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लुधियाना में लाखों की ठगी: फर्जी शादी और कागजों के सहारे विदेश भेजने वाले 2 ट्रैवल एजेंट गिरफ्तार

पंजाब डेस्क: लुधियाना के मुल्लांपुर दाखा इलाके में विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। थाना सुधार पुलिस ने इस मामले में ‘सेफ कंसल्टेंट इमिग्रेशन एंड एजुकेशन सेंटर’ चलाने वाले दो ट्रैवल एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका एक साथी अभी भी फरार है।

गिरफ्तारी और गिरोह का विवरण

गिरफ्तार आरोपी: पुलिस ने लखवीर सिंह सिद्धू (निवासी मुल्लांपुर) और उसकी पार्टनर रीना रानी (निवासी अबूवाल) को गिरफ्तार किया है।

फरार आरोपी: गिरोह का तीसरा सदस्य महेश कुमार वर्मा (निवासी होशियारपुर) पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी के तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।

ठगी के तीन मुख्य मामले:

ASI के बेटे के साथ 33 लाख की धोखाधड़ी: आरोपियों ने एएसआई के बेटे को विदेश भेजने के लिए उसकी एक फर्जी शादी करवाई और लड़की की फर्जी डिग्री तैयार कर यूके का वीजा लगवाया। फीस जमा न होने के कारण वीजा रद्द हो गया और अब वे वहां अवैध रूप से रह रहे हैं।

इंग्लैंड भेजने के नाम पर लूट: बाघापुराना के मनविंदर सिंह से इंग्लैंड भेजने के झांसे में 6.50 लाख रुपये ठगे गए।

कनाडा वर्क परमिट का झांसा: एक अन्य व्यक्ति से कनाडा का वर्क परमिट दिलाने के नाम पर करीब 35 लाख रुपये ऐंठे गए। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि ठगी के अन्य मामलों का पता लगाया जा सके।

मोगा में दिनदहाड़े सनसनीखेज हत्या: जिम के बाहर सरपंच को गोलियों से भूना, आपसी रंजिश का शक

पंजाब डेस्क: पंजाब के मोगा जिले के बाघापुराना में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। गांव पत्तो हीरा सिंह के मौजूदा सरपंच और जिम संचालक हरपिंदर सिंह हैप्पी की अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे बाघापुराना-कोटकपूरा रोड पर स्थित ‘सूजन जिम’ के बाहर हुई, जिसके मालिक खुद हरपिंदर सिंह थे।

वारदात का विवरण: जानकारी के अनुसार, हरपिंदर सिंह अपनी थार गाड़ी में सवार होकर जिम पहुंचे थे। जैसे ही वह गाड़ी से नीचे उतरे, पहले से घात लगाकर बैठे फॉर्च्यूनर सवार 4-5 हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों के मुताबिक, हरपिंदर को करीब 6-7 गोलियां लगीं। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

बुलेट प्रूफ गाड़ी नहीं लाना पड़ा भारी: पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि हरपिंदर सिंह हैप्पी को पहले भी धमकी भरे फोन (थ्रेट कॉल्स) आ चुके थे। अपनी सुरक्षा के लिए वह अक्सर बुलेट प्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल करते थे। हालांकि, शुक्रवार को वह अपनी दूसरी सामान्य गाड़ी (थार) में जिम आए थे, और हमलावरों ने इसी मौके का फायदा उठाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही बाघापुराना थाना के एसएचओ जितेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह मामला आपसी रंजिश का लग रहा है। पुलिस ने बताया कि कुछ हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना: किफायती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं

के लिए जनऔषधि परियोजना का रणनीतिक विकास

जन औषधि सस्ती भी, भरोसेमंद भी, सेहत की बात, बचत के साथ।

किसी राष्ट्र की प्रगति का असली पैमाना अक्सर इस बात से परिलक्षित होता है कि उसके नागरिक
स्वास्थ्य सेवा जैसी बुनियादी आवश्यकताओं तक कितनी आसानी से पहुँच सकते हैं। दशकों तक, भारत
के लाखों लोगों के स्वास्थ्य और आरोग्य के लिए दवाओं की उच्च लागत एक प्रमुख वित्तीय बाधा रही है।
इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी), प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व
में गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं को उनके ब्रांडेड समकक्षों की तुलना में काफी कम कीमत पर उपलब्ध
कराने के उद्देश्य से शुरू की गई पहल है। यह परियोजना सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल में एक
महत्वपूर्ण कमी को दूर करके एक व्यापक और व्यवस्थित परिवर्तन लाने में सफल रही है।
वैश्विक स्तर पर, जेनेरिक दवाइयाँ सुलभ स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों की मूलभूत आधारशिला हैं। विश्व
भर में चिकित्सकों द्वारा दी जाने वाली कुल दवाइयों में इनकी हिस्सेदारी लगभग 80–90% है और इसने
आवश्यक दवाओं तक पहुँच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यद्यपि जेनेरिक दवाइयाँ पैकेज, लेबल
और निष्क्रिय अवयव की दृष्टि से भिन्न हो सकती हैं, लेकिन अध्ययनों से पता चला है कि ये अंतर
उनके चिकित्सीय प्रभाव पर असर नहीं डालते हैं। खुराक, सुरक्षा, क्षमता, गुणवत्ता और लक्षित उपयोग के
संदर्भ में जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की समकक्ष हैं तथा उत्पादन और गुणवत्ता के कठोर मानकों का
समान रूप से पालन करती हैं।
पीएमबीजेपी केवल एक खुदरा-बिक्री कार्यक्रम नहीं है; यह भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के
संरचनात्मक सशक्तिकरण को दर्शाता है। यह इस साल के जनऔषधि सप्ताह के थीम में परिलक्षित होता
है, “जन औषधि सस्ती भी, भरोसेमंद भी, सेहत की बात, बचत के साथ”, यह थीम लाखों लाभार्थियों के

साथ गहराई से प्रतिध्वनित होती है। 18,000 से अधिक जनऔषधि केंद्रों के तेजी से बढ़ते नेटवर्क के
माध्यम से, योजना ने सुनिश्चित किया है कि दवाइयाँ बाजार दरों की तुलना में 50% से 80% तक की
कम कीमतों पर उपलब्ध हों और सभी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों को समर्थन प्रदान
करती हों। क्षेत्र सर्वेक्षणों से पता चला है कि लाभार्थी लागत बचत और दवाइयों तक बेहतर पहुँच की
सराहना करते हैं।
योजना का पैमाना इसके उत्पाद संग्रह से भी परिलक्षित होता है। जनऔषधि 2,110 दवाओं और 315
सर्जिकल उत्पादों का विस्तृत संग्रह पेश करता है, जो 29 विभिन्न चिकित्सीय क्षेत्रों को शामिल करती है।
भारतीय औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो (पीएमबीआई) के प्रत्यक्ष देखरेख में, संग्रह का विस्तार एक
गतिशील, डेटा-संचालित प्रक्रिया है, जिसमें बाजार विश्लेषण, हितधारकों की भागीदारी और एक समर्पित
विशेषज्ञ समिति की कठोर निगरानी शामिल हैं। इससे सुनिश्चित होता है कि योजना देश की बदलती
स्वास्थ्य आवश्यकताओं और औषधीय मांगों के अनुरूप विकसित होती रहे।
कठोर नियामक निरीक्षण के साथ, भारतीय दवा कंपनियां 200 से अधिक देशों के लिए भरोसेमंद
आपूर्तिकर्ता बन गई हैं, जिसमें अमेरिका, यूके और यूरोपीय संघ जैसे अत्यधिक विनियमित बाजार भी
शामिल हैं। भारतीय दवा कंपनियां लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और पूर्वी यूरोप जैसे उभरते बाजारों में भी
विस्तार कर रही हैं।
यह उद्योग जैविक दवाओं के समान दवाओं (बायोसिमिलर), जैविक दवाओं के जेनेरिक प्रतिरूपों पर भी
ध्यान केंद्रित कर रहा है, साथ ही जटिल जेनेरिक और विशेष दवाओं का उत्पादन करने के लिए
अनुसंधान और विकास में भी अधिक निवेश कर रहा है। ये दूरदर्शी कार्यक्रम भारत को न केवल एक
वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में, बल्कि किफायती दवाओं के क्षेत्र में भविष्य के नवाचार अग्रणी देश के
रूप में भी स्थापित करते हैं।
गुणवत्ता बनाम मूल्य पर बहस कभी-कभी सार्वजनिक धारणा को प्रभावित करती है। एक बहु-स्तरीय
गुणवत्ता आश्वासन व्यवस्था के माध्यम से,पीएमबीजेपी ने इस मिथक को प्रभावी ढंग से तोड़ दिया है कि
किफायती होना निर्माण मानकों में समझौते का संकेत देता है। दवाइयाँ डब्ल्यूएचओ-जीएमपी प्रमाणित
निर्माताओं से खरीदी जाती हैं, जो वैश्विक उत्पादन मानकों का पालन सुनिश्चित करती हैं। नियम
निर्धारित करते हैं कि फार्मेसी की शेल्फ तक पहुंचने से पहले दवा के हर बैच का राष्ट्रीय परीक्षण और
अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) द्वारा स्वीकृत प्रयोगशालाओं में सख्त सत्यापन होना
आवश्यक है। ये दवाइयाँ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के नियमों का पालन करती हैं
और ब्रांडेड विकल्पों के सुरक्षा और प्रभावशीलता मानकों के अनुरूप हैं। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए
खरीद से पहले सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाती है और खरीद के बाद प्रयोगशाला में परीक्षण किया जाता
है। परियोजना की कार्यान्वयन एजेंसी, पीएमबीआई नियमित रूप से दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी

और समीक्षा करती है, ताकि स्थापित विनियमों के पालन में कोई कोताही न होना सुनिश्चित किया जा
सके।
एक आईटी-संचालित वितरण नेटवर्क, जिसे पांच अत्याधुनिक भंडार गृहों और देशभर के में 41 विशेष
वितरकों का समर्थन प्राप्त है, ने सुनिश्चित किया है कि आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों के खिलाफ सुदृढ़ बनी
रहे।
तीन स्तंभों – पहुँच, गुणवत्ता और सस्ती कीमत – पर ध्यान केंद्रित करके, पीएमबीजेपी ने लाखों लोगों के
चिकित्सा खर्च को काफी हद तक कम कर दिया है। निरंतर संस्थागत समर्थन, लोगों की बढ़ती
जागरूकता और अवसंरचनात्मक सुधारों के साथ, हर जिले में जनऔषधि केंद्र का सपना अब दूर की
आकांक्षा नहीं, बल्कि यह ठोस रूप ले चुका है और वास्तविकता के करीब है।
‘विकसित भारत @2047′ दृष्टि के तहत मुख्य ध्यान इस बात पर है कि हर किसी के लिए एक सुदृढ़,
न्यायसंगत और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्रणाली बनाई जाए। इसमें बेहतर अस्पताल, कम चिकित्सा
खर्च, उपचार तक आसान पहुंच और सस्ती दवाओं की उपलब्धता शामिल हैं। बहु-क्षेत्रीय सहयोगों के
जरिये, पीएमबीजेपी ने यह साबित किया है कि सही संस्थागत दृष्टि के साथ, स्वास्थ्य सेवा उच्च
गुणवत्ता युक्त और सार्वभौमिक रूप से सुलभ दोनों हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में
सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि यह परियोजना प्रगति करती रहे और किफायती
स्वास्थ्य सेवा के वैश्विक मॉडल के रूप में अपनी स्थिति को निरंतर बनाए रखे।

ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट इन न्यू मिलेनियम (D3NM-5), नाईपर -मोहाली के पांचवें सम्मलेन का उदघाटन

नाईपर, मोहाली में आज दिनांक 06.03.2026 को “ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट इन न्यू मिलेनियम (D3NM-5)” के पाँचवें सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। यह तीन दिवसीय सम्मेलन (6 से 8 मार्च, 2026) “नेक्स्ट-जनरेशन थेरैप्यूटिक्स” विषय पर आयोजित किया जा रहा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. एस. एस. शर्मा ने अपने स्वागत संबोधन में सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं तथा उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने नाईपर, मोहाली द्वारा आयोजित D3NM सम्मेलनों के बारे में भी संक्षिप्त में जानकारी दी। नाईपर के डीन प्रो. कुलभूषण टिक्कू ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक प्रमुख विषय बन गया है, लेकिन पशु-अध्ययनों का कोई विकल्प नहीं है। नाईपर, मोहाली के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा ने अपने संबोधन में कहा कि AI एक इंटरडिसिप्लिनरी विषय है।

फार्माकोइन्फॉर्मेटिक्स को खोज संबंधी विज्ञानों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्रॉस-डिसिप्लिनरी शिक्षा का अत्यंत महत्व है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. वाई. के. गुप्ता, अध्यक्ष, AIIMS कल्याणी ने अपने संबोधन में कहा कि दवा विकास की प्रक्रिया अब ‘सेरेंडिपिटी’ से आगे बढ़ चुकी है और अब लक्ष्य-आधारित खोज (टारगेट-बेस्ड डिस्कवरी) पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दवा विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने आगे कहा कि AI नौकरियों को समाप्त नहीं करेगा, बल्कि केवल नौकरियों के स्वरूप में परिवर्तन करेगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. अनिल गुलाटी, चेयरमैन एवं सीईओ, फार्माज़ इंक., यूएसए ने अपने संबोधन में कहा कि नाईपर जैसे संस्थान में करियर निर्माण वास्तव में देश के निर्माण में योगदान है। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. आशुतोष कुमार, सहायक प्रोफेसर, फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया।

D3NM-5 में देशभर से लगभग 200 फार्मास्युटिकल स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, पीएचडी शोधार्थियों तथा शोधकर्ताओं के साथ-साथ उद्योग और अकादमिक जगत के अग्रणी विशेषज्ञ एकत्रित हो रहे हैं, जो आधुनिक औषधि खोज एवं विकास के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम और अत्याधुनिक प्रगतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।

सम्मेलन के वैज्ञानिक सत्रों में आधुनिक औषधि अनुसंधान के उभरते क्षेत्रों जैसे CRISPR-Cas9 जीनोम एडिटिंग, CAR-T सेल एवं एंटीबॉडी आधारित उपचार, ऑर्गेनॉइड मॉडल, माइटोकॉन्ड्रियल-टार्गेटेड (मिटो) थेरेपी, तथा जीन थेरेपी जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ-साथ अगली पीढ़ी की उपचार रणनीतियों, औद्योगिक सफलता की कहानियों, नए फार्माकोलॉजिकल टार्गेट्स, उन्नत प्रयोगात्मक मॉडलों तथा औषधि खोज प्रक्रिया को तेज करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेटवर्क फार्माकोलॉजी की भूमिका पर भी विचार-विमर्श होगा।

सम्मेलन में आमंत्रित व्याख्यान, मौखिक प्रस्तुतियां तथा पोस्टर सत्र आयोजित किए जाएंगे, जो विभिन्न विषयों के शोधकर्ताओं के बीच ज्ञान-विनिमय और सहयोग को बढ़ावा देंगे। यह सम्मेलन प्रो. दुलाल पांडा (संरक्षक), प्रो. एस. एस. शर्मा (आयोजन अध्यक्ष), डॉ. उज्ज्वल एम. महाजन और डॉ. आशुतोष कुमार (आयोजन सचिव) के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। D3NM-5 का उद्देश्य अगली पीढ़ी की चिकित्सीय तकनीकों के तेजी से विकसित होते परिदृश्य में संवाद, सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।

बारामती विमान दुर्घटना: केंद्रीय मंत्री मोहोल ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट पर काम शुरू हो गया

पुणे, छह मार्च (भाषा) केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत का कारण बने बारामती विमान हादसे की अंतिम रिपोर्ट पर काम शुरू हो गया है।

पुणे में पत्रकारों से बातचीत में मोहोल ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट मिलने तक जांच पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘नियमों के अनुसार किसी भी विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट घटना के एक महीने के भीतर जमा कर देनी चाहिए। इस विमान हादसे में प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी गई है। कई अन्य एजेंसियां ​​भी जांच कर रही हैं, इसलिए अब अंतिम रिपोर्ट पर काम शुरू हो गया है।’’

विमानन कंपनी वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित एक लेयरजेट 45 विमान 28 जनवरी की सुबह बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।

‘विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो’ ने इस हादसे पर अपनी 22 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा है कि हादसे के समय दृश्यता निर्धारित स्तर से कम थी। इसमें रनवे पर मौजूद निशानों के धुंधले होने और रनवे की सतह पर ढीली बजरी की मौजूदगी की ओर भी ध्यान दिलाया गया।

इस मामले की जांच कर रहे महाराष्ट्र के अपराध जांच विभाग ने कहा है कि उसका ध्यान इस बात का पता लगाने पर है कि क्या तोड़फोड़ या आपराधिक लापरवाही के कारण यह त्रासदी हुई थी।

सबूतों से छेड़छाड़ का एंटनी राजू का इरादा साबित करना मुश्किल : केरल उच्च न्यायालय

कोच्चि, छह मार्च (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि यह साबित करना मुश्किल होगा कि 1990 के मादक पदार्थ के एक मामले में जब राज्य के पूर्व परिवहन मंत्री एंटनी राजू एक जूनियर वकील थे, तब उनकी सबूतों से छेड़छाड़ करने की मंशा थी।

न्यायमूर्ति सी. जयचंद्रन ने यह भी पूछा कि क्या राजू के वरिष्ठ वकील को सबूतों से छेड़छाड़ की जानकारी थी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि राजू के ऊपर आपराधिक जिम्मेदारी कैसे तय की जा सकती है। यह जानकारी एक वरिष्ठ सरकारी वकील ने दी।

अदालत ने यह भी पूछा कि राजू के ऊपर सबूतों से छेड़छाड़ करने की मंशा का आरोप कैसे लगाया जा सकता है।

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि जब सबूत राजू की अभिरक्षा में थे, उसी दौरान उनके साथ छेड़छाड़ की गई थी।

उच्च न्यायालय की ये टिप्पणियां और सवाल उस समय आए जब अदालत राजू की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने अपनी सजा पर रोक लगाने का अनुरोध किया है, ताकि वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकें।

दूसरी ओर, राज्य सरकार ने कहा कि पूर्व मंत्री ‘‘यह साबित करने में विफल रहे हैं कि यदि उनकी सजा लागू रहती है तो उन्हें कोई गंभीर अन्याय या अपूरणीय क्षति होगी।’’

सरकार ने यह भी कहा कि उन्हें राहत देना चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को कमजोर करेगा।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने राजू की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। राजू जनाधिपत्य केरल कांग्रेस के नेता हैं, जो केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले एलडीएफ गठबंधन का हिस्सा है।

राजू ने उच्च न्यायालय का रुख तब किया जब तिरुवनंतपुरम जिला एवं सत्र न्यायालय ने उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

नेडुमंगड की प्रथम श्रेणी की न्यायिक मजिस्टेट अदालत ने उन्हें तीन साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। यह मामला 1990 में मादक पदार्थ के मामले में गिरफ्तार किए गए एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के वकील के रूप में पेश होते समय सबूतों से छेड़छाड़ से संबंधित था।

सजा सुनाए जाने के बाद केरल विधानसभा सचिवालय ने एक अधिसूचना जारी कर उनकी अयोग्यता की पुष्टि कर दी।

उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में राजू ने कहा कि सजा पर रोक लगाने का अनुरोध इसलिए किया गया है क्योंकि केरल विधानसभा के वर्तमान सदस्य होने के बावजूद वह केवल इस सजा के कारण पद धारण करने के लिए अयोग्य हो गए हैं।

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा दी गई दोषसिद्धि और सजा कानून, तथ्यों और साक्ष्यों के विपरीत है और अदालत ने साक्ष्यों का मूल्यांकन करते समय गंभीर त्रुटियां की हैं।

याचिका में यह भी कहा गया है, ‘‘निचली अदालत द्वारा दी गई सजा अत्यधिक है और इसमें 35 वर्षों की देरी को ध्यान में नहीं रखा गया। यह सजा केवल याचिकाकर्ता को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अयोग्य ठहराने के उद्देश्य से दी गई है।’’

जो ट्रंप ने मादुरो के साथ किया, वही नरेन्द्र मोदी ने नीतीश के साथ किया: जयराम रमेश

नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा का सदस्य बनने के फैसले को लेकर शुक्रवार को भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जो इस साल जनवरी में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ किया था, वही अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीतीश के साथ किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद के छोड़ने का फैसला जनादेश के साथ विश्वासघात है क्योंकि पिछले साल नवंबर में राज्य की जनता ने भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि नीतीश को ही फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए वोट दिया था।

नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में यह ऐलान किया था कि वह राज्यसभा जाने की इच्छा रखते हैं और बिहार में बनने वाली नई सरकार को उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा।

बिहार की राजनीति के इस बड़े घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर रमेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘बिहार के चुनाव प्रचार के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे जी और राहुल गांधी जी ने कहा था कि नीतीश कुमार ज्यादा समय के लिए मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे क्योंकि भाजपा का मकसद यही है कि उनको हटाया जाए। आखिरकार यही हुआ। नीतीश को इस बार मुख्यमंत्री बने चार महीने भी नहीं हुए और उन्हें हटाया जा रहा है।’’

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘जो ट्रंप ने मादुरो के साथ किया, यहां मोदी जी ने नीतीश कुमार के साथ किया है।’’

उल्लेखनीय है कि इस साल तीन जनवरी को अमेरिका के विशेष सुरक्षा बलों ने वेनेजुएला में एक सैन्य कार्रवाई करते हुए वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़कर अमेरिका ले गए थे। अब इनके खिलाफ अमेरिका में कानूनी कार्रवाई चल रही है।

रमेश ने नीतीश कुमार के मामले को लेकर दावा किया, ‘‘यह तो तख्तापलट है। यह तो होना ही था। यह बिहार की जनता और उसके जनादेश के साथ विश्चासघात है।’’

उनके मुताबिक, जनादेश भाजपा का मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं था, जनादेश नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए था।

रमेश ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘हो सकता है कि कल नायडू को भी तख्तापलट कर राज्यसभा में लाया जाए और मंत्री बना दिया जाए। महाराष्ट्र में भी तो तख्लापलट हुआ था…यह सब ‘जी2’ का कमाल है।’’

पंजाब विधानसभा बजट सत्र का आगाज: सदन में भारी हंगामे के बीच गवर्नर का अभिभाषण

पंजाब डेस्क: पंजाब विधानसभा का बजट सत्र आज (6 मार्च) से शुरू हो गया है, जिसकी शुरुआत गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण से हुई। सत्र के पहले ही दिन सदन के भीतर और बाहर भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। जहाँ एक ओर गवर्नर सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया।

महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा और बजट की तारीख : इस बजट सत्र की सबसे बड़ी खबर महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता से जुड़ी है। AAP सरकार अपने 2022 के चुनावी वादे को पूरा करते हुए महिलाओं को हर महीने ₹1000 देने की तैयारी में है। इस योजना के लिए बजट 8 मार्च को पेश किया जाएगा और महिलाओं को यह राशि 18 मार्च से मिलना शुरू हो जाएगी।

गवर्नर द्वारा सरकार की उपलब्धियों का बखान: अपने संबोधन में गवर्नर ने कहा कि पंजाब ‘मुख्यमंत्री कैंसर राहत योजना’ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जिसके तहत सरकारी और निजी दोनों तरह के अस्पतालों में इलाज के लिए वित्तीय मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी बजट को लेकर सचिवालय में बैठक की और इसे मंजूरी दी।

सदन में ‘बैंड-बाजे’ के साथ विरोध प्रदर्शन : राजनीतिक टकराव उस समय दिलचस्प हो गया जब AAP कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ बैंड-बाजे के साथ प्रदर्शन किया। यह विरोध बाजवा द्वारा मंत्री हरभजन ईटीओ को ‘बैंड वाला’ कहने के जवाब में था। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को गैरकानूनी बताते हुए गवर्नर और पुलिस से शिकायत की है। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

सोने-चांदी की कीमतों में ‘तूफानी’ तेजी: 1.60 लाख के पार पहुंचा सोना, चांदी में भी भारी उछाल

बिजनेस डेस्क: शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बीते दिन की मामूली गिरावट के बाद आज खरीदारों की भारी मांग के चलते सोना 1,302 रुपये उछलकर 1,60,975 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

चांदी और वैश्विक बाजार का हाल: चांदी की रफ्तार सोने से भी तेज देखी गई है। यह 5,631 रुपये की जबरदस्त छलांग लगाकर 2,67,822 रुपये प्रति किलो के स्तर पर जा पहुंची है। अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में भी हलचल तेज है, जहाँ सोना 1.16% की बढ़त के साथ 5,137.70 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया है, जबकि चांदी 2.27% की तेजी के साथ 84.05 डॉलर पर कारोबार कर रही है।

कीमतें बढ़ने का मुख्य कारण: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने दुनियाभर के बाजारों में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। युद्ध की आहट के बीच निवेशकों ने अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए ‘सेफ-हेवन’ यानी सोने का रुख किया है, जिससे कीमतों में यह उछाल आया है।

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए खुला पंजीकरण का द्वार, जानें कब खुलेंगे बाबा केदार और बदरी विशाल के कपाट

नेशनल डेस्क: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का शंखनाद हो गया है। देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए आज यानी शुक्रवार (6 मार्च) सुबह 7:00 बजे से ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। इस साल यात्रा का आगाज अप्रैल के तीसरे सप्ताह में होगा।

कपाट खुलने की महत्वपूर्ण तिथियां:

19 अप्रैल: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा शुरू होगी।

22 अप्रैल: बाबा केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे।

23 अप्रैल: भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।

पंजीकरण कैसे करें? श्रद्धालु पर्यटन विभाग की वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in या स्मार्टफोन पर ‘Tourist Care Uttarakhand’ ऐप के माध्यम से अपना स्लॉट बुक कर सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया में यात्रियों को अपना नाम, मोबाइल नंबर और सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार या वोटर आईडी) की जानकारी देनी होगी। जो लोग डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं कर सकते, उनके लिए 17 अप्रैल से ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून में ऑफलाइन काउंटर शुरू किए जाएंगे। किसी भी सहायता के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 0135-1364 जारी किया है।

सीमित संख्या पर छिड़ा विवाद: पंजीकरण शुरू होने के साथ ही सरकार द्वारा दर्शनार्थियों की संख्या सीमित करने के फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। ‘चारधाम होटल एसोसिएशन’ ने इसे स्थानीय व्यापार के लिए नुकसानदेह बताते हुए मार्च के दूसरे पखवाड़े से आंदोलन की चेतावनी दी है। हालांकि, सरकार का तर्क है कि हिमालयी क्षेत्र की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए भीड़ को नियंत्रित करना जरूरी है।