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लुधियाना में GLADA की प्रॉपर्टी का बड़ा फर्जीवाड़ा: 1998 में रद्द हुआ मकान 2024 में फर्जी दस्तावेजों से बेचा, पुलिस ने दर्ज किया केस

लुधियाना: ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) की एक रिहायशी प्रॉपर्टी को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

26 साल पुराना मामला: यह मामला दुगरी रोड के फेज-3 स्थित एक मकान से जुड़ा है, जो साल 1998 में परमजीत सिंह के नाम पर अलॉट हुआ था। हालांकि, पैसे जमा न करने के कारण अलॉटमेंट रद्द कर दिया गया था और 2002 में जमा राशि भी वापस कर दी गई थी।

फर्जी अलॉटी का खेल: साल 2021 में किसी व्यक्ति ने खुद को असली अलॉटी बताकर GLADA में दस्तावेज जमा किए और कन्वेयंस डीड करवा ली। इसके बाद पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जून 2022 और सितंबर 2023 में मालिकाना हक घुमाया गया और अंततः अप्रैल 2024 में इसकी रजिस्ट्री हरिंदरपाल सिंह के नाम कर दी गई।

जांच में खुली पोल: जब खरीदार ने नाम ट्रांसफर के लिए आवेदन किया, तो GLADA अधिकारियों को फाइल में कई खामियां मिलीं। करीब 4 लाख रुपये की रसीदें फर्जी पाई गईं, क्योंकि यह पैसा विभाग के खाते में कभी जमा ही नहीं हुआ था।

रिकॉर्ड में हेराफेरी: जांच के दौरान पजेशन लेटर और नो-ड्यू सर्टिफिकेट के डिस्पैच नंबर फर्जी पाए गए और फाइल के कई महत्वपूर्ण पन्ने (नोट-शीट) गायब थे।

पुलिस कार्रवाई: थाना सराभा नगर पुलिस ने GLADA के एस्टेट ऑफिसर की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा 420, 465, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है। एएसआई राजपाल सिंह के अनुसार, पुलिस अब यह पता लगा रही है कि सरकारी सिस्टम के भीतर से यह धोखाधड़ी कैसे अंजाम दी गई।

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: पीएम मोदी ने जारी की PM-Kisan की 22वीं किस्त, 9.32 करोड़ खातों में पहुंचे ₹18,640 करोड़

नेशनल डेस्क : देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी से एक सिंगल क्लिक के जरिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी है। इस कदम से देशभर के 9.32 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹18,640 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई है।

सीधे खातों में मदद: योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो ₹2,000 की तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।

अब तक का कुल वितरण: प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि इस योजना की शुरुआत से अब तक किसानों के खातों में सवा 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी जा चुकी है।

असम के किसानों को लाभ: अकेले असम राज्य के करीब 19 लाख किसानों को अब तक ₹8,000 करोड़ से ज्यादा की मदद मिल चुकी है।अगर खाते में पैसे नहीं आए तो क्या करें? सूत्रों के अनुसार, यदि किसी किसान के खाते में 22वीं किस्त नहीं पहुँची है, तो इसके पीछे कुछ तकनीकी कारण हो सकते हैं:-

e-KYC का पूरा न होना।

-बैंक खाते का आधार कार्ड से लिंक न होना।

-जमीन से जुड़े दस्तावेजों (Land Records) का सत्यापन न होना।

-लाभार्थी का इनकम टैक्स के दायरे में आना।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों का डेटा पूरी तरह अपडेट है, उनके खातों में राशि सफलतापूर्वक भेज दी गई है।

रूस की सेना में जबरन भर्ती किए गए लुधियाना के युवक का अंतिम संस्कार; करियर बनाने गया था मॉस्को, ड्रोन हमले में हुई मौत

लुधियाना: रूस-यूक्रेन युद्ध की आग ने पंजाब के एक और परिवार का चिराग बुझा दिया है। लुधियाना के 21 वर्षीय युवक समरजीत सिंह का शव गुरुवार को रूस से उनके पैतृक शहर पहुँचा, जहाँ गमगीन माहौल में डबा श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। समरजीत अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

धोखे से भर्ती: समरजीत जुलाई 2024 में एक्स-रे तकनीशियन के रूप में करियर बनाने और रूसी भाषा सीखने के लिए मॉस्को गया था। उसके परिजनों का आरोप है कि उसे वहां जबरन और धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया। शुरू में उसे बताया गया कि वह सेना के डॉक्टर के साथ सहायक के रूप में काम करेगा, लेकिन बाद में उसे युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया।

ड्रोन हमले में मौत: समरजीत की मौत 10 सितंबर 2024 को एक ड्रोन हमले के दौरान हुई थी। उसकी पहचान रूसी सेना के एक टोकन के जरिए की गई।अंतिम बातचीत: समरजीत ने आखिरी बार 8 सितंबर को अपने पिता चरनजीत सिंह से वीडियो कॉल पर बात की थी। वह कॉल सिर्फ 7-8 सेकंड की थी जिसमें उसने कहा था, “मैं ठीक हूँ, अपना और मम्मी का ध्यान रखना”।

कर्ज का बोझ: परिवार ने समरजीत को विदेश भेजने के लिए अपना घर गिरवी रखकर 7 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उसके पिता लुधियाना में एक छोटी सी दुकान चलाते हैं।समरजीत का पार्थिव शरीर गुरुवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुँचा, जहाँ से परिजन उसे लुधियाना लेकर आए। इस घटना ने रूस में फंसे अन्य भारतीय युवकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंकाओं के बीच ओडिशा कांग्रेस ने आठ विधायकों को कर्नाटक भेजा

भुवनेश्वर, 13 मार्च (भाषा) ओडिशा में विपक्षी दल कांग्रेस ने 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंकाओं के मद्देनजर अपने आठ विधायकों को कर्नाटक भेज दिया है। पार्टी नेताओं ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

दूसरी ओर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने एक बयान में कहा है कि पार्टी ने अपने सभी विधायकों से शुक्रवार से रविवार तक हर शाम पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक के आवास पर होने वाली आवश्यक बैठकों में भाग लेने को कहा है।

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पार्टी ने बृहस्पतिवार रात को अपने सभी 14 विधायकों को राज्य की राजधानी भुवनेश्वर बुलाया था और फिर मुख्य सचेतक सीएस राजेन एक्का समेत आठ को बेंगलुरु भेज दिया।

कांग्रेस विधायक दल के नेता रामा चंद्र कदम ने कहा, ‘‘जी हां, हमारे आठ विधायक बेंगलुरु गए हैं ताकि भाजपा द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त के प्रयासों से उन्हें बचाया जा सके। हमारे विधायक एकजुट रहेंगे।’’

पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि विधायक बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘वे सोमवार को भुवनेश्वर लौटेंगे और सीधे विधानसभा जाकर दत्तेश्वर होता के पक्ष में अपना वोट डालेंगे।’’

उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासित कर्नाटक में भेजे गए विधायकों में प्रफुल्ल प्रधान, मंगू खिला, अशोक दास, पवित्रा सौंता, राजन एक्का और कद्रका अप्पाला स्वामी शामिल हैं।

पार्टी के छह विधायक विधानसभा में जारी बजट सत्र में भाग लेने के लिए भुवनेश्वर में हैं।

कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने कहा, ‘‘मुझे पार्टी के विधायकों के बेंगलुरु जाने के बारे में जानकारी नहीं है। मुझे कहीं जाने की जरूरत नहीं है।’’

राज्य से राज्यसभा की कुल चार सीट पर चुनाव हो रहे हैं और पांच उम्मीदवार मैदान में हैं।

राज्य की 147 सदस्यीय विधानसभा में संख्याबल के अनुसार, बीजद की एक सीट पर जीत तय मानी जा रही है जबकि सत्तारूढ़ भाजपा को दो सीट पर जीतने की उम्मीद है। चौथी सीट के लिए किसी भी पार्टी को आवश्यक 30 प्रथम वरीयता वोट नहीं मिले हैं।

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ उन्हें कुल 82 विधायकों का समर्थन मिल रहा है जो तीन सांसदों के चुनाव के लिए आवश्यक संख्या से आठ कम है।

पिछले महीने दो विधायकों के निलंबन के बाद विपक्षी पार्टी बीजद के खेमे में 48 विधायक हैं। एक सांसद के चुनाव के बाद उसके पास 18 प्रथम वरीयता वोट होंगे लेकिन दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 12 और वोट की आवश्यकता होगी। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पास एक विधायक है।

बीजद ने संतृप्त मिश्रा और होता को उम्मीदवार बनाया है। होता को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है।

भाजपा ने अपनी ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और निवर्तमान सांसद सुजीत कुमार को उम्मीदवार घोषित किया है तथा उसने निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय का समर्थन किया है।

इस चुनाव में मुकाबला राय और होता के बीच है।

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर हवाई हमलों में नागरिकों के घरों को निशाना बनाने का आरोप लगाया

 काबुल, 13 मार्च (एपी) अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने शुक्रवार सुबह पाकिस्तान की सेना पर काबुल और दक्षिणी प्रांत कंधार में रात भर जारी रहे हवाई हमलों में नागरिकों के घरों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

तालिबान सरकार ने कहा कि मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयम बरतने की अपील के बावजूद दोनों पड़ोसी देशों के बीच लड़ाई का यह तीसरा सप्ताह है।

सरकारी प्रवक्ता जबिहुल्ला मुजाहिद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि पाकिस्तान के विमान ने कंधार हवाई अड्डे के पास स्थित निजी एयरलाइन ‘काम एयर’ के ईंधन डिपो (ईंधन भंडार केंद्र) पर भी हमला किया।

पाकिस्तान की सेना या सरकार की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।

तिरुमला लड्डू विवाद: न्यायालय ‘भ्रामक सूचना’ फैलाने वालों पर कार्रवाई की याचिका पर सुनवाई नहीं करेगा

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने तिरुमला लड्डू विवाद के बारे में पोस्टर या सार्वजनिक बयानों के माध्यम से कथित तौर पर गलत सूचना फैलाने वाले व्यक्तियों या संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने संबंधी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

उच्चतम न्यायालय ने लड्डू विवाद मामले में ‘‘करोड़ों लोगों की भावनाओं को शांत करने’’ के लिए चार अक्टूबर, 2024 को तिरुपति में लड्डू बनाने में पशु चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय स्वतंत्र विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।

न्यायालय ने इसके साथ ही यह स्पष्ट किया था कि अदालत को ‘‘राजनीतिक युद्धक्षेत्र’’ के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि इस सिलसिले में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता या कोई भी अन्य इच्छुक व्यक्ति जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के उद्देश्य से जांच एजेंसी को कोई भी सामग्री (यदि कोई हो तो) प्रस्तुत कर सकता है।

दिल्ली में इस साल की सबसे गर्म सुबह, न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) दिल्ली में शुक्रवार को इस साल की सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के सामान्य तापमान से 5.3 डिग्री अधिक है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।

मौसम विभाग के अनुसार, दिन में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है और आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।

केन्द्रवार आंकड़ों के अनुसार पालम में न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री अधिक है। लोधी रोड में 19.2 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 5.2 डिग्री अधिक) और रिज क्षेत्र में 19 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक) दर्ज किया गया।

अयानगर में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री अधिक है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ‘समीर’ ऐप के अनुसार 18 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रही, जबकि 26 केंद्रों पर यह ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई।

सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच ‘एक्यूआई’ को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है।

ख़ामेनेई की हत्या पर प्रधानमंत्री मौन, अमेरिकी-इजराइली ‘दोस्तो’ को नाराज नहीं करना चाहते:कांग्रेस

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातचीत के एक दिन बाद शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर अब तक मौन हैं क्योंकि वह अपने अमेरिकी एवं इजराइली “दोस्तों” को नाराज नहीं करना चाहते।

प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बात की थी और युद्ध रुकने के लिए बातचीत की जरूरत पर जोर दिया था तथा नागरिकों के मारे जाने पर चिंता जताई थी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “ईरान के संवैधानिक प्रमुख अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल द्वारा हत्या कर दी गई। प्रधानमंत्री मौन हैं। विदेश मंत्री मौन हैं। संसद में अब तक शोक प्रस्ताव तक नहीं रखा गया है।”

उन्होंने कहा कि भारत ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की सही तरह से निंदा की है लेकिन ईरान पर हुए अमेरिका-इजराइल के हमले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।

कांग्रेस ने कहा कि यह भी याद रखा जाना चाहिए कि ईरान ‘ब्रिक्स+’ मंच का हिस्सा है, जिसकी अध्यक्षता इस वर्ष भारत के पास है।

रमेश ने कहा, “मई 2024 में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की एक रहस्यमय हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। तब मोदी सरकार ने 21 मई 2024 को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी और संसद में एक जुलाई 2024 को, जब सत्र शुरू हुआ, शोक प्रस्ताव भी रखा गया था। अब यह हिचकिचाहट क्यों?’’

उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कोई संदेह नहीं कि एक ‘‘कम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री’’ अपने अमेरिकी और इजराइली ‘दोस्तों’ को नाराज़ करने से बचना चाहते हैं।

पीआईबी चंडीगढ़ के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने सीमा सुरक्षा बल की सीमा संबंधी गतिविधियों का किया अवलोकन


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुँच रहा है विकास सीमा पर्यटन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत श्री तनोट माता मंदिर कॉम्प्लेक्स परियोजना का किया अवलोकन
पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने तनोट माता के किए दर्शन

पीआईबी चंडीगढ़ द्वारा राजस्थान दौरे पर गए पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने आज सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा लोंगेवाला, तनोट तथा सीमा क्षेत्र में संचालित विभिन्न परियोजनाओं और गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा, प्रशिक्षण तथा सामरिक तैयारियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। बीएसएफ अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में कार्य करने की विशेष परिस्थितियों और उसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
पीआईबी के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने बीएसएफ की विभिन्न पहल, नवाचार, स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस दौरान पत्रकार दल ने लोंगेवाला युद्ध स्थल एवं संग्रहालय का दौरा किया।
प्रतिनिधिमंडल ने तनोट में सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों से मुलाकात की और तनोट माता मंदिर के इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की। जैसलमेर स्थित ऐतिहासिक श्री मातेश्वरी तनोट राय मंदिर का अद्भुत इतिहास है। ऐसी मान्यता है कि तनोट माता जवानों को दुश्मनों से लड़ने की शक्ति देती हैं और युद्ध के दौरान देश की रक्षा करती हैं।
1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान श्री तनोट राय माता मंदिर परिसर में पाकिस्तान द्वारा कई बम गिराए गए थे, लेकिन मान्यता के अनुसार तनोट माता के चमत्कार से कोई भी बम नहीं फटा। इसी कड़ी में प्रतिनिधिमंडल ने जैसलमेर में सीमा पर्यटन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत श्री तनोट मंदिर कॉम्प्लेक्स परियोजना का भी अवलोकन किया। इस परियोजना के तहत यहाँ आने वाले युवा श्री तनोट माता मंदिर के दर्शन करने के साथ-साथ देश के बहादुर सैनिकों के शौर्य और बलिदान के इतिहास को भी करीब से जान पाएंगे।
इस परियोजना के अंतर्गत प्रतीक्षालय, रंगभूमि, इंटरप्रिटेशन केंद्र, बच्चों के लिए कक्ष तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास पहुँच रहा है। बॉर्डर टूरिज्म की दूरदर्शी पहल के परिणामस्वरूप न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का जीवनस्तर बेहतर हो रहा है, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा को भी मजबूती मिल रही है।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सीमा क्षेत्र के दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा बल द्वारा सीमा की सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी भी प्राप्त की। बीएसएफ द्वारा नवीन तकनीकों और आधुनिक संसाधनों के उपयोग पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।
अवलोकन के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने रेगिस्तानी क्षेत्र में सीमा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों, तकनीकी संसाधनों के उपयोग, कठिन पर्यावरणीय परिस्थितियों में किए जाने वाले प्रशिक्षण तथा सीमा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

क्या ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर कोई आश्वासन दिया है: केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया

 नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शुक्रवार को सवाल किया कि क्या ईरान ने यह आश्वासन दिया है कि भारतीय पोतों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने दिया जाएगा।

केजरीवाल ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बृहस्पतिवार रात फोन पर बात कर पश्चिम एशिया की ‘‘गंभीर स्थिति’’ पर चर्चा की थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति को बताया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ सामान और ईंधन के निर्बाध परिवहन की आवश्यकता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘प्रधानमंत्री जी, क्या ईरान के राष्ट्रपति ने आपको आश्वासन दिया है कि वह हमारे पोतों को होर्मुज से निकलने देंगे? क्या देशवासियों को इस गंभीर संकट से जल्द छुटकारा मिलेगा?’’

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिसके माध्यम से भारत के ऊर्जा आयात का एक बड़ा हिस्सा आता है।

भारत आ रहे एक तेल टैंकर पर ईरानी सेना ने तीन दिन पहले उस समय गोलीबारी की जब वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहा था।