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नगर कौंसिल चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए पुख्ता इंतजाम

टांडा / सत्ता संदेश

पोलिंग बूथों पर विभिन्न टीमों को किया गया रवाना। डीआईजी जालंधर नवीन सिंगला और जिला होशियारपुर के एसएसपी संदीप मलिक ने सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।

टांडा नगर कौंसिल के तहत 15 वार्डों में होंगे चुनाव। 40 उम्मीदवार मैदान में हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

नगर कौंसिल चुनावों के मद्देनज़र आज सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल टांडा लड़के में प्रशासनिक और सिविल अधिकारियों द्वारा पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के बीच पोलिंग बूथों के लिए टीमों को रवाना किया गया। इस दौरान जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और जिला होशियारपुर के पुलिस प्रमुख संदीप कुमार मलिक ने भारी पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अधिकारियों ने चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए पुलिस कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही पोलिंग एजेंटों को निर्देश दिए गए कि वे पोलिंग बूथों से 200 मीटर दूरी पर ही अपने कैंप स्थापित करें और शांतिपूर्ण चुनाव कराने में प्रशासन का सहयोग दें।

इस मौके पर एसडीएम लवप्रीत सिंह औलख और डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा की निगरानी में पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया। अधिकारियों ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस और सिविल अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं तथा कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि टांडा उड़मुड़ नगर कौंसिल के अंतर्गत करीब 15 वार्ड आते हैं, जहां 40 से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनावों को देखते हुए सभी पोलिंग बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि मतदाता बिना किसी डर के शांतिपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

लुधियाना में यू.पी.एस.सी. प्रीलिम्स परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, 14 परीक्षा केंद्रों पर किए गए थे सख्त प्रबंध

लुधियाना /सत्ता संदेश

सुबह और दोपहर की दो शिफ्टों में हुई यू.पी.एस.सी. परीक्षा, हजारों उम्मीदवार हुए शामिल

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन द्वारा यू.पी.एस.सी. परीक्षा केंद्रों का किया गया निरीक्षण

लुधियाना में यू.पी.एस.सी. परीक्षा दौरान सुरक्षा और सुविधाओं के पूरे इंतजाम मौजूद रहे

जिला प्रशासन ने रविवार को जिले भर के 14 केंद्रों पर संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित किया।

4,353 पंजीकृत उम्मीदवारों में से 2,753 उम्मीदवार, जिनमें 1,300 पुरुष और 1,453 महिलाएं शामिल थीं, सुबह के सत्र में उपस्थित हुए, जबकि 2,758 उम्मीदवारों ने दोपहर के सत्र की परीक्षा दी, जिनमें 1,287 पुरुष और 1,442 महिलाएं शामिल थीं।

परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की गई। पहला पेपर सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित किया गया, जबकि दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित हुआ।

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, परिवहन, बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी, निर्बाध बिजली आपूर्ति, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं सहित व्यापक प्रबंध किए थे।

निर्धारित परीक्षा केंद्रों में डी.सी.एम. प्रेसीडेंसी स्कूल, अर्बन एस्टेट-III, जमालपुर कॉलोनी, चंडीगढ़ रोड, लुधियाना; एम.जी.एम. पब्लिक स्कूल, अर्बन एस्टेट फेज-1, दुगरी, लुधियाना; भारती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, किचलू नगर, लुधियाना; आर.एस. मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर, मॉडल टाउन, लुधियाना; और सरकारी कॉलेज फॉर गर्ल्स, रेख बाग, भारत नगर चौक, लुधियाना शामिल थे।

अतिरिक्त केंद्रों में एस.सी.डी. सरकारी कॉलेज, सिविल लाइंस, लुधियाना शामिल था, जहां परीक्षाएं इसकी पुरानी इमारत (ब्लॉक-ए), पी.टी.ए. बिल्डिंग (ब्लॉक-बी) और पी.जी. बिल्डिंग (ब्लॉक-सी) में आयोजित की गईं। इसके अलावा एस.डी.पी. कॉलेज फॉर वूमेन, दरेसी रोड; खालसा कॉलेज फॉर वूमेन, सिविल लाइंस; सरकारी कॉलेज फॉर गर्ल्स, रेख बाग (सब-सेंटर ए); मालवा सेंट्रल कॉलेज ऑफ एजुकेशन फॉर वूमेन, बसंत सिटी; स्कूल ऑफ एमिनेंस, मॉडल टाउन; और गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज (एम.बी.ए. ब्लॉक), गिल पार्क, गिल रोड, लुधियाना भी परीक्षा केंद्रों में शामिल थे।

प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पुरुष और महिला कर्मचारियों सहित आवश्यक पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई थी। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर उम्मीदवारों की तलाशी भी ली गई।

प्रधानमंत्री 31 मार्च को गुजरात का दौरा करेंगे

महावीर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री गांधीनगर के कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे
संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है, यह आगंतुकों को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव की कालानुक्रमिक समझ प्राप्त करने में सहायता करेगा
भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में प्रधानमंत्री सानंद में केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे
भारत में वाणिज्यिक उत्पादन का शुभारंभ करने वाला यह दूसरा सेमीकंडक्टर संयंत्र होगा
संयंत्र स्वदेशी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमता के निर्माण में योगदान देगा, भारत के चिप इकोसिस्‍टम में महत्वपूर्ण अंतर को समाप्‍त करते हुए आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा
प्रधानमंत्री वाव-थराद में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे साथ ही उद्घाटन तथा राष्ट्र को समर्पित करेंगे
परियोजनाओं में बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन और राजमार्ग, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास तथा ग्रामीण विकास सहित प्रमुख क्षेत्र शामिल

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 31 मार्च 2026 को गुजरात का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री गांधीनगर में सुबह लगभग 10 बजे सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का दोपहर लगभग 12:45 बजे उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री वाव-थराद जाएंगे, जहां शाम लगभग 4 बजे, वे 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री का गांधीनगर दौरा

महावीर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री गांधीनगर के कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। अशोक के पौत्र और जैन परंपरा में अहिंसा के प्रति समर्पण तथा जैन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध सम्राट सम्प्रति के नाम पर स्थापित यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है।

महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग खण्‍ड हैं, जिनमें से प्रत्येक भारत की सभ्यतागत परंपराओं के अनूठे पहलुओं को समर्पित है। यह आगंतुकों को सदियों पुराने ज्ञान और विरासत की एक व्यापक यात्रा के दर्शन कराता है। संग्रहालय पारंपरिक प्रदर्शनों को आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल उपकरणों के साथ एकीकृत करता है, जिससे आगंतुकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए एक गहन और आकर्षक अनुभव का निर्माण होता है।

यह संग्रहालय सदियों पुराने दुर्लभ अवशेषों, जैन कलाकृतियों और पारंपरिक विरासत संग्रहों का संरक्षण और प्रदर्शन करता है। इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, विशाल तीर्थ पट्टा और यंत्र पट्टा, लघु चित्रकारी, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियां शामिल हैं, जिन्हें सात भव्य दीर्घाओं में प्रदर्शित किया गया है। विशाल कक्षों में व्यवस्थित दो हजार से अधिक दुर्लभ खजानों से युक्त यह संग्रहालय आगंतुकों को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव की कालानुक्रमिक समझ प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।

प्रधानमंत्री का सानंद दौरा

प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद जीआईडीसी में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही इस संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत होगी, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत उन्नत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (आईपीएम) के निर्माण से होगी, जो ऑटोमोटिव और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं और जिन्हें कॉम्पैक्ट, कुशल और विश्वसनीय पावर स्विचिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है। प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप्स होते हैं और इनकी आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर (एओएस) को की जाएगी। संयंत्र के सभी चरण पूरे होने पर, इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 6.33 मिलियन यूनिट होगी।

केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में से माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाली दूसरी सेमीकंडक्टर सुविधा होगी।

यह परियोजना विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसके अंतर्गत भारत की दूसरी ओएसएटी/एटीएमपी (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट/असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकिंग) इकाई उत्पादन चरण में प्रवेश कर रही है। यह परियोजना सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में भारतीय मूल की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) कंपनी के प्रवेश का भी प्रतीक है, जिससे घरेलू क्षमताओं को मजबूती मिलती है।

यह सुविधा स्वदेशी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमता के निर्माण में योगदान देगी, भारत के चिप इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण कमी को दूर करेगी और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की परिकल्पना को आगे बढ़ाएगी।

प्रधानमंत्री का वाव-थारद दौरा

प्रधानमंत्री 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास और ग्रामीण विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों को कवर करती हैं।

प्रधानमंत्री 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाएगा, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री पक्की शोल्डर वाली चार लेन की इदर-बडोली बाईपास सड़क के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। वे एनएच-754के के धोलावीरा-मौवाना-वाउवा-संतालपुर खंड (पैकेज-II) को दो लेन की पक्की शोल्डर वाली सड़क में अपग्रेड करने की भी आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से राजमार्ग बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, धोलावीरा जैसे पर्यटन स्थलों सहित प्रमुख क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री गांधीनगर-कोबा-एयरपोर्ट रोड पर भाईजीपुरा जंक्शन पर बनने वाले फ्लाईओवर सहित कई महत्वपूर्ण सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस फ्लाईओवर से यातायात की भीड़ कम होगी और इसके नीचे व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। गांधीनगर-कोबा-आरोदराम रोड पर स्थित पीडीपीयू जंक्शन पर भी फ्लाईओवर का उद्घाटन किया जाएगा। गांधीनगर को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली इस सड़क पर प्रतिदिन 140,000 से अधिक वाहन गुजरते हैं। यह फ्लाईओवर अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सीएच-0 जंक्शन से एयरपोर्ट तक सुचारू और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा।

प्रधानमंत्री खावड़ा पूलिंग स्टेशन-2 और उससे जुड़े 4.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के परिवहन हेतु संबद्ध पारेषण प्रणालियों सहित प्रमुख विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनकी कुल लागत लगभग 3,650 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और पारेषण क्षमता को मजबूत करेंगी।

रेल क्षेत्र में, प्रधानमंत्री कनलस-जामनगर दोहरीकरण परियोजना (28 किमी), राजकोट-कनलस दोहरीकरण परियोजना का एक भाग (111.20 किमी), और गांधीधाम-आदिपुर खंड (10.69 किमी) के चौगुने विस्तार को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से रेल क्षमता में वृद्धि होगी, भीड़ कम होगी, परिचालन दक्षता में सुधार होगा और यात्रियों और माल की आवाजाही तेज होगी।

प्रधानमंत्री हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज रूपांतरण परियोजना (54.83 किमी) का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री आवागमन में सुधार होगा। वे खेदब्रह्मा-हिम्मतनगर-असरवा ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे।

प्रधानमंत्री गुजरात में शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 44 शहरी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी विभिन्न पहलों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें अहमदाबाद के असरवा स्थित सिविल अस्पताल में 858 बिस्तरों वाले रेन बसेरा और गांधीनगर के सिविल अस्पताल और जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज में इसी तरह की सुविधाओं का उद्घाटन शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी पाटन स्थित रानी की वाव में लाइट एंड साउंड शो, शर्मिष्ठा झील, वडनगर में वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन शो सहित पर्यटन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और बनासकांठा में बलराम महादेव और विश्वेश्वर महादेव में पर्यटन अवसंरचना कार्यों की आधारशिला रखेंगे, जिनका उद्देश्य पर्यटन अनुभव को बढ़ाना और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री लगभग 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख जल पाइपलाइन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें बनासकांठा में कसारा-दंतीवाड़ा पाइपलाइन और पाटन और बनासकांठा के बीच से गुजरने वाली दिंद्रोल-मुक्तेश्वर पाइपलाइन शामिल हैं। प्रधानमंत्री अंबाजी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखेंगे। इससे बनासकांठा जिले के दंता और अमीरगढ़ तालुकों के 34 गांवों और अंबाजी शहर को पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे लगभग 1.5 लाख लोगों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री गांधीनगर जिले में लगभग 1000 करोड़ रुपये के संयुक्त निवेश से निर्मित तीन साबरमती नदी तट विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

प्रधानमंत्री अहमदाबाद के वेजलपुर में सरकारी लड़कों के छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। यह सुविधा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे जनजातीय छात्रों को सहायता प्रदान करेगी।