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PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…18-04-2026

पंजाब डेस्क : नमस्कार, पंजाब और चंडीगढ़ में आज का दिन राजनीतिक हलचल और बड़ी आपराधिक गिरफ्तारियों के नाम रहा। जहाँ एक ओर आम आदमी पार्टी के मंत्री के घर ईडी (ED) की लंबी छापेमारी चली, वहीं दूसरी ओर करोड़ों की ड्रग्स बरामदगी और अंतरराष्ट्रीय इमिग्रेशन विवादों ने सुर्खियां बटोरीं।

AAP मंत्री पर ED की रेड: पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के घर और ठिकानों पर 29 घंटे चली छापेमारी के बाद ED की टीम 2 बैग भरकर दस्तावेज साथ ले गई।450 करोड़ की ड्रग्स बरामद: अमृतसर में पुलिस ने 64 किलो हेरोइन जब्त की, जिसके तार पाकिस्तान के मूसा गैंग से जुड़े होने का शक है।

डंपिंग ग्राउंड की समयसीमा बढ़ी: चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया कि बारिश के कारण डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड अब मई के पहले सप्ताह तक साफ होगा।

जॉम्बी ड्रग्स’ का खौफ: चंडीगढ़ में एक युवक आधे घंटे तक बिना हिले-डुले एक ही जगह खड़ा रहा, स्थानीय लोगों ने इसे जॉम्बी ड्रग्स का असर बताया।

जंजीरों से बंधी मां रेस्क्यू: अमृतसर में महिला आयोग ने एक बुजुर्ग मां को उनके ही बेटे-बहू की कैद से छुड़ाया, जिन्हें जंजीरों से बांधकर रखा गया था।

फिनाइल पीने का ‘ड्रामा‘: कपूरथला में फिनाइल पीने वाली महिला के साथी पूर्व सरपंच ने सामने आकर आरोपों को झूठा बताया और इसे ब्लैकमेलिंग करार दिया।

बड़ा इमिग्रेशन फर्जीवाड़ा: एक पूर्व वीजा कंसल्टेंट महिला ने दावा किया कि एक ही स्पॉन्सरशिप लेटर पर 10-10 लोगों को अवैध रूप से विदेश भेजा जा रहा है।

IPL मुकाबला कल: पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपरजाइंट्स के बीच रविवार को चंडीगढ़ में मैच होगा, दोनों टीमें अभ्यास के लिए शहर पहुँच चुकी हैं।

कनाडा में डिपोर्टेशन का खतरा: नए इमिग्रेशन बिल C-12 के कारण कनाडा में रह रहे करीब 9 हजार पंजाबियों पर वापस भेजे जाने की तलवार लटक गई है।

पुल पर खतरनाक मॉडलिंग: लुधियाना के एलिवेटेड पुल पर रील बनाने के लिए मॉडलिंग करती युवती का वीडियो वायरल हुआ, पुलिस ने जांच के आदेश दिए।

नारी शक्ति वंदन’ की राह में आने वाली हर बाधा को दूर करेंगे: प्रधानमंत्री मोदी

‘नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महिला आरक्षण के मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक अत्यंत भावुक और आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने देश की महिलाओं को विश्वास दिलाया कि उनका इरादा पूरी तरह से अडिग है और वे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के मार्ग में आने वाली हर रुकावट को जड़ से समाप्त कर देंगे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देश की माताओं, बहनों और बेटियों से क्षमा मांगते हुए की, क्योंकि सरकार के भरसक प्रयासों के बावजूद यह बिल संसद में पास नहीं हो सका।

विपक्ष पर तीखा हमला: “ईमानदार प्रयास की भ्रूण हत्या” पीएम मोदी ने संसद में विपक्ष के आचरण पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसे विपक्ष द्वारा एक “ईमानदार प्रयास की भ्रूण हत्या” करार दिया। प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), टीएमसी और डीएमके जैसे दलों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इन दलों के लिए “दलहित” हमेशा “देशहित” से बड़ा रहा है, जिसका खामियाजा आज देश की नारी शक्ति को भुगतना पड़ रहा है। मोदी ने आरोप लगाया कि जब संसद में महिलाओं के अधिकार छीने जा रहे थे, तब ये परिवारवादी पार्टियां मेजें थपथपाकर खुशियां मना रही थीं, जो असल में नारी के आत्मसम्मान पर गहरी चोट थी।

परिवारवाद और महिलाओं के प्रति डर : संबोधन के दौरान पीएम ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा महिला आरक्षण का विरोध करने के पीछे एक गहरा डर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये परिवारवादी पार्टियां नहीं चाहतीं कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं सशक्त हों और नेतृत्व संभालें, क्योंकि इससे उनका अपना अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी ने राममनोहर लोहिया के आदर्शों को भुला दिया है और उनके सपनों को अपने पैरों तले रौंद दिया है।

कांग्रेस की ‘एंटी-रिफॉर्म’ मानसिकता और भ्रम की राजनीति: प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को एक ‘एंटी-रिफॉर्म’ पार्टी करार दिया, जो देश को मजबूत करने वाले हर फैसले में बाधा डालती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने परिसीमन (Delimitation) को लेकर देश में झूठ और भ्रम फैलाया है। पीएम के अनुसार, यह लड़ाई केवल एक बिल की नहीं बल्कि कांग्रेस की उस नकारात्मक मानसिकता के खिलाफ है, जो सुधार का नाम सुनते ही विरोध की तख्तियां लेकर खड़ी हो जाती है।

2029 का लक्ष्य और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प : पीएम मोदी ने कहा कि 40 साल से लटके हुए इस हक को 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने का लक्ष्य एक “पवित्र महायज्ञ” के समान है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि 21वीं सदी के भारत की नारी को नई उड़ान देने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। अंत में उन्होंने कहा, “नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती” और देश की महिलाएं विपक्ष के इस व्यवहार का जवाब जरूर देंगी।

भारत का फार्मा सेक्टर : नवाचार और  युवाओं के लिए नया आकाश

भारत आज दुनिया की ‘फार्मेसी’ के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर चुका है, और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विज़न के अनुरूप अब हम केवल जेनेरिक दवा बनाने वाले देश से आगे बढ़कर एक ‘नवाचार-आधारित’ वैश्विक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर हैं। हमारी सरकार का उद्देश्य ऐसी नीतियां बनाना है जिससे देश के हर नागरिक कम कीमत में गुणवत्तापूर्ण दवाएं से मिल सकें। साथ ही सरकार निरंतर अनुसंधान और विकास को बढ़ावा दे रही है और भारतीय फार्मा उद्योग को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए काम कर रही है।

भारत की अब तक की सफलता उसकी उत्पादन क्षमता, लागत दक्षता और गुणवत्ता मानकों पर आधारित रही है। विश्व की लगभग 20 प्रतिशत जेनेरिक दवाओं और 60 प्रतिशत वैक्सीन आपूर्ति के साथ देश ने वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसको देखते हुए भारत सरकार ने 8 से 10 वर्षों में देश को उच्च-मूल्य, नवाचार-आधारित बायोफार्मा और उन्नत चिकित्सीय उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा है।

इसकी आधारशिला के रूप में हालिया केंद्रीय बजट में घोषित 10,000 करोड़ की ‘बायोफार्मा शक्ति’ पहल महत्वपूर्ण है। यह कार्यक्रम देश में वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार आधारित उद्योगों और अगली पीढ़ी की दवाओं के विकास को गति प्रदान करेगा।

आर्थिक आंकड़े भी इस बात को दर्शाते हैं कि भारत का फार्मास्युटिकल उद्योग वर्तमान में 50 अरब डॉलर का है। जिस रफ्तार से हम आगे बढ़ रहे हैं, 2030 तक इसके 130 अरब डॉलर तक पहुंचने की पूरी संभावना है। इसे केवल संख्या नहीं, बल्कि देश के लाखों युवाओं के लिए बेहतर भविष्य के रोडमैप के तौर पर भी देखने की जरूरत है। 

वर्तमान में फार्मास्युटिकल उद्योग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 30 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रहा है। 2030 तक हेल्थकेयर और फार्मा क्षेत्र में 20 से 25 लाख नए रोजगार सृजित होंने की उम्मीद है। बायोफार्मा, मेडटेक और क्लीनिकल रिसर्च जैसे उभरते क्षेत्रों ने संभावनाओं के नए द्वार खोल दिए हैं।

हमारी सरकार का मानना है कि युवाओं की सफलता की नींव एक मजबूत शैक्षणिक ढांचे पर टिकी होती है। इसी विजन को ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय बजट में फार्मा सेक्टर के लिए और भी कई क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। सरकार ने देश में तीन नए राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईपर) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, वर्तमान में कार्यरत सात नाईपर संस्थानों को अपग्रेड किया जा रहा है। इन सात संस्थानों में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की गई है, जो अनुसंधान और विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से विशेष क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है, नाईपर मोहाली में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल दवाओं की खोज एवं विकास, नाईपर अहमदाबाद में मेडिकल डिवाइसेज, नाईपर हैदराबाद में बल्क ड्रग्स, नाईपर कोलकाता में फ्लो केमिस्ट्री और सतत विनिर्माण, नाईपर रायबरेली में नोबेल ड्रग डिलीवरी सिस्टम, नाईपर गुवाहाटी में फाइटोफार्मास्यूटिकल्स तथा नाईपर हाजीपुर में बायोलॉजिकल थेरैप्यूटिक्स पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। इन संस्थानों का सीधा लाभ हमारे विद्यार्थियों को मिलेगा। नाईपर केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं रह जाएंगे, बल्कि वे ऐसे केंद्र बनेंगे जहां छात्र उद्योग की वास्तविक चुनौतियों पर काम करेंगे। इससे हमारे छात्र केवल ‘जॉब सीकर’ नहीं बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ और नवाचारी बनेंगे।

बदलते दौर में काम करने के तरीके बदल रहे हैं। अनुमान है कि 2030 तक फार्मा सेक्टर के लगभग 30-35 प्रतिशत कार्यबल को री-स्किलिंग यानी नए कौशल सीखने की जरूरत होगी। केयर डिलीवरी, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग की परिभाषाएं बदल रही हैं। डेटा विश्लेषण, डिजिटल हेल्थ और नियामक मामलों में उच्च कौशल वाले युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। हमारी सरकार का ध्यान इसी ‘स्किल गैप’ को भरने पर है। हम चाहते हैं कि हमारे छात्र क्लीनिकल रिसर्च और अनुसंधान और विकास में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करें।

शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करना हमारी प्राथमिकता है। जब तक हमारे कॉलेजों में पढ़ाया जाने वाला पाठ्यक्रम और उद्योग की जरूरतें एक समान नहीं होंगी, तब तक हम ‘जनसांख्यिकीय लाभांश’ का पूरा लाभ नहीं उठा पाएंगे।

इसीलिए, हम ‘उद्योग-अकादमिक साझेदारी’ को मजबूत कर रहे हैं। इसी दिशा में, शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल बिठाने के लिए नाईपर और उद्योग के बीच 356 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। साथ ही स्किल डेवलपमेंट मिशनों के माध्यम से छात्रों को सीधे कंपनियों के साथ जुड़ने के मौके दिए जा रहे हैं। इससे न केवल युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी, बल्कि भारत एक ग्लोबल इनोवेशन हब बनेगा।

औषधि क्षेत्र का विकास जीडीपी बढ़ाने के साथ-साथ देश के युवाओं को सशक्त बनाने का भी एक मिशन है। ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की नींव हमारे युवा वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों के कंधों पर है। नाईपर का विस्तार और बजट में किए गए प्रावधान इस बात का प्रमाण हैं। हम एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं जहां एक छात्र अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से वैश्विक स्तर पर बदलाव ला सके। भारत के औषधि क्षेत्र का यह स्वर्णिम युग हमारे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है, जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

  • लेखक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं।
जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने केंद्रीय जेल और महिला जेल का किया निरीक्षण

लुधियाना/सत्ता संदेश

  1. जेल मंत्री ने कैदियों के लिए सुविधाओं, स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया।
  2. जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि पिछली राज्य सरकारों ने जेलों को सुधार गृहों में बदलने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
  3. डॉ. रवजोत सिंह ने पर्यावरण संरक्षण के लिए महिला जेल में एक पौधा भी लगाया।

पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने शुक्रवार को लुधियाना की केंद्रीय जेल और महिला जेल का दौरा किया। दौरे के दौरान उन्होंने कैदियों और विचाराधीन कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का व्यापक निरीक्षण और जायजा लिया।

लुधियाना की केंद्रीय जेल पहुंचने पर जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह को पंजाब पुलिस की एक टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

इसके बाद, जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने केंद्रीय जेल के भीतर बैरक, उच्च सुरक्षा क्षेत्र, रसोईघर, खाद्य सेवा, कारखाना, पीसीओ, बेकरी, बढ़ईगीरी, वेल्डिंग, पावरलूम, बुनाई, लकड़ी का काम और सिलाई कार्यशालाओं जैसे व्यावसायिक अनुभागों का दौरा किया। उन्होंने सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष और अन्य मनोरंजन सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। जेल अधिकारियों ने उन्हें कैदियों के कौशल विकास के लिए उपलब्ध विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष का भी दौरा किया।

उन्होंने जेल के अंदर साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने रसोई में भोजन का स्वाद भी चखा और कैदियों से बातचीत की। उन्होंने साफ-सफाई के उच्च मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, विशेष रूप से रसोई में, जहां उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कैदियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का आकलन किया।

केंद्रीय कारागार के अंदर, कैदियों ने डॉ. रवजोत सिंह को अपने माता-पिता पर लिखे गीत भेंट किए, जिससे एक समृद्ध सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण हुआ। डॉ. रवजोत सिंह ने उनकी प्रशंसा की और कैदियों की समस्याओं को भी सुना।

डॉ. रवजोत सिंह ने जेल अस्पताल का दौरा किया और ओएटी क्लिनिक, एचआईवी के लिए एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी, टीबी उपचार और परामर्श कार्यक्रमों सहित चिकित्सा सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अस्पताल के डॉक्टरों ने जेल मंत्री के ध्यान में एक्स-रे के लिए पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, सेल काउंटर और प्रयोगशाला परीक्षणों के लिए आईएएनए लेजर मशीनों की आवश्यकता प्रस्तुत की। जेल मंत्री ने अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित अरोरा को पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, जांच के लिए सेल काउंटर और आइना लेजर मशीन की मांग भेजने का आदेश दिया।

केंद्रीय जेल के अंदर चल रहे रेडियो उजाला पंजाब के माध्यम से लुधियाना की जेलों में बंद कैदियों को संदेश देते हुए जेल मंत्री ने कहा कि वे आज जेल का दौरा करने आए हैं। उन्होंने कैदियों से अतीत की गलतियों को भुलाकर अपने शेष जीवन को कानून का पालन करते हुए व्यतीत करने का आग्रह किया। जेल में चल रही गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें, चाहे वह काम से संबंधित हो, खेल से संबंधित हो या पढ़ाई से संबंधित हो। आप सभी के अच्छे स्वास्थ्य और प्रगति की कामना करता हूं।

इसके बाद, डॉ. रवजोत सिंह ने महिला जेल में कैदियों को दी जा रही सुविधाओं की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने स्वयं जेल की मुख्य सुविधाओं का निरीक्षण किया, जिनमें भोजन सेवा, चिकित्सा सुविधाएं, कानूनी सहायता क्लिनिक, पीसीओ, पुस्तकालय, बैरक, कारखाना और अन्य व्यावसायिक इकाइयां शामिल थीं।

डॉ. रवजोत सिंह ने महिला जेल के अस्पताल का दौरा किया और चिकित्सा सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर, लुधियाना स्थित महिला जेल के अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनैया ने मंत्री जी के ध्यान में लाया कि 24 घंटे की शिफ्ट में तैनात एकमात्र अधिकारी वही हैं। वे ओपीडी, नए कैदियों की चिकित्सा तैयारी और जांच के साथ-साथ रात में आपातकालीन ड्यूटी भी संभाल रहे हैं। इसके लिए एक अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारी की तैनाती की जानी चाहिए। जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने इस संबंध में अपनी राय रखी। रवजोत सिंह ने महिला जेल की अधीक्षक दलबीर सिंह कहलो को लुधियाना के सिविल सर्जन को एक अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति की मांग भेजने का आदेश दिया।

डॉ. रवजोत सिंह ने लुधियाना की महिला जेल की महिला कैदियों से बातचीत की और उनसे जेल अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, परोसे जा रहे भोजन और अदालतों में उनके लंबित मामलों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने कैदियों को सूचित किया कि जो कैदी अपने मामले की पैरवी के लिए स्वयं वकील नियुक्त करने में असमर्थ हैं, वे लुधियाना जिला विधि सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कैदियों को बताया कि निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए वे जेल में खोले गए कानूनी सहायता क्लिनिक में जाकर कानूनी सहायता फॉर्म भर सकते हैं।

जेल मंत्री ने आगे कहा कि लुधियाना की महिला जेल का दौरा महिला कैदियों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान को सुनिश्चित करने पर केंद्रित था। उन्होंने आश्वासन दिया कि जेल प्रशासन किसी भी समस्या का शीघ्र समाधान करने और सभी महिलाओं के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

डॉ. रवजोत सिंह ने जेल में महिला कैदियों के साथ रहने वाले छोटे बच्चों से भी मुलाकात की और उन्हें स्टेशनरी किट भेंट की और बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित भी किया।

जेल निरीक्षण के बाद डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि पिछली राज्य सरकारों ने जेलों को सुधारगृहों में बदलने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। यहाँ गैंगस्टरों का बोलबाला था, लेकिन अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने जेलों को सुधारगृहों में बदल दिया है। जेलों को सही मायने में सुधारगृहों के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेलों से मोबाइल फोन हटाए जा रहे हैं। इससे संबंधित सभी प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हर संभव प्रयास किया गया है। इसके अलावा, अत्याधुनिक तकनीक वाले सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।

जेल मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने जेलों के बुनियादी ढांचे के विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने पंजाब की जनता से अपील की कि वे अपने सपनों का पंजाब देखने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार का समर्थन करें।

जेल मंत्री ने पर्यावरण स्वच्छता के लिए लुधियाना महिला जेल में एक पौधा भी लगाया।

जाने से पहले उन्होंने केंद्रीय जेल और महिला जेल के आगंतुक रजिस्टर में अपने सुझाव भी दर्ज किए।

इस अवसर पर डीआइजी जेल सुरिंदरजीत सिंह मंड, एडीसीपी-4 लुधियाना जशनदीप सिंह गिल, सेंट्रल जेल अधीक्षक कुलवंत सिंह सिद्धू, अतिरिक्त जेल अधीक्षक बलवीर सिंह, महिला जेल अधीक्षक दलबीर सिंह काहलो, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट रवनीत कौर ढिल्लों और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

IAS हिमांशु जैन ने शिमलापुरी अवलोकन गृह में ‘नवी रोशनी’ कार्यक्रम का शुभारंभ कर आशा जगाई

लुधियाना/सत्ता सदेंश

समग्र पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, लुधियाना के उपायुक्त हिमांशु जैन ने शिमलापुरी स्थित किशोर अवलोकन गृह में “नवी रोशनी” कार्यक्रम के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। इस चरण में सपना मित्तल के नेतृत्व में आर्ट लाइफ एंड बियॉन्ड सोसाइटी के सहयोग से प्रमाण पत्र पाठ्यक्रमों का एक संरचित पाठ्यक्रम शुरू किया गया है।

नवी रोशनी कार्यक्रम का द्वितीय चरण किशोरों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष प्रमाण पत्र पाठ्यक्रमों के माध्यम से ध्यान केंद्रित करता है, जिनमें शामिल हैं:

1) योग: शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए।

2) भांगड़ा और गायन: सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने और रचनात्मक भावनात्मक अभिव्यक्ति प्रदान करने के लिए।

3) कला और शिल्प: धैर्य, सटीकता और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के लिए।

इन पाठ्यक्रमों को नियमित करने का उद्देश्य किशोरों के दैनिक जीवन में अनुशासन और व्यवस्था की भावना पैदा करना है। निरंतर और लक्ष्य-उन्मुख गतिविधियों में संलग्न होकर, निवासी आलस्य से दूर होकर सक्रिय भागीदारी वाली जीवनशैली की ओर अग्रसर होते हैं। ये कार्यक्रम केवल मनोरंजन मात्र नहीं हैं; ये सफल सामाजिक पुनर्एकीकरण के लिए आवश्यक गुणों जैसे एकाग्रता, टीम वर्क और आत्मसम्मान के निर्माण हेतु चिकित्सीय उपकरण के रूप में कार्य करते हैं। मुख्य प्रशासन अधिकारी, अंबर बंदोपाध्याय और प्रशासन फेलो, नवप्रीत सिद्धू भी इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का हिस्सा हैं। यह पहल शिमलापुरी स्थित अवलोकन गृह में प्रत्येक व्यक्ति की सुधार यात्रा को प्राथमिकता देने वाले सहायक वातावरण प्रदान करने के लिए लुधियाना प्रशासन की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

विधायक संगोवाल और चेयरमैन गिल ने बहादुरके अनाज मंडी का किया दौरा

लुधियाना/ सत्ता संदेश

विधायक जीवन सिंह संगोलवाल और चैयरमैन गिल ने बहादुरके अनाज मंडी का दौरा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्द है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम जनता की सरकार ने पिछले 4 वर्षों में पंजाब को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया है, जिसके चलते अब खाद्य आपूर्तिकर्ताओं ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि सरकार ने किसानों द्वारा उगाई गई फसलों की बाजारों में खरीद के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है।

ये शब्द गिल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बहादुर के दाना मंडी में खरीद प्रबंधों पर चर्चा करते हुए गिल विधायक जीवन सिंह संगोवाल और लुधियाना मार्केट कमेटी के चेयरमैन गुरजीत सिंह गिल ने व्यक्त किए। इस मौके पर उन्होंने किसानों की समस्याएं भी सुनीं.

अध्यक्ष गिल ने आगे कहा कि किसानों की उपज का प्रत्येक दाना सुचारू और कुशल तरीके से खरीदा जाएगा और उसकी निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है कि किसानों की उपज अनाज मंडियों से तुरंत उठाई जाए और कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने किसानों से गेहूं के अवशेष जलाने से भी परहेज करने की अपील की, क्योंकि यह पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा है।

उपायुक्त ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर और बैंक के डीसीओ को सम्मानित किया, कृषि अवसंरचना निधि के तहत लुधियाना ने भारत में शीर्ष स्थान प्राप्त किया

लुधियाना/सत्ता संदेश

उपायुक्त हिमांशु जैन ने शुक्रवार को कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) के तहत भारत में नंबर 1 रैंक हासिल करने में असाधारण योगदान के लिए लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गुरदीप सिंह कांग और आठ प्रमुख बैंकों के जिला समन्वय अधिकारियों (डीसीओ) को सम्मानित किया।

सम्मानित डीसीओ में रानी पवार (बैंक ऑफ इंडिया), संदीप सिंह (पंजाब एंड सिंध बैंक), वरिंदर कुमार (पंजाब नेशनल बैंक), जतिंदर (यूनियन बैंक ऑफ इंडिया), हरदीप कौर (यूको बैंक), रविंदर कौर (एचडीएफसी बैंक), सुमित (केनरा बैंक) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के एक प्रतिनिधि शामिल थे।

इस अवसर पर उपायुक्त हिमांशु जैन ने गुरदीप सिंह कांग और जिला समन्वय अधिकारियों की पूरी टीम के अथक प्रयासों और समर्पण की सराहना की, जिन्होंने इस उल्लेखनीय राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गुरदीप सिंह कांग ने जिले के प्रभावशाली समग्र बैंकिंग प्रदर्शन पर प्रकाश डाला। 31 दिसंबर, 2025 तक, लुधियाना ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने प्राथमिकता क्षेत्र ऋण लक्ष्यों का 99.73% और वार्षिक ऋण योजना (एसीपी) लक्ष्य का 95.66% हासिल कर लिया था। क्षेत्रवार, जिले ने कृषि क्षेत्र में 89.30% और लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में उल्लेखनीय 102.44% उपलब्धि दर्ज की। विशेष रूप से, जिले का क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) अनुपात 90% रहा, जो राष्ट्रीय मानक 60% से काफी अधिक है।

लुधियाना में IPL सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़: हवाला राशि के लिए खोलते थे फर्जी खाते, 2 गिरफ्तार

पंजाब डेस्क : आईपीएल 2026 के मैचों पर सट्टेबाजी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए लुधियाना की थाना डिवीजन नंबर-4 की पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 1 लाख 10 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लुधियाना निवासी शुभम दीक्षित और विकास महिता के रूप में हुई है।

ठगी का अनोखा तरीका पुलिस: जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक अकाउंट खुलवाते थे। एक बार खाता खुलने के बाद, उन अकाउंट्स का उपयोग हवाला के जरिए सट्टेबाजी की राशि ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। पुलिस अब इन खातों में आई कुल राशि की जांच कर रही है।

पुलिस की कार्रवाई: मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को कई अहम सबूत मिले हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (318(4), 336(2), 338 आदि) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार अन्य लोगों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसके लिए छापेमारी जारी है।

कनाडा में 30 हजार छात्र संकट में: नए बिल C-12 से 9 हजार पंजाबियों को मिला नोटिस, 21 दिन में डिपोर्टेशन का डर

नेशनल डेस्क : कनाडा सरकार के नए इमिग्रेशन बिल C-12 के पास होने के बाद वहां रह रहे विदेशी छात्रों और शरणार्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इमिग्रेशन विभाग ने करीब 30,000 लोगों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें से लगभग 9,000 पंजाबी युवा शामिल हैं,। इन सभी से 21 दिन के भीतर (3 मई तक) अपनी अयोग्यता का आधार स्पष्ट करने को कहा गया है।

क्या है नया कानून (Bill C-12)? पुराने नियमों के तहत कनाडा पहुंचने के बाद कोई भी व्यक्ति कभी भी शरण (Asylum) के लिए आवेदन कर सकता था, जिससे मामले वर्षों तक अदालतों में चलते रहते थे। लेकिन नए कानून के तहत अब कनाडा आने के एक साल के भीतर शरण का दावा करना अनिवार्य कर दिया गया है,। ऐसा न करने वालों को अब बिना लंबी सुनवाई के डिपोर्ट किया जा सकता है। सरकार का तर्क है कि अब केवल युद्ध, हिंसा या उत्पीड़न के शिकार लोगों को ही शरणार्थी माना जाएगा, पीआर (PR) न मिलने वालों को नहीं।

पंजाबियों पर बड़ा असर : पंजाब के जालंधर, अमृतसर और लुधियाना जैसे जिलों से हर साल लगभग डेढ़ लाख छात्र कनाडा जाते हैं। कोर्स पूरा होने के बाद वर्क परमिट खत्म होने पर कई छात्र शरणार्थी बोर्ड में आवेदन कर देते थे ताकि वे वहां लंबे समय तक काम कर सकें। अब यह रास्ता लगभग बंद हो चुका है। नोटिस मिलने के बाद पंजाबी छात्र बड़े पैमाने पर कानूनी सलाह ले रहे हैं और विनिपेग जैसे शहरों में विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

जवाब न देने पर होगी कार्रवाई: यदि नोटिस मिलने के 21 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित व्यक्ति का वर्क परमिट रद्द कर दिया जाएगा और डिपोर्टेशन (देश निकाला) की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल एक नोटिस है, तुरंत डिपोर्टेशन ऑर्डर नहीं, और छात्र वकील के माध्यम से अपनी बात रख सकते हैं।

अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ का धमाका: पहले ही दिन तोड़े अपनी 4 फिल्मों के रिकॉर्ड, जानें वर्ल्डवाइड कमाई

मनोरंजन डेस्क : अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘भूत बंगला’ ने सिनेमाघरों में शानदार दस्तक दी है और पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर अपनी धाक जमा ली है। इस फिल्म ने ओपनिंग डे पर अक्षय कुमार की अपनी ही पिछली चार बड़ी फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़कर सबको चौंका दिया है।

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के आंकड़े : सैकनिल्क (Sacnilk) की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘भूत बंगला’ ने अपने पहले दिन 12.25 करोड़ रुपये की कमाई की है। इसके साथ ही पेड प्रीव्यू के 3.50 करोड़ रुपये को मिलाकर फिल्म का भारत में कुल कलेक्शन 15.75 करोड़ रुपये हो गया है। वैश्विक स्तर पर फिल्म की शुरुआत और भी जबरदस्त रही है, जहाँ इसने पहले ही दिन 23.90 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया है।इन 4 फिल्मों को छोड़ा पीछे ‘भूत बंगला’ ने पहले दिन की कमाई के मामले में अक्षय कुमार की

इन फिल्मों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है:

-हाउसफुल 5: 13.95 करोड़ रुपये

-जॉली एलएलबी 3: 6.37 करोड़ रुपये

-स्काई फोर्स: 5.42 करोड़ रुपये

-केसरी चैप्टर 2: 3 करोड़ रुपये

स्टारकास्ट और पब्लिक रिएक्शन: इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, मिथिला पालकर, परेश रावल, असरानी और राजपाल यादव जैसे मंझे हुए कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर दर्शकों के मिले-जुले रिव्यू मिल रहे हैं, लेकिन शुरुआती आंकड़ों ने मेकर्स को मालामाल कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि वीकेंड पर फिल्म की कमाई में और बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।