ब्रेकिंग न्यूज़
ग्लोबल मार्केट में मचे हाहाकार से भारतीय बाजार पस्त: ट्रंप की चेतावनी के बाद तेल में लगी आग, सेंसेक्स 800 अंक टूटा, रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर

बिजनेस डेस्क : वैश्विक तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार और मुद्रा बाजार के लिए सोमवार का दिन “ब्लैक मंडे” साबित हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में खलबली मचा दी है, जिसका सीधा असर भारत पर देखने को मिला है।

कच्चे तेल की कीमतों में भयंकर उबाल : डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई सख्त चेतावनी के बाद कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। ब्रेंट क्रूड 110.70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है, जो 5 मई के बाद का उच्चतम स्तर है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के पास फैसला लेने के लिए समय खत्म हो रहा है, जिससे खाड़ी देशों से तेल सप्लाई रुकने का डर बढ़ गया है।

शेयर बाजार में मची तबाही: 4 लाख करोड़ स्वाहा बाजार खुलते ही निवेशकों में अफरा-तफरी मच गई और महज कुछ ही सेकंड में निवेशकों के 4.46 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 803.53 अंक (1.07%) गिरकर 74,434.46 पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 में 247 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। आईटी क्षेत्र के कुछ दिग्गजों जैसे इंफोसिस और टीसीएस को छोड़कर, ऑटो, मेटल और पीएसयू बैंक जैसे लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।

रुपये की ऐतिहासिक गिरावट: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया पहली बार 96.23 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल (4.625%) ने रुपये पर भारी दबाव बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये की इस कमजोरी और महंगे क्रूड ऑयल से देश में आयातित महंगाई बढ़ेगी, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ना तय है।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार गिरावट के इस दौर को तुरंत थाम पाना एक बड़ी चुनौती है।