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पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख ने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकानई EP रिलीज़ होने के बाद उन्होंने गुरु घर जाकर अपना शुक्रिया अदा किया

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाबी म्यूज़िक इंडस्ट्री के मशहूर सिंगर और एक्टर मनकीरत औलख सचखंड श्री हरमंदिर साहिब माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुरु घर में माथा टेका और सबकी भलाई के लिए दुआ की और भगवान का शुक्रिया अदा किया। मनकीरत औलख को देखने के लिए उनके फैंस में भी खासा उत्साह देखा गया। मीडिया से बात करते हुए मनकीरत औलख ने कहा कि उनकी नई ‘एक्सटेंडेड प्ले’ यानि EP हाल ही में रिलीज़ हुई है। उन्होंने और उनकी पूरी टीम ने पहले ही तय कर लिया था कि जब भी यह EP रिलीज़ होगी, तो वह सबसे पहले दरबार साहिब आकर माथा टेकेंगे। उन्होंने कहा कि आज वह इसी मकसद से सचखंड श्री हरमंदिर साहिब माथा टेकने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि एक EP में आमतौर पर सात से आठ गाने होते हैं और यह उनकी दूसरी EP है। मनकीरत औलख ने कहा कि इससे पहले वह ज़्यादातर सिंगल गाने रिलीज़ करते रहे हैं। उन्होंने अपने फैंस से अपील की कि वे नई EP सुनें और इसे ज़्यादा से ज़्यादा स्‍पोर्ट करें।
अपने फैंस को मैसेज देते हुए मनकीरत औलख ने कहा कि हर इंसान को भगवान की रजा में रहना चाहिए और किसी का दिल नहीं दुखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने आस-पास के लोगों को हमेशा खुश रखें और पॉजिटिव सोच के साथ अपनी ज़िंदगी की बेस्ट शेप में रहें। आपको बता दें कि मनकीरत औलख पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के पॉपुलर कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने अपने कई सुपरहिट गानों से खास पहचान बनाई है। उनके मशहूर गानों में “गैंगलैंड”, “बदनाम” और “कोका” जैसे गाने शामिल हैं, उन्होंने पंजाबी म्यूज़िक लवर्स के बीच बहुत पॉपुलैरिटी हासिल की। ​​अब उनके कई और नए गाने जल्द ही रिलीज़ होने वाले हैं, जिनका उनके फैंस बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। अमृतसर से ब्‍यूरो रिपोर्ट टीम एनएनआर

अदालत से राहत मिलने के बाद गोल्डन टेंपल पहुंचे अरविंद केजरीवाल; सीएम भगवंत मान के साथ टेका माथा

पंजाब डेस्क : दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में अदालत से बड़ी राहत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार को अमृतसर स्थित श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) पहुंचे। इस दौरान उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने गुरु घर में माथा टेका और अरदास कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

शुक्राना अरदास: केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अदालत के हालिया फैसले के बाद गुरु घर में ‘शुक्राना’ (धन्यवाद) अदा करने आए हैं। उन्होंने इसे वाहेगुरु की कृपा बताया और कहा कि वह अपने जीवन की हर महत्वपूर्ण घटना पर यहाँ माथा टेकने जरूर आते हैं।

विकास पर चर्चा: इस मौके पर सीएम भगवंत मान ने राज्य के विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पंजाब में निवेश आकर्षित करने के लिए 13 से 15 मार्च तक ‘इन्वेस्ट पंजाब समिट’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जापान, कोरिया और यूके जैसे देशों के निवेशक हिस्सा लेंगे।

टाटा स्टील प्लांट का उद्घाटन: सीएम मान ने जानकारी दी कि 20 मार्च को पंजाब में टाटा स्टील के देश के दूसरे सबसे बड़े प्लांट का उद्घाटन होने जा रहा है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

श्री दरबार साहिब की परिक्रमा में हंगामा: SGPC टास्क फोर्स ने 2 पुलिस कर्मियों को बंधक बनाया, जानें क्या है पूरा मामला

पंजाब डेस्क: सचखंड श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) परिसर में शुक्रवार को उस समय हंगामा हो गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिस की एक गुप्त कार्रवाई के विरोध में SGPC टास्क फोर्स ने दो पुलिस कर्मियों को पकड़कर बंधक बना लिया।

घटना का विवरण: मिली जानकारी के अनुसार, तरनतारन के CIA स्टाफ की पुलिस टीम ने परिक्रमा से दो युवकों को हिरासत में लिया था। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने कड़ा एतराज जताया। इसके विरोध में टास्क फोर्स ने कार्रवाई करने आए दो पुलिस कर्मियों को पकड़कर ‘कमरा नंबर 50’ में बंद कर दिया।

SGPC का एतराज: SGPC अधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने यह कार्रवाई करने से पहले मैनेजमेंट को सूचित नहीं किया। उनके मुताबिक, देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु श्री दरबार साहिब में माथा टेकने आते हैं, इसलिए अगर पुलिस को किसी मामले में किसी व्यक्ति की तलाश है या किसी को गिरफ्तार करना है, तो उसकी जानकारी सबसे पहले SGPC के साथ शेयर करना ज़रूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि तरनतारन पुलिस ने न तो SGPC को भरोसे में लिया और न ही लोकल कॉरिडोर पोस्ट को कोई जानकारी दी।

कैसे सुलझा मामला: टास्क फोर्स ने तय किया था कि जब तक पुलिस के बड़े अधिकारी साफ जानकारी नहीं देंगे, तब तक पुलिस कर्मियों को नहीं छोड़ा जाएगा। मामला बढ़ता देख सीनियर पुलिस अधिकारियों ने तुरंत SGPC के पदाधिकारियों से संपर्क किया। पुलिस द्वारा ज़रूरी जानकारी शेयर करने और मामला सुलझाने के बाद ही बंधक बनाए गए पुलिस कर्मियों को छोड़ा गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने साफ कर दिया है कि वे कानून का साथ देते हैं, लेकिन बिना पूछताछ या पहले से बताए किसी को इस तरह पवित्र जगह से ले जाने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।