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मशहूर बंगाली डायरेक्टर अनीक दत्ता का दुखद निधन: कोलकाता में छत से गिरने से गई जान, मौके से मिला सुसाइड नोट

मनोरंजन डेस्क : बंगाली सिनेमा के दिग्गज और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक अनीक दत्ता का बुधवार, 27 मई को निधन हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, वह कोलकाता स्थित अपने आवास की छत से गिर गए थे, जिसके बाद उन्हें ढाकुरिया के एक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुसाइड नोट ने बढ़ाई गुत्थी: पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसके बाद विभाग इस मामले की जांच में जुट गया है कि यह एक हादसा था या आत्महत्या,। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, 2024 में दो नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले दत्ता पिछले कुछ समय से सांस संबंधी बीमारियों से भी जूझ रहे थे।

भूतेर भबिश्यत’ से मिली थी पहचान : अनीक दत्ता को उनकी 2012 में आई फिल्म ‘भूतेर भबिश्यत’ (Bhooter Bhabishyat) के लिए जाना जाता है, जिसे बंगाली सिनेमा में ‘कल्ट’ का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने महान निर्देशक सत्यजीत रे को श्रद्धांजलि देते हुए फिल्म ‘अपराजितो’ भी बनाई थी, जिसे देश-विदेश में काफी सराहना मिली। फिल्मों में आने से पहले वह विज्ञापन जगत का एक बड़ा नाम थे और प्रसिद्ध नरेंद्र चंद्र दत्ता (यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के संस्थापक) के पोते थे।

सिनेमा जगत में शोक : अनीक दत्ता के आकस्मिक निधन से पूरे मनोरंजन जगत में शोक की लहर है। उनके सहयोगियों और प्रशंसकों ने उन्हें समकालीन बंगाली सिनेमा की सबसे मुखर और अनूठी आवाजों में से एक बताया है।

दक्षिण अफ्रीका में भारतीय संस्कृति का सम्मान, गायक अनूप जलोटा को मिली मानद सदस्यता

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत के प्रसिद्ध भजन गायक Anup Jalota को South Africa में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रचार-प्रसार में योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया है। भारतीय प्रवासियों द्वारा स्थापित उत्तर प्रदेश देवभूमि संगठन (UPDES) ने उन्हें अपनी मानद सदस्यता देकर सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह सोमवार को जोहानिसबर्ग में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग उपस्थित रहे।

संगठन की ओर से कहा गया कि अनूप जलोटा ने अपने संगीत और भजनों के माध्यम से दुनिया भर में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और पारंपरिक संगीत को नई पहचान दिलाई है। उनके गीतों और भक्ति संगीत ने न केवल भारत में बल्कि विदेशों में बसे भारतीयों के बीच भी गहरी छाप छोड़ी है। इसी योगदान को देखते हुए उन्हें यह विशेष सम्मान दिया गया।

समारोह के दौरान अनूप जलोटा ने भारतीय प्रवासी समुदाय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विदेशों में भारतीय संस्कृति को जीवित रखने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संगीत लोगों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है और भारतीय भक्ति संगीत आज भी विश्वभर में लोगों को आकर्षित कर रहा है।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिनमें भारतीय संगीत, नृत्य और पारंपरिक कला की झलक देखने को मिली। भारतीय समुदाय के सदस्यों ने कहा कि अनूप जलोटा जैसे कलाकार भारतीय संस्कृति के सच्चे दूत हैं, जिन्होंने अपनी कला से देश की पहचान को वैश्विक स्तर तक पहुंचाया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सम्मान न केवल कलाकारों को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि विदेशों में भारतीय सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी है, जो वर्षों से भारतीय परंपराओं और त्योहारों को संजोए हुए है।

FWICE बैन के बीच पहली बार दिखे रणवीर सिंह: ‘डॉन 3’ विवाद के बाद बदला-बदला दिखा एक्टर का अंदाज

मनोरंजन डेस्क : बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह, जो इन दिनों फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर विवादों में हैं, बैन लगने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं। हाल ही में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉई (FWICE) ने उनके खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ जारी किया है, जिसके तहत इंडस्ट्री को उनके साथ काम न करने का आदेश दिया गया है।

एयरपोर्ट पर दिखा गंभीर अंदाज : विवादों के बीच रणवीर सिंह को मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। इस दौरान उनका अंदाज उनके चिर-परिचित चुलबुले और ऊर्जावान स्वभाव से बिल्कुल अलग नजर आया। वह सफेद कुर्ता-पजामा और नेहरू जैकेट पहने हुए थे और चेहरे पर मास्क लगा रखा था। उन्होंने वहां मौजूद पैपराजी (Paps) को पूरी तरह इग्नोर किया और बिना किसी मुस्कान या बातचीत के सीधे अपनी गाड़ी से उतरकर अंदर चले गए।

क्या है ‘डॉन 3’ का विवाद? खबरों के मुताबिक, रणवीर सिंह ने निर्देशक फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ साइन करने और प्री-प्रोडक्शन का काम शुरू होने के बाद अचानक फिल्म छोड़ दी। फरहान अख्तर का दावा है कि इस वजह से मेकर्स को लगभग 45 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। इसी शिकायत के आधार पर FWICE ने एक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

लुधियाना में भारी सनसनी: मेयर ऑफिस और सिंगर दिलजीत दोसांझ के घर को बम से उड़ाने की धमकी, ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ ने ली जिम्मेदारी

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना शहर में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब नगर निगम के उच्च अधिकारियों को एक बेहद डरावना और धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में लुधियाना के मेयर ऑफिस और मशहूर पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के घर को बम से उड़ाने की सीधी चेतावनी दी गई है।

धमकी में धमाकों का समय तय : यह ईमेल सोमवार, 25 मई को सुबह करीब 7:28 बजे भेजा गया, जिसका विषय “B0mb Blast – Mayor Office Ludhiana!” था। इसमें हमलों के लिए एक विशिष्ट समय सीमा निर्धारित की गई है: दोपहर 1:11 बजे: लुधियाना मेयर पर हमले की धमकी।रात 9:11 बजे: दिलजीत दोसांझ के लुधियाना स्थित घर पर धमाके की चेतावनी।

1984 के दंगों का जिक्र और 6 जून का अल्टीमेटम: ईमेल भेजने वालों ने खुद को ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ का बताया है और इसमें ‘इंजीनियर गुरनख सिंह’ तथा ‘डॉ. गुरनिरवैर सिंह’ जैसे नाम लिखे हैं। धमकी में 1984 के सिख दंगों का हवाला देते हुए “खून का बदला खून” की बात कही गई है और 6 जून तक बम धमाके करने का अल्टीमेटम दिया गया है। हमलावरों ने यह भी लिखा है कि जो कोई भी दिलजीत दोसांझ की मदद करेगा, वह मारा जाएगा।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट : धमकी मिलने के तुरंत बाद नगर निगम कार्यालय को खाली करवा लिया गया और वहां ताला लगा दिया गया है। लुधियाना पुलिस और साइबर सेल की टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं और ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) तथा सेंडर को ट्रेस करने की जांच शुरू कर दी गई है। मेयर कार्यालय और अन्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ पर राष्ट्रीय सुरक्षा का संकट, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिए जांच के आदेश

मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह की आने वाली फिल्म ‘धुरंधर 2’ कानूनी विवादों में घिर गई है। एक सैन्यकर्मी ने दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर फिल्म के कुछ दृश्यों पर राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

क्या है पूरा मामला? याचिकाकर्ता (सैन्यकर्मी) का आरोप है कि फिल्म ‘धुरंधर 2’ में कई ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं जो सेना और सुरक्षा बलों द्वारा अपनाए जाने वाले गोपनीय ‘ऑपरेशनल’ तरीकों को उजागर करते हैं। याचिका में कहा गया है कि भले ही फिल्म निर्माताओं ने इसे ‘फिक्शन’ (काल्पनिक) बताया हो, लेकिन इस तरह के दृश्यों का सार्वजनिक होना देश की सुरक्षा के हित में नहीं है।

कोर्ट का रुख और निर्देश: इस मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने माना कि याचिका में उठाए गए मुद्दे ‘विचारणीय’ हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिल्में केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होतीं और उनका समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है, इसीलिए सेंसरशिप और दिशा-निर्देशों की आवश्यकता होती है।

हाई कोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सेंसर बोर्ड (CBFC) को फिल्म के विवादित दृश्यों की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सक्षम अधिकारी इस याचिका को एक प्रतिवेदन (representation) के रूप में स्वीकार करें और पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करें। इसी के साथ अदालत ने इस जनहित याचिका का निपटारा कर दिया है।

सलमान खान का पैपराजी को कड़ा अल्टीमेटम: “ऐसे 100 जला दूंगा”, हॉस्पिटल के बाहर भड़के ‘भाईजान’

मनोरंजन डेस्क : बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने गुस्से और सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में मुंबई के माहिम स्थित हिंदुजा हॉस्पिटल के बाहर एक ऐसी घटना हुई, जिसने ‘भाईजान’ का पारा सातवें आसमान पर पहुँचा दिया।

क्या था पूरा मामला? सलमान खान अस्पताल में अपने किसी करीबी से मिलने पहुँचे थे। जब वे बाहर निकलकर अपनी गाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तब पैपराजी (फोटोग्राफर्स) ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और कैमरों की फ्लैशलाइट्स चमकाने लगे। इस बात से सलमान बुरी तरह भड़क गए और उन्होंने पैपराजी को डांटते हुए कहा, “पागल हो क्या?”। हालाँकि, पैपराजी के माफी मांगने के बाद वे वहां से चले गए, लेकिन गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ था।

इंस्टाग्राम पर दी कड़ी चेतावनी : इस घटना के बाद सलमान खान ने इंस्टाग्राम पर एक के बाद एक 4 पोस्ट शेयर किए, जिनमें उन्होंने पैपराजी को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा:”अगर मुझे हॉस्पिटल में कोई ऐसा प्रेस वाला दिखता है, जो मेरे दर्द का मजा ले रहा हो… जिससे मैंने बातचीत की, जिसका मैंने ख्याल रखा”।”ऐसे 100 जला दूंगा, भाई के एक भाई के दुख पर अगली बार ट्राय कर लेना मेरे साथ”।उन्होंने अपनी उम्र का जिक्र करते हुए यह भी कहा, “60 साल का हो गया हूँ, लेकिन लड़ना नहीं भूला हूँ” और मजाक उड़ाते हुए लिखा, “जेल में डालोगे हा हा हा”।सलमान खान ने साफ कर दिया है कि वे अपनी निजी जिंदगी और मुश्किल समय में इस तरह के हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे और अगली बार ऐसा होने पर बड़ा एक्शन ले सकते हैं।

ईरान के 134 साल पुराने ‘विष्णु मंदिर’ की नक्काशी देख हैरान हुए अमिताभ बच्चन, वीडियो शेयर कर दिखाई सांस्कृतिक विरासत की झलक

मनोरंजन डेस्क : बॉलीवुड के ‘शहंशाह’ अमिताभ बच्चन अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अक्सर प्रशंसकों को कुछ नया और दिलचस्प दिखाते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम अकाउंट पर ईरान के बंदर अब्बास शहर में स्थित एक प्राचीन हिंदू विष्णु मंदिर का वीडियो साझा किया है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है।

134 साल पुराना है यह मंदिर: बिग बी द्वारा साझा किए गए वीडियो के अनुसार, यह मंदिर 1892 (काजर काल) में निर्मित किया गया था। इसे विशेष रूप से उस समय बंदर अब्बास शहर में काम करने वाले भारतीय हिंदू व्यापारियों के लिए बनाया गया था। वीडियो में 134 साल पुराने इस देवालय की अद्भुत नक्काशी और भगवान विष्णु की प्राचीन मूर्ति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

सांस्कृतिक रिश्तों की झलक: अमिताभ बच्चन ने इस पोस्ट के माध्यम से भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को उजागर किया है। वीडियो की एक खास बात यह है कि इसमें पृष्ठभूमि में एक सुकून देने वाला फारसी गाना बज रहा है और मंदिर परिसर में एक बोर्ड भी लगा है, जिस पर ‘नेशनल प्रोटेक्टेड कृष्णा मंदिर’ लिखा हुआ है।

सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रिया : इस अनदेखे वीडियो को देखकर फैंस भावुक और हैरान हैं। कई यूजर्स ने इसे ‘साल का सबसे शानदार पोस्ट’ बताया है और दुर्लभ विरासत की जानकारी साझा करने के लिए अमिताभ बच्चन का शुक्रिया अदा किया है।वर्क फ्रंट अमिताभ बच्चन जल्द ही प्रभास और कमल हासन के साथ फिल्म ‘कल्कि 2898 AD’ के सीक्वल में नजर आएंगे। इसके अलावा नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में उनके जटायु के किरदार निभाने की भी चर्चा है।

विवादों में युवराज सिंह के पिता: वेब सीरीज में महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी को लेकर चंडीगढ़ में FIR की मांग

मनोरंजन डेस्क : पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता और एक्टर योगराज सिंह एक बार फिर अपने विवादित बयानों के कारण कानूनी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। चंडीगढ़ के दो वकीलों ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो क्लिप के आधार पर योगराज सिंह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला? यह विवाद अमेज़न प्राइम वीडियो पर 8 मई 2026 को रिलीज हुई हिंदी वेब सीरीज ‘लुक्खे’ के एक एपिसोड से शुरू हुआ। इस सीरीज के एक सीन में योगराज सिंह का किरदार (वालिया साहब) महिलाओं के प्रति बेहद आपत्तिजनक और शर्मनाक भाषा का इस्तेमाल करता है। वायरल क्लिप में उन्हें यह कहते सुना जा सकता है— “जनानी दिन में चूल्हे पे…।

वकीलों का विरोध और पुलिस शिकायत : जिला बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष एडवोकेट उज्ज्वल भसीन और जतिन वर्मा ने 12 मई को चंडीगढ़ एसएसपी को इस संबंध में पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ताओं का तर्क है कि यह बयान महिलाओं की गरिमा, शालीनता और सम्मान पर सीधा हमला है।

एक राष्ट्रीय स्तर की प्रभावशाली हस्ती द्वारा ऐसी भाषा का प्रयोग समाज में महिलाओं के प्रति नफरत को बढ़ावा देता है। शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या ऐसी भाषा “गुरु सिख” के सिद्धांतों और समानता की शिक्षाओं के अनुरूप है?

विवादों से पुराना नाता: योगराज सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी वह एमएस धोनी पर करियर बर्बाद करने का आरोप लगाने, कपिल देव को लेकर विवादित टिप्पणी करने और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर आपत्तिजनक बयान देने के कारण चर्चा में रह चुके हैं। फिलहाल, इस ताजा मामले पर योगराज सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

19वें मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रतिभागियों की पंजीकरण प्रक्रिया की शुरूआत

मुंबई / सत्ता संदेश

मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF) के 19वें आयोजन के लिए प्रतिभागी पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने की घोषणा कर दी गई है। यह महोत्सव 15 से 21 जून, तक मुंबई, महाराष्ट्र के पेडर रोड स्थित एनएफडीसी परिसर में आयोजित किया जाएगा। दक्षिण एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित गैर-फीचर फिल्मों को समर्पित महोत्सवों में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त एमआईएफएफ, दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं, कलाकारों, मीडिया पेशेवरों और सिनेमा प्रेमियों को एक व्‍यापक मंच प्रदान करता है।

जैसे-जैसे भारतीय फिल्म उद्योग कंटेंट निर्माण में वैश्विक दिग्‍गज के रूप में उभर रहा है, मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव महत्वाकांक्षी फिल्म निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच और सीढ़ी के रूप में कार्य करता है।

एमआईएफएफ 2026 के लिए प्रतिभागी पंजीकरण

आगामी एमआईएफएफ आयोजन के लिए प्रतिभागियों का पंजीकरण आधिकारिक महोत्सव पोर्टल के माध्यम से शुरू हो गया है। इच्छुक प्रतिभागी आधिकारिक एमआईएफएफ वेबसाइट: https://miff.in/en के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

पंजीकरण पूरा करने के लिए प्रतिभागी https://my.miff.in/dashboard/ पर जा सकते हैं।

नए उपयोगकर्ताओं को अपना अकाउंट बनाना होगा, जबकि मौजूदा उपयोगकर्ता सीधे लॉग इन कर सकते हैं। आवेदकों को आवश्यक विवरण भरने होंगे और 500 रुपये का पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा।

छात्र पंजीकरण नि:शुल्क है। छात्र श्रेणी के अंतर्गत प्रस्तुत आवेदनों की समीक्षा और अनुमोदन बैकएंड टीम द्वारा विवरणों और सहायक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद किया जाएगा।

पंजीकरण संबंधी किसी भी सहायता के लिए प्रतिभागी registration@miff.in पर सहायता टीम से संपर्क कर सकते हैं । तकनीकी प्रश्नों के लिए, कृपया digitalteam@nfdcindia.com पर संपर्क करें ।

19वें MIFF के बारे में जानकारी

MIFF एक ऐतिहासिक आयोजन है और दक्षिण एशिया में वृत्तचित्र, लघु कथा और एनिमेशन फिल्मों को समर्पित सबसे पुराना और सबसे बड़ा फिल्म महोत्सव होने का गौरव रखता है। 1990 में स्थापित (शुरुआत में बॉम्बे अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के रूप में) एमआईएफएफ भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं की उत्कृष्ट कृतियों को प्रदर्शित करने वाले एक जीवंत मंच के रूप में विकसित हुआ है।

19वें मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भव्य उद्घाटन और समापन समारोह के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय प्रतियोगिता खंड भी शामिल होंगे, जिनमें प्रतिष्ठित गोल्डन और सिल्वर कोंच पुरस्कार और 55 लाख रुपये के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रमुख पुरस्कारों में वी. शांताराम लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार, प्रमोद पति पुरस्कार (सबसे नवीन/प्रायोगिक फिल्म के लिए), तकनीकी उत्कृष्टता पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ छात्र फिल्म पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक पुरस्कार शामिल हैं।

इस महोत्सव में कई गैर-प्रतियोगिता खंड भी शामिल होंगे, जिनमें प्रिज्म – भारत और दुनिया भर की शीर्ष श्रेणी की और नवोन्मेषी फिल्मों का एक क्यूरेटेड शोकेस; अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित और पुरस्कार विजेता फिल्मों को प्रदर्शित करने वाले विशेष क्यूरेटेड खंड; स्वतंत्र फिल्में; देश केंद्रित फिल्में; पुनर्स्थापित क्लासिक्स; वन्यजीव फिल्में; छात्र फिल्में; न्यू मीडिया और एआई फिल्में; और कई अन्य खंड शामिल हैं।

MIFF 2026 में विशेष स्क्रीनिंग, रेड कार्पेट इवेंट, मास्टरक्लास, पैनल चर्चा और वेव्स डॉक बाज़ार का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे यह सिनेमाई उत्कृष्टता और रचनात्मक आदान-प्रदान का एक व्यापक उत्सव बन जाएगा। पहली बार, वेव्स डॉक बाज़ार में इमर्सिव मार्केट भी पेश किया जाएगा, जो इमर्सिव कंटेंट क्रिएटर्स, प्रोड्यूसर्स और तकनीकी सहयोगियों के लिए एक समर्पित मंच है। वीआर, एआर, एक्‍सआर और संवादात्‍मक अनुभवों पर केंद्रित यह मार्केट अभिनव परियोजनाओं को प्रदर्शित करने, कहानी कहने के नए प्रारूपों का पता लगाने और सार्थक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।

“मैं स्वस्थ हूं और खुश हूं”: मौत की झूठी अफवाह पर भड़के शक्ति कपूर, बोले- ‘शिकायत दर्ज कराऊंगा’

मनोरंजन डेस्क : बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और कॉमेडियन शक्ति कपूर, जिन्होंने अपने करियर में 750 से अधिक फिल्मों में काम किया है, हाल ही में अपनी मौत की फर्जी खबरों (फेक न्यूज) का शिकार हो गए। 73 वर्षीय अभिनेता के निधन की अफवाह ने उनके फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया था, जिसके बाद खुद शक्ति कपूर को सामने आकर अपनी सेहत का अपडेट देना पड़ा।अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है।

वीडियो में उन्होंने कहा, “मेरी डेथ न्यूज फर्जी है। मैं हेल्दी हूं और खुश हूं। कृपया मेरे निधन की अफवाह को इग्नोर करें”। शक्ति कपूर ने इस तरह की गलत अफवाहें फैलाने वालों पर नाराजगी जाहिर करते हुए चेतावनी दी कि वे इसकी शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं।शक्ति कपूर के इस स्पष्टीकरण के बाद उनके प्रशंसकों ने राहत की सांस ली है।

फैंस ने सोशल मीडिया पर उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की, जबकि कुछ ने झूठी खबरें फैलाने वालों के प्रति अपना गुस्सा भी जाहिर किया। गौरतलब है कि शक्ति कपूर पिछले लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और हाल के वर्षों में वे फिल्म ‘एनिमल’ (2023) और ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ (2025) जैसी फिल्मों में नजर आए हैं।