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लुधियाना में पिज्जा की आड़ में ‘चिट्टे’ का धंधा: ‘पिज्जा एक्सप्रेस’ पर पुलिस की बड़ी रेड, 400 ग्राम हेरोइन बरामद

पंजाब डेस्क : लुधियाना पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। शहर के व्यस्त इलाके में एक नामी पिज्जा शॉप की आड़ में नशा तस्करी का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा था।लुधियाना के सिविल सिटी इलाके में स्थित ‘पिज्जा एक्सप्रेस’ नामक दुकान पर बुधवार दोपहर पुलिस ने अचानक छापा मारा।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस पिज्जा आउटलेट की आड़ में भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही है। यह सूचना इतनी पुख्ता थी कि पुलिस की कई टीमों ने दुकान को चारों तरफ से घेर लिया और करीब साढ़े 6 घंटे (दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक) सघन तलाशी अभियान चलाया।इस रेड के दौरान पुलिस ने दुकान से 400 ग्राम हेरोइन बरामद की है।

एसीपी (सिविल लाइंस) सरबजीत सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दुकान के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अचानक हुई इस पुलिस कार्रवाई से इलाके के अन्य दुकानदारों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके।

PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…22-04-2026

पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ में आज हलचल भरा दिन रहा। जहाँ एक तरफ सरकार के बेअदबी कानून को अदालत में चुनौती दी गई, वहीं दूसरी तरफ बिजली संकट और बढ़ती महंगाई ने आम जनता की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पेश हैं आज की 10 बड़ी खबरें।

1. बेअदबी कानून को हाईकोर्ट में चुनौती: पंजाब की AAP सरकार द्वारा लाए गए नए बेअदबी कानून के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह कानून धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन है क्योंकि इसमें केवल एक धर्मग्रंथ (श्री गुरु ग्रंथ साहिब) का जिक्र है और अन्य धर्मों को नजरअंदाज किया गया है।

2. पंजाब में गहराया बिजली संकट: पावरकॉम द्वारा घोषित 8 से 10 घंटे के बिजली कटों से नाराज होकर अमृतसर में लोगों ने बिजली घर का गेट तोड़कर खुद सप्लाई चालू कर दी। बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने इस असुविधा के लिए खेद जताते हुए इसे सिस्टम अपग्रेड के लिए जरूरी बताया है।

3. चंडीगढ़ में पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़: बुधवार सुबह सेक्टर-25 में पुलिस मुठभेड़ के बाद बदमाश मुकेश गोलू को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पैर में गोली लगी है। वह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से अवैध हथियार लाकर पंजाब-हरियाणा में सप्लाई करता था।

4. BBMB मामले में सरकार को झटका: हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के BBMB के फैसले के खिलाफ पंजाब सरकार की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि सरकार अपनी बात केंद्र के समक्ष रखे।

5. पाकिस्तान गई पंजाबी महिला का यू-टर्न: पाकिस्तान जाकर निकाह करने वाली सरबजीत कौर ने अब एक वीडियो जारी कर कहा है कि पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन नहीं होता। इससे पहले उन्होंने सिखों को लेकर भड़काऊ टिप्पणी की थी।

6. अमेरिका की जेल में पंजाबी महिला कैद: टेक्सास में कोर्ट इंटरप्रेटर मीनू बत्रा को मास डिपोर्टेशन ड्राइव के तहत गिरफ्तार किया गया है। उनके वकील डिपोर्टेशन रोकने की कोशिश कर रहे हैं। मीनू का बेटा अमेरिकी सेना में अफसर है।

7. लूडो खेलते ड्राइवर ने ली जान: कनाडा में ट्रक चलाते समय मोबाइल पर लूडो खेल रहे पंजाबी ड्राइवर बलजीत सिंह ने एक मां-बेटे को कुचल दिया। आरोपी को कैलिफोर्निया से गिरफ्तार कर वापस कनाडा लाया गया है।

8. न्यू चंडीगढ़ में IPL टिकटों की बिक्री शुरू: महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में 28 अप्रैल को पंजाब और राजस्थान के बीच होने वाले मैच के लिए टिकटों की ऑनलाइन बिक्री शुरू हो गई है। सबसे महंगी टिकट ₹30,000 तक की है।

9. लुधियाना में दूध ₹5 प्रति किलो महंगा: चारे की बढ़ती कीमतों और लेबर की कमी के कारण लुधियाना डेयरी एसोसिएशन ने 1 मई 2026 से दूध के रेट ₹5 प्रति किलो बढ़ाने का फैसला किया है।

10. जूस बार की आड़ में अवैध शराब की तस्करी: जालंधर पुलिस ने राजनगर में एक जूस बार मालिक राजू चौहान के घर रेड कर 50 पेटी अवैध शराब बरामद की है। आरोपी जूस बेचने के बहाने शराब सप्लाई करता था।

रेल पटरियों का आधुनिकीकरण
  • अश्विनी वैष्णव

भारत में हर दिन 25,000 से अधिक ट्रेनें चलती हैं। वे प्रतिदिन 2 करोड़ से अधिक यात्रियों को ले जाती हैं और कोयला, लौह अयस्क, अनाज, स्टील, सीमेंट तथा अन्य वस्तुओं की बड़ी मात्रा को 1,37,000 किलोमीटर से अधिक लंबे रेल नेटवर्क पर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाती हैं।

पूरी व्यवस्था जिस आधार पर काम करती है, वह रेल पटरी है। जब पटरी अच्छी स्थिति में होती है, तब ट्रेनें सुरक्षित रूप से अधिक गति से चलती हैं। लेकिन जब पटरी खराब होती है, तो इसके परिणाम गति पर रोक, देरी और सुरक्षा संबंधी जोखिम के रूप में सामने आते हैं। रेल की पटरी में दरार, कोई ढीला पुर्जा या गिट्टी की परत में रुकावट, इनमें से कोई भी चीज ट्रेन की चाल को प्रभावित कर सकती है।

रेल पटरियों के महत्व को ध्यान में रखते हुए, भारतीय रेलवे ने एक दशक से अधिक समय पहले व्यापक आधुनिकीकरण कार्यक्रम शुरू किया। इस कार्य में आधुनिक मशीनों से पटरियों का नवीनीकरण, उन्नत तरीकों से जांच और निरीक्षण, मशीनीकृत रखरखाव, सुरक्षा बाड़बंदी आदि शामिल थे। इन सभी प्रयासों ने मिलकर रेल नेटवर्क की स्थिति को स्पष्ट रूप से बदल दिया है।

2014 से अब तक लगभग 55,000 किलोमीटर पटरियों का नवीनीकरण किया गया है, जिससे सुरक्षा और यात्रा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है तथा बार-बार मरम्मत की आवश्यकता कम हुई है। लगभग 44,000 ट्रैक किलोमीटर में 260 मीटर लंबे रेल पैनल बिछाए गए हैं। लंबे पैनलों का अर्थ है कम जोड़, जिससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम और सुरक्षित होती है। अब 80,000 ट्रैक किलोमीटर से अधिक हिस्से में मजबूत 60 किलोग्राम वाली रेल पटरियों का उपयोग हो रहा है, जो अधिक भार और तेज गति का समर्थन करती हैं।

मजबूत रेल पटरी बिछाना जरूरी है, लेकिन समय रहते खराबी पकड़ना भी उतना ही जरूरी है। छिपी हुई दरारों को खोजने के लिए अल्ट्रासोनिक जांच की गई है। इसके तहत करीब 36.2 लाख ट्रैक किलोमीटर और 2.25 करोड़ वेल्ड की जांच हुई। इससे रेल और वेल्ड टूटने की घटनाएं करीब 90 प्रतिशत तक कम हो गई हैं। यानी अब खराबी होने के बाद उसे ठीक करने के बजाय पहले ही पकड़कर रोक लिया जाता है।

अब रेलवे में दूसरी आधुनिक जांच तकनीकें भी इस्तेमाल हो रही हैं। नई वेल्ड की जांच के लिए चुंबकीय जांच, फ्लैश-बट वेल्ड की जांच के लिए नई मशीनें और जीपीएस से जुड़ी ऐसी व्यवस्था लगाई गई है, जो ट्रेन की यात्रा की गुणवत्ता मापती है और पटरी के खराब हिस्से की सही जगह बता देती है।

भारतीय रेलवे की ट्रैक मशीनों की संख्या 2014 में 748 थी, जो 2026 में बढ़कर 1,785 हो गई है। ये मशीनें पटरी को ठीक करने, गिट्टी साफ करने और रेल को घिसकर बराबर करने का काम हाथ से होने वाले काम की तुलना में ज्यादा तेज, बेहतर और एक समान तरीके से करती हैं।

पटरी के नीचे बिछी गिट्टी की परत को साफ करने में मशीनों ने बड़ा फर्क पैदा किया है। यही गिट्टी पानी निकालने, कंपन कम करने और पटरी को मजबूत बनाए रखने का काम करती है। लेकिन समय के साथ ट्रेनों के लगातार वजन और कंपन से ये पत्थर टूटकर पाउडर जैसे हो जाते हैं। इससे गिट्टी की परत जाम हो जाती है और वह ठीक से काम नहीं कर पाती।

इसलिए गिट्टी की सफाई की जाती है, ताकि पटरी फिर से सही हालत में आ जाए। यह काम एक लाख किलोमीटर से ज्यादा रेल पटरियों पर किया जा चुका है और ज्यादातर काम मशीनों से हुआ है। इसी तरह पटरी की ऊपरी सतह की खराबी दूर करने के लिए भी एक लाख किलोमीटर से ज्यादा रेल की ग्राइंडिंग की गई है। इससे ट्रेन का सफर ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित हुआ है।

हर साल ट्रेनों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए ट्रेनों के बीच रखरखाव के लिए मिलने वाला समय कम होता जा रहा है। ऐसे में मशीनों की मदद से कम समय में ज्यादा काम हो जाता है और ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित नहीं होतीं। लेकिन सुरक्षा सिर्फ पटरी पर नहीं, बल्कि वहां भी जरूरी है जहां ट्रेनें लाइन बदलती हैं। इसलिए भारतीय रेलवे ने पटरी बदलने के साथ कई दूसरे सुधार भी किए हैं। करीब 17,500 किलोमीटर तक सुरक्षा के लिए बाड़ लगाई गई है, खासकर उन जगहों पर जहां ट्रेनें 110 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार से चलती हैं। इससे लोगों और जानवरों के पटरी पर आने की घटनाएं कम होती हैं।

जहां ट्रेनें एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाती हैं, वहां 36,000 नए और मजबूत स्विच लगाए गए हैं और 7,500 खास तरह के क्रॉसिंग लगाए गए हैं। ये ज्यादा समय तक चलते हैं और ट्रेन को बिना झटके के गुजरने देते हैं। 2019 से चौड़े और भारी स्लीपर लगाए जा रहे हैं, जिससे पटरी ज्यादा मजबूत रहती है, खासकर गर्मियों में। पुलों पर भी मजबूत स्लीपर लगाए गए हैं और यार्ड के अंदर लंबी वेल्ड वाली पटरियां बिछाई गई हैं। इससे पूरा रेलवे नेटवर्क और मजबूत हुआ है।

रेल पटरियों के आधुनिकीकरण का सबसे साफ असर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने की क्षमता के रूप में दिखाई देता है।

130 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे ज्यादा रफ्तार के लिए तैयार रेल पटरी का हिस्सा पहले सिर्फ 6 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर करीब 23 प्रतिशत हो गया है। इसी तरह 110 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे ज्यादा रफ्तार वाली पटरी पहले करीब 40 प्रतिशत थी, जो अब 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इससे सफर का समय कम हुआ है, ट्रेनें ज्यादा समय पर चल रही हैं और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी तेज ट्रेनें चलाना आसान हुआ है।

इन सुधारों का असर सुरक्षा पर भी दिखा है। 2014-15 में 135 बड़े रेल हादसे हुए थे, लेकिन 2025-26 में यह संख्या घटकर सिर्फ 16 रह गई। यानी हादसे लगभग 89 प्रतिशत कम हो गए। हर 10 लाख किलोमीटर चलने वाली ट्रेनों पर हादसों की दर भी 0.11 से घटकर 0.01 हो गई है। यह लगभग 90 प्रतिशत सुधार है। खास बात यह है कि ट्रेनों और यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद हादसे कम हुए हैं।

अब रेलवे ने एक नई ऑनलाइन व्यवस्था भी शुरू की है, जिसे ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम(टीएमएस) कहा जाता है। इसमें पटरी की जांच, ट्रेन के सफर की गुणवत्ता और पटरी की हालत से जुड़ी सारी जानकारी एक जगह मिल जाती है। इससे रेलवे को जल्दी समझ आ जाता है कि कहां काम करने की जरूरत है और समय रहते सुधार किया जा सकता है।

बारह साल पहले भारत की 60 प्रतिशत रेल पटरियां 110 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रफ्तार तक ही सीमित थीं। रेल पटरी टूटने की घटनाएं आम थीं और ज्यादातर रखरखाव हाथ से किया जाता था। आज स्थिति बदल चुकी है। अब करीब 80 प्रतिशत रेल नेटवर्क 110 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे ज्यादा रफ्तार संभाल सकता है। रेल और वेल्ड टूटने की घटनाएं 90 प्रतिशत तक कम हो गई हैं और करीब 1,800 ट्रैक मशीनें काम कर रही हैं।

लाखों यात्रियों और रेल माल ढुलाई पर निर्भर कारोबारों के लिए इन बदलावों का बड़ा असर पड़ा है। अब सफर ज्यादा आरामदायक हुआ है, यात्रा का समय कम हुआ है और रेलवे नेटवर्क पहले से ज्यादा भरोसेमंद बना है। काम अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन अब तक हुई प्रगति यह दिखाती है कि लगातार मेहनत और निवेश से कितना बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

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(लेखक, भारत सरकार के रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री हैं)

26 अप्रैल को होने वाली विशाल पंथक सभा की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

लुधियाना/ सत्ता संदेश

पंथक सभा को लेकर लोगों से मिल रहा भरपूर समर्थन

लुधियाना में 26 अप्रैल को अकाली दल “वारिस पंजाब दे” द्वारा आयोजित की जा रही विशाल पंथक सभा की तैयारियों के संबंध में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान लुधियाना के ऑब्जर्वर सरदार प्रिथीपाल सिंह, वरिष्ठ पार्टी नेता राजीव कुमार लवली, जसवंत सिंह चीमा, इंद्रजीत सिंह एडवोकेट, गुरप्रीत सिंह सोनू उपस्थित रहे और इस सभा को सफल बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के बारे में जानकारी देते हुए सरदार प्रिथीपाल सिंह और राजीव कुमार लवली ने बताया कि 26 अप्रैल, रविवार को आशा रानी पार्क, 33 फुटा रोड, राम नगर के पास, मुंडियां कलां, लुधियाना में अकाली दल “वारिस पंजाब दे” द्वारा संगठन के संरक्षक बापू तरसेम सिंह के नेतृत्व में पंथक सभा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के मौजूदा हालात से परेशान लोग बड़ा राजनीतिक बदलाव चाहते हैं और 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में बनने वाली पंथक सरकार लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए काम करेगी।

पार्टी नेताओं ने कहा कि पंथक सभा को लेकर लोगों से मिल रहा भरपूर समर्थन सांसद भाई अमृतपाल सिंह की सोच पर मुहर लगाता है।

इस मौके पर अन्य के अलावा बाबा दर्शन सिंह पंच, प्रगट सिंह, रिंकू राठौर, मधु सूदन, अवतार सिंह, सुरजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, जोरा सिंह, मनमोहन सिंह, जसराज सिंह, जसवीर सिंह, अमृतपाल सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरजीत सिंह, गुरचरण सिंह चौहान, शुभ शर्मा, हरमीत सिंह, दान सिंह भी मौजूद रहे।

राजेश राजू सरीन को पंजाब सरकार द्वारा आबकारी-कर विभाग कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया

लुधियाना/ सत्ता संदेश

राजेश राजू सरीन को पंजाब सरकार द्वारा आबकारी-कर विभाग कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है।

इस मौके पर आज राजेश राजू सरीन ने उप आबकारी-कर आयुक्त, लुधियाना मैडम रणधीर कौर गिल से मुलाकात कर उन्हें गुलदस्ता भेंट किया। सरीन ने कहा कि वह सरकार द्वारा सौंपी गई इस जिम्मेदारी के लिए आभारी हैं और भरोसा दिलाया कि वह इस दायित्व को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। इस दौरान मैडम गिल के साथ व्यापारियों को कर संबंधी आ रही परेशानियों का भी जिक्र किया गया। मैडम गिल ने भरोसा दिलाया कि इन समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।

पटियाला में CCA पंजाब का लाइफ सर्टिफिकेट कैंप, पेंशनरों को मिली त्वरित सुविधा और डिजिटल सेवाओं की जानकारी

पटियाला,/ सत्ता संदेश

पंजाब सर्कल के संचार लेखा नियंत्रक (सीसीए) कार्यालय ने 22 अप्रैल, 2026 को पटियाला स्थित बीएसएनएल कार्यालय में जीवन प्रमाण पत्र (एलसी) शिविर का आयोजन किया। यह शिविर पेंशनभोगियों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराकर और उनकी पेंशन संबंधी शिकायतों का समाधान करके उनकी सहायता के लिए आयोजित किया गया था। शिविर में लगभग 50 पेंशनभोगी शामिल हुए।

इस पहल का उद्देश्य जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और पेंशनभोगियों, वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना था। शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने तत्काल सहायता प्रदान की और उपस्थित लोगों को पेंशन प्रक्रियाओं, आवश्यक दस्तावेजों और संबंधित औपचारिकताओं के बारे में मार्गदर्शन दिया।

भाग लेने वालों को जीवन प्रमाण और ऑनलाइन पेंशन सेवाओं सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों के साथ-साथ डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत अन्य नागरिक-केंद्रित पहलों के बारे में भी जानकारी दी गई। ये सेवाएं पेंशनभोगियों को अपने घरों से ही सुविधाओं का आसानी से लाभ उठाने में मदद करने के लिए बनाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, उपस्थित लोगों के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं और उपलब्ध लाभों के बारे में जानकारी साझा की गई।

पेंशनभोगी संघों ने श्री के नेतृत्व की सराहना की। पंजाब के सीसीए विजेंद्र एन. टंडन ने पेंशनभोगियों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर प्रकाश डाला। शिविर में उपस्थित पेंशनभोगियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से कार्यालयों में बार-बार जाने की आवश्यकता कम होती है और सेवा वितरण में पारदर्शिता, सुगमता और सुविधा बढ़ती है।

पंजाब के सीसीए कार्यालय ने पेंशनभोगियों के लिए कुशल, समयबद्ध और सुरक्षित सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए आने वाले महीनों में विभिन्न जिलों में इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

चंडीगढ़ ने रक्त आधान सेवाओं पर राष्ट्रीय वीडियो कॉन्फ्रेंस में भाग लिया, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव (सार्वजनिक स्वास्थ्य) एवं महानिदेशक (NACO) ने की*

चंडीगढ़, 22 अप्रैल 2026: आज सुबह 11 बजे भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा रक्त चढ़ाने से जुड़ी सेवाओं की एक राष्ट्रीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता डॉ. राकेश गुप्ता, अतिरिक्त सचिव (सार्वजनिक स्वास्थ्य) और महानिदेशक, नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (NACO) ने की।

इस बैठक में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चंडीगढ़ से भी वरिष्ठ अधिकारियों ने इसमें भाग लिया।

बैठक में रक्त सेवाओं के 5 मुख्य चरणों की समीक्षा की गई, जैसे—लाइसेंस देना और नवीनीकरण, रक्तदान करने वालों की जांच और रक्त संग्रह, संक्रमण (TTI) की जांच, रक्त का प्रोसेसिंग और स्टोरेज, तथा रिकॉर्ड रखना। इन सभी को 10 मुख्य मानकों (KPI) के आधार पर परखा गया। इसके लिए eRaktKosh, CDSCO, ब्लड बैंक मैनेजमेंट सिस्टम (BBMS) और अन्य रिकॉर्ड्स के डेटा का उपयोग किया गया।

डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि देश का लक्ष्य है कि हर जिले में सुरक्षित खून उपलब्ध हो और खून चढ़ाने से होने वाले संक्रमण (TTI) बिल्कुल खत्म हों। उन्होंने यह भी बताया कि दिसंबर 2026 तक हर जिले में कम से कम एक ब्लड बैंक होना चाहिए।

बैठक में बताया गया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर जिला स्तर पर ब्लड सेंटर बढ़ाने और सभी लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर को eRaktKosh से जोड़ने का काम चल रहा है।

चंडीगढ़ के बारे में बताया गया कि यहां हर जिले में कम से कम एक ब्लड सेंटर उपलब्ध है। साथ ही, यहां अधिकतर रक्तदान स्वेच्छा से किया जाता है और जांच की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है।

आगे के लिए यह तय किया गया कि ब्लड सेंटरों में काम करने के नियमों (SOPs) को सही तरीके से लागू किया जाए, आधुनिक टेस्ट (जैसे ELISA/CLIA) अपनाए जाएं, ब्लड कंपोनेंट अलग करने की सुविधा बढ़ाई जाए और eRaktKosh व BBMS के जरिए डिजिटल ट्रैकिंग को मजबूत किया जाए।

इसके अलावा, ब्लड डोनर्स की पहचान के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम और हर ब्लड सेंटर का डिजिटल रजिस्ट्रेशन भी किया जाएगा। इस काम में राज्य ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल, रेड क्रॉस सोसायटी और अन्य संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।

बैठक के अंत में डॉ. गुप्ता ने निर्देश दिए कि सभी ब्लड सेंटरों के लाइसेंस की जांच की जाए, eRaktKosh और BBMS का 100% उपयोग सुनिश्चित किया जाए, नियमों का सख्ती से पालन हो, कर्मचारियों को सही प्रशिक्षण दिया जाए और सभी जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।

चंडीगढ़ प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि वह भारत सरकार के साथ मिलकर हर नागरिक को समय पर और सुरक्षित रक्त  उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

INS निरीक्षक, इन-एसएलएन डाइवेक्स 2026 में भाग लेने के लिए श्रीलंका के कोलंबो पहुंचा

भारतीय नौसेना का गोताखोरी सहायता और पनडुब्बी बचाव पोत, आईएनएस निरीक्षक, 21 अप्रैल 2026 को श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचा, ताकि 21-27 अप्रैल 2026 तक निर्धारित द्विपक्षीय गोताखोरी अभ्यासआईएन-एसएलएन डाइवएक्स 2026 के चौथे संस्करण में भाग ले सके।

इस संयुक्त अभ्यास में दोनों नौसेनाओं की गोताखोर टीमें अंतर-संचालनीयता, सामंजस्य और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष गोताखोरी अभियानों और प्रशिक्षणों में भाग लेंगी। एक सप्ताह तक चलने वाला यह अभ्यास भारत-श्रीलंका के समुद्री संबंधों और साझा समुद्री हितों को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

नौसेना बैंड की उपस्थिति में श्रीलंका नौसेना ने जहाज का औपचारिक स्वागत किया। आईएनएस निरीक्षक के कमांडिंग ऑफिसर, कमांडर शैलेश त्यागी ने पश्चिमी नौसेना क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, रियर एडमिरल एसजे कुमारा से मुलाकात की और आपसी हित के मामलों पर चर्चा की। पेशेवर मुलाकातों के अलावा, इस यात्रा में सामाजिक मेलजोल, खेल प्रतियोगिताएं और संयुक्त योग सत्र भी शामिल होंगे – जिससे दोनों नौसेनाओं के बीच मित्रता, सद्भावना और सौहार्द के गहरे बंधन मजबूत होंगे।

भारत की मानवीय सहायता पहल के तहत यह जहाज भारत सरकार की आरोग्य मैत्री‘ पहल के अंतर्गत श्रीलंका के अधिकारियों को दो मैत्री भीष्‍म क्यूब (भारत स्वास्थ्य पहल सहयोग हित एवं मैत्री) भेंट करेगा। ये अत्याधुनिक पोर्टेबल चिकित्सा इकाइयां 200 आपातकालीन मामलों को संभालने में सक्षम हैं और त्वरित प्रतिक्रिया प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। इनमें बुनियादी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक दवाइयां और शल्य चिकित्सा उपकरण मौजूद हैं। समुद्री सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने के उद्देश्‍य से भारतीय नौसेना श्रीलंकाई नौसेना को मिमी गोला बारूद के 50,000 राउंड भी सौंपेगी।

भारतीय समुद्री और श्रीलंका समुद्री गोताखोरी अभ्यास (डीआईवीईएक्‍स) एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय पहल है जो भारत और श्रीलंका के बीच गहरी समुद्री साझेदारी का प्रमाण है। साझेदार देशों के साथ निरंतर समुद्री सहयोग और गतिविधियां हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, सहकारिता और सामूहिक विकास को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं, जो महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) की परिकल्पना के अनुरूप है।

इस्पात मंत्रालय 27 अप्रैल को इस्पात आयात संबंधी मुद्दों पर एक खुली बैठक का आयोजन करेगा

दिल्ली /सत्ता संदेश

इस्पात मंत्रालय 27 अप्रैल, 2026 को नई दिल्ली में नेताजी नगर स्थित जीपीओए-3 की तीसरी मंजिल पर स्थित इस्पात कक्ष में इस्पात आयात से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए एक खुली बैठक का आयोजन करेगा। कंपनियां और संगठन उपरोक्त विषयों से संबंधित अपने मुद्दों को इस बैठक में प्रस्तुत कर सकते हैं। बैठक में भाग लेने के लिए tech-steel[at]nic[dot]in पर ईमेल भेजकर उपरोक्त तिथि के लिए अपना निश्चित समय निर्धारित करवाएं।

ई-मेल भेजते समय निम्नलिखित जानकारी शामिल की जा सकती है:

  1. कंपनी/एसोसिएशन का नाम
  2. उद्योग और उत्पाद का प्रकार– ऑटोमोबाइल/एयरोस्पेस/दूरसंचार/रक्षा, आदि।
  3. यह समस्या एसआईएमएस/एसएआरएएल एसआईएमएस/क्‍यूसीओ छूट से संबंधित है।
  4. यदि कोई हो तो एसआईएमएस/एसएआरएएल एसआईएमएस/क्‍यूसीओ छूट आवेदन का संदर्भ दें
  5. समस्या का संक्षिप्त विवरण (अधिकतम 50 शब्द)
  6. प्रतिभागी का नाम और पदनाम (किसी तीसरे पक्ष का प्रतिनिधित्व स्वीकार्य नहीं है)
  7. प्रतिभागी के संपर्क विवरण (मोबाइल नंबर और ईमेल)

ओपन हाउस का आयोजन सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक किया जाएगा और समय-सीमा की जानकारी ईमेल के माध्यम से दी जाएगी। व्यवस्था संबंधी कारणों को देखते हुए बिना पूर्व बुकिंग के प्रवेश संभव नहीं होगा और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक संगठन से केवल एक प्रतिनिधि को ही अनुमति दी जाएगी।

यह सलाह दी जाती है कि इस्पात के आयात के लिए एसआईएमएस/एसएआरएएल एसआईएमएस/क्‍यूसीओ छूट से संबंधित समस्याओं का सामना कर रही कोई भी कंपनी या संस्था 24 अप्रैल को दोपहर 3:00 बजे तक उपरोक्त ईमेल पते पर अपना अनुरोध भेजकर समय-सीमा की पुष्टि करवा सकती है।

रक्षा मंत्री ने जर्मनी में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से अपनी विरासत से जुड़े रहते हुए मजबूत द्विपक्षीय संबंधों में योगदान बनाए रखने का आग्रह किया 

दिल्ली /सत्ता संदेश


दोनों देशों के बीच भारतीय समुदाय सर्वाधिक सशक्‍त सेतु ह

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 21 अप्रैल, 2026 को जर्मनी की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के पहले दिन बर्लिन में भारतीय समुदाय के साथ संवाद किया। उन्होंने लगभग 300,000 सक्षम भारतीय प्रवासी समुदाय की प्रशंसा के साथ-साथ उन्हें दोनों देशों के बीच सबसे मजबूत सेतु बताते हुए कहा कि उनका योगदान व्यापार, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विस्‍तारित है।

रक्षा मंत्री ने इस तथ्य को दोहराया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर भारत का कद बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन आज पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है। उन्होंने जर्मनी में मौजूद भारतीयों से वैश्विक स्तर पर भारत के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का आग्रह किया।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 2026 जर्मनी के साथ राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूर्ण होने का प्रतीक है, जो विश्वास, आपसी सम्मान और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने भारतीय प्रवासियों से आग्रह किया कि वे अपनी विरासत से जुड़े रहते हुए भारत-जर्मनी साझेदारी को और मजबूत बनाने में अपना योगदान जारी रखें। उन्होंने विश्व के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को सरकार के निरंतर समर्थन और सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उनके प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराया।

रक्षा मंत्री ने भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि और तकनीकी प्रगति के बारे में चर्चा करते हुए बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप, अंतरिक्ष और डिजिटल नवाचार में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना का उद्देश्य घरेलू क्षमताओं को मजबूत करना, विनिर्माण को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता को कम करना है।

श्री राजनाथ सिंह ने इस संवाद को एक विशेष क्षण बताते हुए अपने पेशेवर दायित्वों के बावजूद उपस्थित होने के लिए सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल का उत्‍साहपूर्ण स्वागत भारत-जर्मनी की मजबूत और बढ़ती साझेदारी का प्रतीक है।