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Rajpura : पंजाब बंद का राजपुरा में असर, सफाई कर्मचारियों के समर्थन में बंद रहा बाजार

सफाई सेवक यूनियन के पंजाब बंद को राजपुरा में व्यापक समर्थन मिला। दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों और सामाजिक संगठनों ने कारोबार बंद रखा। पुलिस ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा।

राजपुरा / सत्ता संदेश

सफाई सेवक यूनियन के आह्वान पर 30 जुलाई को आयोजित पंजाब बंद का राजपुरा में व्यापक असर देखने को मिला। शहर के दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अपनी दुकानें और कारोबार बंद रखकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।

बंद के दौरान सफाई कर्मचारियों ने शहर में रोष मार्च निकाला और व्यापारियों सहित आम लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि समाज का हर वर्ग उनके संघर्ष में साथ देगा, तो वे भी भविष्य में हर वर्ग के हितों की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।

यूनियन ने बरनाला में प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए सरकार से मामले के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों, जिनमें एसपी, डीएसपी और एसएचओ शामिल हैं, के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की मांग की। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

इस दौरान सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अशोक कुमार बिट्टू, हंसराज, जसबीर सिंह, जय भीम मंच के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुखी समेत कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वहीं, बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। थाना प्रभारी (एसएचओ) गुरसेवक सिंह ने बताया कि पूरे शहर में माहौल शांतिपूर्ण रहा और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था और पूरे दिन निगरानी जारी रही।

Rajpura : पंजाब बंद का राजपुरा में असर, सफाई कर्मचारियों के समर्थन में बंद रहा बाजार

सफाई सेवक यूनियन के पंजाब बंद को राजपुरा में व्यापक समर्थन मिला। दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों और सामाजिक संगठनों ने कारोबार बंद रखा। पुलिस ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा।

Samrala : पंजाब बंद का समराला में असर, सफाई कर्मचारियों के समर्थन में बंद रहे बाजार

सफाई सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर समराला में पंजाब बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में बाजार बंद रहे और व्यापारियों ने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।

समराला / सत्ता संदेश

सफाई सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुलाए गए पंजाब बंद का समराला में व्यापक असर देखने को मिला। शहर के अधिकांश बाजार पूरे दिन बंद रहे और व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।

यूनियन नेताओं ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने बरनाला में प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक रूप से यह भी मांग की कि आम आदमी पार्टी से चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ वापस लिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में सफाई कर्मचारी और यूनियन से जुड़े सदस्य आम आदमी पार्टी का विरोध करेंगे।

बंद के दौरान समराला के मुख्य बाजारों में सामान्य कारोबार प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखकर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया।

फिलहाल सरकार की ओर से यूनियन की मांगों और बंद को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज के विरोध में खन्ना सफाई यूनियन ने निकाला रोष मार्च

खन्ना / सत्ता संदेश

बरनाला में एक महिला सफाई कर्मचारी के साथ कथित तौर पर डीएसपी द्वारा की गई मारपीट और गंभीर रूप से घायल किए जाने की घटना के विरोध में शुक्रवार को खन्ना सफाई यूनियन ने रोष मार्च निकाला।

प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए संबंधित डीएसपी को तत्काल बर्खास्त करने, उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग उठाई।

सफाई यूनियन के प्रधान गरीबदास ने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो यह घटना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस अधिकारी पर कानून लागू करवाने की जिम्मेदारी है, उसी पर एक महिला सफाई कर्मचारी के साथ कथित रूप से बर्बरता करने का आरोप लगना पूरे पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े करता है।


गरीबदास ने कहा कि यूनियन किसी भी कीमत पर महिला कर्मचारी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। सफाई कर्मचारियों का रोष मार्च अमलोह रोड से शुरू होकर बुक मार्केट, ललहेड़ी रोड  चौक तक निकाला गया। चौक पर धरना लगाकर मांग पत्र एसडीएम खन्ना को ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया।

सफाई यूनियन की प्रमुख मांगें

संबंधित डीएसपी को तत्काल बर्खास्त किया जाए। डीएसपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। घायल महिला सफाई कर्मचारी को न्याय और उचित मुआवजा दिया जाए।
भविष्य में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सफाई यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पंजाब भर में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

बठिंडा में सफाई सेवकों की हड़ताल शुरू 

बीते दिनों बरनाला में सफाई सेवकों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में और अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को बठिंडा निगम कार्यालय के बाहर सफाई सेवकों ने हड़ताल शुरू कर दी। 

सफाई सेवक यूनियन नेताओं ने पंजाब सरकार एवं बरनाला पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती तब तक उनका संघर्ष एवं हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वो अपने संघर्ष को तेज करेंगे। 

भाजपा सफाई कर्मियों के समर्थन में आई 

जालंधर भाजपा प्रधान अशोक सरीन हिक्की ने बरनाला में अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पंजाब पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के इशारे पर निहत्थे सफाई कर्मचारियों पर बल प्रयोग करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अमानवीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

अशोक सरीन हिक्की ने कहा कि वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारी दिन-रात कठिन परिस्थितियों में काम करके शहरों और गांवों को स्वच्छ रखते हैं। बारिश हो, भीषण गर्मी हो या कड़ाके की ठंड, ये कर्मचारी बिना अपनी जान की परवाह किए समाज की सेवा में जुटे रहते हैं। इनके अथक परिश्रम और सेवा भाव के कारण ही हमारे शहर साफ-सुथरे और स्वस्थ बने रहते हैं। ऐसे कर्मयोगियों का सम्मान होना चाहिए, न कि उन पर लाठियां बरसाई जाएं।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज वही सरकार उनकी समस्याएं सुनने के बजाय पुलिस के डंडों से जवाब दे रही है। यह सरकार हर वर्ग की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है, जो बेहद निंदनीय है।

अशोक सरीन हिक्की ने मांग की कि बरनाला लाठीचार्ज की न्यायिक जांच करवाई जाए, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, घायल सफाई कर्मचारियों का समुचित इलाज और मुआवजा दिया जाए तथा उनकी सभी जायज़ मांगों का सम्मानपूर्वक समाधान किया जाए।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के साथ मजबूती से खड़ी है। किसी भी कर्मचारी के सम्मान, अधिकार और सुरक्षा से समझौता नहीं होने दिया जाएगा। यदि पंजाब सरकार कर्मचारियों की आवाज़ को दबाने का प्रयास जारी रखती है तो भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से पूरे प्रदेश में इसका पुरजोर विरोध करेगी।