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बड़ी खबर: पटियाला में मेडिकल स्टूडेंट की हत्या: रूम के बाहर मिला शव, रूममेट गायब

पंजाब डेस्क: पटियाला में एक मेडिकल स्टूडेंट की तेजधार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान मानसा जिले के बरेटा कस्बे के रहने वाले कमल कुमार के रूप में हुई है। कमल पटियाला की न्यूज लाल बाग कॉलोनी में एक पीजी (PG) में रहता था।

घटना की जानकारी सोमवार को मिली, जबकि अंदेशा जताया जा रहा है कि हत्या रविवार रात को हुई थी। कमल का शव उसके कमरे के बाहर पड़ा मिला, जिसके सिर पर गहरे घाव थे। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में ले लिया है और उसे अस्पताल भेज दिया गया है।

हैरान कर देने वाली बात यह है कि वारदात के बाद से कमल के साथ रहने वाला उसका रूममेट फरार है। पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है कि क्या इस हत्याकांड में रूममेट का हाथ है। देर रात मृतक के परिजन भी पटियाला पहुँच गए थे।

PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…18-05-2026

पंजाब डेस्क : पंजाब और चंडीगढ़ में आज का दिन काफी हलचल भरा रहा। जहाँ एक ओर आम जनता पर CNG की बढ़ती कीमतों की मार पड़ी, वहीं प्रशासन ने ईंधन बचाने के लिए VVIP काफिलों में कटौती जैसे कड़े कदम उठाए हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार, ‘ऑनर किलिंग’ और पुलिस मुठभेड़ जैसी घटनाओं ने पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी है।

पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG महंगी: पंजाब और चंडीगढ़ में ईंधन की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। थिंक गैस ने CNG के दाम ₹2 प्रति किलोग्राम बढ़ाए हैं, जिससे लुधियाना में नई कीमत ₹88.75 हो गई है। वहीं मोहाली और चंडीगढ़ में IOCL और अडानी गैस ने सवा रुपए की वृद्धि की है, जिसके बाद यहाँ दाम ₹94.25 प्रति किलो पहुँच गए हैं।

प्रॉपर्टी डीलर ने वीडियो बनाकर की खुदकुशी: लुधियाना के एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने सरहिंद नहर में कूदकर अपनी जान दे दी। नहर में कूदने से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया जिसमें अपनी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के नामों का खुलासा किया। पुलिस ने गांव गुरथली के पास से उनका शव बरामद कर लिया है।

VVIP और अफसरों की गाड़ियों पर लगाम: वैश्विक तेल संकट को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। आगामी बुधवार से सरकारी कर्मचारी केवल बस या साइकिल से दफ्तर आएंगे। गवर्नर ने सुरक्षा विभाग को पत्र लिखकर अधिकारियों और VVIP के काफिले में चलने वाली गाड़ियों की संख्या कम करने के निर्देश भी दिए हैं।

क्लब के बाहर युवती की बेरहमी से पिटाई: चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में एक क्लब के बाहर किन्नरों द्वारा एक युवती को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटने का वीडियो वायरल हुआ है। जांच में पता चला कि युवती नशे में थी और उसने किन्नरों पर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह हमला हुआ।

मंत्री अरोड़ा मामले में ED की बड़ी कार्रवाई: मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद अब जांच की आंच अफसरों तक पहुँच गई है। ED ने पावरकॉम (PSPCL) के CMD बसंत गर्ग और डायरेक्टर हरशरण कौर त्रेहन समेत 4 लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया है। यह मामला एक निजी कंपनी को अवैध तरीके से बैंक गारंटी वापस कर फायदा पहुँचाने से जुड़ा है।

पुलिस कस्टडी से भागते कैदी की मुठभेड़ में मौत: होशियारपुर में एक कैदी द्वारा पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला कर भागने की कोशिश का वीडियो सामने आया है। हाथापाई के दौरान पुलिस की पिस्टल से चली गोली कैदी को लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इस दौरान ई-रिक्शा ड्राइवर भी डर के मारे मौके से भाग निकला।

करोड़ों के घोटाले में लेडी SDM गिरफ्तार: तरनतारन पुलिस ने PCS अधिकारी डॉ. अनुप्रीत कौर रंधावा को ₹1.63 करोड़ के जमीन अधिग्रहण घोटाले में गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने हाईवे मुआवजे का पैसा अपने भाई सहित अन्य निजी खातों में डाला था। कोर्ट ने उन्हें 20 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

लुधियाना में ‘ऑनर किलिंग’ की वारदात: अपनी बहन के प्रेम संबंधों से नाराज भाई ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर उसके प्रेमी की हत्या कर दी। आरोपियों ने युवक को किडनैप किया और चलती कार में 12 किलोमीटर तक पीट-पीटकर मार डाला। शव को सड़क किनारे फेंककर इसे एक्सीडेंट दिखाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस ने मास्टरमाइंड भाई को गिरफ्तार कर लिया है।

नौकर ने मालकिन पर हमला कर लाखों लूटे: मोहाली में एक महिला ने जिस नौकर पर दया कर उसे काम दिया था, उसी ने उन पर बेलन से हमला कर उन्हें अधमरा कर दिया। आरोपी हीरा लाल घर से ₹3.10 लाख नकद और ₹22 लाख का सोना लेकर फरार हो गया। घायल महिला के सिर में 70 टांके आए हैं और उनकी हालत नाजुक है।

पूर्व सरपंच पर फिल्मी स्टाइल में हमला: पटियाला में पुश्तैनी जमीन के विवाद में एक पूर्व सरपंच की कार को बीच सड़क पर एक्टिवा और कार अड़ाकर रोका गया। हमलावरों ने उन्हें कार से निकालकर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

हिंद महासागर का जहाज सागर कोलंबो बंदरगाह पर सफल ठहराव के बाद रवाना

दिल्ली /सत्ता संदेश

भारतीय नौसेना का हिंद महासागर पोत (आईओएस) सागर , तीन दिवसीय सफल बंदरगाह यात्रा के बाद 18 मई 2026 को कोलंबो, श्रीलंका से रवाना हुआ , जिससे भारत और श्रीलंका के बीच स्थायी समुद्री साझेदारी को और मजबूती मिली और भारत के महासागर – पारस्परिक और समग्र क्षेत्रीय विकास के विजन को आगे बढ़ाया गया।

इस यात्रा के दौरान, आईओएस सागर के कमांडिंग ऑफिसर ने श्रीलंका नौसेना के वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाकात की और समुद्री सहयोग बढ़ाने, क्षेत्रीय सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री मार्गों को सुनिश्चित करने की दिशा में सामूहिक प्रयासों पर केंद्रित चर्चा की।

आईओएस सागर पर आयोजित स्वागत समारोह ने नौसैनिक कर्मियों और विशिष्ट अतिथियों के बीच राजनयिक जुड़ाव और पेशेवर संबंधों को मजबूत करने के लिए एक मंच प्रदान किया। इस कार्यक्रम ने जहाज के चालक दल के बहुराष्ट्रीय स्वरूप को उजागर किया और तैनाती में निहित क्षेत्रीय सहयोग की भावना को रेखांकित किया।

आउटरीच गतिविधियों के एक भाग के रूप में, आईओएस सागर ने श्रीलंका नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय स्कूली बच्चों और भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों का जहाज पर स्वागत किया, जिससे उन्हें जहाज की परिचालन क्षमताओं और जहाज पर जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव करने का अवसर मिला।

इस यात्रा में सौहार्द और आपसी समझ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पेशेवर और सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी शामिल थीं। श्रीलंका नौसेना और आईओएस सागर के कर्मियों के बीच एक मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल मैच ने टीम भावना को बढ़ावा दिया और दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी संबंधों को मजबूत किया। इसके अलावा, बहुराष्ट्रीय दल ने गाले और कैंडी की सांस्कृतिक यात्राएँ कीं, जिससे उन्हें श्रीलंका की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की गहरी समझ प्राप्त हुई।

कोलंबो से प्रस्थान करते समय, आईओएस सागर ने श्रीलंका नौसेना के जहाज एसएलएनएस नंदीमित्रा के साथ पैसेज एक्सरसाइज (पासेक्स) में भाग लिया । इस अभ्यास में समन्वित सामरिक युद्धाभ्यास और संचार अभ्यास शामिल थे, जिनका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच अंतरसंचालनीयता, नौकायन कौशल और परिचालन समन्वय को बढ़ाना था।

आईओएस सागर इस समय कोच्चि के रास्ते में है और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदार देशों के बीच समुद्री सहयोग, अंतरसंचालनीयता और मित्रता को बढ़ावा देने के अपने मिशन को जारी रखे हुए है।

यूपीएससी सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 की अनंतिम उत्तर कुंजी परीक्षा के बाद तुरंत जारी करेगा


यूपीएससी अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने अनंतिम उत्तर कुंजी शीघ्र जारी करने की पहल को अधिक पारदर्शिता की दिशा में एक ‘नई शुरुआत’ बताया

संघ लोक सेवा आयोग पारदर्शिता बढ़ाने और परीक्षा संचालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए पहली बार सिविल सेवा परीक्षा 2026 की अनंतिम उत्तर कुंजी परीक्षा के तुरंत बाद जारी करेगा।

इसे “एक नई शुरुआत” बताते हुए यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा, “ पहली बार, संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा के अनंतिम उत्तर कुंजी जारी करेगा। यह पहल उम्मीदवारों के साथ अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर संवाद स्थापित करने के आयोग के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।” उन्होंने आगे कहा, “इस नीति का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता, अखंडता और योग्यता-आधारित ढांचे को बनाए रखते हुए इसे उम्मीद्वारों के लिए अधिक सहभागी बनाना है।”

अनंतिम उत्तर कुंजी जारी होने के बाद  सिविल सेवा परीक्षा के उम्मीदवार, यदि कोई अपत्ति हो, तो 31 मई, 2026 शाम 6 बजे तक अपने अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल “ऑनलाइन पश्न पत्र अभ्यावेदन पोर्टल (क्यूपीआरईपी)” उपलब्ध कराया गया है,  जो https://upsconline.nic.in/login पर उपलब्ध है। उम्मीदवार अपनी समझ के अनुसार सही उत्तर कुंजी का संकेत देते हुए एक संक्षिप्त विवरण और तीन प्रामाणिक स्रोतों से प्राप्त सहायक दस्तावेजों के साथ अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इससे न केवल उम्मीदवार परीक्षा में अपने प्रदर्शन का जल्दी और सटीक मूल्यांकन कर सकेंगे, बल्कि उन्हें अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर भी मिलेगा।

उम्मीदवारों से प्राप्त सभी अभ्यावेदनों को विषय-विशेषज्ञों की टीमों के समक्ष विस्तृत एवं सावधानीपूर्वक समीक्षा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। यह विशेषज्ञ संबंधित विषयों का गहन ज्ञान और विशेषज्ञता रखते हैं। वे प्रत्येक अभ्यावेदन की बारीकी से जांच करेंगे, प्रसतुत दस्तावेजों का मूल्यांकन करेंगे और संबंधित प्रश्नों की उत्तर कुंजी की शुद्धता पर अपना विचार दर्ज करेंगे। इसके बाद प्राप्त सभी अभ्यावेदनों पर समुचित विचार करने के उपरांत ही अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की जाएगी।

यह नया सुधार उम्मीद्वारों की उस लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए लाागू किया गया है, जिसमें अनांतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित करने की मांग की जा रही है। यह कदम आयोग की पारदर्शिता, जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में उम्मीदवारों के विश्वास को और सुदृढ करने की प्रतिबद्धता को भी दोहराता है।

अमृतसर में ऑल इंडिया गोल्डस्मिथ्स एसोसिएशन की इमरजेंसी मीटिंग, ज्वैलर्स कम्युनिटी की समस्याओं पर चर्चा

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज की आपात बैठक, ज्वेलर्स समुदाय की समस्याओं पर हुई चर्चा

सोना कारोबार से जुड़े व्यापारियों की सुरक्षा के लिए देशभर में एकजुट होगा संगठन : Inderbir Singh Nijjar

स्वर्णकार समुदाय के लिए एडवांस कोर्स और यूनिवर्सिटी की मांग को लेकर जल्द डीसी से करवाई जाएगी मुलाकात : डॉ. निज्जर

दूसरे राज्यों में सोना खरीदने-बेचने वाले व्यापारियों को दिए जाएंगे पहचान पत्र : Mukul Verma

अमृतसर के सुल्तान विंड रोड पर ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज और ज्वेलर्स एसोसिएशन अमृतसर की ओर से एक आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विशेष रूप से ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदाधिकारी Mukul Verma पहुंचे, जबकि अमृतसर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक Inderbir Singh Nijjar भी विशेष रूप से शामिल हुए। बैठक के दौरान स्वर्णकार समुदाय को आ रही समस्याओं, सुरक्षा और कारोबार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि स्वर्णकार और ज्वेलर्स समुदाय को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है ताकि दूसरे राज्यों में सोना-चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारियों को आने वाली समस्याओं का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि कई बार व्यापारियों को पुलिस या अन्य कारणों से परेशानियों का सामना करना पड़ता है और लूटपाट की घटनाएं भी सामने आती हैं। इसलिए संगठन को मजबूत करना समय की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सोने की खरीद संबंधी दिए गए बयानों से ज्वेलर्स कारोबार प्रभावित हो सकता है, इसलिए सरकार को चाहिए कि गहने तैयार करने वाले स्वर्णकारों के हिस्से पर किसी तरह की रोक न लगाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वर्णकार समुदाय के लिए एडवांस कोर्स और विशेष यूनिवर्सिटी की जरूरत है, जहां मेटलर्जी, सोने की जांच, डिजाइनिंग और स्टोन सेटिंग जैसे कोर्स शुरू किए जाएं। डॉ. निज्जर ने कहा कि संगठन की मांग पर जल्द ही डीसी अमृतसर के साथ बैठक करवाई जाएगी, जिसमें व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा।

इस मौके पर ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज के राष्ट्रीय प्रभारी Sudhir Soni ने कहा कि संगठन देशभर में स्वर्णकार समुदाय को एकजुट करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ज्वेलर्स समुदाय की एकता से चोरों और असामाजिक तत्वों पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के सोना खरीदने संबंधी बयान का जिक्र करते हुए कहा कि लोग नया सोना खरीदने की बजाय पुराने सोने को दोबारा तैयार करवा सकते हैं, जिससे स्वर्णकार समुदाय का काम भी चलता रहेगा।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mukul Verma ने कहा कि संगठन की ओर से अमृतसर में नई नियुक्तियां की गई हैं और संगठन को और मजबूत किया गया है। उन्होंने बताया कि अमृतसर में संगठन के लगभग एक हजार सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में कारोबार करने वाले व्यापारियों को पहचान पत्र जारी किए जाएंगे ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा एमएसएमई के माध्यम से लोगों को रोजगार और लोन उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संगठन की टीम देश के हर जिले में काम कर रही है और जहां भी व्यापारियों के साथ कोई घटना होती है, वहां तुरंत मदद के लिए पहुंचा जाता है।

आम आदमी पार्टी की नीतियों और पंजाब सरकार के कामकाज को लेकर मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के मीडिया सलाहकार Baltej Pannu ने बड़े बयान दिए हैं।

लुधियान / सत्ता संदेश

बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह पंजाब में ईडी द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है, उससे यह साफ हो जाता है कि भाजपा के पास जनता के मुद्दों का कोई जवाब नहीं बचा है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में ईडी द्वारा पीएसपीसीएल के सीएमडी बसंत गर्ग को समन भेजे गए हैं और Sanjeev Arora से जुड़ी एक कंपनी के रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं। बलतेज पन्नू ने दावा किया कि ये कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने के लिए की जा रही हैं।

इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की ओर से पंजाब में आ रहे गंदे पानी के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस मामले को गंभीरता से उठाया है और पंजाब के लोगों की सेहत तथा खेती को बचाने के लिए सरकार लगातार केंद्र के सामने यह मुद्दा उठा रही है।

बलतेज पन्नू ने कहा कि आम आदमी पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर बड़े और बेदाग चेहरे लगातार पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नामी चेहरे भी आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा उन्होंने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि “अकाली दल पुनर सुरजीत अब सिर्फ ‘पुनर’ ही रह गया है, क्योंकि ‘सुरजीत’ तो आम आदमी पार्टी में शामिल हो चुके हैं।”

नशा और गैर-कानूनी हथियार तस्करी मॉड्यूल का अमृतसर में पर्दाफाश; 2.1 किलो हेरोइन और सात पिस्तौल सहित एक गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

वर्चुअल नंबरों के जरिए अपने विदेशी हैंडलर के संपर्क में था गिरफ्तार आरोपी: डीजीपी गौरव यादव

बरामद पिस्तौल अपराधियों को आगे सप्लाई की जानी थीं: सीपी अमृतसर गुरप्रीत भुल्लर

पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा और अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल में सक्रिय एक व्यक्ति को 2.1 किलोग्राम हेरोइन और सात आधुनिक पिस्तौलों सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां साझा की।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान खुश कुमार उर्फ भोलू (26) निवासी गुरवाली गेट, अमृतसर के रूप में हुई है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा स्नैचिंग के मामले पहले से दर्ज हैं।

बरामद पिस्तौलों में एक 9 एमएम ग्लैडिएटर (तुर्की निर्मित), एक 9 एमएम जिगाना एक्स-शॉट, एक .30 बोर बेरेटा (इटली निर्मित), एक .30 बोर जिगाना (चीन निर्मित), एक .30 बोर (ऑस्ट्रिया निर्मित), एक .30 बोर (चीन निर्मित) और एक .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी वर्चुअल नंबरों के माध्यम से विदेशी तस्करों के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि हेरोइन और हथियारों की अवैध खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जा रही थी, जिन्हें आरोपी आगे अपराधियों तक पहुंचाता था।

डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क के आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।

ऑपरेशन संबंधी जानकारी साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने आरोपी खुश उर्फ भोलू को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 2.1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। उन्होंने बताया कि आरोपी से लगातार पूछताछ और आगे की जांच के दौरान सात पिस्तौल भी बरामद किए गए।

सीपी ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद पिस्तौल अपराधियों को आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सप्लाई की जानी थीं। कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हथियारों की खेप आगे पहुंचने से पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इस संबंध में एफआईआर नंबर 60 दिनांक 12-05-2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-सी और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत पुलिस स्टेशन सी-डिवीजन, अमृतसर में मामला दर्ज किया गया है।

पतली फिल्मों में नैनो-गोल्ड के समावेश से स्व-संचालित सेंसर और पहनने योग्य इलेक्ट्रॉनिक्स का मार्ग प्रशस्त

शोधकर्ताओं की विकसित की गई नई अति पतली लचीली फिल्म तापमान में होने वाले सूक्ष्म उतार-चढ़ाव को कुशलतापूर्वक विद्युत संकेतों में परिवर्तित कर सकती है। यह फिल्म भविष्य के स्मार्ट फोटोडिटेक्टरों, निम्न-श्रेणी के ताप संग्राहकों और स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण निगरानी और ऊर्जा-कुशल उपकरणों से संबंधित उन्नत लचीली इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों का समर्थन कर सकती है।

अगली पीढ़ी के स्मार्ट उपकरणों और स्वायत्त सेंसरों के लिए सूक्ष्म तापीय उतार-चढ़ाव को उपयोगी विद्युत संकेतों में परिवर्तित करने में सक्षम हल्के, लचीले और कम बिजली खपत वाले पदार्थों की भारी मांग है।

इससे पहले प्लास्मोनिक-पायरोइलेक्ट्रिक और पीवीडीएफ मिश्रित प्रणालियों ने तापीय से विद्युत रूपांतरण में वृद्धि दिखाई है, लेकिन ऐसे कई दृष्टिकोण माइक्रोन-मोटी उपकरणों या कम नियंत्रित हाइब्रिड इंटरफेस पर निर्भर करते हैं, जो पतले, पहनने योग्य और कम-ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए उनकी उपयुक्तता को सीमित करता है।

थर्मल और ऑप्टिकल दोनों तरह के उद्दीपनों पर प्रतिक्रिया करने में सक्षम उच्च गति, कम बिजली खपत वाले, स्व-संचालित उपकरण बनाने के लिए प्लास्मोनिक और पायरोइलेक्ट्रिक पॉलिमर के संयोजन में बढ़ती रुचि देखी जा रही है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के मोहाली स्थित स्वायत्त संस्थान नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी संस्थान (आईएनएसटी) के वैज्ञानिकों ने यह प्रदर्शित किया है कि एक सामान्य फेरोइलेक्ट्रिक पॉलीमर में नैनोगोल्ड की एक सूक्ष्म मात्रा को मिलाने से इसकी पायरोइलेक्ट्रिक क्षमता या तापमान में परिवर्तन से बिजली उत्पन्न करने की क्षमता में नाटकीय रूप से वृद्धि होती है।

प्रोफेसर दीपांकर मंडल के नेतृत्व वाली टीम और सुदीप नास्कर सहित उनके सहयोगियों ने पॉलीविनाइलिडीन फ्लोराइड (पीवीडीएफ) से बनी अति पतली फिल्मों का निर्माण किया, जो एक लचीला बहुलक है और इसका व्यापक रूप से इलेक्ट्रॉनिक और संवेदन अनुप्रयोगों में उपयोग किया जाता है।

स्वर्ण पोलरिटोन, पायरोइलेक्ट्रिसिटी को बढ़ाने के लिए पीवीडीएफ के आणविक द्विध्रुवों को नियंत्रित करते हैं, जिससे तीव्र और अधिक कुशल तापीय ऊर्जा संचयन प्रतिक्रिया संभव हो पाती है।

उन्होंने पीवीडीएफ के ज्ञात फेरोइलेक्ट्रिक और फिल्म-निर्माण गुणों पर आधारित एक लो-डोज इन-सीटू नैनोगोल्ड रणनीति तैयार की, ताकि यह समझा जा सके कि नैनोस्केल गोल्ड-पॉलिमर इंटरैक्शन, द्विध्रुव अभिविन्यास और सीमित प्लास्मोनिक उत्तेजनाओं का उपयोग बहुत पतली फिल्मों में पायरोइलेक्ट्रिक प्रदर्शन को अनुकूलित करने के लिए कैसे किया जा सकता है।

100 नैनोमीटर से भी पतली फिल्मों में षट्कोणीय नैनोगोल्ड कणों को शामिल करके, शोधकर्ताओं ने अत्यधिक व्यवस्थित द्विध्रुवों के साथ पीवीडीएफ का लगभग शुद्ध ध्रुवीय चरण प्राप्त किया, जो कुशल पायरोइलेक्ट्रिक व्यवहार के लिए आवश्यक संरचना है।

एडवांस्ड फंक्शनल मटेरियल्स में प्रकाशित शोध से यह स्थापित होता है कि स्वर्ण नैनोकणों के बहुलक-समर्थित मेटास्टेबल हेक्सागोनल क्लोज्ड पैक चरण और पीवीडीएफ मैट्रिक्स के अत्यधिक व्यवस्थित ध्रुवीय चरण को एक मजबूत 2डी हाइब्रिड पतली फिल्म में एकीकृत किया जा सकता है, जहां प्लास्मोन-द्विध्रुव-इलेक्ट्रॉन युग्मन सहयोगात्मक रूप से कार्य करते हुए पायरोइलेक्ट्रिसिटी, द्विध्रुव क्रम और ब्रॉडबैंड ऑप्टिकल अवशोषण को बढ़ाते हैं।

294 से 301 के तापमान में छोटे उतार-चढ़ाव की सीमा में एक अति पतली फिल्म में कुशल पायरोइलेक्ट्रिक ऊर्जा रूपांतरण का प्रदर्शन करके, यह कार्य परिवेश-तापमान थर्मल सेंसिंग और पहनने योग्य ऊर्जा संचयन प्रौद्योगिकियों के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करता है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने शी-मार्ट्स के माध्यम से पूरे भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाले ग्रामीण विपणन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक रूपरेखा तैयार की


दिल्ली /सत्ता संदेश

डीएवाई-एनआरएलएम ने पूरे भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाले ग्रामीण विपणन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए शी-मार्ट्स पर राष्ट्रीय परामर्श का नेतृत्व किया

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के माध्यम से 14-15 मई , 2026 को भुवनेश्वर, ओडिशा के मेफेयर कन्वेंशन हॉल में शी-मार्ट्स (स्वयं सहायता उद्यमी-ग्रामीण परिवर्तन के लिए विपणन के अवसर) पर दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श का आयोजन किया। इस परामर्श ने बजट घोषणा – 2026 के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त किया। इस परामर्श की मेजबानी ओडिशा आजीविका मिशन (ओएलएम), मिशन शक्ति विभाग, ओडिशा सरकार ने की और राष्ट्रीय सहायता संगठन (एनएसओ) के रूप में पीआरएडीएएन ने इसे सुगम बनाया।

राज्य मिशन निदेशकों, सीईओ, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों (एसआरएलएम) के वरिष्ठ अधिकारियों, नाबार्ड के प्रतिनिधियों, क्षेत्र विशेषज्ञों, विकास कार्यकर्ताओं, वित्तीय संस्थानों और पारिस्थितिकी तंत्र भागीदारों ने एक साथ मिलकर महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों और बाजार प्रणालियों को मजबूत करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेपों पर विचार-विमर्श किया।

इस परामर्श का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त जमीनी प्रतिक्रिया, सुझावों और प्रासंगिक जानकारियों के माध्यम से शी-मार्ट्स पहल के परिचालन दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देना था। प्रमुख विषयों में संस्थागत संरचना, वित्तपोषण मॉडल, अभिसरण मार्ग, निगरानी प्रणाली, व्यावसायिक प्रक्रियाएं, शासन संरचनाएं, प्रौद्योगिकी एकीकरण और कार्यान्वयन रणनीतियां शामिल थीं।

उद्घाटन सत्र का नेतृत्व भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री टी.के. अनिल कुमार ने किया, जिन्होंने वर्चुअल माध्यम से मुख्य उद्घाटन भाषण दिया। अपने मुख्य भाषण में, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि डीएवाई-एनआरएलएम का भविष्य उद्यम विकास और बाज़ार एकीकरण में निहित है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि शी-मार्ट्स को सब्सिडी-आधारित संस्थागत मॉडलों के बजाय, महिलाओं के समूहों द्वारा संचालित, समुदाय के स्वामित्व वाले खुदरा और एकत्रीकरण प्रणालियों के रूप में उभरना चाहिए।

एमओआरडी की संयुक्त सचिव, सुश्री स्वाति शर्मा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस राष्ट्रीय परामर्श का उद्देश्य एक ऐसे कार्यकारी मंच के रूप में काम करना है, जहाँ राज्य/केंद्र शासित प्रदेश मसौदा रूपरेखा की गहन समीक्षा कर सकें, कार्यान्वयन में मौजूद कमियों की पहचान कर सकें और बड़े पैमाने पर इसे लागू करने के लिए व्यावहारिक विकल्प सुझा सकें।

एमओआरडी की संयुक्त सचिव, सुश्री रोहिणी आर. भाजीभाकरे भी वीबी-जीराम-जी की प्रमुख विशेषताओं को उजागर करने के लिए इस परामर्श में शामिल हुईं।

ओडिशा आजीविका मिशन की राज्य मिशन निदेशक डॉ. मोनिका प्रियदर्शनी ने मिशन शक्ति और सामुदायिक संस्थानों के माध्यम से विकेंद्रीकृत महिला नेतृत्व वाले उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में ओडिशा के अनुभव पर प्रकाश डाला।

डीएवाई-एनआरएलएम की ग्रामीण आजीविका विभाग की निदेशक, डॉ. मोलिश्री ने शी-मार्ट्स पहल के विकास और रणनीतिक दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया और आजीविका संवर्धन से उद्यम-आधारित ग्रामीण बाजार प्रणालियों की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

भारत सरकार के वीबी-जीराम-जी की सहायक आयुक्त सुश्री दीक्षा सुप्याल बिष्ट ने वीबी-जीराम-जी और शी-मार्ट्स के बीच संभावित अभिसरण के अवसरों पर चर्चा की, विशेष रूप से महिला-केंद्रित बुनियादी ढांचे, मांग सृजन और बाजार समर्थन प्रणालियों के संबंध में।

पहले दिन का एक प्रमुख आकर्षण “ग्रामीण विपणन के लिए एक रणनीतिक हस्तक्षेप के रूप में ‘शी-मार्ट्स’ पर आयोजित राष्ट्रीय पैनल चर्चा थी। इस पैनल ने शी-मार्ट्स के लिए स्केलेबल डिज़ाइन सिद्धांतों पर विचार-विमर्श करने हेतु सरकार, वित्त, प्रौद्योगिकी और सामाजिक उद्यम क्षेत्रों के विविध दृष्टिकोणों को एक साथ लाया। इस परामर्श में व्यापक उप-समूह विचार-विमर्श भी शामिल था, जिसमें पाँच विषयगत समूहों ने शी-मार्ट्स के मसौदा परिचालन ढाँचे की गहन समीक्षा की; इस समीक्षा में और अधिक विस्तार, जोड़, हटाव और किन पहलुओं से बचना है—इन सभी बिंदुओं पर विशेष रूप से विचार किया गया।

परामर्श के दूसरे दिन मानव संसाधन संरचना एवं महिला नेतृत्व, तकनीकी डिजाइन एवं कार्यान्वयन रणनीति तथा क्षमता निर्माण संरचना पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों ने महिला नेतृत्व वाली शासन प्रणाली और सामुदायिक स्वामित्व को बनाए रखते हुए पेशेवर खुदरा प्रबंधन प्रणालियों की आवश्यकता पर बल दिया।

दो-दिवसीय परामर्श के दौरान, इस बात पर एक मज़बूत आम सहमति बनी कि शी-मार्ट्स को सब्सिडी पर निर्भर खुदरा दुकानों के बजाय, विकेंद्रीकृत, महिलाओं के नेतृत्व वाले, पेशेवर रूप से प्रबंधित और समुदाय के स्वामित्व वाले उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

परामर्श प्रक्रिया राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, डीएवाई-एनआरएलएम और पारिस्थितिकी तंत्र भागीदारों की ओर से शी-मार्ट्स के लिए अंतिम परिचालन दिशानिर्देशों को सुदृढ़ करने और देश भर में चरणबद्ध कार्यान्वयन का समर्थन करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ समाप्त हुई। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2029 तक 3 करोड़ अतिरिक्त ‘लखपति दीदी’ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। साथ ही, मंत्रालय ने एसआरएलएम को ‘शी-मार्ट्स’ स्थापित करने में सहायता देने का भी संकल्प लिया है। ये शी-मार्ट्स ऐसे टिकाऊ ग्रामीण विपणन मंच होंगे जो पूरे भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाले उत्पादक समूहों के लिए आय के अवसर, उद्यम विकास, ब्रांडिंग और बाज़ार तक पहुँच को बेहतर बनाएंगे।

मध्यस्थता और मध्यस्थता में क्षमता निर्माण के माध्यम से वैकल्पिक विवाद समाधान को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स वरिष्ठ अधिकारियों और न्याय मंत्रियों की बैठक

गुजरात/ सत्ता संदेश

भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय का विधि मामलों का विभाग, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तत्वावधान में 19-20 मई, 2026 को ब्रिक्स वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक (एसओएम) और उसके बाद 21-22 मई, 2026 को गांधीनगर, गुजरात में ब्रिक्स न्याय मंत्रियों की बैठक (जेएमएम) की मेजबानी कर रहा है। इस वर्ष ब्रिक्स न्याय मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता भारत करेगा।

ब्रिक्स वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों – ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वरिष्ठ अधिकारी संस्थागत मध्यस्थता, मध्यस्थता सुधार और वाणिज्यिक एवं सार्वजनिक क्षेत्र के विवादों में वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) की भूमिका सहित प्राथमिकता वाले एडीआर-संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आएंगे। चर्चाओं में एडीआर-केंद्रित सुधारों के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की जाएगी, जिन्हें ब्रिक्स मंचों में लंबित मामलों को कम करने और समय पर, लागत प्रभावी विवाद समाधान को बढ़ावा देने के लिए आदर्श हस्तक्षेप के रूप में उजागर किया गया है।

संयुक्त न्याय परिषद (जेएमएम) ब्रिक्स देशों के न्याय मंत्रियों को ब्रिक्स ढांचे में वैकल्पिक विवाद समाधान निवारण आधारित सहयोग पर एक संयुक्त वक्तव्य अपनाने के लिए एक मंत्रिस्तरीय मंच प्रदान करेगी, जिसमें सर्वोत्तम प्रणालियों को साझा करने, संस्थागत क्षमता को मजबूत करने और प्रशिक्षण कार्यक्रम, आदर्श नियम और डिजिटल विवाद समाधान मंच जैसे सहयोगी एडीआर संबंधी पहलों का पता लगाने के लिए ठोस प्रतिबद्धताएं निर्धारित की जाएंगी। ये बैठकें आधुनिक कानूनी प्रणाली सुधार के एक मुख्य घटक के रूप में और नागरिकों को सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय प्रदान करने के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में एडीआर को बढ़ावा देने में भारत के नेतृत्व को रेखांकित करती हैं।

आयोजन स्थल के रूप में गुजरात के गांधीनगर का चयन भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कानूनी और बहुपक्षीय आयोजनों के केंद्र के रूप में शहर के उभरने को दर्शाता है।

प्रमुख उद्देश्य और अपेक्षित परिणाम

ब्रिक्स के न्याय मंत्री वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर), विशेष रूप से मध्यस्थता और मध्यस्थता पर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देंगे, जिसके लिए वे सर्वोत्तम प्रथाओं, नीतिगत दृष्टिकोणों और संस्थागत अनुभवों के आदान-प्रदान को सुगम बनाएंगे;  मध्यस्थों, न्यायाधीशों, सरकारी कानूनी अधिकारियों और कानूनी पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण, व्यावसायिक आदान-प्रदान, संयुक्त कार्यशालाओं और ज्ञान साझाकरण मंचों के माध्यम से व्यावसायिक क्षमता और संस्थागत इको-सिस्टम को मजबूत करेंगे; न्यायालय द्वारा संदर्भित और मुकदमे से पहले की मध्यस्थता को बढ़ावा देंगे; मध्यस्थता केंद्रों, मध्यस्थता संस्थानों और कानूनी प्रशिक्षण निकायों के बीच संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देंगे; सीमा पार वाणिज्यिक विवादों पर सहयोग का समर्थन करने और पहुंच, दक्षता में सुधार के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाएंगे; व्यापार और पर्यावरण पर कानूनों में सामंजस्य स्थापित करने के लिए ब्रिक्स न्यायशास्त्र के कानूनी अनुसंधान और तुलनात्मक अध्ययन को आगे बढ़ाएंगे; और सरकारी कानूनी अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण को बढ़ावा देंगे।

इन बैठकों में पूर्ण सत्र और द्विपक्षीय आदान-प्रदान शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य ठोस सहयोग पहल, क्षमता निर्माण परियोजनाएं और संस्थागत संबंध स्थापित करना है। इन बैठकों के परिणाम ब्रिक्स देशों के न्याय मंत्रियों द्वारा “मध्यस्थता और मध्यस्थता में क्षमता निर्माण के माध्यम से वैकल्पिक विवाद समाधान को मजबूत करना” विषय पर एक घोषणापत्र में संकलित किए जाएंगे।