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वर्ष 2026-27 में प्रवेश के लिए गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, लुधियाना में हेल्प डेस्क स्थापित – डिप्टी कमिश्नर

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर श्री हिमांशु जैन, आई.ए.एस. ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि पंजाब राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड, चंडीगढ़ के माध्यम से किए जा रहे प्रवेश (Admissions) के लिए ऋषि नगर, छोटी हैबोवाल के पास स्थित एस.आर.एस. सरकारी बहु-तकनीकी (पॉलिटेक्निक) कॉलेज में एक हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्र इस हेल्प डेस्क पर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपना पंजीकरण (Registration) करवा सकते हैं।
प्रवेश के लिए योग्यता (Eligibility): प्रथम वर्ष डिप्लोमा (1st Year Diploma): 10वीं पास कर चुके छात्र इंजीनियरिंग डिप्लोमा के प्रथम वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं। द्वितीय वर्ष (Direct 2nd Year / Lateral Entry): आईटीआई (2 वर्षीय), 12वीं (वोकेशनल), या 12वीं (साइंस) पास छात्र सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं।
सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में 7 डिप्लोमा स्ट्रीम उपलब्ध हैं: कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (Computer Science & Engineering), इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (Information Technology), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (Electrical Engineering), इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (Electronics & Communication Engineering), फैशन डिजाइनिंग (Fashion Designing), गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग (Garment Manufacturing), मॉडर्न ऑफिस प्रैक्टिस (Modern Office Practice)
छात्रवृत्ति और फीस में छूट (Scholarships): अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए: भारत/पंजाब सरकार द्वारा संचालित डॉ. अंबेडकर पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के तहत, जिन छात्रों के माता-पिता की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है, उन्हें केवल 1,133 रुपये की मामूली फीस देनी होगी। अन्य श्रेणियों के लिए: मुख्यमंत्री वजीफा (स्कॉलरशिप) योजना के तहत छात्रों को उनकी मुख्य योग्यता परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर फीस में बड़ी राहत/लाभ दिया जाता है। संपर्क सूत्र और मार्गदर्शन सेल (Contact Details) विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों की जानकारी और मार्गदर्शन के लिए एक गाइडेंस सेल का गठन किया गया है, जो श्रीमती रूपिंदर कौर (विभागाध्यक्ष) और डॉ. पवन कुमार (वरिष्ठ व्याख्याता) की देखरेख में काम कर रहा है: मोबाइल नंबर: 98158-95547, लैंडलाइन नंबर: 0161-2303223
कॉलेज परिसर में छात्राओं के लिए सुरक्षित होस्टल की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ पारिवारिक और अनुशासित माहौल है। पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के समग्र व्यक्तित्व विकास (Personality Development) के लिए बेहतरीन खेल के मैदान और सांस्कृतिक गतिविधियों (Cultural Activities) का भी विशेष प्रबंध है।
डिप्टी कमिश्नर ने लुधियाना जिले और आसपास के युवाओं से पंजाब सरकार की इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

मराठवाड़ा विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला: 29 कॉलेजों में पीजी प्रथम वर्ष में प्रवेश पर रोक

नांदेड़ / सत्ता संदेश

Swami Ramanand Teerth Marathwada University ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपने संबद्ध 29 कॉलेजों में परास्नातक (पीजी) पारंपरिक पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश पर रोक लगाने का बड़ा निर्णय लिया है। यह कदम उन कॉलेजों पर कार्रवाई के तौर पर उठाया गया है, जिन्हें शैक्षणिक एवं प्रशासनिक लेखा परीक्षा (एएए) में बेहद कमजोर प्रदर्शन के आधार पर ‘एफ’ ग्रेड प्राप्त हुआ है।

विश्वविद्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, कुल 72 कॉलेजों का मूल्यांकन किया गया था, जिसमें 29 संस्थान ‘एफ’ श्रेणी में पाए गए। इन कॉलेजों को न्यूनतम मानकों पर खरा न उतरने के कारण आगामी सत्र में पीजी पारंपरिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने से प्रतिबंधित किया गया है।

परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कॉलेज इस निर्देश का उल्लंघन करता है और फिर भी प्रवेश देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें छात्रों की पात्रता निरस्त करना, परीक्षा फॉर्म अस्वीकार करना, प्रवेश पत्र जारी न करना और परिणाम रोकने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। साथ ही, किसी भी प्रकार के शैक्षणिक नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित कॉलेज की होगी।

अधिकारियों ने बताया कि यह प्रतिबंध केवल पारंपरिक पीजी पाठ्यक्रमों पर लागू होगा। फार्मेसी, विधि, बीएड/एमएड और शारीरिक शिक्षा जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करने वाले कॉलेजों को इससे छूट दी गई है।

एएए मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, 72 कॉलेजों में से पांच को ‘ओ’ ग्रेड, 11 को ‘ए’ ग्रेड, 13 को ‘बी’, चार को ‘सी’, पांच को ‘डी’ और पांच को ‘ई’ ग्रेड मिला है। वहीं सबसे अधिक 29 कॉलेज ‘एफ’ श्रेणी में रहे, जो सीधे तौर पर गंभीर शैक्षणिक और प्रशासनिक कमियों को दर्शाता है।

जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, ‘एफ’ ग्रेड पाने वाले 29 कॉलेजों में से 18 नांदेड़ जिले, सात लातूर जिले और चार परभणी जिले के हैं।

यह निर्णय विश्वविद्यालय के कुलपति Manohar Chaskar की अध्यक्षता में हुई शैक्षणिक परिषद और बोर्ड ऑफ डीन्स की बैठकों में लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कदम उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और कॉलेजों को न्यूनतम मानकों के पालन के लिए प्रेरित करने की दिशा में उठाया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से कमजोर शैक्षणिक संस्थानों पर दबाव बढ़ेगा और उन्हें अपने ढांचे, शिक्षण गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। हालांकि, इसका असर उन छात्रों पर भी पड़ सकता है जो इन कॉलेजों पर निर्भर हैं, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना भी एक चुनौती होगी।

फिलहाल इस फैसले के बाद प्रभावित कॉलेजों में हलचल है और कई संस्थान अब विश्वविद्यालय के सामने अपनी स्थिति में सुधार का मौका देने की मांग कर सकते हैं।

ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला, कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों में रैगिंग रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी

भुवनेश्वर / सत्ता संदेश


ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को रैगिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाने और छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को रैगिंग रोधी समितियों, निगरानी प्रकोष्ठों और विशेष दस्तों को और प्रभावी बनाने के लिए कहा गया है।

सरकार ने छात्रावासों और संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने, नियमित औचक निरीक्षण करने और ड्यूटी रोस्टर लागू करने के निर्देश भी दिए हैं। यह फैसला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की सिफारिशों के बाद लिया गया है।

अधिसूचना में एससी और एसटी समुदायों की रैगिंग रोधी समितियों में भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए तीन स्तरीय निगरानी और शिकायत निवारण प्रणाली बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

सरकार ने नए छात्रों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, परिचय सत्र, काउंसलिंग सुविधाएं और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली को अनिवार्य रूप से मजबूत करने की बात भी कही है।