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भारत ने श्रमिकों, किसानों, MSME के लिए खाड़ी देश में अवसरों के द्वार खोले

दिल्ली / सत्ता संदेश

1 जून से लागू हो रहा भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस मिशन की एक निर्णायक उपलब्धि है, जिसका लक्ष्य नए बाजार खोलने और रोजगार सृजन को गति देने के जरिये भारत के छात्रों, कारीगरों, महिलाओं, किसानों, मछुआरों और एमएसएमई के लिए वैश्विक समृद्धि के मार्ग बनाना है।         

भारत और ओमान के बीच गहरे आर्थिक संबंध हैं और लोगों के आपसी संबंध प्रगाढ़ हैं। ओमान में लगभग 7 लाख भारतीय रहते हैं, जिनमें वे व्यापारी परिवार भी शामिल हैं, जिनकी जड़ें 200–300 साल पुरानी हैं। ओमान से भारत को भेजी जाने वाली वार्षिक धनराशि लगभग 2 बिलियन डॉलर है, जबकि देश में 6,000 से अधिक भारतीय उद्यम कार्यरत हैं। 

दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ करता है। यह तुरंत ही ओमान में 98% टैरिफ लाइनों के लिए 100 प्रतिशत शुल्क मुक्त बाजार पहुंच की सुविधा देता है, जिसमें 99.38 प्रतिशत निर्यात शामिल है।

यह सीईपीए से पहले की प्रणाली की तुलना में एक उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है। पहले की प्रणाली में केवल 15.3 प्रतिशत भारतीय निर्यात ओमान में शून्य शुल्क के साथ प्रवेश कर सकते थे। भारत की ऐसी वस्तुएं, जिन पर वर्तमान में ओमान में 5 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है और जिनकी कीमत लगभग 3.64 बिलियन डॉलर के निर्यात के बराबर है, अब काफी अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगी।

भारत के एमएसएमई क्षेत्र के लिए, यह समझौता परिवर्तनकारी हो सकता है, क्योंकि सीईपीए से लाभान्वित होने वाले कई क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों की प्रमुखता है। लोहा और इस्पात, वस्त्र, चमड़ा, वाहन कल-पुर्जे और औद्योगिक उपकरण जैसे कुछ क्षेत्रों में एमएसएमई को बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिलने की उम्मीद है, जिससे उत्पादन, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

बढ़ती वैश्विक अस्थिरता के युग में, सीईपीए भारतीय निर्यातकों को, जो आर्थिक मंदी और बढ़ते व्यापार बाधाओं का सामना कर रहे हैं, अपने बाजारों को विविध बनाने और परंपरागत बाजारों पर निर्भरता कम करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

रोज़गार सृजन – यह व्यापार समझौता श्रम-गहन क्षेत्रों जैसे वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, खाद्य प्रसंस्करण, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण और कुछ इंजीनियरिंग क्षेत्रों को लाभ पहुँचाता है, जो भारत के प्रमुख रोजगार प्रदाता हैं।

ओमान को होने वाले वस्त्र निर्यात में वृद्धि से उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और तिरुपुर, सूरत, लुधियाना, पानीपत, कोयंबटूर, करूर, भदोही, मुरादाबाद, जयपुर और अहमदाबाद जैसे प्रमुख क्लस्टर में रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। भारत भर के कारीगर और बुनकर भी अपने उत्पादों की उच्च अंतरराष्ट्रीय मांग से लाभान्वित होंगे।

भारत भर में, विशेष रूप से तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में, साथ ही महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों समेत चमड़ा और जूता के प्रमुख केंद्रों में भी रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

रत्न और आभूषण क्षेत्र एक अन्य उदाहरण है, जो दिखाता है कि सीईपीए रोजगार वृद्धि को किस प्रकार तेज करेगा। भारत के पास पहले से ही कटे और पॉलिश किए हुए हीरे, सोने और चांदी के आभूषण तथा हस्तनिर्मित आभूषण उत्पादन में मजबूत क्षमताएं हैं। शुल्क बाधाओं के हटने से, भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय और एशियाई प्रतिस्पर्धियों पर निर्णायक बढ़त मिलेगी। उद्योग जगत का अनुमान है कि अगले तीन वर्षों में ओमान को होने वाला निर्यात बढ़ कर 150 मिलियन डॉलर तक हो सकता है। इससे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के आभूषण निर्माण केन्द्रों में महत्वपूर्ण रोजगार संभावनाएं सृजित होने की उम्मीद है।

किसान और मछुआरे – घरेलू किसानों और संवेदनशील कृषि हितों की सुरक्षा के लिए, भारत ने गेहूं, चावल, मक्का, मोटे अनाज, डेयरी, फल, सब्जियां, खाद्य तेल, तिलहन, चाय, कॉफी और शहद जैसे प्रमुख उत्पादों पर कोई टैरीफ छूट नहीं दी है।

घी, शहद, मीठे बिस्कुट, अंडे और कुछ मिष्ठान्न उत्पादों में भारत को प्रतिद्वंद्वियों पर प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा, जिससे देश के कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी और ग्रामीण आय में वृद्धि होगी।

यह समझौता भारत के राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) प्रमाणन की स्वीकृति और मान्यता भी प्रदान करता है, जो भारतीय किसानों को ओमान में, जो एक प्रमुख खाद्य आयातक है, जैविक उत्पाद बेचने के लिए विशाल अवसर देगा।

समुद्री उत्पादों में भी विशाल संभावनाएँ हैं, जिनका अब तक उपयोग नहीं हो पाया है। 2022 और 2024 के बीच ओमान का समुद्री उत्पादों का आयात लगभग 119 मिलियन डॉलर था। भारत से आयात केवल 7.75 मिलियन डॉलर था, जिससे भारतीय समुद्री खाद्य निर्यात जैसे झींगा और जमे हुए कटलफिश के लिए विशाल अवसर मौजूद हैं। श्रम-गहन समुद्री उत्पाद उद्योग मछली पकड़ने, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, शीत-श्रृंखला लॉजिस्टिक्स और निर्यात संचालन में अतिरिक्त नौकरियाँ उत्पन्न कर सकता है।  

दवा और पारंपरिक चिकित्सा – यूएसएफडीए, ईएमए, यूके एमएचआरए और टीजीए जैसे नियामकों द्वारा अनुमोदित भारतीय दवाएं 90 दिनों के भीतर ओमान में स्वचालित विपणन प्राधिकार प्राप्त करेंगी — जो भारतीय फार्मा निर्यातकों के लिए एक बड़ी सफलता है।

यह भी महत्वपूर्ण है कि सीईपीए भारत की पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं के लिए अवसर पैदा करता है। यह पारंपरिक चिकित्सा में संयुक्त अनुसंधान की व्यवस्था करता है।  

सेवाएँ और आवागमन – समझौते का एक और महत्वपूर्ण पहलू सेवा और आवागमन में निहित है। ओमान ने भारत के लिए विशिष्ट निर्यात क्षेत्रों में व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताएँ व्यक्त की है, जिनमें पेशेवर सेवाएँ, कंप्यूटर और आईटी सेवाएँ, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, अनुसंधान और विकास तथा पर्यावरण सेवाएँ शामिल हैं। लेखा, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, निर्माण, शिक्षा और परामर्श जैसे क्षेत्रों में भारतीय पेशेवरों को बेहतर बाज़ार पहुँच से लाभ मिलने की उम्मीद है।  

महत्त्वपूर्ण रूप से, ओमान ने भारतीय पेशेवरों और श्रमिकों के लिए आवागमन प्रतिबद्धताओं में वृद्धि पर सहमति व्यक्त की है। अंतर-कॉर्पोरेट स्थानांतरित कर्मियों और संविदा सेवा प्रदाताओं को चार साल तक रहने की अनुमति दी जाएगी, जबकि व्यवसाय आगंतुकों और स्वतंत्र पेशेवरों को आसान अस्थायी प्रवेश की सुविधा मिलेगी। इसने अंतर-कॉर्पोरेट स्थानांतरित कर्मियों के लिए ऊपरी-सीमा को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है।

विकसित देशों के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की मोदी सरकार की पहल  प्रत्येक भारतीय के जीवन को बेहतर बनाने के प्रधानमंत्री के मिशन का हिस्सा है।

ओमान के साथ समझौता याद दिलाता है कि व्यापार; विकास, रोजगार सृजन और साझा समृद्धि का एक शक्तिशाली उपकरण है। एक विभाजित और संरक्षणवादी दुनिया में, पीएम मोदी स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि एक नया, आत्मविश्वासी भारत पीछे नहीं हटेगा। यह साझेदारियों, प्रतिस्पर्धा और वैश्विक सहभागिता के माध्यम से आगे बढ़ेगा।

(लेखक केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री हैं।)

PM मोदी ने कूटनीतिक उपहारों के जरिए दुनिया को दिखाई भारत की जनजातीय विरासत

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

पीएम नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में अपनी कूटनीतिक विदेश यात्राओं के दौरान विश्व के नेताओं को देश की स्वदेशी कला और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले विशेष रूप से तैयार किए गए उपहार भेंट करके भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत और पारंपरिक शिल्प कौशल को दर्शाया है।

स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया को मध्य प्रदेश की परंपरागत गोंड पेंटिंग भेंट की गई जो भारत की जीवंत जनजातीय कला की विरासत का प्रतीक है। गोंड आदिवासी समुदाय की इस कला को अपने जटिल बिंदु-रेखा पैटर्न, चमकदार प्राकृतिक रंगों और प्रकृति से प्रेरित विषयों के चित्रण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। गोंड कला मध्य भारत के आदिवासी कारीगरों को स्थायी रूप से आजीविका के अवसर प्रदान करती रहती है।

वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को असम के मूगा रेशम की पारंपरिक शॉल और मणिपुर के तंगखुल नागा समुदाय की ओर से निर्मित शिरुई लिली की शॉल उपहार में दी गयी। अपनी विशिष्ट प्राकृतिक सुनहरी चमक और टिकाऊ होने के कारण प्रसिद्ध मूगा रेशम असम की सदियों पुरानी बुनाई परंपरा का प्रतीक है और इसे भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्रदान किया गया है। वहीं, शिरुई लिली की शॉल तंगखुल नागा जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक पहचान और कलात्मक परंपराओं को दर्शाती है। यह मणिपुर के दुर्लभ राज्य पुष्प शिरुई लिली से प्रेरित है।

संयुक्त अरब अमीरात की राजमाता को मणिपुर का काला चावल उपहार में दिया गया जो इस क्षेत्र के जनजातीय पहाड़ी समुदायों की ओर से पारंपरिक धरोहर के रूप से उगाया जाने वाला अनाज है। चक-हाओ की पहचान व्यापक रूप से अपने पौष्टिक और औषधीय गुणों के लिए है। यह इस क्षेत्र के मूलनिवासी समुदायों की पीढ़ियों से संरक्षित समृद्ध कृषि परंपराओं का प्रतीक है।

पीएम मोदी ने इन कूटनीतिक उपहारों के माध्यम से वैश्विक मंच पर भारत की जनजातीय परंपराओं, स्वदेशी शिल्प कौशल और सांस्कृतिक विरासत को उजागर किया। साथ ही उन्होंने देश की कलात्मक और सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने में आदिवासी समुदायों के अमूल्य योगदान को भी मान्यता दी।

‘भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा’: पहलगाम हमले की पहली बरसी पर पीएम मोदी का कड़ा संदेश

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी (22 अप्रैल) पर जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। इस मौके पर उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को स्पष्ट करते हुए दुनिया को एक कड़ा संदेश दिया है।

आतंकियों के मंसूबे कभी नहीं होंगे कामयाब: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस हमले में अपनी जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को राष्ट्र कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने लिखा, “एक राष्ट्र के तौर पर, हम दुख और संकल्प में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा और आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे”। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।

भारतीय सेना का जवाब: ‘न्याय होकर रहेगा’ इस अवसर पर भारतीय सेना ने भी आतंकवादियों और उनके आकाओं को चेतावनी दी है। सेना ने स्पष्ट किया कि भारत के खिलाफ किसी भी घिनौनी हरकत का जवाब मिलना तय है और न्याय हमेशा मिलकर रहेगा। सेना ने ‘ऑपरेशन महादेव’ का भी जिक्र किया, जिसके तहत पहलगाम हमले के जिम्मेदार आतंकियों को ढेर कर दिया गया था।

पहलगाम हमले का काला दिन : गौरतलब है कि पिछले साल (2025) जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकर यह कायरतापूर्ण हमला किया गया था। इस घटना में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च कर सीमा पार आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था।

आशा भोसले की बिगड़ी तबीयत: सीने में इन्फेक्शन के चलते अस्पताल में भर्ती; पीएम मोदी और फिल्मी सितारों ने की जल्द स्वस्थ होने की कामना

मनोरंजन डेस्क: दिग्गज गायिका आशा भोसले की तबीयत बिगड़ने की खबर ने उनके करोड़ों प्रशंसकों को चिंता में डाल दिया है। 11 अप्रैल की रात उन्हें सीने में इन्फेक्शन और कमजोरी की शिकायत के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अफवाहों पर लगा विराम: शुरुआत में सोशल मीडिया पर उन्हें हार्ट अटैक आने की खबरें उड़ी थीं, लेकिन उनकी पोती जनाई भोसले ने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल कमजोरी और सीने में इन्फेक्शन हुआ है, जिसका इलाज चल रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताई चिंता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा, “आशा भोसले जी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सुनकर बहुत चिंता हुई। उनके अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं”।

फिल्मी सितारों ने मांगी दुआएं: अनुपम खेर, संजय कपूर, नील नितिन मुकेश, अशोक पंडित और तनिषा मुखर्जी जैसे कई फिल्मी सितारों ने सोशल मीडिया के जरिए उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना की और परिवार को हिम्मत दी।

सुरों की मलिका का सफर: भारतीय संगीत जगत की सबसे प्रतिष्ठित आवाजों में से एक आशा भोसले ने कई दशकों तक अलग-अलग भाषाओं में हजारों गानों को अपनी आवाज दी है। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर से हर पीढ़ी के संगीत प्रेमी चिंतित हैं।

फिलहाल सभी की नजरें परिवार की अगली हेल्थ अपडेट पर टिकी हैं और प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पहुंचे मुंबई; पीएम मोदी के साथ आज होगी द्विपक्षीय बैठक

मुंबई/नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मुंबई पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष निमंत्रण पर भारत आए राष्ट्रपति मैक्रों का यह चौथा और मुंबई का पहला दौरा है।रणनीतिक साझेदारी और ‘हॉरिजोन 2047’ पर चर्चा :आज दोपहर 3:15 बजे मुंबई के लोक भवन में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होगी। इस मीटिंग के दौरान दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे और इसे नए क्षेत्रों में विस्तार देने पर चर्चा करेंगे। साथ ही, ‘हॉरिजोन 2047’ रोडमैप और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा।

ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन :शाम करीब 5:15 बजे दोनों नेता ‘भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वे दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स, स्टार्टअप्स और रिसर्चर्स की एक संयुक्त बैठक को भी संबोधित करेंगे।

दिल्ली में एआई समिट में होंगे शामिल: मुंबई के कार्यक्रमों के बाद राष्ट्रपति मैक्रों दिल्ली रवाना होंगे, जहाँ वे 19 फरवरी को ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ (AI Impact Summit) में हिस्सा लेंगे। गौरतलब है कि इस समिट का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया है और इसमें फ्रांस सहित 13 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।

पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा प्रहार: ‘राष्ट्रपति और सिख समुदाय का अपमान बर्दाश्त नहीं’

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री ने सदन में हुए हंगामे और विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों को देश के संवैधानिक मूल्यों और विभिन्न समुदायों का अपमान करार दिया।

संविधान और राष्ट्रपति का अपमान: प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा में राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा न होने देना सीधे तौर पर संविधान का अनादर है। उन्होंने इसे देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान बताते हुए कहा कि विपक्ष के पास ‘संविधान’ शब्द बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है।

सदन में अमर्यादित व्यवहार और ‘असम’ का मुद्दा: सदन की कार्यवाही के दौरान चेयर पर कागज फेंके जाने की घटना पर दुख जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह उन सदस्यों का अपमान है जो असम और दलित पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने पूर्व में भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिए जाने के विरोध को भी असम और कलाप्रेमियों के प्रति कांग्रेस की नफरत का प्रतीक बताया।

राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू विवाद : प्रधानमंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। पीएम ने कहा कि एक ऐसे व्यक्ति को गद्दार कहना जिसका परिवार देश के लिए शहीद हुआ हो, न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि यह पूरे सिख समुदाय और गुरुओं का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के मन में सिखों के प्रति गहरी नफरत भरी है।

क्या था मामला? ज्ञात हो कि संसद के मकर द्वार के बाहर राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसमें राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार’ और जवाब में बिट्टू ने राहुल गांधी को ‘देश का दुश्मन’ कहा था। इस घटना के बाद भाजपा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

नितिन नबीन बने BJP के नए नेशनल प्रेसिडेंट: PM मोदी की मौजूदगी में हुआ फॉर्मल ऐलान

नेशनल डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मंगलवार को अपना नया नेशनल प्रेसिडेंट मिल गया। बिहार की पॉलिटिक्स में एक्टिव और 5 बार के MLA नितिन नबीन को नया पार्टी चीफ चुना गया है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उनके नाम का फॉर्मल ऐलान किया गया। नबीन ने जेपी नड्डा की जगह ली है, जो 2020 से इस पद पर थे।

सबसे कम उम्र के प्रेसिडेंट और बिना विरोध के चुनाव: नितिन नबीन BJP के 12वें नेशनल प्रेसिडेंट बन गए हैं और वे इस पद पर पहुंचने वाले पार्टी के सबसे कम उम्र के लीडर हैं।

उनका चुनाव बिना विरोध के हुआ क्योंकि वे इस पद के लिए अकेले कैंडिडेट थे। प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी समेत कई सीनियर लीडर्स ने उनके सपोर्ट में नॉमिनेशन पेपर फाइल किए थे। कुल 37 नॉमिनेशन सेट फाइल किए गए, जिनमें से 36 स्टेट यूनिट्स से और एक पार्लियामेंट्री पार्टी से था।

पॉलिटिकल बैकग्राउंड और रिकॉर्ड: नितिन नबीन का जन्म 1980 में हुआ था, जिस साल BJP की स्थापना हुई थी। वे एक पॉलिटिकल परिवार से हैं; उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी BJP के बड़े नेता और चार बार MLA रहे थे। पिता की मौत के बाद, नबीन ने 2006 में पॉलिटिक्स में कदम रखा और पटना वेस्ट से उपचुनाव जीता। इसके बाद, वे 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार चुनाव जीतकर बांकीपुर सीट से MLA बने।

ज़रूरी ज़िम्मेदारियाँ: नितिन नबीन बिहार सरकार में कानून और न्याय मंत्री के साथ-साथ शहरी विकास और आवास मंत्री भी रह चुके हैं। उन्हें पिछले साल दिसंबर में BJP का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया था। प्रेसिडेंट बनने की घोषणा से पहले, नबीन ने दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

नया साल 2026 शुरू: PM मोदी समेत बड़े नेताओं ने दी शुभकामनाएं; काशी-अयोध्या में लंबी लाइनें

नेशनल डेस्क: साल 2026 का स्वागत पूरे देश में बड़े जोश के साथ हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर विपक्षी नेताओं तक, आज से देश में कई नए नियम भी लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।

सूत्रों के मुताबिक, आज की मुख्य खबरें इस तरह हैं:

राजनीतिक नेताओं के संदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी के अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और सफलता की कामना की है। राहुल गांधी ने देशवासियों के जीवन में खुशी और सफलता की प्रार्थना की। SP प्रमुख अखिलेश यादव ने ‘नई कसम’ और ‘नए संकल्प’ के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्र निर्माण और भारत की सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूत करने पर जोर दिया।

धार्मिक स्थलों पर रौनक: नए साल के मौके पर देश के प्रमुख मंदिरों में भक्तों का भारी सैलाब उमड़ा है। काशी और अयोध्या में 3 km लंबी लाइनें लग रही हैं, जबकि खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

बदले हुए नियम: 1 जनवरी 2026 से LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हुआ है। LPG सिलेंडर महंगे हो गए हैं, वहीं PNG गैस की कीमतें कम कर दी गई हैं। इसके अलावा रेलवे टिकट बुकिंग और कई दूसरे फाइनेंशियल नियमों में भी बदलाव हुए हैं।

PM मोदी दिल्ली के चर्च में क्रिसमस प्रेयर मीटिंग में शामिल हुए: देशवासियों को शुभकामनाएं

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को क्रिसमस के पावन मौके पर दिल्ली के कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन में एक खास प्रेयर मीटिंग में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने दिल्ली और उत्तर भारत में बड़ी संख्या में जमा हुए ईसाई समुदाय के लोगों के साथ क्रिसमस की सुबह की प्रेयर में हिस्सा लिया।

प्रेयर मीटिंग की खास बातें: सूत्रों के मुताबिक, इस खास मीटिंग में कई धार्मिक रस्में निभाई गईं, जिसमें कैरोल और भजन गाना शामिल था। इस मौके पर दिल्ली के बिशप, राइट रेवरेन्ड पॉल स्वरूप ने भी प्रधानमंत्री मोदी के लिए खास प्रार्थना की।

प्रधानमंत्री का संदेश: प्रधानमंत्री ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (X) पर तस्वीरें शेयर कर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने लिखा: “चर्च में हुई प्रेयर मीटिंग में प्यार, शांति और दया का शाश्वत संदेश झलकता है। क्रिसमस की भावना हमारे समाज में सद्भाव और सद्भावना को प्रेरित करती रहे। ईसा मसीह की शिक्षाएं हमारे समाज में एकता और भाईचारे को और मजबूत करें। प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों को शांति, करुणा और उम्मीद से भरे क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं।”