ब्रेकिंग न्यूज़
PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…

पंजाब डेस्क: पंजाब-चंडीगढ़ की बड़ी खबरें: राघव चड्ढा का पलटवार, दूसरी तरफ सिंगर सुनंदा शर्मा से बदसलूकी और अन्य प्रमुख घटनाएं। चुटकियों में पढ़े दिनभर की अहम 10 खबरें।

1. राघव चड्ढा का पलटवार: राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने खुद को ‘घायल और घातक’ बताते हुए विपक्षी हमलों का जवाब दिया और स्पष्ट किया कि वे संसद में जनता के मुद्दे उठाने जाते हैं, शोर मचाने नहीं।

2. सिंगर सुनंदा शर्मा के साथ बदसलूकी: गाजियाबाद के एक कॉलेज में लाइव शो के दौरान एक फैन अचानक स्टेज पर चढ़ गया और सुनंदा शर्मा को छूने की कोशिश की। इस घटना से घबराकर सिंगर जोर से चीखीं और बीच में ही शो छोड़कर चली गईं। पुलिस ने आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया है।

3. कनाडा में पंजाबी ड्राइवर का वीडियो: कनाडा के ब्रैम्पटन में रहने वाले पंजाबी ट्रक ड्राइवर प्रभजोत सिंह जौहल का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह कैमरे के सामने अफीम खाते हुए उसे ‘दवाई’ बता रहा है।

4. पठानकोट में पुलिस पर हमला: पठानकोट में एक स्नेचिंग आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर गांव वालों ने हमला कर दिया। इस दौरान एक AAP सरपंच ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की और उनकी वर्दी फाड़ दी। पुलिस ने सरपंच समेत 8 लोगों पर मामला दर्ज किया है।

5. लुधियाना में संदिग्ध मौत: लुधियाना के जवाहर नगर में एक 48 वर्षीय महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मृतका के मायके वालों ने पति पर अवैध संबंधों और हत्या का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार रुकवा दिया।

6. अर्शदीप सिंह ने खुद का मजाक उड़ाया: खराब बॉलिंग फॉर्म और ज्यादा ‘वाइड’ गेंदें फेंकने पर ट्रोल हो रहे क्रिकेटर अर्शदीप सिंह ने खुद का मजाक उड़ाते हुए कहा कि “मेरी सारी बॉल लाइन से बाहर जा रही हैं”।

7. न्यूजीलैंड में हत्या के मामले में उम्रकैद: लुधियाना के युवक गुरजीत सिंह की न्यूजीलैंड में हत्या करने के दोषी रजिंदर सिंह (जालंधर निवासी) को वहां की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्या की वजह शादी का विवाद और आपसी रंजिश बताई गई है।

8. भाजपा का अमृतसर में प्रदर्शन: चंडीगढ़ भाजपा दफ्तर के बाहर हुए ब्लास्ट और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा नेताओं ने अमृतसर में पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।

9. बसों का नया टाइम टेबल: चंडीगढ़ प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए 5 राज्यों के 9 प्रमुख रूटों पर जॉइंट टाइम टेबल लागू कर दिया है, जिससे बस सेवाओं का विवाद खत्म होगा।

10. सीएम मान का तंज: मोगा रैली में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाली दल के नेताओं पर तंज कसा और घोषणा की कि 13 अप्रैल से जमीन के बंटवारे (तकसीम) की समस्या का समाधान 30 दिन के भीतर करने की योजना शुरू होगी।

लुधियाना में अनोखी रिश्वत: ₹10,000 कैश और ‘Skechers’ के जूते लेते ASI गिरफ्तार; विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई

पंजाब डेस्क: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम के तहत लुधियाना में एक चौंकाने वाला मामला पकड़ा है। लुधियाना की एक अदालत में तैनात नायब कोर्ट (ASI) तरलोचन सिंह को ₹10,000 की नकद रिश्वत और एक नामी ब्रांड के महंगे जूते लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

रिश्वत की मांग: विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, यह कार्रवाई चंडीगढ़ रोड निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता की एक लाइसेंसी पिस्तौल पुलिस के कब्जे में थी, जिसे वापस दिलाने में मदद करने के बदले ASI तरलोचन सिंह ने ₹10,000 नकद और ‘Skechers’ (स्केचर्स) कंपनी के जूतों की मांग की थी।

विजिलेंस का जाल: शिकायतकर्ता ने रिश्वत की इस मांग को रिकॉर्ड कर लिया और विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया। इसके बाद ब्यूरो ने जाल बिछाया और जैसे ही शिकायतकर्ता ने ASI को नकदी और सलेटी (Grey) रंग के स्केचर्स जूते सौंपे, विजिलेंस टीम ने उसे दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में दबोच लिया।

कानूनी कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन, लुधियाना में भ्रष्टाचार निरोधक कानून (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी अन्य लोगों से इस तरह की नाजायज वसूली की है।विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले को काफी अनोखा बताया है क्योंकि इसमें नकद राशि के साथ-साथ एक विशेष ब्रांड के लग्जरी सामान की मांग की गई थी।

पंजाब की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ की अधिसूचना जारी; हर महीने मिलेंगे ₹1500 तक, जानें कैसे करें आवेदन

पंजाब डेस्क: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने चुनावी वादे को पूरा करते हुए ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस योजना के तहत प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिसका लाभ 2 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा।

किसे मिलेगा लाभ: 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाएं इस योजना की पात्र होंगी। हालांकि, सरकारी कर्मचारी, पूर्व विधायक, सांसद और पेंशनभोगी महिलाओं को इस दायरे से बाहर रखा गया है।

कितनी मिलेगी राशि:

-अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह मिलेंगे।

-सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,100 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

सीधे खाते में पैसा: यह एक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना है, जिसका अर्थ है कि सहायता राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री ने उन महिलाओं से जल्द खाता खुलवाने की अपील की है जिनके पास बैंक खाता नहीं है।

पंजीकरण प्रक्रिया: योजना के लिए पंजीकरण सेवा केंद्रों (Sewa Kendras) पर किया जा सकता है, जो पूरी तरह से निःशुल्क है।

-व्यापक असर: सरकार का दावा है कि इस योजना से पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं (करीब 1.10 करोड़) लाभान्वित होंगी।मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे ‘आप’ सरकार की एक बड़ी गारंटी बताया है जिसे अब पूरा कर दिया गया है।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बजट पेश करते समय की थी।

उपराष्ट्रपति ने बिहार के मोतिहारी में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

उपराष्ट्रपति ने छात्रों से कहा कि “राष्ट्र प्रथम” को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाएं

बिहार महान विचारों और परिवर्तनकारी आंदोलनों की भूमि है: उपराष्ट्रपति  उपराष्ट्रपति ने कहा कि चंपारण का भारत के इतिहास में एक विशेष स्थान है, क्योंकि यहीं पर महात्मा गांधी एक बैरिस्टर से भारत के गांवों में निहित एक जन नेता में बदल गए और चंपारण सत्याग्रह ने सत्य, साहस और न्याय के माध्यम से राष्ट्र की अंतरात्मा को जागृत किया।

      बिहार की समृद्ध बौद्धिक और आध्यात्मिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस पवित्र भूमि में गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ, जहां प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय वैश्विक शिक्षा के प्रतीक के रूप में खड़ा था और जहां चाणक्य जैसे महान विचारक उभरे।

      उपराष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय का नामकरण बहुत प्रतीकात्मक है, जो सामाजिक न्याय, ग्रामीण उत्थान और नैतिक नेतृत्व के गांधीजी के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने महारानी जानकी कुंवर के योगदान को भी याद किया, जिनके परोपकार और भूमि दान ने क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कहा कि इस तरह की दूरदर्शी उदारता शिक्षा और सामाजिक प्रगति की नींव को मजबूत करती है।

      उपराष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया है और नए एकीकृत पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। उन्होंने फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत  भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र की स्थापना और खेल और फिटनेस पर विश्वविद्यालय के जोर की सराहना की। उन्होंने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली छात्राएं हैं। उन्होंने इसे देश में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की प्रगति का प्रतिबिंब बताया।

      स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के अंत का प्रतीक नहीं है, बल्कि सीखने की आजीवन यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित तेजी से बदलती दुनिया में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे क्षेत्र नवाचार और विकास के नए रास्ते खोल रहे हैं। उन्होंने छात्रों से राष्ट्र निर्माण के लिए जिम्मेदारी से प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का आग्रह किया।

उपराष्ट्रपति ने छात्रों से “राष्ट्र प्रथम” के मार्गदर्शक सिद्धांत को अपनाने का आग्रह किया और युवाओं से मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ दृढ़ रुख अपनाने और एक स्वस्थ और मजबूत समाज के निर्माण की दिशा में काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में, गांधीजी का अहिंसा का सिद्धांत अत्यधिक प्रासंगिक है और इसे न केवल हमारे कार्यों बल्कि डिजिटल दुनिया में हमारे व्यवहार का भी मार्गदर्शन करना चाहिए।

      बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन। (सेवानिवृत्त), राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंश, बिहार के उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय कोयला और खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे, बिहार के शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार, पूर्वी चंपारण के सांसद श्री राधा मोहन सिंह, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. महेश शर्मा इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ संकाय सदस्य, छात्र और उनके अभिभावक उपस्थित थे।

      उपराष्ट्रपति ने मोतिहारी में चरखा पार्क और महात्मा गांधी सत्याग्रह स्मारक का भी दौरा किया और चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी के नेतृत्व को श्रद्धांजलि अर्पित की और सत्य, अहिंसा और राष्ट्र सेवा के उनके चिरस्थाई संदेश को याद किया।

आम चुनाव और उपचुनाव 2026: ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अपने उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता और आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में जानें

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च, 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव और गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा के 8 (आठ) विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया है।

  1. असम और केरल राज्यों की विधानसभाओं और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभाओं के चुनावों के साथ-साथ चार राज्यों में होने वाले उपचुनावों के लिए कुल 1,955 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके लिए 9 अप्रैल, 2026 को मतदान होगा।
  2. पश्चिम बंगाल (चरण-I और II) और तमिलनाडु की विधानसभाओं के चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है और उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल (चरण-I) के लिए अप्रैल और पश्चिम बंगाल (चरण-II) के लिए 13 अप्रैल है।
  3. नागरिक ईसीआईएनईटी के अपने उम्मीदवारों को जानें (केवाईसी)” मॉड्यूल का उपयोग करके उम्मीदवारों के आपराधिक मामलों, संपत्ति और देनदारियों, शैक्षणिक योग्यताओं और उनके प्रामाणिक सोशल मीडिया खातों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  4. उपयोगकर्ता ईसीआईएनईटी के “चुनाव संचालन” टैब के अंतर्गत KYC मॉड्यूल तक पहुँच सकते हैं । वे ईसीआईएनईटी का उपयोग करके उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत किए गए संपूर्ण शपथ पत्र (फॉर्म 26) को भी डाउनलोड कर सकते हैं।
  5. ईसीआईएनईटी दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी सेवा मंच है, जो भारत के निर्वाचन आयोग के 40 से अधिक ऐप और पोर्टल को एकीकृत करके दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सभी चुनावी सेवाओं को एक सहज अनुभव में एक साथ लाता है।
  6. ईसीआईएनईटी मतदाताओं को मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची खोज, अपने आवेदनों को ट्रैक करना, चुनाव अधिकारियों से संपर्क करना, बीएलओ के साथ कॉल बुक करना, ई-ईपीआईसी डाउनलोड, मतदान रुझान और शिकायत निवारण जैसी सेवाएं एक सुरक्षित मंच पर प्रदान करता है।
  7. यह वास्तविक समय में सूचना तक पहुंच और शिकायत समाधान के लिए एक एकल-खिड़की मंच भी प्रदान करता है, जिसमें उल्लंघन की रिपोर्टिंग के लिए सी विजिल जैसे उपकरण और विकलांग व्यक्तियों के लिए सुलभ चुनावी सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए सक्षम जैसे उपकरण शामिल हैं।
रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक “उन्नत कृषि महोत्सव 2026: प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण”

खेती-किसानी का गेम चेंजर साबित होगा रायसेन का तीन दिवसीय राष्ट्रीय कृषि मेला

रायसेन में ‘कृषि महाकुंभ’ में योजनाओं से बाज़ार तक एक ही मंच पर लाभांवित होंगे हजारों किसान

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह की पहल पर सरकारी योजनाओं का साथ, बिचौलियों से मुक्त बाज़ार और सुरक्षित उपज की नई राह

आयोजन स्थल दशहरा मैदान पर तीन बड़े हैंगर और तीन सेमिनार हॉल; मेले में हजारों किसान होंगे शामिल

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र और राज्य के अधिकारियों के साथ रायसेन में किया मेला स्थल का निरीक्षण


केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित होने वाला “उन्नत कृषि महोत्सव 2026: प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण” वास्तव में खेती का गेम‑चेंजर राष्ट्रीय कृषि मेला होगा, जो तीन दिनों में किसानों के जीवन में नई उम्मीद, नई तकनीक और नए बाज़ार अवसर लेकर आएगा। श्री शिवराज सिंह ने आज केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रायसेन में मेला स्थल दशहरा मैदान का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और महोत्सव के प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, साथ ही प्रबुद्धजनों से संवाद भी किया।

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान की पहल पर भारत सरकार का कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले के दशहरा मैदान में 11, 12 और 13 अप्रैल को राष्ट्रीय स्तर का “उन्नत कृषि महोत्सव 2026 – प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण” आयोजित कर रहा है। इसे लेकर श्री शिवराज सिंह का कहना है कि ये सिर्फ मेला नहीं, किसानों की तकदीर बदलने का सबसे बड़ा मौका है और ये तीन दिन किसानों के जीवन में निश्चित रूप से नई उम्मीद लेकर आएँगे।
मेले में 300 स्टॉल्स रहेंगे
आयोजन स्थल दशहरा मैदान को तीन बड़े हैंगर और तीन सेमिनार हॉल के रूप में विकसित किया गया है। हैंगर‑1 में कृषि एरीना, फॉर्म मशीनरी, एग्री इरिगेशन, क्रॉप प्रोटेक्शन, सॉइल न्यूट्रीशन, सीड वर्ल्ड, किसान सेवाएँ और इनोवेशन एंड रिसर्च – CGIAR (कंसल्टेटिव ग्रुप ऑन इंटरनेशनल एग्रीकल्चरल रिसर्च) एवं अन्य संस्थान के लिए अलग‑अलग ब्लॉक बनाए गए हैं। इसी तरह, हैंगर‑2 में पशुपालन एवं डेयरी विभाग, सिंचाई कंपनियाँ, मृदा पोषण, NAFED (नेशनल एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन– राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ), NCCF (नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन– राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी महासंघ), NSC (नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन– राष्ट्रीय बीज निगम), ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के संस्थान, मार्केटिंग‑FPOs (किसान उत्पादक संगठन) और ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए स्टॉल निर्धारित हैं। इन दोनों में 300 स्टॉल्स रहेंगे। हैंगर‑3 को सांस्कृतिक एवं उद्घाटन हॉल के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें विशाल मंच और अन्य सुविधाओं के साथ ही बड़ी संख्या में किसानों के बैठने की व्यवस्था होगी।
सरकारी योजनाओं का साथ, बिचौलियों से मुक्त बाज़ार” और “सुरक्षित उपज, समृद्ध किसान”

यह राष्ट्रीय कृषि मेला “सरकारी योजनाओं का साथ, बिचौलियों से मुक्त बाज़ार” और “सुरक्षित उपज, समृद्ध किसान” की थीम पर केंद्रित है। कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund – AIF) के अंतर्गत वेयरहाउस और कोल्ड‑स्टोरेज पर सरकार की ओर से दी जा रही छूट और ब्याज‑सबवेंशन की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि किसान फसल कटाई के बाद वैज्ञानिक भंडारण कर सही समय पर बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें।
किसानों से सीधे संवाद की व्यापक व्यवस्था
रायसेन के इस वृहद मेले में आधुनिक ट्रैक्टर एवं उपकरणों की प्रदर्शनी, उन्नत बीज‑खाद प्रदर्शनी, ऑर्गेनिक फार्मिंग (जैविक खेती) स्टॉल, डेयरी‑पोल्ट्री‑मत्स्य पालन जानकारी, किसानों के लिए मुफ्त प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं की लाइव जानकारी, कृषि स्टार्ट‑अप (नव प्रवर्तक उद्यम) प्रेज़ेंटेशन और वैज्ञानिकों व अधिकारियों से सीधा संवाद की व्यापक व्यवस्था की गई है।

10 अप्रैल की शाम प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन होगा
कार्यक्रम के अनुसार, 10 अप्रैल की शाम प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन होगा, जबकि 11 अप्रैल की सुबह मुख्य उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में किसान भाइयों को संबोधित करेंगे। 13 अप्रैल की शाम समापन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे, जहाँ रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के क्षेत्रों के लिए “कृषि रोडमैप” प्रस्तुत किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि मेला किसानों के जीवन में नई ऊर्जा और नई दिशा लेकर आएगा और किसानों की तकदीर बदलने का सबसे बड़ा मौका साबित होगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने मैसूरु स्थित “केन्द्रीय खाद्य तकनीकी एवं अनुसंधान संस्थान” (सीएफटीआरआई) में बायोनेस्ट का उद्घाटन किया, खाद्य स्टार्टअप पर विशेष ध्यान दिया गया।

सीएफटीआरआई ने नए समझौता ज्ञापनों, पीपीपी-आधारित उत्पाद लॉन्च और उद्योग साझेदारी के साथ अपने इनक्यूबेशन दायरे का विस्तार किया है।

भारत का इनक्यूबेशन तंत्र प्रयोगशाला अनुसंधान को वाणिज्यिक अनुप्रयोगों से जोड़ने के लिए एक प्रमुख मंच होगा।

डॉ. सिंह ने खाद्य नवाचार क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान-उद्योग संबंधों को मजबूत करने का आह्वान किया है।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी एवं अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआई) में बीआईआरएसी-बायोनेस्ट इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया और स्टार्टअप-संचालित प्रौद्योगिकियों और उत्पादों की एक प्रदर्शनी की समीक्षा की। इससे संस्थान के इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को प्रयोगशाला अनुसंधान को वाणिज्यिक अनुप्रयोगों से जोड़ने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में स्थापित किया गया।

समर्पित इनक्यूबेशन सुइट्स और साझा बुनियादी ढांचे के साथ एक अत्याधुनिक सुविधा के रूप में डिजाइन किया गया, बायोनेस्ट इनक्यूबेशन सेंटर से खाद्य स्टार्टअप को बढ़ावा मिलने, उन्नत अनुसंधान का समर्थन करने, खाद्य जैव प्रसंस्करण और जैव प्रौद्योगिकी में सत्यापन और नियामक सुविधा को बढ़ाने और वैज्ञानिक विचारों को बाजार के लिए तैयार समाधानों में परिवर्तित करने में सक्षम होने की उम्मीद है।

मार्च 2026 तक, बायोनेस्ट सुविधा ने 26 स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान किया है, जिनमें भौतिक और हाइब्रिड इनक्यूबेट्स के साथ-साथ स्नातक उद्यम भी शामिल हैं – जिनमें से कई पहले ही उत्पाद का व्यावसायीकरण कर चुके हैं। इनक्यूबेटेड कंपनियों ने सामूहिक रूप से 12 पेटेंट दाखिल किए हैं और अनुसंधान प्रकाशनों में योगदान दिया है, जो बाजार परिणामों के अनुरूप नवाचार पर बढ़ते जोर को दर्शाता है।

ये स्टार्टअप न्यूट्रास्यूटिकल्स, प्रिसिजन फर्मेंटेशन, प्रोबायोटिक्स और पोस्टबायोटिक्स, सीआरआईएसपीआर-आधारित प्रौद्योगिकियों और वानस्पतिक उत्पादों जैसे उभरते क्षेत्रों में काम करते हैं, जो खाद्य और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के भीतर उच्च-मूल्य वाले, विज्ञान-संचालित क्षेत्रों की ओर बदलाव का संकेत देते हैं।

डॉ. सिंह ने उद्यमियों और हितधारकों के साथ अपनी बातचीत के दौरान, इस बात पर जोर दिया कि उद्यम शुरू करना आसान हो गया है, लेकिन इसे बनाए रखने के लिए निरंतर मूल्यवर्धन, बाजार तक पहुंच और मजबूत उद्योग संबंध आवश्यक हैं। उन्होंने अनुसंधान संस्थानों और निजी क्षेत्र के बीच गहन सहयोग का आह्वान किया और रेडी-टू-ईट और सुविधाजनक खाद्य पदार्थों सहित उपभोक्ता मांग के अनुरूप नवाचार को अपनाने पर बल दिया।

केन्द्रीय मंत्री ने उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला और अनुसंधान, विकास और नवाचार को गति देने के उद्देश्य से नए वित्तपोषण तंत्र और संस्थागत सहायता ढाँचों का उल्लेख किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वैज्ञानिक संस्थानों को डिजिटल प्लेटफार्मों और लक्षित संचार रणनीतियों के माध्यम से अपनी पहुँच बढ़ानी चाहिए ताकि प्रौद्योगिकियों के बारे में जागरूकता और उन्हें अपनाने में सुधार हो सके। इसके साथ ही जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और विशेष पोषण जैसे क्षेत्रों में समन्वय को प्रोत्साहित किया जा सके।

इस कार्यक्रम में चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए और सीएफटीआरआई में विकसित दो उत्पादों का शुभारंभ किया गया, जो उद्योग जगत के साथ निरंतर जुड़ाव और स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण का संकेत देता है। अधिकारियों ने कहा कि नवाचारों को व्यापक स्तर पर फैलाने और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए इस तरह के सहयोग महत्वपूर्ण हैं।

संस्थान की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, इसके शोध कार्यों और तकनीकी योगदानों को दर्शाने वाले प्रकाशनों का एक सेट जारी किया गया, जिसमें एक कॉफी टेबल बुक, शोध एवं विकास उपलब्धियों का संकलन, एक फोटो यात्रा और पारंपरिक व्यंजनों का संग्रह शामिल है। इस उपलब्धि को चिह्नित करने के लिए एक स्मारक डाक कवर और एक चित्र पोस्टकार्ड का भी अनावरण किया गया।

यह प्रदर्शनी संस्थान की प्रयोगशाला से बाजार तक की प्रक्रिया का एक जीवंत प्रदर्शन थी, जिसमें सीएफटीआरआई और इसके लाइसेंसधारियों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों और स्टार्टअप नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। 450 से अधिक प्रौद्योगिकियों को विकसित और हजारों लाइसेंसधारियों को हस्तांतरित करने के साथ, संस्थान खाद्य अनुसंधान, उद्योग सहयोग और उद्यम विकास के लिए एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभरा है।

अधिकारियों ने कहा कि बायोनेस्ट इकोसिस्टम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से रुचि आकर्षित कर रहा है, जिसमें स्टार्टअप वैश्विक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं, वाणिज्यिक उपलब्धियां और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण हासिल कर रहे हैं, और विशेष खाद्य अनुप्रयोगों के लिए रक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों से ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

ये सभी घटनाक्रम सामूहिक रूप से अनुसंधान-आधारित दृष्टिकोण से हटकर बाजार-आधारित खाद्य नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बदलाव का संकेत देते हैं, जिसमें सीएसआईआर-सीएफटीआरआई भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में विकास के अगले चरण को गति देने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, इनक्यूबेशन सहायता और उद्योग सहयोग को संयोजित करने वाले एक एकीकृत मंच के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है।

मुंबई में सार्वभौमिक पारसी पंजीकरण अभियान में लोगों की उत्साहजनक भागीदारी रही

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की ओर से बॉम्बे पारसी पंचायत के सहयोग से मुंबई में आयोजित सार्वभौमिक पारसी पंजीकरण अभियान के विशेष सुविधा शिविर में आज लोगों की उत्साहजनक भागीदारी रही। शिविर के दौरान जियो पारसी पोर्टल पर लगभग 300 नए पंजीकरण पूरे हुए जो समुदाय के भीतर पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जियो पारसी भारत सरकार की एक प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसका उद्देश्य पारसी समुदाय की घटती संख्या पर रोक लगाना है।

वर्ष 2013-14 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य सुनियोजित समाधानों और वैज्ञानिक सहायता के माध्यम से पारसी आबादी को स्थिर करना और बढ़ाना है।

इस योजना में निम्नलिखित प्रावधान हैं:

  • प्रजनन उपचार और गर्भावस्था संबंधी देखभाल के लिए चिकित्सा सहायता
  • सामुदायिक स्वास्थ्य सहायता में बच्चों की देखभाल और आश्रित बुजुर्गों की देखभाल के लिए वित्तीय सहायता
  • परामर्श, जागरूकता अभियान और आउटरीच कार्यक्रमों जैसी उपयुक्त पहलें।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री श्यामा प्रसाद रॉय ने सभा को संबोधित करते हुए पारसी समुदाय को सरकार की ओर से उनके कल्याण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को आगे आकर योजना का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया और पंजीकृत सदस्यों से इसके कार्यान्वयन को और मजबूत बनाने के लिए अपनी प्रतिक्रिया साझा करने का आग्रह किया।शिविर का सफल संचालन इस योजना के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाता है, और पारसी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय विरासत को संरक्षित करने के लिए सरकार के संकल्प को मजबूत करता है।

डीसी ने मतदाताओं से घर-घर जाकर सत्यापन करने में बीएलओ के साथ सहयोग करने की अपील की है।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने घर-घर सत्यापन में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ सहयोग करने की अपील की

उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी हिमांशु जैन ने शुक्रवार को मतदाताओं से जिले में पूर्व-विशेष गहन पुनरीक्षण (प्री-एसआईआर) गतिविधियों के अंतर्गत चलाए जा रहे घर-घर सत्यापन में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को पूरा सहयोग देने की अपील की।

जैन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग और पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) इसी महीने शुरू होने की संभावना है। इसकी तैयारी में, प्री-एसआईआर गतिविधियां वर्तमान में चल रही हैं, जिसके तहत मौजूदा मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं का मिलान 2003 की मतदाता सूची से किया जा रहा है।

जैन ने आगे बताया कि इस उद्देश्य से विधानसभा क्षेत्रों के बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) अपने-अपने बूथों में विशेष शिविर लगा रहे हैं और 2003 की मतदाता सूची से मिलान/मैपिंग के लिए घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से भारत निर्वाचन आयोग के इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करने और विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की। ​​मतदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वर्तमान मतदाता सूची में उनका नाम 2003 की मतदाता सूची से ठीक से मेल खाता हो।

डीईओ ने बताया कि मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट (ईसीआईएनईटी) https://voters.eci.gov.in/ या पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट https://elections.punjab.gov.in/Election/Public/SearchEroll2003 पर अपनी 2003 की मतदाता सूची का विवरण देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त, अधिक जानकारी, सुझाव या शिकायत के लिए मतदाता टोल-फ्री नंबर 1950 पर वोटर हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं।

कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने संवाद बैठकों के दौरान भगवंत सिंह मान सरकार की चार साल की अभूतपूर्व उपलब्धियों का ब्योरा दिया।

मुखिया मावन धीयां सत्कार योजना के लिए पंजीकरण बैसाखी से शुरू होंगे – मुंडियन

70 वर्षों का काम चार वर्षों में पूरा हुआ – मुंडियन ने पंजाब में मुफ्त बिजली, 65000 नौकरियां, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सुधारों पर प्रकाश डाल

कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने शुक्रवार को चौंटा, धोलनवाल, मंड चौंटा और सलेमपुर गांवों में आयोजित ‘संवाद’ बैठकों में विशाल जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने पंजाब सरकार के चार साल के कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण देते हुए ईमानदार, पारदर्शी और जन-केंद्रित शासन पर जोर दिया। मंत्री मुंडियन ने कहा कि सरकार ने महज चार वर्षों में चुनाव पूर्व किए गए अपने सभी वादों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण की एक महत्वपूर्ण योजना, मुख्यमंत्री मावन धीयां सत्कार योजना के शुभारंभ की घोषणा की। इस योजना के लिए पंजीकरण 13 अप्रैल को बैसाखी के शुभ अवसर पर शुरू होंगे। इस योजना के तहत, 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी।

मुंडियन ने भगवंत सिंह मान सरकार की कई प्रमुख उपलब्धियों का विस्तृत विवरण दिया, जिन्होंने पंजाब को प्रगति और समावेशी विकास के पथ पर अग्रसर किया है। उन्होंने लगभग 90 प्रतिशत घरेलू घरों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने पर प्रकाश डाला, जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है। किसानों को अब दिन के समय बिजली की आपूर्ति मिल रही है, जिससे कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि नहर सिंचाई का दायरा 78 प्रतिशत खेतों तक विस्तारित हो गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में, सरकार ने गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए राज्य भर में आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं और मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है, जिसके तहत प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक का नकद चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाता है। शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है और राज्य के शिक्षा बजट में कई गुना वृद्धि हुई है। पंजाब ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2024 में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जिसमें सरकारी स्कूलों के छात्रों ने राष्ट्रीय औसत से 18 प्रतिशत अधिक अंक प्राप्त किए हैं। रोजगार के मोर्चे पर, सरकार ने पारदर्शी तरीके से 65,000 सरकारी नौकरियां सृजित की हैं। सरकार ने नशा विरोधी अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया है और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए सड़क सुरक्षा बल का गठन किया है।

मंत्री मुंडियन ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी और मेहनती नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में लगभग 70 वर्षों से लंबित कार्य पूरे किए गए हैं। उन्होंने गांवों के निवासियों से समावेशी विकास, पारदर्शिता और सभी के कल्याण के सरकारी मिशन में अपना सहयोग जारी रखने का आग्रह किया।