ब्रेकिंग न्यूज़
कर्नाटक में पेट्रोल-डीजल सस्ता होने के आसार नहीं, CM सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार

कर्नाटक / सत्ता संदेश

Siddaramaiah ने राज्य में पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करने के संकेतों से इनकार करते हुए केंद्र सरकार पर ईंधन की कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स बढ़ा रही है, जिससे राज्यों पर भी आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है, लेकिन केंद्र की नीतियों के कारण वित्तीय संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक सरकार फिलहाल पेट्रोल और डीजल पर कर घटाने पर कोई विचार नहीं कर रही है।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार पर आम जनता को राहत न देने का आरोप लगाया है, जबकि सत्तारूढ़ दल ने केंद्र सरकार की टैक्स नीति को महंगाई के लिए जिम्मेदार बताया।

पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता से विपक्ष बौखलाया – विधायक सरबजीत कौर माणूंके
  • छवि खराब करने के लिए फैलाई जा रही हैं झूठी अफवाहें

जगराओं / सत्ता संदेश

विधानसभा हलका जगराओं से विधायक सरबजीत कौर माणूंके द्वारा पिछले दिनों उनके पति के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई गई।

विधायक माणूंके ने कहा कि विपक्षी पार्टियां पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता के बाद बौखला गई हैं, जिसके चलते अब वे ओछी हरकतों पर उतर आई हैं।

उन्होंने बताया कि मेरे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह झूठा प्रचार किया गया कि “मेरे पति द्वारा महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड में नामांकन पत्र दाखिल किया गया, जिसे चुनाव अधिकारियों ने रद्द कर दिया”, जबकि यह सच्चाई से कोसों दूर है।

विधायक माणूंके ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने लोगों से किया गया एक-एक वादा पूरा किया है। इनमें नहरी पानी को टेलों तक पहुंचाना, 90 प्रतिशत लोगों को मुफ्त बिजली की सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, 45,000 किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण, 100 साल पुराने अखाड़े वाले पुल का निर्माण जो लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ था, तथा अन्य अनेक विकास परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विपक्ष के पास अब मेरी आलोचना करने के अलावा कोई काम नहीं बचा है और आगामी चुनावों में भी जनता इन्हें करारा जवाब देगी।

अकाली दल पुनर सुरजीत और अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के एकजुट होने से पंजाब फिर खुशहाल होगा: लवली

लुधियाना/ सत्ता संदेश

पंथक सरकार ही पंजाब को दे सकती है महाराजा रणजीत सिंह का खालसा राज

लुधियाना, 19 अप्रैल: अकाली दल पुनर सुरजीत और अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के बीच बीते दिन हुई बैठक से पंजाब के लोगों में एक खुशहाल और प्रगतिशील सरकार के 2027 के विधानसभा चुनावों में सत्ता में आने की उम्मीद और मजबूत हुई है। ये शब्द अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के वरिष्ठ नेता और पंजाब, पंजाबी तथा पंजाबियत की मजबूती के लिए आवाज उठाने वाले राजीव कुमार लवली ने यहां जारी एक बयान में कहे।

इस मौके पर लवली ने कहा कि मौजूदा शासन में पंजाब नशे, बेरोजगारी, गैंगस्टरवाद और कानून-व्यवस्था की खराब हालत का सामना कर रहा है। इन हालातों से समाज का हर वर्ग, फिर चाहे व्यापारी, किसान, नौकरीपेशा या युवा हो, परेशान है। उन्होंने कहा कि पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत की आवाज बुलंद करने में अकाली दल पुनर सुरजीत और अकाली दल “वारिस पंजाब दे” से लोगों को काफी उम्मीदें हैं।

उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि प्रदेश के खराब हालातों से तंग लोगों को महाराजा रणजीत सिंह के समय जैसा खालसा राज केवल इन दोनों पार्टियों की 2027 विधानसभा चुनावों में बनने वाली पंथक सरकार ही दे सकती है, जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार मिलेगा और पंजाब फिर से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।

छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाएं बरसों से फाइलों पर ही दौड़ रहीं, पटरियों पर नहीं : राजीव शुक्ला

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाओं के बरसों से फाइलों पर ही रहने का दावा करते हुए कांग्रेस के सांसद राजीव शुक्ला ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि सभी राज्यों पर समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।

उच्च सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए शुक्ला ने कहा कि दल्ली राजहरा से रावघाट और आगे जगदलपुर तक ट्रेन का विस्तार लंबे समय से प्रतीक्षित है तथा यह बस्तर के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा ‘‘खरसिया से धर्मजयगढ़ और गेवरा रोड से पेंड्रा रोड की नयी लाइनों की घोषणा उत्साह से हुई लेकिन फिर कुछ नहीं हुआ। ’’

शुक्ला ने कहा कि इसी तरह सारंगढ़, बिलाईगढ़ और आसपास के क्षेत्र की बरसों पुरानी मांग रायपुर-सारंगढ़-झारसुगुड़ा नयी रेल परियोजना भी 15 साल बीत जाने के बावजूद कागजों पर ही है।

उन्होंने कहा कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर से मिली जानकारी के अनुसार, इस परियोजना का सर्वेक्षण 2010 में हुआ था और तब इसकी लंबाई 310 किमी और लागत 2161 करोड़ रुपये थी।

शुक्ला ने कहा ‘‘अब तो 15 साल बीत गए लेकिन यह फाइलों में ही है। सर्वेक्षण को डेढ़ दशक से अधिक समय बीत गया, जाहिर है कि लागत बढ़ गई होगी। यह रेल लाइन ही नहीं बल्कि दो महत्वपूर्ण राज्यों के बीच आर्थिक संपर्क की पटरी है। इसका पुन: सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए, इसकी लागत का मूल्यांकन कराना चाहिए और इस पर यथाशीघ्र अमल कर इसे पूरा करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि सारंगढ़ और आसपास का क्षेत्र धान उत्पादन, सिल्क व्यापार के लिए जाना जाता है और खनिज संसाधनों से भरपूर नजर आता है।

कांग्रेस सदस्य ने कहा कि कई साल से राज्य की रेल परियोजनाएं फाइलों पर ही दौड़ रही हैं और पटरियों पर उनका नामोनिशान नहीं है। उन्होंने कहा कि नयी घोषणाएं हो जाती हैं लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि पिछली योजनाएं कहां तक पहुंचीं।

उन्होंने कहा ‘‘जिस तरह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सबके साथ समान व्यवहार करते हैं, उसी तरह मैं अन्य मंत्रियों से भी अनुरोध करता हूं कि वे भी हर राज्य के साथ समान व्यवहार करें।’’

केरल में एलडीएफ-राजग की ‘मिलीभगत’, सरकार को फायदा पहुंचा रही भाजपा: सचिन पायलट

तिरुवनंतपुरम, 24 मार्च (भाषा) केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्य में पिनराई विजयन नीत सरकार बरकरार रखने में ‘‘मदद’’ कर रहा है और ‘‘तथ्य’’ बताते हैं कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की राजग के साथ ‘‘मिलीभगत’’ है।

केरल चुनावों के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक पायलट ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री विजयन पर निजी लाभ के लिए, विशेषकर भ्रष्टाचार मामलों की जांच से बचने के उद्देश्य से भाजपा के साथ परोक्ष रूप से काम करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रयास सफल नहीं होंगे क्योंकि ‘‘जनता उनके छल और झूठ को समझ चुकी है।’’

विजयन ने हाल में ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा था कि कांग्रेस राज्य में भाजपा की ‘‘बी-टीम’’ की तरह काम कर रही है।

इसपर पलटवार करते हुए पायलट ने कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री ऐसे आरोप कैसे लगा रहे हैं, जबकि तथ्य बताते हैं कि माकपा और एलडीएफ ही भाजपा और राजग के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। आज भी केरल चुनाव में राजग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलडीएफ की सत्ता बरकरार रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का इसमें ज्यादा कुछ दांव पर नहीं है। कुछ क्षेत्रों में उसे वोट मिलने की उम्मीद हैं, जिन्हें वह वामपंथी उम्मीदवारों की ओर मोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि वे तीसरी बार सत्ता में आ सकें, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है।’’

अपने साक्षात्कार में विजयन ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें ‘‘भाजपा की बी-टीम’’ बताया था। इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियों ने केरल के मुख्यमंत्री को छोड़कर देश के अन्य विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया है या पूछताछ के लिए तलब किया है।

वाम सरकार पर हमला तेज करते हुए पायलट ने कहा कि राज्य की वामपंथी सरकार और केंद्र की भाजपा नीत सरकार पिछले 10 वर्षों से साथ मिलकर काम कर रही हैं।

पायलट ने कहा कि उन्होंने माकपा नीत गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री या भाजपा के खिलाफ कोई बड़ा प्रदर्शन, आंदोलन या विरोध नहीं देखा।

उन्होंने कहा, ‘‘वायनाड त्रासदी हुई। उन्होंने करोड़ों रुपये की मांग की, लेकिन हमें केवल कर्ज मिला। क्या वाम दल प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठे? प्रियंका गांधी और यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) के सभी सांसदों ने भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।’’

कुछ सांसदों द्वारा विधानसभा टिकट की इच्छा जताए जाने की खबरों पर पायलट ने कहा कि कुछ नेताओं की इच्छा हो सकती है, लेकिन पार्टी ने सिद्धांत तय किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘परंपरा और सिद्धांत के तौर पर पार्टी ने फैसला किया है कि कोई भी मौजूदा सांसद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा।’’

कन्नूर से टिकट मांगने वाले वरिष्ठ लोकसभा सदस्य के. सुधाकरन की सराहना करते हुए पायलट ने उन्हें अनुशासित नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के निर्णय का सम्मान किया।

यूडीएफ की संभावनाओं पर उन्होंने सटीक आंकड़ा बताने से इनकार किया, लेकिन ‘‘बहुमत’’ मिलने का विश्वास जताया।

राहुल गांधी की पांच गारंटी और घोषणापत्र जारी करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं, इसलिए प्रक्रिया में समय लग रहा है।

उन्होंने कहा कि गारंटी तत्काल प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं, जबकि घोषणापत्र व्यापक दृष्टि प्रस्तुत करेगा।

केरल विधानसभा की 140 सीट के लिए मतदान नौ अप्रैल को चुनाव होंगे

नये रेलवे स्टेशन का नाम आनंद दिघे के नाम पर रखा जाना चाहिए: शिवसेना सांसद

ठाणे, 17 मार्च (भाषा) शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने महाराष्ट्र के ठाणे और मुलुंड के बीच बनने वाले नये रेलवे स्टेशन का नाम पार्टी के दिवंगत नेता आनंद दिघे के नाम पर रखे जाने की मांग की है।

ठाणे के सांसद म्हस्के के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नये स्टेशन के निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है और प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है।

विज्ञप्ति में बताया गया कि राज्य के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की ओर से सांसद ने सोमवार को संसद में कहा, “ठाणे और मुलुंड के बीच बनने वाले नये स्टेशन का नाम ‘धर्मवीर आनंद दिघे स्टेशन’ रखा जाना चाहिए।”

आनंद दिघे शिवसेना के वरिष्ठ नेता और शिंदे के मार्गदर्शक थे।

उन्होंने यात्रियों की समस्याओं को लेकर कहा कि ठाणे की लगभग 26 लाख आबादी के लिए रेलवे परिवहन प्रमुख साधन बना हुआ है और इस स्टेशन के बनने से ठाणे रेलवे स्टेशन पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।

सांसद ने ठाणे स्टेशन के व्यापक उन्नयन के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पेश 949 करोड़ रुपये के प्रस्ताव की भी शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया।

उन्होंने ठाणे स्टेशन पर आपातकालीन चिकित्सा क्लिनिक को पुनः खोलने और कोविड-19 महामारी के दौरान बंद की गई वरिष्ठ नागरिकों की रियायतों को बहाल करने सहित अन्य कई मांगें भी उठाईं।

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफे के 7 महीने बाद तोड़ी चुप्पी मैंने कभी नहीं कहा, मैं बीमार हूं…
  • जयपुर (सत्ता संदेश)-गत 21 जुलाई, 2025 को जब जगदीप धनखड़ ने अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया, तो पूरे देश में अटकलों का बाजार गर्म हो गया था। राहुल गांधी ने इसे ‘बड़ी कहानीÓ बताया था, लेकिन अब खुद धनखड़ ने राजस्थान के चूरू में चुप्पी तोड़ते हुए असली वजह साफ कर दी है। कस्वां परिवार की मेजबानी में धनखड़ ने जो कहा, उसने विरोधियों के पुराने सवालों को नया मोड़ दे दिया है। अपने गृह जिले चूरू में एक छोटी सभा को संबोधित करते हुए धनखड़ ने स्पष्ट किया कि उन्होंने खराब स्वास्थ्य के चलते इस्तीफा नहीं दिया था। दरअसल, मैंने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया था। पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि मैंने स्वास्थ्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं बरती। कहते भी हैं-पहला सुख निरोगी काया। उन्होंने कहा कि मैंने जब कहा कि मैं उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं तो मैंने यह कभी नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने कहा थे कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं। धनखड़ के चूरू दौरे की मेजबानीध कांग्रेस के पूर्व सांसद राम सिंह कस्वां और ओलंपियन व पूर्व कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया ने की। राम सिंह चूरू के वर्तमान सांसद राहुल कस्वां के पिता हैं। उन्होंने कहा कि मैं राम सिंह कस्वां के हालचाल लेने आया था। इस दौरान वे यह बताना नहीं भूले कि जब भी वह खुद अस्वस्थ हुए हैं तो उनका हालचाल जानने वालों में राम सिंह हमेशा सबसे आगे रहे हैं।
  • * दाढ़ी वाले से लगता है डर
  • संबोधन के दौरान जब धनखड़ अपने और राम सिंह कस्वां के पुराने रिश्तों का जिक्र कर रहे थे, तभी उन्होंने मजाकिया अंदाज चूठकर लेते हुए कहा कि मुझे ‘दाढ़ी वाले’ से डर लगता है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग अर्थ लगाए जा रहे हैं। कुछ इसे राहुल गांधी से जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी जोड़कर देख रहे हैं।
  • * क्या कहा था राहुल गांधी ने?
  • लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे और उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए थे। राहुल ने उस समय कहा था कि उन्होंने (जगदीप ने) इस्तीफा क्यों दिया, इसके पीछे एक बड़ी कहानी है। आप में से कुछ लोग इसे जानते होंगे, कुछ नहीं, लेकिन इसके पीछे एक कहानी जरूर है। और फिर यह भी एक कहानी है कि वह छिप क्यों रहे हैं। भारत के उपराष्ट्रपति ऐसी स्थिति में क्यों हैं कि वह एक शब्द नहीं कह सकते… और उन्हें छिपना पड़ रहा है… अचानक वह व्यक्ति जो राज्यसभा में खूब गरजता था, वह पूरी तरह से शांत हो गया है।
“माकपा सांसद रहीम का बयान, सी जे रॉय की मौत पर निष्पक्ष जांच की अपील”

केरल कारोबारी जांच माकपा

तिरुवनंतपुरम, 31 जनवरी (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एवं राज्यसभा सदस्य ए ए रहीम ने ‘कॉन्फिडेंट ग्रुप’ के चेयरमैन सी जे रॉय की मौत के मामले की गहन जांच की मांग करते हुए कहा है कि इस घटना के पीछे के वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए।

रहीम ने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि क्या रॉय ‘‘केंद्रीय एजेंसियों की दबाव की रणनीति’’ से परेशान थे।

रहीम ने एक ‘फेसबुक’ पोस्ट में रॉय की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है।

इस बीच, अभिनेता मोहनलाल ने भी व्यवसायी की मौत पर शोक जताया।

रॉय द्वारा निर्मित कुछ फिल्मों में अभिनय कर चुके मोहनलाल ने शनिवार को फेसबुक पोस्ट में कहा, “मेरे प्रिय मित्र सी जे रॉय की मौत की खबर अविश्वसनीय और अत्यंत पीड़ादायक है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। वह दोस्त से बढ़कर थे।”

पुलिस ने पहले कहा था कि आयकर विभाग की छापेमारी के बीच रॉय ने शुक्रवार दोपहर बेंगलुरु स्थित अपने कार्यालय में कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

रॉय के भाई बाबू ने आरोप लगाया है कि संभवत: केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया। बाबू ने शनिवार को बेंगलुरु में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान इन आरोपों को दोहराया।

“महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: सुनेत्रा के शपथ ग्रहण से अनजान शरद पवार”

बारामती, 31 जनवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने संबंधी खबरों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने इस घटनाक्रम से स्वयं को अलग करते हुए शनिवार को कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।

पवार ने बारामती में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें शपथ ग्रहण के बारे में मीडिया में प्रसारित खबरों से पता चला।

जब उनसे पूछा गया कि क्या पवार परिवार से कोई समारोह में शामिल होगा, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमें शपथ ग्रहण के बारे में पता नहीं है। हमें खबरों से इसकी जानकारी मिली। शपथ ग्रहण के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि यह फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने ही लिया होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों जैसे प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने पहल की। इन लोगों ने शायद कुछ तय किया होगा।’’

वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि उनके भतीजे अजित पवार की इच्छा दोनों धड़ों को एकजुट करने की थी और वे इसे लेकर आशावादी थे।

उन्होंने कहा, ‘‘अब हमें लगता है कि उनकी इच्छा पूरी होनी चाहिए। अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों धड़ों के विलय पर बातचीत शुरू की थी। विलय की तारीख भी तय हो गई थी-यह 12 (फरवरी) को होना था। दुर्भाग्य से, उससे पहले ही अजित हमें छोड़कर चले गए।’’

राकांपा के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया था कि राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा के शनिवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है और वह मंत्रिमंडल में अजित पवार की जगह लेंगी।

अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में विमान हादसे में मौत के बाद राकांपा नेताओं के एक वर्ग ने मांग की थी कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में पवार के पास रहा पद उनकी पत्नी को दिया जाए।