आज बटाला में जातीय जनगणना के फॉर्म में एससी समाज के प्रति अपमानजनक शब्दों के खिलाफ मजदूर मुक्ति मोर्चा आजाद पंजाब द्वारा केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया गया।
बटाला / सत्ता संदेश
इस मौके पर मांग की गई कि फॉर्म छापने वाले अधिकारियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए और मुख्यमंत्री मान एससी समाज से माफी मांगें। इस प्रदर्शन की अगुवाई जिला प्रधान सरूप सिंह चाहल कला और जिला सचिव राकेश कुमार गोपी ने की।
इस दौरान मजदूर मुक्ति मोर्चा आजाद के माझा ज़ोन के जनरल सचिव मनजीत राज बटाला ने संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब सरकार द्वारा जनगणना 2026 के लिए जारी किए गए फॉर्म में जाति कॉलम भरने हेतु अनुसूचित जाति के लिए अपमानजनक और देश की माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित शब्द दर्ज किए गए हैं। साथ ही वाल्मीकि समुदाय और मजहबी सिखों के कॉलम में केवल “मजबी” लिखकर इस समाज को सिख धर्म से अलग करने की कोशिश की गई है।
उन्होंने कहा कि इससे मजहबी सिख समाज और वाल्मीकि समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। सरकारी दस्तावेजों में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल सत्ताधारी नेताओं और उच्च अधिकारियों की जातिवादी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना के बाद आबादी के हिसाब से अधिकार मिलने तो दूर, पंजाब सरकार पहले ही अनुसूचित जाति समाज का अपमान कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी के कागजों में खुलेआम अपमानजनक शब्द लिखकर दलित समाज को जलील करने के मुद्दे पर विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की भी जुबान बंद है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पंजाब की दलित संगठनों की संयुक्त बैठक में सरकार के खिलाफ तीखे आंदोलन का ऐलान किया गया है। इसके तहत 9 से 16 जून तक अर्थियां फूंकी जाएंगी और 1 जून को संगरूर में बड़ा एकत्र कर पंजाब की मान सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
इस मौके पर मजदूर मुक्ति मोर्चा आजाद के सूबा नेता दलबीर सिंह भट्टी, सरजीत सिंह, बलकार सिंह, हीरा सिंह और कई अन्य साथियों ने भी हिस्सा लिया।

