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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया


छत्तीसगढ़ / सत्ता संदेश

शहीद वीर गुण्डाधुर की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि बस्तर के नेतानार गांव को तीर्थ माना जाता है, नक्सलवाद की समाप्ति के बाद वहाँ CSC केंद्र का खुलना ऐतिहासिक है

बस्तर की जिस भूमि पर नक्सलियों ने 6 पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की थी, उसी स्थान पर आज गरीब आदिवासियों के लिए जनसेवा केंद्र का निर्माण हो रहा है

नक्सलवाद की समाप्ति का उद्देश्य केवल नक्सलियों को जड़ से उखाड़ फेंकना ही नहीं, बल्कि गरीब आदिवासियों तक जनकल्याणकारी सुविधाएँ पहुँचाना भी है

देशभर में आजादी 1947 में आ गई थी, मगर बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद आदिवासी बहनें विकास का नेतृत्व करेंगी

नक्सलवाद से हुए दशकों के नुकसान की भरपाई हमारी सरकार अगले 5 वर्षों में करेग

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन और श्री तपन डेका, निदेशक, आसूचना ब्यूरो सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज एक बहुत ऐतिहासिक दिन है। शहीद वीर गुण्डाधर की यह जन्मभूमि और कर्मभूमि अपने आप में भारत के हर नागरिक के लिए तीर्थ समान है। वर्ष 1910 में हमारे वीर आदिवासी नेता ने भूमकाल विद्रोह के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की शुरूआत की थी और विदेशी शासन के विरुद्ध बस्तर के आदिवासियों की लड़ाई का नेतृत्व शहीद वीर गुण्डाधुर ने किया था। उन्होंने कहा कि आज उन्हीं से प्रेरणा लेकर नेतानार का यह कैंप, जो वर्ष 2013 से सुरक्षा कैंप था, अब सेवा कैंप बनकर आदिवासियों की सेवा करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस सेवा कैंप का नाम भी शहीद वीर गुण्डाधुर के नाम पर रखा है। यह कैंप हमें सदैव स्मरण कराएगा कि एक समय यहां छह पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की गई थी, यहां के स्कूल, अस्पताल उजाड़ दिए गए थे, राशन पहुंचने नहीं दिया गया, रोजगार और शिक्षा से लोगों को वंचित रखा गया। श्री शाह ने कहा कि आज उसी स्थान पर, जहां हमारे छह जवान शहीद हुए थे, वहां गरीब आदिवासियों की सेवा का एक तीर्थ स्थल बनाने का कार्य प्रारंभ हो रहा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि जब हमने नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया, उसका उद्देश्य केवल नक्सलियों का खात्मा करना नहीं बल्कि इस क्षेत्र के गरीब आदिवासियों के जीवन में वे सभी सुविधाएं पहुंचाना भी था, जो बड़े-बड़े शहरों में उपलब्ध हैं, जिससे उनके बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल बन सके। उन्होंने कहा कि “नियद नेल्लानार” योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार हर गांव में सस्ते राशन की दुकान खोल रही है, हर गांव में प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं और गांवों के बीच में एक समूह PSC एवं CSC खोले जा रहे हैं। अब यहां हर गरीब के घर तक पीने का पानी पहुंचाने का काम हो रहा है, आधार कार्ड बन रहे हैं, राशन कार्ड बन रहे हैं। हर व्यक्ति को प्रति माह 7 किलो चावल दिया जाता है और 5 लाख रूपए तक का पूरा इलाज मुफ्त में करने की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की योजना भी अब यहां तक पहुंच चुकी है।

श्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने दशकों तक गलतफहमी फैलाई कि हमारा विकास नहीं हुआ इसलिए हमने हथियार उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि इस क्षेत्र का विकास इसलिए नहीं हुआ क्योंकि नक्सलियों ने हाथों में हथियार उठा रखे थे। उन्होंने कहा कि रायपुर में विकास के जितने कार्य हुए हैं, उन्हें एक साल के भीतर हमारी सरकार आपके गांवों तक लाएगी। श्री शाह ने कहा कि सरकार की हर सुविधा पर आपका इतना ही अधिकार है जितना बड़े शहरों की जनता का है। श्री शाह ने कहा कि यह आपकी सरकार है और आपके जीवन में खुशियां लाना सरकार का उत्तरदायित्व है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बस्तर में अभी लगभग 200 कैंप हैं और उनमें से 70 कैंप को अगले डेढ़ वर्षों में हम इसी प्रकार के जनसेवा केंद्र के रूप में परिवर्तित कर आदिवासी कल्याण का केन्द्र बनाएंगे। इन कैंपों का डिजाइन कंप्लीट होगा, जिनके अंदर बैंकिंग सुविधा भी होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, राशन कार्ड भी बनेगा, सरकार की योजना के पैसे यहीं से मिलेंगे, कॉमन सर्विस सेंटर पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भी आह्वान किया है कि नक्सलवाद समाप्त हो गया है, ऐसा मानकर चैन की नींद नहीं सोना है। नक्सलवाद से हुए नुकसान की भरपाई हम 5 साल के अंदर कर इन सभी गांवों को ऊर्जावान आदिवासी गांवों में बदलेंगे । इसके लिए आदिवासियों के खेल को बढ़ावा देने के लिए हमने बस्तर ओलंपिक और आदिवासी साहित्य, भाषा, संगीत, कला, नृत्य और विविध पकवानों को विश्व प्रसिद्ध करने के लिए बस्तर पंडुम शुरू किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि इसी दिन के लिए शहीद वीर गुण्डाधुर ने आजादी का आंदोलन शुरू किया होगा। उन्होंने कहा कि देशभर में तो आजादी 1947 में आ गई थी, मगर हमारे बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है। श्री शाह ने कहा कि जो देरी हुई है, उसके पूरे नुकसान की भरपाई हम बहुत जल्द करेंगे और इस क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि विकास को रोकने से कभी विकास नहीं होता है, बल्कि जब हम विकास को गति देंगे तभी विकास का फायदा हम तक पहुंचेगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के हीरक जयंती समारोह को संबोधित करते हुए इसकी छह दशकों की विशिष्ट राष्ट्र सेवा को स्मरण किया


तिरुवनंतपुरम /सत्ता संदेश

श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप समावेशी, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा दे रही है

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड ने ऑपरेशन सिंदूर सहित संकट के समय अनुकरणीय सेवा दी है

स्वास्थ्य सेवा में नवाचार और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने तिरुवनंतपुरम में एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड की अक्कुलम इकाई में उन्नत मेंस्ट्रुअल कप निर्माण सुविधा का अनावरण किया

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने आज तिरुवनंतपुरम स्थित एचएलएल पेरूकाडा फैक्ट्री में एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के हीरक जयंती समारोह को संबोधित किया। यह समारोह देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में संगठन के 60 वर्षों के योगदान के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

वर्ष 1966 में स्थापित, एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड ने भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य मिशन को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम में अपने शुरुआती योगदान से लेकर स्वास्थ्य देखभाल उत्पादों, निदान, अवसंरचना विकास और सामाजिक विपणन में अपनी विविध उपस्थिति तक, संगठन ने लगातार उत्कृष्टता, नवाचार और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जताए गए गहरे विश्वास पर जोर दिया और कहा कि संगठन ने प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के माध्यम से इस विश्वास को लगातार कायम रखा है, जिसका उद्देश्य सभी के लिए समावेशी, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना है।

उन्होंने एचएलएल के निरंतर विकास और स्वास्थ्य सेवाओं की उभरती जरूरतों के प्रति उसकी तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि संगठन ने व्यवस्था में महत्वपूर्ण कमियों की पहचान करने और व्यावहारिक, प्रभावी उपायों के माध्यम से उन्हें दूर करने की अद्वितीय क्षमता प्रदर्शित की है। हालांकि ऐसे प्रयास हमेशा स्तर तक नहीं पहुंचते, लेकिन उनका संचयी प्रभाव, विशेष रूप से महिलाओं और रोगियों के जीवन को बेहतर बनाने में, राष्ट्र के स्वास्थ्य सेवा ढांचे को मजबूत करने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाता है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के एचएलएल पर विश्वास को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह विश्वास केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के किफायती दवाइयां और विश्वसनीय उपचार प्रत्यारोपण (एएमआरआईटी) फार्मेसी नेटवर्क जैसी प्रमुख पहलों के प्रति मजबूत समर्थन और जुड़ाव में भी परिलक्षित होता है, जिसने हाल ही में अपनी सेवा के एक दशक पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के साथ-साथ ऐसी पहलों ने देश भर में सस्ती दवाओं की उपलब्धता को काफी हद तक बढ़ाया है।

उन्होंने यह भी कहा कि एएमआरआईटी फार्मेसियों ने मंत्रालय को कैंसर की दवाओं, ब्रांडेड दवाओं और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों सहित महत्वपूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सक्षम बनाया है, जिनकी कीमतें प्रचलित बाजार दरों से 50 प्रतिशत कम हैं, जिससे मरीजों और उनके परिवारों को ठोस वित्तीय राहत मिल रही है।

संकट के समय में एचएलएल की सराहनीय भूमिका को याद करते हुए, श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संगठन की त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया पर प्रकाश डाला, जिसके तहत आवश्यक चिकित्सा उपकरण, भीष्म क्यूब्स और दवाएं जम्मू और कश्मीर तथा पंजाब राज्यों में तुरंत पहुंचाई गईं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास संकट के समय राष्ट्र की सेवा करने के लिए एचएलएल की परिचालन तत्परता, प्रतिबद्धता और क्षमता को दर्शाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी संस्था की वास्तविक क्षमता महत्वपूर्ण क्षणों में चुनौतियों का सामना करने की उसकी क्षमता में निहित होती है और इस संबंध में एचएलएल ने सार्वजनिक सेवा वितरण में एक मिसाल कायम की है।

अपने संबोधन के समापन में, उन्होंने पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और समर्पण के उच्चतम मानकों के साथ अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए संगठन की सराहना की और देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में एक प्रमुख भागीदार के रूप में एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड में मंत्रालय के निरंतर विश्वास की पुष्टि की।

समापन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण स्मारक सिक्के का विमोचन था, जो भारत के अग्रणी स्वास्थ्य सेवा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में से एक के रूप में एचएलएल की विशिष्ट यात्रा के छह दशक पूरे होने का प्रतीक है। यह इसकी स्थायी विरासत और राष्ट्रीय महत्व का भी प्रतीक है।

इस कार्यक्रम में एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास सहित प्रमुख संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान भी हुआ जिसका उद्देश्य सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य सेवा में नवाचार को आगे बढ़ाना और भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के विकास में तेजी लाना है।

किफायती स्वास्थ्य सेवा समाधानों और सामाजिक प्रभाव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए, एचएलएल ने इस कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण उत्पाद और सेवा पहलों की घोषणा की। इनमें हाइड्रोसेफालस शंट का पुनः शुभारंभ, एचएलएल परिवर्तन वेलनेस क्लिनिक, एचएलएल वाटर का शुभारंभ और ‘हैप्पी डेज़’ कम्पोस्टेबल सैनिटरी नैपकिन का विमोचन शामिल हैं। ये सभी पहल संगठन के सुलभता, स्थिरता और नवाचार-संचालित सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाती हैं।

कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव द्वारा तिरुवनंतपुरम स्थित एचएलएल के अक्कुलम इकाई में उन्नत मेंस्ट्रुअल कप निर्माण सुविधा का उद्घाटन भी शामिल था। यह उन्नत सुविधा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप महिलाओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, पर्यावरण के अनुकूल मासिक धर्म स्वच्छता समाधानों को प्रोत्साहित करने और स्वदेशी विनिर्माण उत्कृष्टता को मजबूत करने के प्रति एचएलएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड की पीएफटी और एएफटी सुविधाओं का दौरा किया जहां वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और उन्हें प्रमुख कार्यों के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने दोनों इकाइयों के कारखाना का दौरा किया, टीमों के साथ बातचीत की और विनिर्माण प्रक्रियाओं की समीक्षा की। इसके साथ ही उनके गुणवत्ता, दक्षता और स्वदेशी उत्पादन के प्रति एचएलएल की प्रतिबद्धता की भी सराहना की।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के शीर्ष अधिकारी, साझेदार संस्थानों के प्रतिनिधियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के प्रतिष्ठित हितधारकों ने भाग लिया।

रक्षा मंत्री वियतनाम और दक्षिण कोरिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे


दिल्ली /सत्ता संदेश

सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग में साझेदारी और समुद्री सहयोग को सशक्त बनाकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को प्रोत्साहन देने पर ध्यान: श्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह 18 से 19 मई, 2026 तक वियतनाम और 19 से 21 मई, 2026 तक दक्षिण कोरिया की आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। अपनी यात्रा से पहले एक पोस्ट में, रक्षा मंत्री ने इन दोनों एशियाई देशों की यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों के और अधिक प्रगाढ़ होने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग में साझेदारी और समुद्री सहयोग को मजबूत करना है, ताकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा दिया जा सके।

रक्षा मंत्री की वियतनाम यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है। वियतनाम के राष्ट्रपति की 5 से 7 मई, 2026 तक भारत यात्रा के दौरान इस व्यापक रणनीतिक साझेदारी को उन्नत करते हुए इसे व्यापक रणनीतिक साझेदारी के उच्च स्तर पर ले जाया गया था। श्री राजनाथ सिंह वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

रक्षा मंत्री की 8 से 10 जून, 2022 के दौरान की पिछली यात्रा में भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी को लेकर 2030 तक के लिए एक संयुक्त दृष्टिकोण बयान पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह दृष्टिकोण वक्तव्य द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के लिए एक स्पष्ट और परिभाषित मार्ग को दर्शाता है। दोनों लोकतांत्रिक देशों का क्षेत्र की शांति और समृद्धि में साझा हित है।

श्री राजनाथ सिंह की यह यात्रा वियतनाम के पूर्व राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की 136वीं जयंती (19 मई, 2026) के अवसर पर हो रही है। रक्षा मंत्री हो ची मिन्ह समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

दक्षिण कोरिया की अपनी यात्रा के दौरान, श्री राजनाथ सिंह कोरिया गणराज्य के रक्षा मंत्री श्री आन ग्यू-बैक के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों मंत्री दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए नई पहलों पर विचार-विमर्श करेंगे। वे साझा हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।

रक्षा मंत्री रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (डीएपीए) के मंत्री श्री ली योंग-चेओल से भी मुलाकात करेंगे और भारत-कोरिया व्यापार गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।

कोरियाई युद्ध में भारत का योगदान इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है, जो वैश्विक शांति और स्थिरता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत द्वारा समर्थन देने का निर्णय भारतीय सेना की 60 पैराशूट फील्ड एम्बुलेंस तैनात करके युद्ध में शांति और सद्भाव लाने के उद्देश्य से लिया गया था। तीन वर्षों से अधिक समय तक सेवा करते हुए, इस यूनिट ने दो लाख से अधिक रोगियों का इलाज किया और लगभग 2,500 ऑपरेशन किए, साथ ही कई नागरिकों का भी उपचार किया। भारत का दूसरा प्रमुख योगदान तटस्थ राष्ट्र प्रत्यावर्तन आयोग की अध्यक्षता करना था, जो संयुक्त राष्ट्र को भारत का एक प्रस्ताव था और जिसे बहुमत से स्वीकार किया गया था। इसके अनुसार, युद्धोत्तर चरण में, 5,230 सैनिकों वाली भारतीय सेना की कस्टोडियन फोर्स ने लगभग 2,000 युद्धबंदियों का शांतिपूर्ण प्रत्यावर्तन किया।

शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए, 21 मई को दक्षिण कोरिया में भारतीय युद्ध स्मारक का संयुक्त उद्घाटन किया जाएगा, जिसमें दक्षिण कोरिया के मंत्री श्री क्वोन ओह-यूल भी शामिल होंगे।

भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और दक्षिण कोरिया की ‘इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी’ का स्वाभाविक तालमेल और साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा मूल्यों ने दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

भारत का लक्ष्य इस वर्ष एक ट्रिलियन डॉलर और अगले पांच वर्षों में 2 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात करना : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल


दिल्ली /सत्ता संदेश

निर्यात लक्ष्य एक राष्ट्रीय मिशन; लगभग 38 विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते बाजार पहुंच को बढ़ावा देंगे: श्री पीयूष गोयल

श्री पीयूष गोयल ने व्यवसायों से आयात रुझानों पर दृष्टि रखने, अवसरों की पहचान करने, आयात प्रतिस्थापन में देश की मदद करने की अपील की

स्वदेशी को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए श्री पीयूष गोयल ने घरेलू उत्पादों की सहायता करने का आग्रह किया

बढ़ती खपत अवसर प्रदान करती है, लेकिन आयात में वृद्धि को रोकने के लिए घरेलू उद्योग को आगे आना होगा; युवाओं और स्टार्टअप की अधिक भागीदारी की आवश्‍यकता : श्री पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि भारत ने इस वर्ष एक ट्रिलियन डॉलर और अगले पांच वर्षों में 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। यही आत्मनिर्भर भारत की सच्ची पहचान होगी। नई दिल्ली में भारतीय व्यापार महोत्सव की वेबसाइट लॉन्च समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, इस वर्ष निर्यात 863 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि वस्तुओं और सेवाओं दोनों के निर्यात में वृद्धि हुई है, जो वर्तमान वैश्विक परिवेश में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

श्री गोयल ने कहा कि यह केवल सरकार का ही नहीं, बल्कि राष्ट्र का लक्ष्य है और केंद्र सरकार इसे अर्जित करने के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में लगभग 38 विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की दिशा में प्रयास किए गए हैं। इससे भारतीय वस्तुओं को उन बड़े बाजारों में तरजीही पहुंच मिलेगी जहां प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम आयात शुल्क पर भारतीय सामान बेचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ये समझौते धीरे-धीरे लागू होंगे और ओमान के साथ एफटीए पहली जून से लागू हो सकता है। कागजी कार्रवाई के लिए लंबित अन्य अंतिम रूप दिए गए एफटीए भी बाद में लागू हो जाएंगे।

श्री पीयूष गोयल ने हितधारकों से वाणिज्य मंत्रालय के व्यापार पोर्टल के माध्यम से आयात रुझानों का अध्ययन करने और घरेलू विनिर्माण तथा आयात प्रतिस्थापन के अवसरों की पहचान करने का आग्रह किया। उन्होंने देश में आयात की जा रही वस्तुओं पर निरंतर दृष्टि रखने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि ऐसे रुझान भारतीय व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करते हैं। श्री गोयल ने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय को विदेशों से भारत में आने वाले उत्पादों को उजागर करते हुए इन अवसरों को अधिक व्यवस्थित तरीके से प्रदर्शित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयात प्रतिस्थापन और निर्यात विकास के दो प्रमुख पहलू हैं और मंत्रालय उन क्षेत्रों को भी प्रदर्शित करेगा जहां भारत की शक्ति और क्षमता है ताकि व्यवसाय इन अवसरों का लाभ उठा सकें।

श्री पीयूष गोयल ने घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने और स्वदेशी भावना को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विदेशी वस्तुओं के प्रति थोड़ी सी भी प्राथमिकता घरेलू उद्योग को कमजोर कर सकती है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे मध्यम वर्ग का विस्तार हो रहा है और उपभोग बढ़ रहा है, भारत के लिए अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा करना आवश्यक है, अन्यथा आयात इस कमी को पूरा करेगा। श्री गोयल ने व्यवसायों और उपभोक्ताओं से देश के भीतर आपूर्तिकर्ता और ग्राहक बनकर एक-दूसरे की सहायता करने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि यदि भारतीय स्वदेशी मेला जैसी पहलों के माध्यम से इस भावना को मजबूत किया जाता है, तो यह भारत में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने वाले एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन में परिवर्तित हो सकता है।

श्री गोयल ने कहा कि पूंजीगत वस्तुओं जैसे क्षेत्रों में भारत अभी भी विदेशी देशों पर बहुत हद तक निर्भर है। उन्होंने राजकोट, जालंधर, लुधियाना, बटाला और पुणे सहित औद्योगिक समूहों से आयात पर निर्भर रहने के बजाय घरेलू उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया।

केंद्रीय मंत्री ने चिकित्सा उपकरणों के बढ़ते घरेलू उत्पादन को भी रेखांकित किया और विशाखापत्तनम में निर्मित सीटी स्कैन मशीन को उदृत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों को अधिक अपनाने से मांग बढ़ेगी और परिचालन का परिमाण भी बढ़ेगा।

श्री गोयल ने कहा कि भारत को केवल विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने मात्र से आत्मसंतुष्ट नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को निरंतर बड़ी उपलब्धियों के लिए प्रयासरत रहना चाहिए, नए विचार उत्पन्न करने चाहिए और प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा परिकल्पित अमृत काल के दौरान विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर निरंतर कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उद्योगों, व्यवसायों और नागरिकों के उत्साह के साथ-साथ 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भावना से यह विश्वास मिलता है कि विश्‍व की कोई भी शक्ति भारत की प्रगति को रोक नहीं सकती। भारत मंडपम में आयोजित हो रहे भारतीय स्वदेशी मेले का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थल स्वयं भारत की विविधता को दर्शाता है, क्योंकि यहाँ उपयोग की जाने वाली सामग्री और उत्पाद देश के विभिन्न कोनों से आए हैं।

श्री गोयल ने गुणवत्ता और उत्पादकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी देश में गुणवत्ता मानकों में सुधार और उत्पादकता में वृद्धि चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता और पैकेजिंग के बिना भारत वैश्विक बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत नहीं कर पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत तेजी से प्रगति कर रहा है और इसके निर्यात में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

कृषि और मत्स्य पालन सेक्‍टरों की क्षमता को रेखांकित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि किसानों और मछुआरों के उत्पादों सहित भारत का कृषि निर्यात लगभग 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन सेक्‍टरों में मूल्यवर्धन का स्तर अभी भी कम है। उन्होंने कहा कि यदि युवा उद्यमी मूल्यवर्धित सेक्‍टरों में प्रवेश करें और लघु, मध्यम एवं वृहत्तर स्तर पर प्रसंस्करण और विनिर्माण इकाइयां स्थापित करें तो अपार संभावनाएं हैं।

श्री गोयल ने कहा कि जब भारत निर्यात-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाता है, तो गुणवत्ता मानक स्वाभाविक रूप से बेहतर होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्वदेशी उत्पाद निर्यात-योग्य हो जाएं, तो लोग विदेशी वस्तुओं की ओर रुख नहीं करेंगे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने के लिए उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और परिचालन के दायरे का विस्तार करने की आवश्यकता पर बल दिया।

श्री गोयल ने कहा कि सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की परिभाषा का विस्तार किया गया है और अब 500 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले उद्यम एमएसएमई के दायरे में आते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमों को और अधिक विकसित होते देखना चाहती है और उनके साथ खड़ी है।

उन्होंने आयोजकों से आग्रह किया कि वे भारतीय व्यापार महोत्सव में देश भर से विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों को आमंत्रित करें। कार्यक्रम में 1,000 व्यवसायों की भागीदारी का हवाला देते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक राज्य से 25 महिला उद्यमियों को आमंत्रित किया जाए, जिससे अकेले ही लगभग 700-750 प्रतिभागी शामिल हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का बढ़ता मध्यम वर्ग और बढ़ती खपत व्यापारियों, उद्योगों और लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असीम अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सावधान किया कि यदि घरेलू उद्योग देश की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहते हैं, तो आयात इस कमी को पूरा करेगा।

उन्होंने इस पहल में युवा उद्यमियों, स्टार्टअप्स और देश भर के युवाओं सहित अगली पीढ़ी को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आयात प्रतिस्थापन और वर्तमान में आयात किए जा रहे उत्पादों से संबंधित अवसरों को प्रदर्शित किया जाना चाहिए ताकि लोग घरेलू विनिर्माण की संभावनाओं को समझ सकें।

श्री गोयल ने भारतीय स्वदेशी मेले में रुपे कार्ड और यूपीआई संचालित करने वाली एनपीसीआई को शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि यूपीआई का व्यापक उपयोग हो रहा है, जबकि रुपे कार्ड का पर्याप्त उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने मेले के पूरे परिसर में 50 से 100 कियोस्क स्थापित करने का सुझाव दिया, जहां आगंतुक आधार और अन्य पहचान दस्तावेजों का उपयोग करके रुपे डेबिट कार्ड प्राप्त कर सकें और यूपीआई या रुपे कार्ड के माध्यम से सभी लेनदेन डिजिटल रूप से कर सकें।

श्री गोयल ने कहा कि इस पहल के लिए बैंकों को एक साथ लाने से भारत की भुगतान प्रणालियों के व्यापक अंगीकरण को प्रोत्साहन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत मंडपम नियमित रूप से प्रदर्शनियों और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का आयोजन करता है। ऐसी पहल से अधिक लोगों को पूरे देश में रुपे और यूपीआई को अपनाने के लिए प्रेरणा मिल सकती है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तरह की छोटी-छोटी पहल भारत की अमृतकाल यात्रा को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेंगी और जनभागीदारी के माध्यम से समृद्ध और विकसित भारत की राह को सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति एक कदम आगे बढ़ाता है, तो देश 140 करोड़ कदम आगे बढ़ता है।

श्री गोयल ने सभी हितधारकों से भारतीय व्यापार महोत्सव को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया और कार्यक्रम के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

भारतीय व्यापार महोत्सव 12 अगस्त – 15 अगस्त 2026 तक चलेगा।

दो जोनल कृषि कॉन्फ्रेंस अब वर्चुअल मोड में, 20% रोटेशनल वर्क फ्रॉम होम होगा लागू- श्री शिवराज सिंह


दिल्ली /सत्ता संदेश

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालयों में सप्ताह में एक दिन कार-पूलिंग का फैसला; बिजली, ईंधन और सरकारी दौरों पर सख्त संयम- श्री शिवराज सिंह

शादी जैसे अतिआवश्यक अवसरों को छोड़कर 1 साल तक सोना नहीं खरीदेंगे कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारी

खाद्य तेल की खपत घटाने को चलेगा अभियान, खेत बचाओ अभियान और प्राकृतिक खेती पर विशेष फोकस- श्री शिवराज सिंह चौहान

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता, संसाधन-संरक्षण और आत्मनिर्भरता की अपील पर श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बड़े निर्णय

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता, संसाधन-संरक्षण और आत्मनिर्भरता की अपील को प्रशासनिक अमल का रूप देते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज बड़े फैसले किए। अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में एक तरफ जहां बचत, ईंधन-संरक्षण, बिजली नियंत्रण, वर्चुअल कार्यप्रणाली और सरकारी खर्च घटाने के उपाय तय किए गए, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों ने एक वर्ष तक विशेष पारिवारिक परिस्थितियों को छोड़कर सोना नहीं खरीदने का भी सामूहिक संकल्प लिया।वैश्विक चुनौतियों और बदलते आर्थिक माहौल के बीच केंद्र सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संदेश दे रही है कि राष्ट्रहित में संयम और बचत की शुरुआत सरकार खुद से करेगी। इसी दिशा में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि शिक्षा और भूमि संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर कई ऐसे फैसले किए, जो शासन, समाज और कृषि – तीनों स्तरों पर सकारात्मक असर डालने वाले हैं।

कृषि भवन, नई दिल्ली में आज आयोजित इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण संदेश उस समय उभरा, जब अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह के आह्वान पर सामूहिक रूप से यह फैसला किया कि अगले एक वर्ष तक, केवल बेटी की शादी या किसी विशेष अपरिहार्य पारिवारिक अवसर जैसी परिस्थितियों को छोड़कर, वे सोना नहीं खरीदेंगे। यह निर्णय औपचारिक सरकारी आदेश से अधिक एक स्वैच्छिक नैतिक-सामाजिक संकल्प के रूप में है, जिसे श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील के प्रति गंभीर प्रतिक्रिया और राष्ट्रहित में व्यक्तिगत संयम का उदाहरण बताया।

प्रशासनिक स्तर पर बैठक में तय किया गया कि गुवाहाटी और विशाखापट्टनम में आगामी दिनों में होने वाली दो जोनल कॉन्फ्रेंस अब फिजिकल मोड में नहीं होंगी बल्कि वर्चुअल मोड में आयोजित की जाएंगी। इससे यात्रा, आवास, स्थल, लॉजिस्टिक्स और अन्य संबंधित खर्चों में कमी आएगी जबकि राज्यों और हितधारकों के साथ संवाद और समीक्षा की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।

कार्यालयों में बिजली संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। लाइट, पंखे, एसी, कंप्यूटर और अन्य उपकरण आवश्यकता न होने पर बंद रखने के निर्देश केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह द्वारा दिए गए हैं जबकि एयर-कंडीशनर और अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग को नियंत्रित और व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया है ताकि अनावश्यक बिजली खपत रोकी जा सके।

बैठक में यह भी तय किया गया कि लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए रोटेशन के आधार पर वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू की जाएगी। हालांकि इसके साथ यह भी कहा गया है कि फाइल निस्तारण, बैठकों, समन्वय, राज्य-संबंधी कार्य और नियमित कार्यालयीन कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। घर से काम करने वाले कर्मचारी फोन, ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-ऑफिस के माध्यम से उपलब्ध रहेंगे।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने बताया कि ईंधन बचत और सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए सप्ताह में एक दिन कार-पूलिंग व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था निदेशक स्तर तक बढ़ाई जाएगी जबकि मंत्रालय में लगभग एक-तिहाई वाहनों के उपयोग को कम करने का लक्ष्य भी रखा गया है, जिससे ईंधन, वाहन रखरखाव, चालक व्यवस्था और अन्य संबंधित खर्चों में कमी लाई जा सके।

उन्होंने कहा कि सरकारी दौरों और बैठकों को भी अब अधिक नियंत्रित और जरूरत-आधारित बनाया जाएगा। केवल अत्यावश्यक दौरे ही किए जाएंगे और जहां संभव होगा, समीक्षा, परामर्श और बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएंगी ताकि बड़े दलों की अनावश्यक यात्रा रोकी जा सके और खर्च में कमी लाई जा सके।

बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा खाद्य तेल की खपत को लेकर भी रहा। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह के निर्देश पर मंत्रालय ने फैसला किया है कि खाद्य तेल के संतुलित और स्वस्थ उपयोग के लिए विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अत्यधिक खपत कम हो, स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़े और देश की खाद्य तेल आयात निर्भरता घटाने के लक्ष्य को बल मिले। खाद्य तेल और तिलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए चल रहे मिशन को और प्रभावी बनाया जाएगा।

कृषि क्षेत्र को लेकर श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्राकृतिक खेती और उर्वरकों के संतुलित उपयोग को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग और आईसीएआर ने “खेत बचाओ अभियान” चलाने का फैसला किया है, जिसके तहत वैज्ञानिक गांवों में जाकर मिट्टी की जांच और उसमें मौजूद तत्वों के आधार पर किसानों को यह सलाह देंगे कि कौन-सा खाद, कितनी मात्रा में और किस जरूरत के अनुसार डाला जाना चाहिए। इसका उद्देश्य अनावश्यक उर्वरक उपयोग रोकना और आयातित खादों पर निर्भरता कम करना है। श्री चौहान ने कहा कि खेत बचाओ अभियान को 1 जून से 15 दिनों तक पूरे देश में अधिक संगठित और प्रभावी रूप से चलाया जाएगा। राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसानों को जागरूक किया जाएगा कि आवश्यक खाद का उपयोग जरूर करें लेकिन अनावश्यक उपयोग से बचें ताकि लागत भी घटे और जमीन की सेहत भी सुरक्षित रहे।

खरीफ सीजन की तैयारी को भी इस पूरी रणनीति से जोड़ा गया है। श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 28 और 29 मई को होने वाली खरीफ कॉन्फ्रेंस में संतुलित खाद उपयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा जबकि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अलग से एक विशेष सत्र रखा जाएगा। इस सत्र में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया है ताकि प्राकृतिक खेती के व्यावहारिक और प्रेरक अनुभव राज्यों के साथ साझा किए जा सकें। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में छोटे-छोटे कदम भी बड़े राष्ट्रीय परिणाम दे सकते हैं। उनका कहना है कि बचत, संयम और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी है और यह सब करते हुए खेती, खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा और किसानों की आजीविका किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।

आयुष मंत्रालय ने लू और अत्यधिक गर्मी की स्थिति को देखते हुए जन स्वास्थ्य संबंधी सलाह जारी की


दिल्ली /सत्ता संदेश

इस परामर्श में गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए निवारक उपायों, पारंपरिक स्‍वास्‍थ्‍य पद्धतियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर विशेष जोर दिया गया है

देश के कई हिस्सों में बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अंतर्गत आयुष वर्टिकल ने आयुष मंत्रालय के समन्वय से वर्तमान ग्रीष्म ऋतु के लिए अत्यधिक गर्मी/लू पर एक व्यापक जन स्वास्थ्य सलाह जारी की है।

इस परामर्श में आम जनता, संवेदनशील समूहों, नियोक्ताओं, श्रमिकों तथा बडे सर्वाजनकि और खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले लोगों के लिए गर्मी से होने वाले तनाव और गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय में सीधे सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से बचने,  हल्के सूती कपड़े पहनने तथा मौसमी फलों और इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर तरल पदार्थों के सेवन पर जोर दिया गया है।

परामर्श में यह भी बताया गया है कि शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व्यक्ति, खुले में काम करने वाले श्रमिक और हृदय रोग तथा उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति लू की स्थिति में विशेष रूप से अधिक संवेदनशील होते हैं तथा उन्हें अतिरिक्‍त देखभाल एवं निगरानी की आवश्यकता होती है।

कार्यस्थलों, सार्वजनिक आयोजनों तथा बाहरी गतिविधियों के लिए विशेष सावधानियां सुलझाई गई हैं, जिनमें छायादार विश्राम स्‍थलों की व्‍यवस्‍था, नि‍यमति जलपान अवकाश, श्रमिकों के लिए अनुकूलन उपाय तथा गर्मी के तनाव के लक्षणों के प्रति जागरूकता बढाना शामिल है।

इस सलाह में नागरिकों को गर्मी से संबंधित बीमारियों के खतरनाक संकेतों- जैसे चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, मानसिक स्थिति में बदलाव, शरीर का अत्‍यधिक तापमान, निर्जलीकरण, दौरे पडना-बेहोशी- के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। हीटस्ट्रोक को एक चिकित्सा आपातस्थिति बताया गया है, जिसके लिए तत्काल चिकित्सा सहायता आवश्यक है। गंभीर मामलों में तुरंत 108/102 आपातकालीन हेल्पलाइन हेल्‍पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।

डीजीएचएस के आयुष वर्टिकल द्वारा जारी परिशिष्ट के अंतर्गत इस परामर्श में आयुर्वेद, सिद्ध, योग, यूनानी और होम्योपैथी सहित विभिन्न आयुष पद्धतियों के पारंपरिक स्वास्थ्य एवं निवारक उपायों को भी शामिल किया गया है, ताकि लू की स्थिति से मुकाबला किया जा सके।

आयुर्वेद विभाग ने शीतल आहार पद्धातियों, मठ्ठा, नारियल पानी और नींबू आधारित पेय जैसे शरीर को तरलता प्रदान करने वाले पेयों के सेवन तथा निम्बुकफला पनाका, आम्र प्रपनाका और चिंचा पनाका सहित पारंपरिक उपयोग की सलाह देता है, जिससे अत्‍यधिक गर्मी के दौरान शरीर का तापमान नियंत्रित करने में सहायाता मिल सकेगी।

सिद्ध और योग अनुभागों में शीतलता प्रदान करने वाले पेयों तथा शीतली प्राणायाम और हल्‍के योग अभ्‍यासों को अपनाने की सलाह दी गई है,  ताकि शरीर में ताकि संतुलित बना रहे और गर्मी के तनाव को कम किया जा सके।

यूनानी पद्धति धूप से झुलसने और डीहाईड्रेशन को रोकने के लिए पारंपरिक ठंडे पेय और हर्बल लेप की सलाह देती है, जबकि होम्योपैथी अत्‍यधिक भीषण गर्मी के दौरान एहतियाती उपाय करने की सिफारिश करती है।

परामर्श में जनता को गर्मी के मौसम में अपने दैनिक आहार में खीरा, तरबूज, नींबू, खरबूजा, लौकी और टमाटर जैसी हाइड्रेटिंग और शीतलता देने वाले पारंपरिक खाद्य सामग्रि‍यों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

नागरिकों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी अद्यतनों पर नियमित रूप से ध्‍यान देने और लू संबंधी चेतावनियों के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की भी सलाह दी गई है।

विस्तृत परामर्श संलग्न है।

हरियाणा में पेट्रोल व डीजल की उपलब्धता पर्याप्त, आपूर्ति की स्थिति स्थिर बनी हुई

हरियाणा / सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 18 मई 2026: हरियाणा में तेल उद्योग के राज्य स्तरीय समन्वयक अनिल कुमार सिंह ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों — इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) — के सभी आपूर्ति चैनलों में पेट्रोल (MS), डीजल (HSD) और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) सहित आवश्यक पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सामान्य और निर्बाध बनी रहने का सार्वजनिक आश्वासन देते हुए एक बयान जारी किया है।

उन्होंने कहा कि पूरे हरियाणा में समग्र ईंधन आपूर्ति की स्थिति स्थिर है और उपभोक्ता मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। टर्मिनल, डिपो और रिटेल आउटलेट सहित पूरी आपूर्ति शृंखला बिना किसी व्यवधान के कुशलतापूर्वक कार्य कर रही है। ईंधन भंडारों की कड़ी निगरानी की जा रही है, जबकि निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी स्थानों पर पूर्ति क्रियाएँ सुचारू रूप से जारी हैं।

वर्तमान मांग प्रवृत्तियों को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि मई 2026 के पहले दो सप्ताह के दौरान रिटेल आउटलेटों पर पेट्रोल की बिक्री में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत और डीजल में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। यह वृद्धि राज्य के रिटेल नेटवर्क में ईंधन की निरंतर उपलब्धता और निर्बाध वितरण को दर्शाती है।

उन्होंने आगे कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को LPG का वितरण सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और हरियाणा भर में यह सामान्य बनी हुई है। समय पर और निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर कड़ाई से निगरानी की जा रही है ताकि सभी घरों तक पहुंच सुनिश्चित हो सके।

अनिल कुमार सिंह ने कहा कि तेल उद्योग लॉजिस्टिक्स, स्टॉक मूवमेंट और रिटेल संचालन पर निकट समन्वय बनाए रख रहा है ताकि पूरे क्षेत्र में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

जनता से आश्वस्त रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और उपभोक्ताओं से सामान्य खपत के पैटर्न बनाए रखने के साथ पैनिक बायिंग से बचने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी सलाह दी कि ईंधन उपलब्धता के संबंध में सटीक और सत्यापित जानकारी के लिए केवल तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक संचार पर ही भरोसा किया जाए।

Punjab Government ने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए घोषित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत सोमवार को CT University में श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और दर्शन को समर्पित एक विशेष सेमिनार आयोजित किया।

लुधियान /सत्ता संदेश

सेमिनार को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने युवाओं से आह्वान किया कि वे श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को अपनाकर समाज से सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को समाप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समानता, सार्वभौमिक भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश दिया था, लेकिन आज भी शिक्षा और अर्थव्यवस्था सहित कई क्षेत्रों में भेदभाव और असमानता बनी हुई है।

आर्थिक असमानता का उल्लेख करते हुए सिसोदिया ने कहा कि भारत की 140 करोड़ आबादी में से करीब 40 प्रतिशत संपत्ति केवल 1.5 करोड़ लोगों के पास केंद्रित है, जबकि देश की 50 प्रतिशत आबादी के पास केवल 6 प्रतिशत संपत्ति है। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को “पूरी तरह जर्जर” बताते हुए युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे असमानता और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएं और श्री गुरु रविदास जी के सपनों के समानतावादी समाज के निर्माण में योगदान दें, जहां किसी प्रकार का सामाजिक विभाजन या अन्याय न हो।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि Punjab Government मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पूरे वर्ष ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रही है ताकि गुरु साहिब के संदेश और दर्शन का प्रचार-प्रसार किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि हर पंजाबी को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें। इस अवसर पर युवाओं के लिए मिस्ड कॉल अभियान (9090029090) भी शुरू किया गया।

इस दौरान पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, शिक्षाओं और दर्शन से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु साहिब के आदर्शों के अनुरूप समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

संत केवल सिंह ने भी युवाओं से गुरु जी की शिक्षाओं को अपनाने की अपील की और कहा कि 650 वर्ष पहले दिए गए समानता और समान अवसर के संदेश को सभी को अपने जीवन में लागू करना चाहिए।

इस अवसर पर CT University के चांसलर चरणजीत सिंह चन्नी, प्रो-चांसलर डॉ. मनबीर सिंह, वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह, एसडीएम वेस्ट कुलदीप बावा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

श्री सौरभ विजय ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में चार्ज संभाला

नई दिल्ली /सत्ता संदेश

नई दिल्ली, 18 मई 2026: श्री सौरभ विजय ने सोमवार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में चार्ज संभाला। वे महाराष्ट्र कैडर के 1998 बैच के IAS अधिकारी हैं।

IIT-दिल्ली से सिविल इंजीनियर होने के नाते, उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और भारत सरकार में कई पदों पर कार्य किया है।

UIDAI में शामिल होने से पहले वे महाराष्ट्र सरकार के वित्त विभाग में प्रधान सचिव (व्यय) थे। कैडर में उनके पूर्व असाइनमेंट में महाराष्ट्र के प्रधान सचिव योजना और विकास आयुक्त, प्रधान सचिव पर्यटन, सचिव चिकित्सा शिक्षा, सचिव उच्च व तकनीकी शिक्षा, इत्यादि शामिल हैं।

उन्होंने केंद्रीय डेप्युटेशन में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्वपूर्ण भूमिकाओं में सेवा दी है, जिनमें नई दिल्ली में राष्ट्रपति सचिवालय में निदेशक तथा वाशिंगटन डी.सी. में विश्व बैंक में बांग्लादेश, भूटान, भारत व श्रीलंका के लिए कार्यकारी निदेशक के सलाहकार के रूप में कार्य शामिल है।

पेट्रोल बम हमले और फायरिंग के मामले का भंडाफोड़, पुलिस ने 4 आरोपी किये गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर देहाती पुलिस ने सुधार गांव में सरपंच के घर पर पेट्रोल बम फेंकने और फायरिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सोहेल मीर ने बताया कि 5 मई की रात करीब 11 बजे गांव सुधार के सरपंच के घर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था। इससे पहले सरपंच को विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नाम पर रंगदारी भरी कॉल्स आ रही थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा अलग-अलग टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान पुलिस ने कुलविंदर सिंह, आकाशदीप सिंह कौड़ा, आकाशदीप सिंह बाबा और जगतार सिंह को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे और उन्हें वीडियो कॉल के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे।

एसएसपी ने बताया कि आरोपी पहले एक मीट शॉप पर इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने पेट्रोल बम और मोटरसाइकिल तैयार की और फिर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यही गिरोह पहले भी उसी गांव में एक अन्य सरपंच के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दे चुका है।

पुलिस के अनुसार कुछ विदेशी हैंडलरों के पारिवारिक सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई है।

इसके साथ ही सोहेल मीर ने नगर काउंसिल चुनावों को लेकर कहा कि अमृतसर देहाती क्षेत्र में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से करवाने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। करीब 1200 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि चुनाव अमन-शांति के माहौल में संपन्न हो सकें।