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प्रॉपर्टी विवाद में कांग्रेस ब्लॉक प्रधान की हत्या में नया मोड़, आरोपी की गिरफ्तारी तक पोस्टमॉर्टम से इनकार

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना जिले में रविवार शाम एक सनसनीखेज वारदात में कांग्रेस के ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी गई। यह हमला माछीवाड़ा के गांव तखरां में उस समय हुआ जब तिवारी अपने किराए के क्वार्टरों के बाहर कुर्सी पर बैठे थे।

वारदात का विवरण: चश्मदीदों के अनुसार, शाम करीब 6:30 बजे दो अज्ञात हमलावर आए और उन्होंने पीछे से तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी से तीन वार किए। हमला इतना भीषण था कि उनके दिमाग की नसें बाहर निकल आईं। उन्हें तुरंत फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने पुलिस को (100 नंबर पर) फोन करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।

हत्या का कारण: एडीसीपी जश्नदीप सिंह गिल ने खुलासा किया कि यह हत्या प्रॉपर्टी विवाद की वजह से हुई है। आरोपी विजय कुमार ने पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ था, जिसे परमिंदर तिवारी और गांव के सरपंच ने मिलकर छुड़वाया था। इसी रंजिश में विजय ने अपने साथी के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रदर्शन: परमिंदर तिवारी न केवल राजनीति में सक्रिय थे, बल्कि वे संत बाबा सुंदरदास मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मालिक भी थे। पंजाब कांग्रेस के प्रधान राजा वडिंग और पूर्व विधायक लखवीर सिंह लक्खा ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वर्तमान में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और परिजनों ने घोषणा की है कि जब तक मुख्य आरोपी विजय कुमार की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं करने दिया जाएगा।

पंजाब में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम तेज: उद्योगों को मिलेगी राहत, साल भर में ₹1800 की बचत

चंडीगढ़/लुधियाना: पंजाब सरकार ने राज्य में उद्योगों को गैस की किल्लत से बचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने के काम को तेज करने का निर्णय लिया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि राज्य में रिहायशी इलाकों में गैस की कमी नहीं है, लेकिन उद्योगों को एलपीजी के विकल्प के रूप में नेचुरल गैस (PNG) से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।

इंडस्ट्री को राहत: पाइपलाइन दोराहा तक पहुँच चुकी है और जल्द ही लुधियाना और जालंधर की इंडस्ट्री को इससे जोड़ा जाएगा।

बड़ा लक्ष्य: सरकार ने इस साल 39 लाख PNG कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 1.3 लाख कनेक्शन पहले ही दिए जा चुके हैं।

बचत का गणित: घरेलू स्तर पर PNG का उपयोग करने से 12 एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले साल भर में करीब 1800 रुपये की बचत होगी। तकनीकी तौर पर एक एलपीजी सिलेंडर के बदले लगभग 16-17 SCM पीएनजी की खपत होती है, जो आर्थिक रूप से काफी सस्ती पड़ती है।

कनेक्शन की प्रक्रिया: उपभोक्ता ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। फुल पेमेंट स्कीम के तहत खर्च करीब 7090 रुपये है, जबकि 1090 रुपये देकर ईएमआई (EMI) सुविधा का लाभ भी उठाया जा सकता है।

लुधियाना के डीसी हिमांशु जैन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और अगले एक हफ्ते में बुकिंग और डिलीवरी सिस्टम पूरी तरह सामान्य हो जाएगा। सरकार इंडस्ट्री को पीएनजी पर 70% तक की छूट देने की गाइडलाइंस भी जल्द लागू करने वाली है।

शेयर बाजार में ‘लाल निशान’ का आतंक: मार्च में निवेशकों के डूबे ₹51 लाख करोड़, सेंसेक्स 11% से ज्यादा टूटा

बिजनेस डेस्क: भारतीय शेयर बाजार के लिए मार्च 2026 का महीना किसी भयावह सपने जैसा साबित हुआ है। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के संकट और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों को भारी आर्थिक चोट पहुंची है। आंकड़ों के अनुसार, इस महीने की बिकवाली ने निवेशकों की 51 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति स्वाहा कर दी है।

दो दिनों में मची भारी तबाही: बाजार में गिरावट का आलम यह रहा कि पिछले केवल दो कारोबारी सत्रों में ही सेंसेक्स 4 प्रतिशत (लगभग 3,325 अंक) से ज्यादा लुढ़क गया। इन दो दिनों की गिरावट मात्र से इक्विटी निवेशकों को 18.60 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सोमवार को 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,635 अंक गिरकर 71,947.55 के स्तर पर बंद हुआ।

पश्चिम एशिया में संघर्ष: जानकारों के मुताबिक, ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल का तनाव पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर गया है, जो थमने का नाम नहीं ले रहा।कच्चे तेल में उबाल: युद्ध की वजह से वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 115.1 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ गया है।

विदेशी निवेशकों (FII) की निकासी: मार्च 2026 में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी निकासी की है। यह 2020 की महामारी के बाद से जोखिम से बचने की सबसे तीव्र लहर मानी जा रही है।

कौन से सेक्टर और शेयर सबसे ज्यादा गिरे? बाजार की इस सुनामी में बजाज फाइनेंस, एसबीआई (SBI), इंटरग्लोब एविएशन, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे दिग्गज शेयर सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनियों में शामिल रहे। क्षेत्रवार देखें तो PSU बैंक (4.60% की गिरावट) और प्राइवेट बैंक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

हैरानी की बात यह रही कि सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से केवल पावर ग्रिड ही ऐसी कंपनी थी, जिसके शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और विदेशी निवेशकों का भरोसा वापस नहीं लौटता, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

तेलंगाना विधानसभा ने केंद्र से पश्चिम एशिया युद्ध रोकने की पहल का आग्रह किया, प्रस्ताव पारित

हैदराबाद, 30 मार्च (भाषा) तेलंगाना विधानसभा ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित करके केंद्र सरकार से पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को रोकने के लिए पहल करने का आग्रह किया।

उपमुख्यमंत्री मल्लु भट्टी विक्रमार्क ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि जारी युद्ध का प्रतिकूल प्रभाव न केवल पश्चिम एशिया पर बल्कि पूरे विश्व पर पड़ रहा है, जिससे हजारों लोगों की मौत हो रही है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना और अन्य राज्यों के लगभग 90 लाख भारतीय इस क्षेत्र में रहते हैं और युद्ध के प्रभाव से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा कि ईंधन आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव के कारण महंगाई बढ़ रही है और लोगों की आजीविका छिन रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि युद्ध अनियंत्रित रूप से जारी रहा, तो यह तीसरे विश्वयुद्ध का रूप ले सकता है, जिससे मानवता के अस्तित्व को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इन अत्यंत खतरनाक परिणामों को देखते हुए, यह सदन भारत सरकार से युद्ध को रोकने और वैश्विक शांति स्थापित करने की दिशा में काम करने के लिए पहल करने का आग्रह करता है।’’

मनदीप सिंह सिद्धू को अकाली दल “वारिस पंजाब दे” का प्रधान सचिव नियुक्त किए जाने पर पार्टी हाईकमान का जताया धन्यवाद

लुधियाना, 30 मार्च: भाई संदीप सिंह सिद्धू (दीप सिद्धू) के भाई मनदीप सिंह सिद्धू को अकाली दल “वारिस पंजाब दे” का प्रधान सचिव बनाए जाने पर पार्टी नेताओं ने हाईकमान का धन्यवाद प्रकट किया है।

यहां जारी एक बयान में वरिष्ठ पार्टी नेता राजीव कुमार लवली, एडवोकेट इंद्रजीत सिंह, जसबीर सिंह लुधियाना और गुरप्रीत सिंह प्रिंस ने कहा कि मनदीप सिंह सिद्धू को प्रधान सचिव नियुक्त किए जाने से पार्टी को काफी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा मालवा, दोआबा और माजहा क्षेत्रों में लगातार लोगों को जोड़ा जा रहा है। कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और लोग 2027 में अकाली दल “वारिस पंजाब दे” को एक विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

पार्टी नेताओं ने अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के सरपरस्त और सांसद भाई अमृतपाल सिंह खालसा के पिता बापू तरसेम सिंह, लुधियाना के ऑब्जर्वर प्रितपाल सिंह बटाला, सांसद सरबजीत सिंह खालसा और परमजीत सिंह समेत पूरे पार्टी हाईकमान का धन्यवाद किया, जिन्होंने मनदीप सिंह सिद्धू को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

वहीं पर, मनदीप सिद्धू ने भी पार्टी हाईकमान का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह सभी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को पार्टी से काफी उम्मीदें हैं और 2027 के विधानसभा चुनावों में राज्य में अकाली दल “वारिस पंजाब दे” की सरकार बनना तय है।

AMRIT मरीज देखभाल को बड़ी मजबूती देने वाला कदम है: आयुष्मान भारत 4×4 व्हील ड्राइव की तरह मरीज सेवाओं को गति देता है, जबकि AMRIT इसकी किफायती व्यवस्था की रीढ़ है”

AMRIT मरीज देखभाल को बड़ी मजबूती देने वाला कदम है: आयुष्मान भारत 4×4 व्हील ड्राइव की तरह मरीज सेवाओं को गति देता है, जबकि AMRIT इसकी किफायती व्यवस्था की रीढ़ है” — प्रो. विवेक लाल, निदेशक, पीजीआईएमईआरपीजीआईएमईआर ने 14वीं AMRIT फार्मेसी के साथ बनाया राष्ट्रीय कीर्तिमान — देश के किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के अस्पताल में सर्वाधिक संख्या

चंडीगढ़, 30 मार्च 2026: AMRIT फार्मेसी को “मरीज देखभाल को बड़ी मजबूती देने वाला कदम” बताते हुए, प्रो. विवेक लाल, निदेशक, पीजीआईएमईआर ने आज कहा, “आयुष्मान भारत 4×4 व्हील ड्राइव की तरह कार्य करते हुए पीजीआईएमईआर में भारी मरीज भार को संभालने और बनाए रखने में सक्षम बना रहा है, जबकि AMRIT उपचार को किफायती बनाकर इसकी रीढ़ का कार्य करता है।” यह बात उन्होंने संस्थान की 14वीं AMRIT (Affordable Medicines and Reliable Implants for Treatment) फार्मेसी के उद्घाटन अवसर पर कही, जो देश के किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के अस्पताल में इस प्रकार की सर्वाधिक संख्या है।

नेहरू एक्सटेंशन ब्लॉक स्थित इस सुविधा का उद्घाटन प्रो. विवेक लाल द्वारा प्रो. आर.के. राठो, डीन (एकेडमिक्स); प्रो. संजय जैन, डीन (रिसर्च); श्री पंकज राय, उप-निदेशक (प्रशासन); प्रो. संदीप बंसल, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक; विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ संकाय सदस्यों, रेजिडेंट्स, नर्सिंग अधिकारियों एवं पीजीआईएमईआर के अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति में किया गया।

श्री राजेश नायर, उपाध्यक्ष, AMRIT फार्मेसी, भी अपनी टीम के साथ इस अवसर पर उपस्थित रहे, जो AMRIT पहल के निरंतर सहयोग और समन्वय को दर्शाता है।

सभा को संबोधित करते हुए प्रो. विवेक लाल ने AMRIT पहल को मरीज-केंद्रित देखभाल का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों के समर्थन में इसकी अहम भूमिका को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा, “हर मरीज गुणवत्तापूर्ण और किफायती उपचार का हकदार है। AMRIT के माध्यम से हम प्रतिष्ठित और मानक कंपनियों की दवाइयों को काफी रियायती दरों पर उपलब्ध करा रहे हैं। यह पहल मरीज देखभाल की रीढ़ बन चुकी है।”

सेवाओं के व्यापक दायरे और दबाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “आयुष्मान भारत मरीजों तक पहुंच सुनिश्चित कर रहा है, बड़ी संख्या में मरीजों का समर्थन कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि आर्थिक बाधाएं उपचार में बाधा न बनें। AMRIT इस व्यवस्था को किफायती और सुलभ बनाकर इसे और मजबूत करता है।”

विस्तार योजनाओं का उल्लेख करते हुए निदेशक पीजीआईएमईआर ने बताया कि वर्तमान में 14 AMRIT आउटलेट्स कार्यरत हैं और संस्थान निकट भविष्य में 2 से 3 और आउटलेट्स स्थापित करने की योजना बना रहा है, ताकि किफायती दवाओं की अंतिम स्तर तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा, “कार्डियोलॉजी और आपातकालीन सेवाओं जैसे उच्च भार वाले क्षेत्रों में AMRIT आउटलेट्स को 24×7 उपलब्धता के साथ स्थापित किया जा रहा है, जहां आयुष्मान भारत लाभार्थियों के लिए विशेष सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। यह कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक मरीज कल्याण आंदोलन है।”

AMRIT को एक परिवर्तनकारी पहल बताते हुए उन्होंने कहा, “यह मरीजों के लिए सबसे प्रभावी हस्तक्षेपों में से एक है। हम भारत सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने इस तरह की जनहितकारी और प्रेरणादायक पहल को बढ़ावा दिया है।”

संचालन संबंधी चुनौतियों को स्वीकार करते हुए प्रो. लाल ने निरंतर सुधार पर बल दिया। उन्होंने कहा, “कोई भी प्रणाली 100 प्रतिशत परिपूर्ण नहीं होती, लेकिन हम अधिकतम दक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उपलब्धता और रिफंड जैसी चुनौतियों को सक्रिय रूप से संबोधित किया जा रहा है तथा प्रक्रियाओं को और सुगम बनाने के लिए मंत्रालय से संवाद जारी है।”

उन्होंने बढ़ते मरीज भार को संभालने के लिए मजबूत प्रणालियों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। “मरीजों की संख्या को देखते हुए हम AMRIT आउटलेट्स की निर्बाध कार्यप्रणाली और पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर रहे हैं, ताकि विशेष रूप से आयुष्मान भारत के तहत मरीज सेवाएं प्रभावित न हों,” उन्होंने कहा।

पीजीआईएमईआर की विरासत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “1963 से पीजीआईएमईआर मरीज देखभाल का एक सशक्त स्तंभ रहा है। हमारी सेवाओं का स्तर विश्व के श्रेष्ठ संस्थानों के समकक्ष है और हम निरंतर बुनियादी ढांचे और प्रणालियों को सुदृढ़ कर रहे हैं।”

संस्थागत सुधारों पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “परिवर्तन के मार्ग में अदृश्य बाधाएं होती हैं, लेकिन हम दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं। जो पहलें पहले कठिन लगती थीं—जैसे AMRIT को क्रिटिकल केयर क्षेत्रों तक विस्तार देना—आज वे वास्तविकता बन चुकी हैं। ये बदलाव शांत लेकिन प्रभावशाली हैं।”

भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रो. लाल ने बताया कि माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री 27 अप्रैल 2026 को पीजीआईएमईआर के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर न्यूरोसाइंसेज सेंटर, एडवांस्ड मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, क्रिटिकल केयर सेंटर सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन अपेक्षित है।

निदेशक पीजीआईएमईआर ने प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं में सुधार की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “हाल के महीनों में वित्तीय प्रक्रियाएं अधिक सुगम हुई हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया तेज हुई है और सेवा वितरण में सुधार आया है। इससे AMRIT आउटलेट्स के विस्तार और कुशल संचालन में भी मदद मिली है।”

14वीं AMRIT फार्मेसी का उद्घाटन पीजीआईएमईआर की किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है, जहां AMRIT और आयुष्मान भारत मिलकर बढ़ते मरीज भार को संभालने और जेब से होने वाले खर्च को कम करने में एक सशक्त पूरक व्यवस्था के रूप में कार्य कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री 31 मार्च को गुजरात का दौरा करेंगे

महावीर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री गांधीनगर के कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे
संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है, यह आगंतुकों को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव की कालानुक्रमिक समझ प्राप्त करने में सहायता करेगा
भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में प्रधानमंत्री सानंद में केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे
भारत में वाणिज्यिक उत्पादन का शुभारंभ करने वाला यह दूसरा सेमीकंडक्टर संयंत्र होगा
संयंत्र स्वदेशी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमता के निर्माण में योगदान देगा, भारत के चिप इकोसिस्‍टम में महत्वपूर्ण अंतर को समाप्‍त करते हुए आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा
प्रधानमंत्री वाव-थराद में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे साथ ही उद्घाटन तथा राष्ट्र को समर्पित करेंगे
परियोजनाओं में बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन और राजमार्ग, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास तथा ग्रामीण विकास सहित प्रमुख क्षेत्र शामिल

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 31 मार्च 2026 को गुजरात का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री गांधीनगर में सुबह लगभग 10 बजे सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का दोपहर लगभग 12:45 बजे उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री वाव-थराद जाएंगे, जहां शाम लगभग 4 बजे, वे 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री का गांधीनगर दौरा

महावीर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री गांधीनगर के कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। अशोक के पौत्र और जैन परंपरा में अहिंसा के प्रति समर्पण तथा जैन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध सम्राट सम्प्रति के नाम पर स्थापित यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है।

महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग खण्‍ड हैं, जिनमें से प्रत्येक भारत की सभ्यतागत परंपराओं के अनूठे पहलुओं को समर्पित है। यह आगंतुकों को सदियों पुराने ज्ञान और विरासत की एक व्यापक यात्रा के दर्शन कराता है। संग्रहालय पारंपरिक प्रदर्शनों को आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल उपकरणों के साथ एकीकृत करता है, जिससे आगंतुकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए एक गहन और आकर्षक अनुभव का निर्माण होता है।

यह संग्रहालय सदियों पुराने दुर्लभ अवशेषों, जैन कलाकृतियों और पारंपरिक विरासत संग्रहों का संरक्षण और प्रदर्शन करता है। इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, विशाल तीर्थ पट्टा और यंत्र पट्टा, लघु चित्रकारी, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियां शामिल हैं, जिन्हें सात भव्य दीर्घाओं में प्रदर्शित किया गया है। विशाल कक्षों में व्यवस्थित दो हजार से अधिक दुर्लभ खजानों से युक्त यह संग्रहालय आगंतुकों को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव की कालानुक्रमिक समझ प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।

प्रधानमंत्री का सानंद दौरा

प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद जीआईडीसी में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही इस संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत होगी, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत उन्नत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (आईपीएम) के निर्माण से होगी, जो ऑटोमोटिव और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं और जिन्हें कॉम्पैक्ट, कुशल और विश्वसनीय पावर स्विचिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है। प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप्स होते हैं और इनकी आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर (एओएस) को की जाएगी। संयंत्र के सभी चरण पूरे होने पर, इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 6.33 मिलियन यूनिट होगी।

केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में से माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाली दूसरी सेमीकंडक्टर सुविधा होगी।

यह परियोजना विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसके अंतर्गत भारत की दूसरी ओएसएटी/एटीएमपी (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट/असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकिंग) इकाई उत्पादन चरण में प्रवेश कर रही है। यह परियोजना सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में भारतीय मूल की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) कंपनी के प्रवेश का भी प्रतीक है, जिससे घरेलू क्षमताओं को मजबूती मिलती है।

यह सुविधा स्वदेशी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमता के निर्माण में योगदान देगी, भारत के चिप इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण कमी को दूर करेगी और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की परिकल्पना को आगे बढ़ाएगी।

प्रधानमंत्री का वाव-थारद दौरा

प्रधानमंत्री 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास और ग्रामीण विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों को कवर करती हैं।

प्रधानमंत्री 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाएगा, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री पक्की शोल्डर वाली चार लेन की इदर-बडोली बाईपास सड़क के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। वे एनएच-754के के धोलावीरा-मौवाना-वाउवा-संतालपुर खंड (पैकेज-II) को दो लेन की पक्की शोल्डर वाली सड़क में अपग्रेड करने की भी आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से राजमार्ग बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, धोलावीरा जैसे पर्यटन स्थलों सहित प्रमुख क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री गांधीनगर-कोबा-एयरपोर्ट रोड पर भाईजीपुरा जंक्शन पर बनने वाले फ्लाईओवर सहित कई महत्वपूर्ण सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस फ्लाईओवर से यातायात की भीड़ कम होगी और इसके नीचे व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। गांधीनगर-कोबा-आरोदराम रोड पर स्थित पीडीपीयू जंक्शन पर भी फ्लाईओवर का उद्घाटन किया जाएगा। गांधीनगर को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली इस सड़क पर प्रतिदिन 140,000 से अधिक वाहन गुजरते हैं। यह फ्लाईओवर अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सीएच-0 जंक्शन से एयरपोर्ट तक सुचारू और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा।

प्रधानमंत्री खावड़ा पूलिंग स्टेशन-2 और उससे जुड़े 4.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के परिवहन हेतु संबद्ध पारेषण प्रणालियों सहित प्रमुख विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनकी कुल लागत लगभग 3,650 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और पारेषण क्षमता को मजबूत करेंगी।

रेल क्षेत्र में, प्रधानमंत्री कनलस-जामनगर दोहरीकरण परियोजना (28 किमी), राजकोट-कनलस दोहरीकरण परियोजना का एक भाग (111.20 किमी), और गांधीधाम-आदिपुर खंड (10.69 किमी) के चौगुने विस्तार को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से रेल क्षमता में वृद्धि होगी, भीड़ कम होगी, परिचालन दक्षता में सुधार होगा और यात्रियों और माल की आवाजाही तेज होगी।

प्रधानमंत्री हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज रूपांतरण परियोजना (54.83 किमी) का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री आवागमन में सुधार होगा। वे खेदब्रह्मा-हिम्मतनगर-असरवा ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे।

प्रधानमंत्री गुजरात में शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 44 शहरी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी विभिन्न पहलों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें अहमदाबाद के असरवा स्थित सिविल अस्पताल में 858 बिस्तरों वाले रेन बसेरा और गांधीनगर के सिविल अस्पताल और जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज में इसी तरह की सुविधाओं का उद्घाटन शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी पाटन स्थित रानी की वाव में लाइट एंड साउंड शो, शर्मिष्ठा झील, वडनगर में वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन शो सहित पर्यटन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और बनासकांठा में बलराम महादेव और विश्वेश्वर महादेव में पर्यटन अवसंरचना कार्यों की आधारशिला रखेंगे, जिनका उद्देश्य पर्यटन अनुभव को बढ़ाना और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री लगभग 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख जल पाइपलाइन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें बनासकांठा में कसारा-दंतीवाड़ा पाइपलाइन और पाटन और बनासकांठा के बीच से गुजरने वाली दिंद्रोल-मुक्तेश्वर पाइपलाइन शामिल हैं। प्रधानमंत्री अंबाजी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखेंगे। इससे बनासकांठा जिले के दंता और अमीरगढ़ तालुकों के 34 गांवों और अंबाजी शहर को पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे लगभग 1.5 लाख लोगों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री गांधीनगर जिले में लगभग 1000 करोड़ रुपये के संयुक्त निवेश से निर्मित तीन साबरमती नदी तट विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

प्रधानमंत्री अहमदाबाद के वेजलपुर में सरकारी लड़कों के छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। यह सुविधा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे जनजातीय छात्रों को सहायता प्रदान करेगी।

कुवैत में ईरान के हमलों में भारतीय नागरिक की मौत

दुबई, 30 मार्च (भाषा) कुवैत में एक बिजली और जल अलवणीकरण संयंत्र पर किए गए ईरान के हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी ‘केयूएनए’ ने सोमवार को यह जानकारी दी।

रिपोर्ट के अनुसार कुवैत के विद्युत, जल एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि हमले के दौरान उसके बिजली और जल शोधन संयंत्र स्थित एक इमारत क्षतिग्रस्त हो गई।

हालांकि जिस संयंत्र को निशाना बनाया गया, उसकी पहचान उजागर नहीं की गई है।

अधिकारियों ने इस घटना को ‘‘बर्बर हमला’’ करार दिया है।

‘गल्फ न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा जौहर हयात ने कहा कि हमले में एक भारतीय कर्मचारी मारा गया।

उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने और प्रभावों से निपटने के लिए तकनीकी और आपात प्रतिक्रिया दलों को तुरंत मौके पर तैनात किया गया।

हयात के अनुसार, विशेषज्ञ टीम सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए क्षतिग्रस्त परिसर को सुरक्षित करने में जुटी हैं।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि देशभर में बिजली और पानी आपूर्ति नेटवर्क की संचालन क्षमता सामान्य बनी हुई है।

हाल ही में, संयुक्त अरब अमीरात में हवाई रक्षा प्रणाली द्वारा नष्ट की गई मिसाइलों के मलबे के सड़क पर गिरने से एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी।विदेशदुबई

लोगों को बात करने दें, मैं अपना हुनर साबित करने के लिये नहीं खेल रहा हूं : रहाणे

मुंबई, 30 मार्च (भाषा) अपने भविष्य को लेकर कभी खत्म नहीं होने वाली अटकलों को खारिज करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान और भारत के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने कहा कि वह अपने विकास के लिये क्रिकेट खेल रहे हैं, किसी को कुछ साबित करने के लिये नहीं ।

सैतीस वर्ष के रहाणे ने पिछले सत्र में मुंबई रणजी टीम की कप्तानी छोड़ दी थी । उन्होंने सफेद गेंद के टूर्नामेंट में भी कप्तानी नहीं की जिससे उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थी । वह भारत के लिये आखिरी बार 2023 में खेले थे ।

मुंबई इंडियंस के खिलाफ आईपीएल के पहले मैच में 40 गेंद में 67 रन बनाने वाले रहाणे ने कहा ,‘‘ लोगों को मेरे बारे में बोलने दीजिये । वे 20 साल से बोलते आ रहे हैं ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘मैं अपनी बल्लेबाजी से खुश हूं । मैं किसी को यह साबित करने के लिये नहीं खेल रहा हूं कि मैं कितना हुनरमंद हूं । लोग देख रहे हैं । उन्हें देखने दीजिये और बोलने दीजिये ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मैं बहुत खुश हूं कि पिछले दो तीन साल में सफेद गेंद के प्रारूप में मेरा खेल बेहतर हुआ है । एक क्रिकेटर के तौर पर विकास जरूरी है और मैं वही करने की कोशिश कर रहा हूं । लोग बोलते रहेंगे, उन्हें बोलने दीजिये ।’’

मैच के बारे में रहाणे ने कहा कि जसप्रीत बुमराह ने आखिर में किफायती स्पैल डाला जिसकी वजह से उनकी टीम अपेक्षित स्कोर नहीं बना सकी ।

उन्होंने कहा ,‘‘ हम 235 . 240 बनाने की राह पर थे लेकिन बुमराह के दो ओवरों से काफी फर्क पैदा हुआ । इसलिये वह इतना महान गेंदबाज है ।’’

प्रधानमंत्री ने श्यामजी कृष्ण वर्मा की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत माता के वीर सपूत श्यामजी कृष्ण वर्मा को आज उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि अपने क्रांतिकारी विचारों से उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में एक नई चेतना का संचार किया। श्री मोदी ने कहा, “उनका जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।”

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

“भारत माता के वीर सपूत श्यामजी कृष्ण वर्मा को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन। उन्होंने अपने क्रांतिकारी विचारों से आजादी के आंदोलन में नई चेतना जगाई थी। उनका जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”