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खराब गेहूं पर HC सख्त: केंद्र-पंजाब सरकार से मांगा जवाब, 14 फीसदी से ज्यादा नमी वाले अनाज वितरण पर रोक

पंजाब / सत्ता संदेश

याचिका में मांग की गई है कि राशन डिपो पर केवल निर्धारित गुणवत्ता वाला गेहूं ही भेजा जाए और उसमें नमी 12 फीसदी से अधिक न हो।जस्टिस निधि गुप्ता ने एनएफएसए डिपो होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 25 नवंबर तय की है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन डिपो पर खराब गुणवत्ता का गेहूं भेजे जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार से जवाब तलब किया है।

जस्टिस निधि गुप्ता ने एनएफएसए डिपो होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 25 नवंबर तय की है। याचिका में मांग की गई है कि राशन डिपो पर केवल निर्धारित गुणवत्ता वाला गेहूं ही भेजा जाए और उसमें नमी 12 फीसदी से अधिक न हो। 12 से 14 फीसदी नमी होने पर कीमत में कटौती की जाए जबकि 14 फीसदी से अधिक नमी वाला गेहूं वितरण के लिए जारी न किया जाए। याचिका में 2022 के दिशा-निर्देशों और राज्य की खाद्यान्न नीति का भी हवाला दिया गया है।

‘वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर’ का उद्घाटन, अब पीड़ित गवाह सुरक्षित माहौल में देंगे बयान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अमरिंदर सिंह ग्रेवाल ने लुधियाना के ज्यूडिशियल कोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्थापित वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर (Vulnerable Witness Deposition Centre) का उद्घाटन किया। यह केंद्र विशेष रूप से संवेदनशील और पीड़ित गवाहों की सुरक्षित एवं निर्भय वातावरण में गवाही दर्ज कराने के उद्देश्य से बनाया गया है।

उद्घाटन समारोह के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरप्रीत कौर रंधावा, एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट डेज़ी बांगर, चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव हिमांशु अरोड़ा, चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पवलीन सिंह, पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन सग्गर, सचिव हिमांशु वालिया तथा अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

बिना आरोपी के सामने आए दर्ज होगी गवाही

अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष केंद्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित गवाहों को अदालत में आरोपी का सामना न करना पड़े। इसके लिए गवाहों के आने-जाने का अलग मार्ग बनाया गया है, जो सामान्य कोर्ट परिसर से अलग है।

केंद्र में एक विशेष कक्ष बनाया गया है, जहां गवाह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुरक्षित वातावरण में अपना बयान दर्ज करा सकेंगे। इससे गवाहों का मानसिक दबाव कम होगा और वे बिना किसी भय के न्यायिक प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।

बच्चों और महिला पीड़ितों के लिए विशेष व्यवस्था

न्यायालय प्रशासन ने बताया कि यदि गवाह कोई बच्चा या महिला पीड़ित है, तो उसके लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सेंटर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के बच्चों के अनुकूल कक्ष तक अलग मार्ग बनाया गया है, जहां बच्चों के लिए पढ़ाई और खेलकूद की सामग्री उपलब्ध है, ताकि वे सहज महसूस कर सकें।

आधुनिक तकनीक से होगी सुनवाई

केंद्र में कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनकी मदद से अदालत गवाह का बयान रिकॉर्ड कर सकेगी, जबकि आरोपी को उसके सामने उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और संवेदनशील बनेगी।

पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के अंत में जस्टिस अमरिंदर सिंह ग्रेवाल और जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरप्रीत कौर रंधावा ने न्यायालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, पंजाब टेलीकॉम सर्किल, चंडीगढ़ में विधिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अंतर्गत आने वाले नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, पंजाब टेलीकॉम सर्किल, चंडीगढ़ में “विधिक ढांचा एवं न्यायालयीन मामलों का प्रभावी प्रबंधन” विषय पर एक विधिक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विधिक मामलों के प्रभावी निस्तारण, न्यायालयीन प्रक्रियाओं की समझ, समयबद्ध अनुपालन तथा सरकारी कार्यालयों में कानूनी विषयों के बेहतर प्रबंधन के संबंध में जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विजेंद्र एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने सरकारी कार्यालयों में विधिक मामलों के समयबद्ध एवं प्रभावी प्रबंधन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को न्यायालयीन प्रक्रियाओं तथा विधिक अनुपालन के संबंध में उचित समझ, समन्वय एवं जागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यशाला में अधिवक्ता केके ठाकुर, भारत सरकार के वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), चंडीगढ़ तथा माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में मामलों के संचालन के अपने व्यापक अनुभव साझा किए तथा विभिन्न विधिक विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

अपने व्याख्यान के दौरान उन्होंने न्यायालयीन मामलों के प्रभावी प्रबंधन, समयबद्ध उत्तर दाखिल करने, अवमानना याचिकाओं एवं रिट याचिकाओं के संचालन, अभिलेखों के उचित रख-रखाव, विभागीय समन्वय तथा विधिक प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावी विधिक प्रबंधन से अनावश्यक वाद-विवाद एवं प्रशासनिक जटिलताओं को कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में राजीव रंजन, वरिष्ठ लेखा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के क्षमता निर्माण में निरंतर सहयोग एवं दूरदर्शी नेतृत्व हेतु विजेंद्र एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अधिवक्ता केके. ठाकुर एवं सभी प्रतिभागियों का भी धन्यवाद किया तथा कहा कि यह कार्यशाला सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुई।

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: 84 जजों के तबादले; विशेष एनआरआई और एनआईए अदालतें गठित

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 84 जजों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत पंजाब के 38 और हरियाणा के 46 जजों को स्थानांतरित किया गया है।

मुख्य तबादले और नियुक्तियां:

•निर्भय सिंह गिल को जालंधर से स्थानांतरित कर फतेहगढ़ साहिब में तैनात किया गया है।

•हरिंदर सिद्धू का तबादला पटियाला से चंडीगढ़ किया गया है।

•श्री तरनतारन सिंह बिंद्रा को फाजिल्का से रूपनगर भेजा गया है।

•जितेंद्र पाल सिंह को पठानकोट से एसबीएस नगर नियुक्त किया गया है।

विशेष अदालतों का गठन

इस आदेश की एक प्रमुख विशेषता नए न्यायालयों की स्थापना है। प्रशासनिक सुधारों के तहत नवनिर्मित स्पेशल एनआरआई कोर्ट (Special NRI Court) में श्री हरीश आनंद, श्री जसविंदर सिंह-I, सुश्री रश्मि कपिला और डॉ. मनदीप मित्तल को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, मोहाली (एस.ए.एस. नगर) में एनआईए (NIA Act) मामलों की सुनवाई के लिए श्री हरदीप सिंह को विशेष अदालत का प्रभार सौंपा गया है। हाई कोर्ट के अनुसार, ये नियुक्तियां और तबादले मुख्य रूप से प्रशासनिक आवश्यकताओं और रिक्त पदों को भरने के उद्देश्य से किए गए हैं।