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T20 वर्ल्ड कप 2026: भारत फिर बना वर्ल्ड चैंपियन; फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से रौंदकर रचा इतिहास

स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार, 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही भारत रिकॉर्ड तीसरी बार टी20 वर्ल्ड चैंपियन बन गया है।

अहमदाबाद में धुला 2023 का दर्द : यह जीत भारतीय फैंस के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इसी मैदान पर 19 नवंबर 2023 को वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में मिली हार का जख्म अब भर गया है। टीम इंडिया ने अतीत को भुलाकर इस मैदान पर कदम रखा और खिताबी जीत के साथ नया इतिहास लिख दिया।

सैमसन और अभिषेक का तूफानी प्रहार : टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 255/5 का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा किया, जो किसी भी टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर है। इस विशाल स्कोर की नींव संजू सैमसन ने रखी, जिन्होंने टूर्नामेंट में अपने अर्धशतकों की हैट्रिक पूरी करते हुए 89 रन बनाए। उनके अलावा ईशान किशन (50 रन) और अभिषेक शर्मा (52 रन) ने भी शानदार अर्धशतक जड़े, जबकि अंत में शिवम दुबे ने मात्र 8 गेंदों में 26 रन कूटकर स्कोर को 255 तक पहुँचाया।

बुमराह और अक्षर की घातक गेंदबाजी: 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। जसप्रीत बुमराह ने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेकर कीवियों को बड़ा झटका दिया और अंत में जल्दी-जल्दी विकेट लेकर न्यूजीलैंड को महज 159 रनों पर ढेर कर दिया। अक्षर पटेल ने भी फिन ऐलन और ग्लेन फिलिप्स जैसे खतरनाक बल्लेबाजों को सस्ते में निपटाकर न्यूजीलैंड की कमर तोड़ दी। सिर्फ 72 रन तक न्यूजीलैंड की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी।

अपराजित रही टीम इंडिया पूरे टूर्नामेंट में भारत का सफर शानदार रहा। ग्रुप स्टेज में भारत ने USA, नामीबिया, और नीदरलैंड को हराने के साथ-साथ पाकिस्तान को 61 रनों से करारी शिकस्त दी थी। सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराने के बाद फाइनल में न्यूजीलैंड पर यह एकतरफा जीत भारत के पूर्ण प्रभुत्व को दर्शाती है।

पंजाब बजट 2026: महिलाओं को ₹1000 महीना और 22 हजार नई नौकरियां; 2.60 लाख करोड़ का ‘गारंटी वाला बजट’ पेश

चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,60,437 करोड़ का बजट पेश किया है। इस बजट को उन्होंने ‘मां-बेटियों को समर्पित’ और ‘चुनावी गारंटियों को पूरा करने वाला’ बजट बताया है।

महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े ऐलान: आम आदमी पार्टी सरकार ने 2022 के अपने प्रमुख चुनावी वादे को पूरा करते हुए महिलाओं को ₹1,000 प्रति महीने देने के लिए बजट का प्रावधान किया है। रोजगार के मोर्चे पर सरकार ने बताया कि 2022 से अब तक 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और आगामी वर्ष में 22,000 से ज्यादा नई नौकरियों व स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान दिया जाएगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर—-

शिक्षा: शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹19,279 करोड़ आवंटित किए गए हैं। सरकार ‘सिखिया क्रांति 2.0’ पहल शुरू करेगी, जिस पर अगले 6 साल में ₹3,500 करोड़ खर्च होंगे। श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी भी बनाई जाएगी।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹6,879 करोड़ का प्रावधान है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के हर परिवार को ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। साथ ही, 143 नए आम आदमी क्लीनिक भी खोले जाएंगे।

नशे के खिलाफ ‘ड्रग जनगणना‘ : पंजाब सरकार ने नशे की समस्या से निपटने के लिए एक अनोखी पहल की है। अप्रैल 2026 से राज्य में ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना शुरू की जाएगी, जिसके लिए ₹100 करोड़ का विशेष बजट रखा गया है।

खेती और बुनियादी ढांचा: कृषि क्षेत्र के लिए ₹15,377 करोड़ रखे गए हैं, जिसमें से ₹7,715 करोड़ किसानों को मुफ्त बिजली देने के लिए खर्च होंगे। इसके अलावा, ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ के तहत गांवों के विकास के लिए बजट को बढ़ाकर ₹1,170 करोड़ कर दिया गया है।

धार्मिक और सांस्कृतिक पहल: श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के लिए ₹100 करोड़ और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के लिए ₹312 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है।

T20 वर्ल्ड कप 2026: ICC के ‘भेदभाव’ पर भड़के क्विंटन डीकॉक; भारत में फंसी टीमों की वापसी पर मचा बवाल

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 अपने आखिरी पड़ाव पर है, जहाँ फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाना है। लेकिन इस बीच, टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी टीमों की वतन वापसी को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने के कारण दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी टीमें भारत में ही फंसी हुई हैं, जबकि ICC द्वारा इंग्लैंड को पहले भेजने के फैसले ने आग में घी डालने का काम किया है।

क्या है पूरा विवाद? वेस्टइंडीज की टीम 1 मार्च को और दक्षिण अफ्रीका की टीम 4 मार्च को सेमीफाइनल में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। वहीं, इंग्लैंड की टीम 6 मार्च को दूसरे सेमीफाइनल में भारत से हारकर बाहर हुई। विवाद तब शुरू हुआ जब ICC ने इंग्लैंड की टीम को शनिवार (7 मार्च) को ही मुंबई से चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए लंदन भेज दिया, जबकि पहले से बाहर हुई टीमें अब भी भारत में ही हैं।

क्विंटन डीकॉक का ICC पर तीखा हमला: दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज खिलाड़ी क्विंटन डीकॉक ने इंस्टाग्राम पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “मजेदार बात है ICC, हमें तो कुछ पता ही नहीं चला! इंग्लैंड हमसे पहले क्यों जा रहा है? अजीब बात है कि कैसे कुछ टीमों का प्रभाव दूसरों से ज्यादा होता है”। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन और वेस्टइंडीज के हेड कोच डैरेन सैमी ने भी सभी टीमों के साथ समान व्यवहार न होने पर निराशा जताई है।

अब क्या है स्थिति? रिपोर्ट्स के अनुसार, इंग्लैंड की टीम रवाना हो चुकी है, जबकि दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टीमों को रविवार को कोलकाता से जोहान्सबर्ग के रास्ते भेजने की योजना है। हालांकि, इन टीमों को अभी तक अपनी उड़ान के सटीक समय की पुष्टि नहीं मिली है। मिडिल ईस्ट के हालातों ने खिलाड़ियों की चिंता बढ़ा दी है और वे जल्द से जल्द अपने घर पहुंचना चाहते हैं।

पाकिस्तान गई सरबजीत कौर का सनसनीखेज खुलासा: अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर निकाह के लिए किया मजबूर, अब भारत लौटने की गुहार

अमृतसर/लाहौर: सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गई पंजाब की महिला सरबजीत कौर ने एक बड़ा खुलासा करते हुए भारत लौटने की इच्छा जताई है। सरबजीत ने पाकिस्तान के एडवोकेट अली चंगेजी संधू से संपर्क कर बताया कि वह पाकिस्तान में बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही है और जल्द से जल्द अपने वतन वापस आना चाहती है।

ब्लैकमेल और जबरन निकाह का आरोप: सरबजीत कौर के अनुसार, वह पाकिस्तान केवल इसलिए गई थी ताकि नासिर हुसैन नाम के व्यक्ति के पास मौजूद उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो हटवा सके। हालांकि, नासिर ने उन तस्वीरों का इस्तेमाल उसे ब्लैकमेल करने के लिए किया और उस पर जबरन धर्म परिवर्तन व निकाह का दबाव बनाया। सरबजीत ने वकील से रोते हुए कहा कि वह नासिर, उसकी पहली पत्नी और बेटी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना चाहती है।

कोर्ट जाने से रोका गया: सरबजीत ने बताया कि वह लाहौर हाईकोर्ट में अपना बयान दर्ज कराना चाहती थी, लेकिन 6 मार्च की सुबह नासिर और उसके परिवार ने उसे जबरदस्ती घर में रोक लिया और अदालत जाने से मना कर दिया। वकील के साथ हुई बातचीत के एक वीडियो में सरबजीत ने स्पष्ट किया कि वह पाकिस्तान में नहीं रहना चाहती और उसे भारत वापस भेज दिया जाए। हालांकि, उसने भारतीय एजेंसियों द्वारा पकड़े जाने का डर भी जताया, जिस पर वकील ने उसे सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

भारतीय पति ने लगाई गुहार: दूसरी ओर, सरबजीत के भारतीय पति करनैल सिंह ने भी लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। करनैल का दावा है कि सरबजीत ने उससे तलाक नहीं लिया है और नासिर ने उसे ब्लैकमेल कर उसका शोषण किया है। वकील ने सरबजीत को बताया कि उसका भारतीय पति आज भी उसे स्वीकार करने के लिए तैयार है।

आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में जानलेवा हमला; टॉयलेट में छिपकर बचाई जान

नेशनल डेस्क : : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ अदालत में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन के अंदर जानलेवा हमला हुआ है। यह हमला उस समय हुआ जब वे गाजियाबाद से प्रयागराज आ रहे थे।

धारदार हथियार से नाक काटने की कोशिश : जानकारी के मुताबिक, फतेहपुर और कौशांबी जिले के बीच सिराथू रेलवे स्टेशन के पास हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया। आशुतोष महाराज ने बताया कि हमलावर उनकी नाक काटना चाहता था। हमले के दौरान उन्होंने खुद को ट्रेन के टॉयलेट में बंद कर लिया, जिससे उनकी जान बच सकी।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर साजिश का आरोप: हमले में घायल और लहूलुहान हालत में प्रयागराज पहुंचे आशुतोष ब्रह्मचारी ने पत्रकारों से बात करते हुए सीधे तौर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रयागराज जंक्शन के जीआरपी (GRP) थाने में इस मामले की एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी है।

वर्तमान स्थिति: पीड़ित का प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं, लेकिन फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

दिल्ली में गर्मी का 50 साल का रिकॉर्ड टूटा; मार्च के पहले हफ्ते में ही पारा 35 डिग्री के पार, 7 राज्यों में अलर्ट

नेशनल डेस्क: उत्तर भारत में समय से पहले ही भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने पिछले 50 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह तापमान सामान्य से 7.3 डिग्री अधिक है।

दिल्ली में टूटा आधा दशक पुराना रिकॉर्ड: सफदरजंग मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के पहले सात दिनों के दौरान इससे पहले सबसे अधिक तापमान 5 मार्च 1999 को 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस साल शनिवार को पारा 35.7 डिग्री तक पहुँचने के साथ ही यह पिछले 50 सालों में मार्च के पहले सप्ताह का सबसे गर्म दिन बन गया है। इसके अलावा, न्यूनतम तापमान भी 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक है।

उत्तर भारत के अन्य राज्यों का हाल

उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में तापमान सामान्य से 3 से 7 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। राज्य के अधिकतर हिस्सों में पारा 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है।

हरियाणा और पंजाब: हरियाणा के हिसार में अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री अधिक है।

हिमाचल और उत्तराखंड: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सोलन जैसे जिलों में लू (Heatwave) चलने का अनुमान है। वहीं, उत्तराखंड के देहरादून में न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री अधिक रहा।

बारिश की संभावना : राहत की बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से बिहार में 9 मार्च के बाद मौसम बदलने की उम्मीद है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में 10 से 12 मार्च के बीच बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है, जिससे बढ़ते तापमान से कुछ राहत मिल सकती है।

ट्रंप की चेतावनी के बाद इजराइल का ईरान पर भीषण हमला; तेहरान का तेल डिपो तबाह, ‘एक्ट ऑफ वॉर’ करार

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गंभीर चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद इजराइल ने ईरान के तेहरान स्थित एक तेल डिपो पर बड़ा हवाई हमला किया है। ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि “आज की रात ईरान के लिए सबसे बुरी रात होगी,” जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहला बड़ा प्रहार: यह हमला ईरान के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया गया अब तक का पहला और सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। हमले के बाद ऑयल स्टोरेज टैंकों में भीषण आग लग गई और आसमान में धुएं का एक विशाल गुब्बार देखा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ईरानियों के खिलाफ एक मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा हो सकता है, ताकि उनकी सरकार के प्रति उनके भरोसे को कम किया जा सके।

ईरान की जवाबी कार्रवाई और तनाव : ईरान ने इस हमले को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ (युद्ध की घोषणा) और आतंकवाद करार दिया है। इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजराइल के हाइफा में एक रिफाइनरी पर हमला करने का दावा किया है। मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है क्योंकि ईरान ने पिछले 8 दिनों में दुबई, सऊदी अरब और इजराइल पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।

अंतरराष्ट्रीय चिंताएं : ईरान और इजराइल के बीच बढ़ता यह टकराव अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर इशारा कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है।