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पं. बंगाल में ED का एक्शन ! कोलकाता और मुर्शिदाबाद में सोना पप्पू और शांतनु सिन्हा के ठिकानों पर छापेमारी

कोलकाता / सत्ता संदेश

ED Raid in West Bengal: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद प्रवर्तन निदेशालय का बड़ा एक्शन सामने आया है। ईडी ने कोलकाता और मुर्शिदाबाद में छापेमारी शुरू की है। ईडी द्वारा सोना पप्पू और शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े लोगों की कुछ बिल्डिंगों में छापेमारी के बाद तलाशी ली जा रही है।

पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय का बड़ा एक्शन सामने आया है। ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के गोल्डन ब्वॉय कहे जाने वाले सोना पप्पू और कोलकाता पुलिस के पूर्व DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े 9 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। ईडी ने यह कार्रवाई कोलकाता और मुर्शिदाबाद में शुरू की है। जिन जगहों पर तलाशी ली जा रही है, उनमें मो. अली उर्फ मैक्स राजू, सौरव अधिकारी (शांतनु सिन्हा बिस्वास का भतीजा) और शांतनु सिन्हा बिस्वास के मुर्शिदाबाद स्थित ठिकाने शामिल हैं। यह तलाशी आरोपियों और अन्य लोगों से हिरासत में पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की जा रही है।

शांतनु सिन्हा बिस्वास पर कसा शिकंजा

जांच में सामने आया है कि शांतनु सिन्हा बिस्वास और उनके परिवार के नाम पर दर्ज कंपनियों के बैंक खातों में भारी मात्रा में संदिग्ध धन मिला है। इसके अलावा करोड़ों रुपये की संपत्तियों को कागजों पर बहुत कम कीमतों में खरीदने का भी पता चला है, जिसे अपराध की कमाई माना जा रहा है। जांच के दौरान उनके पास से अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं। ईडी ने पहले पांच बार समन जारी किया था, लेकिन वे बार-बार पेश होने से बच रहे थे। उनके देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था। बंगाल में सत्ता परिवर्तन होते हुए उन्हें अरेस्ट किया गया था। सरकार ने उनकी पुलिस सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। शांतनु सिन्हा बिस्वास को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी अधिकारियों में गिना जाता था। वे पहले कालीघाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी के रूप में भी काम कर चुके हैं।

सिन्हा का सोना पप्पू से लिंक

कोलकाता पुलिस के पूर्व DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास को ED ने जबरन वसूली, जमीन हड़पने और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। सिन्हा की गिरफ्तारी की मुख्य वजह ‘सोना पप्पू’ सिंडिकेट से संबंध है। जांच के मुताबिक, शांतनु सिन्हा के तार कुख्यात अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ‘सोना पप्पू’ के आपराधिक गिरोह से जुड़े हुए हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर इस सिंडिकेट को संरक्षण दिया और जमीन हड़पने व रंगदारी जैसे अवैध कामों में मदद की। इस सिंडिकेट के माध्यम से शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) और गलत वित्तीय लेनदेन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है।