महंत खनौरा ने नालों की सफाई न होने पर AAP सरकार पर साधा निशाना
नाभा / सत्ता संदेश
रिपोर्ट : चेतन मेहता
बारिश का मौसम आते ही भादसों इलाके के लोगों की चिंताएं और मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस चिंता का मुख्य कारण इलाके से गुजरने वाले बारिश के पानी के नालों की समय पर सफाई न होना है। इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए समाजसेवी और इलाके की जानी-मानी हस्ती महंत खनौरा ने इलाके के लोगों के साथ हालात का जायजा लिया और मौजूदा आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जमकर निशाना साधा।
गंदगी से भरी नहर बाढ़ को दे रही न्योता
लोगों की शिकायतों का समाधान करने पहुंचे महंत खनौरा ने तस्वीर में दिख रहे इलाके के लोगों की एक बड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि इस समय मानसून नहर के अंदर बड़ी मात्रा में जंगली घास, खरपतवार और गंदगी जमा हो गई है। अगर आने वाले दिनों में भारी बारिश हुई तो पानी की निकासी बंद होने से यह पानी भादसों के आसपास के गांवों, खेतों और रिहायशी इलाकों में घुस जाएगा, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं और किसानों की फसलों समेत आम लोगों के जान-माल का भारी नुकसान होने का डर है।
विज्ञापन तक सीमित है ‘आप’ की सरकार: महंत खनोरा
महंत खनोरा ने भगवंत मान सरकार और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की कारगुजारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी सिर्फ बड़े-बड़े दावे करने और विज्ञापन तक ही सीमित रह गई है। जमीनी स्तर पर लोगों की बुनियादी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले नालों की सफाई हो जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण अभी तक काम भी शुरू नहीं हो सका, जिससे लोग डर के साये में जी रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने संघर्ष की चेतावनी दी
इस मौके पर मौजूद भादसों के गणमान्य लोगों और आम लोगों ने कहा कि वे कई बार प्रशासन का दरवाजा खटखटा चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले हैं। महंत खानोरा और इकट्ठा हुए लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग को चेतावनी दी कि अगर अगले कुछ दिनों में इस बरसाती नाले की युद्ध स्तर पर सफाई नहीं की गई, तो वे प्रशासन के खिलाफ कड़ा संघर्ष और विरोध करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी मौजूदा सरकार और प्रशासन की होगी।

