपू स्टेशन, 2 फेशियल बेड, 1 हाई ड्रॉ फेशियल मशीन, 1 स्किन टेस्टिंग मशीन, 1 फेस स्टीमर, 1 हेड स्टीमर, 1 गैल्वेनिक मशीन, 1 स्टेरिलाइजर, 1 मैनिक्योर और पैडीक्योर कुर्सी सहित आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा छात्रों की सुविधा के लिए लैब में एसी भी लगाया गया है।उन्होंने कहा कि 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाने के लिए इस लैब में 2 साल का कोर्स चलाया जाएगा, जिसमें फेशियल, ब्लीच, मेहंदी, मेकअप, हेयर स्टाइल, हेयर कटिंग, हेयर स्पा, हेयर ट्रीटमेंट, हैंड मसाज, मैनिक्योर और पेडिक्योर जैसी ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि छात्र आत्मनिर्भर बन सकें।उन्होंने यह भी बताया कि इसी स्कूल के दूसरे बड़े हॉल में पंजाब सरकार द्वारा शूटिंग रेंज तैयार की गई है, जहां से कई छात्र ब्लॉक, जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं।मंत्री सौंद ने सरकारी मिडिल स्कूल खन्ना खुर्द में 9.55 लाख रुपये की लागत से बने स्मार्ट क्लासरूम का उद्घाटन करते हुए बताया कि इसमें 75 इंच का एलईडी पैनल, 20 ड्यूल डेस्क, लेक्चर स्टैंड, टेबल, कुर्सी, व्हाइट बोर्ड, चार पंखे, इनवर्टर और कैमरा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि विद्यार्थी आधुनिक तरीके से पढ़ाई कर सकें।उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़े क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। पूरे राज्य में लगभग 8800 नए क्लासरूम और 30 हजार नए बाथरूम बनाए गए हैं, साथ ही करीब 1 लाख नए डेस्क खरीदे गए हैं, ताकि कोई भी बच्चा खराब डेस्क पर बैठकर पढ़ने को मजबूर न हो। इसके अलावा स्कूलों में नए अध्यापकों की भर्ती भी की गई है।मंत्री ने दावा किया कि देश के 28 राज्यों में पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में करीब 20 हजार बच्चों ने प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है।उन्होंने कहा कि स्कूलों में लाइब्रेरी, चारदीवारी, नए कमरे, साइंस लैब जैसे अधूरे काम भी पूरे किए गए हैं। शिक्षा में सुधार के लिए अध्यापकों को विदेशों में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है, ताकि स्कूलों में किसी प्रकार की कमी न रहे।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार क्रांति ला रही है और आने वाले समय में भी ऐसे कई बड़े प्रोजेक्ट लागू किए जाएंगे।इस मौके पर रघवीर सिंह फ्रीडम फाइटर पीएम श्री सरकारी हाई स्कूल खन्ना के मुख्य अध्यापक बलविंदर सिंह, सरकारी मिडिल स्कूल खन्ना खुर्द की इंचार्ज सुषमा रानी, हरकिरनजीत कौर, जिला परिषद सदस्य मास्टर अवतार सिंह दैहिडू, शिक्षा कोऑर्डिनेटर स्वर्ण सिंह छिब्बर, पार्षद सुखमनजीत सिंह, ब्लॉक प्रधान अवतार सिंह मान, अमरिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।