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‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ अभियान में बड़ी कार्रवाई, खन्ना में ड्रग तस्कर गुरदीप रानो के अवैध घर पर चला बुलडोजर

खन्ना / सत्ता संदेश

पंजाब को ड्रग-फ्री बनाने के अपने वादे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप में चलाया जा रहा ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ कैंपेन लगातार अच्छे नतीजे दे रहा है। इसी कैंपेन के तहत आज खन्ना पुलिस डिस्ट्रिक्ट में एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जब बहुचर्चित और करोड़ों के ड्रग स्मगलिंग केस के किंगपिन पूर्व सरपंच गुरदीप सिंह रानो के गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन पर बुलडोजर चलाया गया।

इस मौके पर डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर (रेगुलेटरी) GLADA प्रदीप कुमार ने बताया कि एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर GLADA श्री विकास हीरा के निर्देश और सरकार की हिदायतों के मुताबिक GLADA लुधियाना की टीम जिसमें लॉ ऑफिसर दिग्विजय सिंह, SDE गुरप्रीत सिंह, SDE करण अग्रवाल, SDE सुमेश कौशल, JE वरिंदर सिंह, JE अमनदीप सिंह, JE रोहित गोयल, JE अक्षय विशिष्ट, JE वीरपाल सिंह, JE (PH) अमनदीप सिंह शामिल थे, ने पुलिस डिस्ट्रिक्ट खन्ना की पुलिस फोर्स के साथ गुरदीप सिंह रानो, गांव रानो, तहसील पायल, डिस्ट्रिक्ट लुधियाना के एरिया में आते गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को नियमों के मुताबिक गिरा दिया।

यह कार्रवाई ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) ने SSP पुलिस डिस्ट्रिक्ट खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया के सपोर्ट से की। पायल के गांव रानो में मौजूद करीब 11 कनाल 11 मरला एरिया में फैले आलीशान घर के एक बड़े हिस्से को GLADA ने गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन घोषित कर दिया। इसके बाद नियमों के मुताबिक घर गिराने की कार्रवाई की गई।

इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि खन्ना पुलिस ने SSP डॉ. दर्पण आहलूवालिया की देखरेख में बहुत ही साफ-सुथरे और प्रोफेशनल तरीके से कानून-व्यवस्था बनाए रखी। सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस डॉ. दर्पण आहलूवालिया के निर्देशों पर पुलिस ने पूरी प्लानिंग के साथ सुरक्षा के इंतजाम किए थे। घर के हर कोने पर पुलिस तैनात की गई थी ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।

DSP पायल हरमनप्रीत सिंह चीमा ने बताया कि गुरदीप सिंह रानो के खिलाफ ड्रग तस्करी और दूसरी गंभीर धाराओं के तहत 10 केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की पॉलिसी साफ है कि ड्रग तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधियों को जहां कानून के दायरे में लाया जा रहा है, वहीं ड्रग्स की कमाई से बनाई गई गैर-कानूनी प्रॉपर्टी पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।

खन्ना पुलिस की परफॉर्मेंस इस बात से भी साफ है कि पिछले कुछ महीनों में जिले में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी फ्रीज की गई हैं और कई गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को गिराने के लिए पुलिस फोर्स भी दी गई है। SSP डॉ. दर्पण आहलूवालिया की लीडरशिप में पुलिस ने न सिर्फ ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी पक्की की है, बल्कि उनके आर्थिक ढांचे को तोड़ने की स्ट्रैटेजी पर भी काम किया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साल 2020 में STF ने गुरदीप सिंह राणो को बड़ी मात्रा (करीब पांच kg) हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान कथित तौर पर एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, जिसके लिंक बॉर्डर पार तक फैले होने की बात कही गई है। इस केस की जांच के बाद कई अहम खुलासे भी हुए।

आज की कार्रवाई सिर्फ एक बिल्डिंग गिराने की घटना नहीं है, बल्कि इसे ड्रग माफिया के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। मैसेज साफ है कि अगर कोई व्यक्ति गैर-कानूनी ड्रग के धंधे से प्रॉपर्टी जमा करता है, तो उसे कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा।

SSP डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और DGP गौरव यादव के दिशा-निर्देशों के तहत पंजाब पुलिस ड्रग्स को खत्म करने के लिए पूरी तरह से कमिटेड है। उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करों को जेल भेजने के साथ-साथ उनकी गैर-कानूनी प्रॉपर्टी के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस न सिर्फ ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, बल्कि नशे के आदी लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भेजने और इलाज देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक खास अभियान भी चला रही है।

खन्ना पुलिस जिले में यह बड़ा ऑपरेशन पंजाब सरकार के ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ अभियान की मजबूती और खन्ना पुलिस की मजबूत इच्छाशक्ति का साफ सबूत है। इससे न सिर्फ ड्रग तस्करों में डर का माहौल बना है, बल्कि आम लोगों में भी यह भरोसा मजबूत हुआ है कि सरकार और पुलिस नशा मुक्त पंजाब के सपने को साकार करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।

अमृतसर पुलिस को बड़ी सफलता, अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़

अमृतसर / सत्ता संदेश

दो आरोपियों की गिरफ्तारी, 10 किलो ICE और 4 किलो हेरोइन बरामद

दुबई से संचालित हो रहा था नशा तस्करी नेटवर्क,

पंजाब-दिल्ली तक सप्लाई
छेहरटा थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच जारी

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 किलो ICE (मेथामफेटामाइन) और 4 किलो हेरोइन बरामद की है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी दुबई और अबू धाबी में बैठे एक ड्रग तस्कर के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर पंजाब तथा दिल्ली में नशे की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक हाल ही में दुबई से वापस लौटा था, जहां उसे कथित तौर पर नशा तस्करी की ट्रेनिंग दी गई थी। उसे हेरोइन और ICE की खेपों को पंजाब पहुंचाने और आगे सप्लाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी माजहा और दोआबा क्षेत्रों में बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच में जुटी हुई है।
इस संबंध में थाना छेहरटा, अमृतसर में NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी और अतिरिक्त बरामदगी होने की संभावना है।

लुधियाना: बुड्ढा दरिया में प्रदूषण फैलाने वाली डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई, संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना में बुड्ढा दरिया को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने दरिया में गंदा पानी और अपशिष्ट छोड़ने के आरोप में कई डेयरी संचालकों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है।

बिना ट्रीटमेंट के बहाया जा रहा था कचरा: लुधियाना अर्बन वाटर एंड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट लिमिटेड (जोन-बी) के नोडल अफसर की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायत के अनुसार, कुछ डेयरियां अपने कचरे और अपशिष्ट को बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे दरिया में बहा रही थीं, जिससे पानी और वातावरण लगातार दूषित हो रहा है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।

इन डेयरियों पर गिरी गाज : पुलिस ने जिन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें प्रमुख रूप से पारस डेयरी, राकेश डेयरी, राम मिलन डेयरी, पाल डेयरी और हर्ष (कृष्ण लाल डेयरी कॉम्प्लेक्स) शामिल हैं। थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस ने इनके खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 279 और नॉर्दर्न इंडिया कैनाल एंड ड्रेनेज एक्ट 1873 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

प्रशासन की चेतावनी : पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने अन्य उल्लंघन करने वाले डेयरी संचालकों की एक सूची भी तैयार की है, जिन पर आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के माता-पिता गिरफ्तार: इस मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पंजाब डेस्क: पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के जबरन वसूली नेटवर्क के खिलाफ अपने अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गोल्डी बराड़ के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, गैंगस्टर के पिता शमशेर सिंह और मां प्रीतपाल कौर को श्री मुक्तसर साहिब में कोटकपूरा रोड के पास से गिरफ्तार किया गया है।

क्या है पूरा मामला? यह गिरफ्तारी 3 दिसंबर, 2024 को श्री मुक्तसर साहिब के सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR (नंबर 233) के संबंध में की गई है। गांव उदेकरन के रहने वाले सतनाम सिंह, जो शिक्षा विभाग में सेवारत हैं, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 27 नवंबर, 2024 को ड्यूटी के दौरान उन्हें एक धमकी भरा फोन आया था। फोन करने वाले ने उनसे 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी और पैसे न देने पर सतनाम सिंह और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 308(4), 351(1) और 351(3) के तहत केस दर्ज किया है। जांच में पता चला कि गोल्डी बराड़ के माता-पिता आदर्श नगर की गली नंबर 1 में रहते थे।

गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़ा हमला: गोल्डी बराड़ के माता-पिता की गिरफ्तारी पुलिस की पूरे गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश का हिस्सा है। इस महीने की शुरुआत में, पंजाब पुलिस ने बराड़ से जुड़े एक जबरन वसूली गैंग का भंडाफोड़ किया था और उसके 10 खास साथियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से दो ऑस्ट्रियन ग्लॉक पिस्टल समेत 12 मॉडर्न हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे।

लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने कहा कि यह कार्रवाई ऑर्गनाइज्ड क्राइम और गैर-कानूनी हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने का साफ संदेश है।

मान सरकार ने किसानों को दिया बड़ा तोहफ़ा, गन्ने पर 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी को दी मंज़ूरी

पंजाब डेस्क: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट मीटिंग किसानों की भलाई के लिए फ़ैसले लेने पर फ़ोकस रही, इस दौरान कैबिनेट द्वारा तय किए गए स्टेट एग्रीड प्राइस से 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी को मंज़ूरी दी गई, जिससे पंजाब राज्य देश में गन्ना किसानों को गन्ने का सबसे ज़्यादा दाम देने में लगातार आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में यह फ़ैसला लिया गया, जिसमें हेल्थ सेक्टर में कई सुधारों, लोगों की सेहत से जुड़ी पहल और शहरी प्रशासन में कई सुधार कदमों को मंज़ूरी दी गई, जो पंजाब सरकार के निर्णायक और नतीजे देने वाले नज़रिए को दिखाता है।कैबिनेट द्वारा लिए गए फ़ैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ऑफ़िस के प्रवक्ता ने बताया कि 2025-26 पेराई सीज़न के लिए तय किए गए स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी प्राइवेट चीनी मिलों की ओर से सीधे गन्ना किसानों को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले से ही देश में गन्ने के लिए 416 रुपये प्रति क्विंटल का सबसे ज़्यादा स्टेट एग्रीड प्राइस दे रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 15 रुपये ज़्यादा है।

इससे यह पक्का होगा कि पंजाब के गन्ना किसानों को देश भर में सबसे ज़्यादा प्राइस मिले और किसानों की इनकम सिक्योरिटी और मज़बूत होगी।पब्लिक हेल्थ और वेलनेस पर लगातार फोकस करते हुए, कैबिनेट ने ‘CM’s Yogashala’ प्रोजेक्ट के तहत योग ट्रेनर्स के 1,000 और पोस्ट बनाने को भी मंज़ूरी दी है। मीटिंग में यह भी बताया गया कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के दौरान इस इनिशिएटिव के लिए 35 करोड़ रुपये का बजट दिया जाएगा, जिसका मकसद एक हेल्दी और फिट पंजाब बनाना है।हेल्थकेयर सर्विसेज़ को मज़बूत करने के एक और ज़रूरी फैसले में, कैबिनेट ने मुक्तसर ज़िले के बादल गांव, तरनतारन ज़िले के खडूर साहिब, जलालाबाद कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और फाज़िल्का ज़िले के टर्शियरी केयर सेंटर को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज़ (BFUHS), फरीदकोट को पूरी तरह ट्रांसफर करने को भी मंज़ूरी दी। इस ट्रांसफर से, इन इलाकों के लोग यूनिवर्सिटी के एडवांस्ड मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपर्टीज़ का फ़ायदा उठाकर बेहतर इलाज और डायग्नोस्टिक सर्विस पा सकेंगे।कैबिनेट ने पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर म्युनिसिपल एक्ट, 2020 के सेक्शन 4 के तहत निर्देश बनाने और नोटिफ़िकेशन को भी मंज़ूरी दे दी है, जिसका मकसद पंजाब सरकार के डिपार्टमेंट, बोर्ड, कॉर्पोरेशन और दूसरे पब्लिक सेक्टर के अंडरटेकिंग की म्युनिसिपल प्रॉपर्टी को पब्लिक कामों के लिए ट्रांसफर करना है।

ये फ़ैसले पूरे राज्य में डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को नई रफ़्तार देने के साथ-साथ ज़मीन के बंटवारे में एक जैसापन पक्का करने और सरकारी ज़मीन के गलत इस्तेमाल को रोकने में खास तौर पर मददगार होंगे। संबंधित ज़िले के डिप्टी कमिश्नर की हेड वाली एक कमेटी अलॉटमेंट प्रोसेस की सिफ़ारिश करेगी, जो राज्य सरकार की मंज़ूरी पर निर्भर होगी।ज़मीन के रिसोर्स का सबसे अच्छा इस्तेमाल करके डेवलपमेंट में तेज़ी लाने के मकसद से, कैबिनेट ने म्युनिसिपल लिमिट के अंदर सभी सरकारी लाइसेंस वाले प्रोजेक्ट के तहत खाली या इस्तेमाल की गई सड़कों या पानी के रास्तों (सॉल्ट) को बेचने या बदलने के लिए पॉलिसी को भी मंज़ूरी दी। पॉलिसी का मकसद डेवलपमेंट के मौकों का पता लगाना और अर्बन प्लानिंग के नतीजों को बेहतर बनाना है।

कैबिनेट ने PAPRA (पंजाब अफोर्डेबल प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन एक्ट) लाइसेंस्ड प्रोजेक्ट्स के लिए टाइम पीरियड को 1 जनवरी, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक एक साल बढ़ाने को भी मंज़ूरी दी। यह एक्सटेंशन ज़्यादा से ज़्यादा तीन साल के लिए 25,000 रुपये प्रति एकड़ की एक्सटेंशन फीस पर दिया जाएगा और इसकी इजाज़त संबंधित अथॉरिटीज़ पहले से लागू नियमों और शर्तों के अनुसार देंगी।शहरी विकास से जुड़े एक और फ़ैसले में, कैबिनेट ने जनवरी 2026 के बाद नीलामी के लिए रखी जाने वाली प्रस्तावित प्रॉपर्टीज़ के लिए एडिशनल सरफेस एरिया रेश्यो के चार्ज तय करने के लिए इस्तेमाल होने वाले फ़ॉर्मूले को मंज़ूरी दी।

इसके साथ ही, 20 फरवरी, 2025 को नोटिफ़ाई की गई ई-ऑक्शन पॉलिसी 2025 के पैरा 10.2 में बदलावों को भी मंज़ूरी दी गई, जिससे भविष्य में डेवलपमेंट अथॉरिटीज़ द्वारा नीलाम की जाने वाली सभी कैटेगरी की प्रॉपर्टीज़ पर बदले हुए नियम लागू किए गए।कैबिनेट ने पंजाब सिविल सर्विसेज़ (जनरल कंडीशंस ऑफ़ सर्विस) रूल्स, 1994 में रूल 6A जोड़कर बदलावों को भी मंज़ूरी दी। बदलाव के अनुसार, कम से कम एजुकेशनल और दूसरी क्वालिफिकेशन समेत एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया बताने की आखिरी तारीख ही एप्लीकेशन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख होगी, जब तक कि संबंधित सर्विस नियमों में कोई अलग तारीख खास तौर पर न बताई गई हो।

फसल डायवर्सिफिकेशन को बढ़ावा देने के लिए एक कदम आगे बढ़ाते हुए, कैबिनेट ने पंजाब के हॉर्टिकल्चर सेक्टर को और मजबूत करने के लिए जापानी टेक्नोलॉजी लाने के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के साथ पार्टनरशिप को भी मंजूरी दी। यह पार्टनरशिप हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट, कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, वॉटर मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करेगी, जिसका मकसद राज्य की इकॉनमी में हॉर्टिकल्चर सेक्टर के योगदान को दोगुना करना है।

अमृतसर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पुलिस एनकाउंटर में मारा गया नामी गैंगस्टर मनी प्रिंस सूरमा

पंजाब डेस्क: पंजाब सरकार और DGP पंजाब द्वारा राज्य को गैंगस्टर-फ्री बनाने के लिए शुरू किए गए अभियान के तहत, अमृतसर पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब खुफिया जानकारी के आधार पर एक एनकाउंटर में नामी गैंगस्टर मनी प्रिंस उर्फ मनी सूरमा मारा गया। यह एनकाउंटर अमृतसर रूरल के घरिंडा पुलिस स्टेशन के इलाके में हुआ।

विदेशी पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग: SSP अमृतसर रूरल के नेतृत्व में बनाई गई स्पेशल टीमों ने खुफिया जानकारी के आधार पर घरिंडा इलाके में जाल बिछाया था। जब पुलिस ने गैंगस्टर को रोकने की कोशिश की, तो उसने विदेशी पिस्टल से पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक पुलिस ऑफिसर को भी गोली लगी, लेकिन बुलेट-प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण वह बच गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गैंगस्टर मौके पर ही मारा गया।

50 क्रिमिनल केस में था नामजद: मारा गया गैंगस्टर मनी प्रिंस सूरमा तरनतारन जिले का रहने वाला था और उसके खिलाफ मर्डर (सेक्शन 302), मर्डर की कोशिश, रॉबरी, NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे करीब 50 क्रिमिनल केस दर्ज थे। कुछ केस में उसे सज़ा भी हुई थी और पुलिस को कई दूसरे केस में उसकी तलाश थी।

हॉस्पिटल से भागने के बाद पुलिस की रडार पर था: गौरतलब है कि 12 जनवरी को एक एनकाउंटर के दौरान उसे गिरफ्तार करके इलाज के लिए अमृतसर के गुरु नानक देव हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां से वह 14 जनवरी को पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। इस लापरवाही के चलते पुलिस ने अपने दो कर्मचारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।

DIG बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने कहा कि पुलिस की FSL टीमों ने मौके से सबूत इकट्ठा किए हैं और जांच जारी है। उन्होंने साफ किया कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी क्रिमिनल को बख्शा नहीं जाएगा।

तरनतारन पुलिस का बड़ा एक्शन: सरपंच की हत्या में शामिल गैंगस्टर प्रभ दासूवाल का गुंडा एनकाउंटर में ढेर

पंजाब डेस्क: पंजाब पुलिस ने रविवार को एक बड़े एक्शन में सरपंच जरमल सिंह की हत्या के मामले में शामिल गैंगस्टर प्रभ दासूवाल के एक साथी को एनकाउंटर में मार गिराया। मारे गए आरोपी की पहचान हरनूर सिंह उर्फ नूर (गांव कथुनांगल, अमृतसर का रहने वाला) के रूप में हुई है।

एनकाउंटर की जानकारी: मंगलवार दोपहर पुलिस को एक सीक्रेट जानकारी मिली कि सरपंच की हत्या में शामिल गैंगस्टर इलाके में एक और घटना को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहे हैं। जब CIA टीम ने भिखीविंड इलाके में एक बिना रजिस्ट्रेशन वाले मोटरसाइकिल सवार को रुकने का इशारा किया, तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हरनूर सिंह गोली लगने से मारा गया। बुलेट प्रूफ जैकेट होने की वजह से पुलिस वाले बाल-बाल बच गए।

सरपंच मर्डर और रंजिश: पुलिस जांच के मुताबिक, गैंगस्टर प्रभ दासूवाल ने सरपंच जरमल सिंह (गांव वल्टोहा संधूआं) से दो बार फिरौती मांगी थी। रविवार को एक मैरिज पैलेस में सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसे हरनूर सिंह ने अंजाम दिया था। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल और एक बाइक बरामद की है।

कांग्रेस नेता की रेकी का भी खुलासा: SSP सुरिंदर लांबा ने बताया कि मारे गए आरोपी हरनूर सिंह ने पंजाब कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी हरमन सेखों को मारने के लिए भी रेकी की थी। जिला परिषद चुनाव के दौरान उन्हें टारगेट करने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण हमलावर कामयाब नहीं हो पाए। DGP गौरव यादव की लीडरशिप में गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इसे पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।