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LPU फ्लावर शो में बिखरे स्प्रिंग ब्लूम के रंग

फ्लावर शो के दौरान प्रोग्रेसिव किसान सुरजीत सिंह बंगा को सन्मानित करते समय वाइज चांसलर डॉ जसपाल सिंह संधू, डीन स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर प्रदीप कुमार छुनेजा आदि।

सत्ता सन्देश, फगवाड़ा- लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 10-11 मार्च को अपना स्प्रिंग फ्लावर शो 2026 होस्ट किया, जिसमें लगभग 1,000 पार्टिसिपेंट्स ने हिस्सा लिया। इस इवेंट में 80 से ज़्यादा फूलों वाले पौधों की वैरायटी, कॉम्पिटिशन, वर्कशॉप और एक्सपीरिएंशियल लर्निंग स्टॉल थे, जिसमें किसानों, नर्सरी वालों और स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया।

दो दिन के इस इवेंट से यूनिवर्सिटी कैंपस खुशबू से महक उठी। फ्लावर शो में गेंदा, पेटुनिया, डहलिया, गुलदाउदी और सजावटी पौधों सहित मौसमी फूलों की एक बड़ी रेंज को दर्शाया गया। इस शो का मकसद बागवानी, सस्टेनेबल बागवानी के तरीकों और पर्यावरण संरक्षण में फूलों वाले पौधों के एस्थेटिक महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।

लोकल नर्सरी, प्रोग्रेसिव किसानों, बागवानी के शौकीनों और स्टूडेंट्स के पार्टिसिपेंट्स ने बेस्ट पॉटेड प्लांट, बेस्ट कट फ्लावर अरेंजमेंट और इनोवेटिव गार्डन डिज़ाइन जैसी अलग-अलग कॉम्पिटिटिव कैटेगरी में अपने बेस्ट फ्लोरल कलेक्शन दिखाए। इस कॉम्पिटिशन ने हॉर्टिकल्चर प्रोफेशनल्स और शौकीनों के बीच नॉलेज शेयर करने और हेल्दी बातचीत के लिए एक प्लेटफॉर्म दिया।

फ्लावर शो में इंटरैक्टिव स्टॉल भी थे जहाँ विज़िटर्स प्लांट प्रोपगेशन, कम्पोस्टिंग और डेकोरेटिव गार्डनिंग टेक्नीक के बारे में जान सकते थे। स्टूडेंट्स ने हैंड्स-ऑन लर्निंग एक्टिविटीज़ में एक्टिवली हिस्सा लिया, जिससे उन्हें फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केप मैनेजमेंट का प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस मिला।

इस मौके पर बोलते हुए, यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे इवेंट्स न केवल नेचर की सुंदरता का जश्न मनाते हैं बल्कि यंग लर्नर्स में एनवायरनमेंटल रिस्पॉन्सिबिलिटी और क्रिएटिविटी को भी बढ़ावा देते हैं। स्प्रिंग फ्लावर शो का समापन एक अवॉर्ड सेरेमनी के साथ हुआ, जिसमें पार्टिसिपेंट्स द्वारा पेश किए गए शानदार फ्लोरल डिस्प्ले और इनोवेटिव गार्डनिंग प्रैक्टिस को पहचान मिली। शो में प्रोग्रेसिव किसान सुरजीत सिंह बंगा को भी इस इवेंट के दौरान वाइज चांसलर. जसपाल सिंह संधू और डीन स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर प्रदीप कुमार छुनेजा ने सम्मानित किया।


पंजाब में गहराया गैस संकट: सर्वर क्रैश से बुकिंग ठप, लुधियाना में भरा सिलेंडर लुटा और अमृतसर में झड़प

पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का सीधा असर अब रसोई तक पहुँच गया है। पिछले दो दिनों से कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने के बाद अब घरेलू गैस (LPG) की किल्लत भी चरम पर है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं और सुरक्षा की स्थिति बिगड़ रही है।

सर्वर क्रैश और बुकिंग में बाधा: सरकार ने केवल ऑनलाइन बुकिंग पर ही सिलेंडर डिलीवरी का निर्देश दिया है, लेकिन भारी ट्रैफिक के कारण गैस कंपनियों के सर्वर ठप हो गए हैं। इसके चलते ग्राहकों को बुकिंग कंफर्मेशन के लिए OTP (वन टाइम पासवर्ड) नहीं मिल पा रहा है।

लूट और झड़प की घटनाएं: लुधियाना के शांति नगर में एक्टिवा सवार दो युवकों ने एक व्यक्ति से भरा हुआ सिलेंडर छीन लिया। वहीं, अमृतसर की एक गैस एजेंसी पर सिलेंडर न मिलने को लेकर मैनेजर और ग्राहक के बीच तीखी झड़प हुई।

आम जनता का बुरा हाल: जालंधर और अन्य शहरों में लोग सुबह से ही लाइनों में लग रहे हैं, लेकिन बुकिंग मैसेज आने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि कई परिवारों को 20 साल बाद फिर से चूल्हा जलाना पड़ा है।

मुख्यमंत्री का आश्वासन: बढ़ते संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बयान जारी कर लोगों से न घबराने की अपील की है। उन्होंने दावा किया है कि सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम कर दिए हैं।

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट: ₹1.62 लाख पर आया 24 कैरेट गोल्ड, चांदी भी लुढ़की; जानें आज के ताजा भाव

बिजनेस डेस्क : अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार, 13 मार्च को सोने और चांदी की कीमतों में नरमी दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया है और दोनों कीमती धातुओं के भाव नीचे आए हैं।

सोने के ताजा रेट (दिल्ली): राजधानी दिल्ली में आज सुबह 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर ₹1,62,360 प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,48,840 और 18 कैरेट गोल्ड का दाम ₹1,21,770 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।

मुंबई का हाल: आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना ₹1,62,210 और 22 कैरेट सोना ₹1,48,690 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।चांदी की कीमतों में गिरावट: सोने के साथ-साथ चांदी भी सस्ती हुई है। आज सुबह चांदी का भाव घटकर ₹2,79,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है।

गिरावट के पीछे मुख्य कारण: विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे वैश्विक बाजार में सोने पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष (इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच) और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से ऊर्जा बाजार में हलचल मची है, जिसका सीधा असर निवेशकों की रणनीति पर पड़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिलहाल सोना करीब 5,178.45 डॉलर प्रति औंस और चांदी 86.99 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है।

₹30 के मुनाफे के लालच में घर को बनाया गैस गोदाम; छापेमारी में 32 अवैध सिलेंडर बरामद

नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में प्रशासन ने अवैध गैस भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। थाना देहात क्षेत्र के गांव असौड़ा में पुलिस और पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात एक घर पर छापेमारी कर 32 गैस सिलेंडर बरामद किए हैं।

₹30 के लिए बड़ा जोखिम: आरोपी रिहान अहमद महज 30 रुपये के अतिरिक्त मुनाफे के लिए घनी आबादी के बीच अपने घर में सिलेंडरों का अवैध स्टॉक कर रहा था। जांच में सामने आया कि वह गांव के लोगों को ऊंचे दामों पर सिलेंडर बेचकर कालाबाजारी कर रहा था।

छापेमारी का मंजर: जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा बालियान के निर्देश पर गुरुवार रात करीब 9 बजे रिहान अहमद के घर पर दबिश दी गई। घर के अंदर का नजारा देख अधिकारी दंग रह गए; वहां 18 भरे हुए और 14 खाली (कुल 32) घरेलू सिलेंडर बिना किसी वैध अनुमति के रखे हुए थे।

सुरक्षा को खतरा: अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों का भंडारण न केवल अवैध है, बल्कि यह किसी भी वक्त भीषण अग्निकांड का कारण बन सकता था।

कानूनी कार्रवाई: पूर्ति निरीक्षक प्रीति की तहरीर पर आरोपी रिहान के खिलाफ FIR दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है और सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया गया है।जिला पूर्ति अधिकारी ने जनता को आश्वासन दिया है कि जिले में घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी बिचौलिये के झांसे में न आएं और सीधे ऑनलाइन पंजीकरण के जरिए एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त करें।

पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदकर विवादों में घिरी काव्या मारन की सनराइजर्स लीड्स; फ्रेंचाइजी का X अकाउंट सस्पेंड

स्पोर्ट्स डेस्क: द हंड्रेड 2026 के ऑक्शन में एक चौंकाने वाला फैसला लेने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की मालकिन काव्या मारन और उनकी टीम सनराइजर्स लीड्स विवादों के घेरे में आ गई है। फ्रेंचाइजी ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया है, जिसके बाद भारत में प्रशंसकों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है।

ऐतिहासिक लेकिन विवादास्पद खरीद: 12 मार्च को आयोजित ऑक्शन में काव्या मारन ने अबरार अहमद के लिए बोली लगाई और अंततः उन्हें 2.3 करोड़ रुपये (2,55,000 अमेरिकी डॉलर) में खरीदा। अबरार ‘द हंड्रेड’ में भारतीय स्वामित्व वाली किसी भी टीम द्वारा खरीदे गए पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए हैं।

X (ट्विटर) अकाउंट हुआ सस्पेंड: ऑक्शन के बाद रात के 2 बजे सनराइजर्स लीड्स का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि अकाउंट सस्पेंड होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, लेकिन इसे सोशल मीडिया पर हो रहे भारी विरोध और नियमों के उल्लंघन से जोड़कर देखा जा रहा है।

फैंस का गुस्सा: भारतीय क्रिकेट फैंस सोशल मीडिया पर काव्या मारन और फ्रेंचाइजी को जमकर ट्रोल कर रहे हैं। फैंस का मानना है कि पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने का यह फैसला देश की भावनाओं के खिलाफ है।

कोच की सफाई: टीम के कोच डेनियल विटोरी ने बताया कि अबरार को टीम में शामिल करने का फैसला ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से मिली सकारात्मक राय के आधार पर लिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने या न लेने को लेकर फ्रेंचाइजी के भीतर कोई विशेष मीटिंग नहीं हुई थी।

इस घटना के बाद अब यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या बढ़ते दबाव के बीच फ्रेंचाइजी अबरार अहमद को रिलीज करेगी या उनके साथ ही टूर्नामेंट में आगे बढ़ेगी।

तेल संकट के बीच अमेरिका का बड़ा यू-टर्न: ट्रंप सरकार ने समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने की दी हरी झंडी

इंटरनेशनल डेस्क: : मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी भीषण युद्ध और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच अमेरिका ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल पर लगे कड़े प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देते हुए उन देशों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति दे दी है, जिनका तेल वर्तमान में समुद्र में फंसा हुआ है।

अस्थायी लाइसेंस जारी: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक अस्थायी लाइसेंस जारी किया है, जिसके तहत कुछ प्रतिबंधित रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री और डिलीवरी की अनुमति होगी।

कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश: यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते जोखिम के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अस्थिरता बढ़ गई है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ेगी और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगेगी।

केवल ट्रांजिट तेल पर लागू: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि यह अनुमति केवल उसी रूसी तेल पर लागू होगी जो पहले से ही समुद्र में ट्रांजिट (रास्ते) में है। इससे रूस को कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ नहीं होगा क्योंकि उसकी मुख्य आय तेल उत्पादन के समय लगने वाले टैक्स से पहले ही आ चुकी होती है।

भारत को भी मिली थी छूट: इससे पहले भी अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की विशेष अस्थायी छूट दी थी एनालिस्ट्स का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचता है, तो अमेरिका के इस फैसले से वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने में बड़ी मदद मिल सकती है।