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MLA पप्पी पराशर ने गणेश नगर में राशन किट और स्मार्ट राशन कार्ड बांटे

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना हल्का सेंट्रल के गणेश नगर इलाके में आज विधायक अशोक पराशर पप्पी द्वारा “मेरी रसोई स्कीम” के तहत आम लोगों की सुविधा के लिए विशेष राशन किटों का वितरण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों में खास उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने इस प्रयास का स्वागत किया।

विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि समाज के हर वर्ग तक राहत पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता है और लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस तरह के सेवा कार्य लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि “मेरी रसोई स्कीम” का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना है ताकि कोई भी परिवार जरूरी राशन से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही उनकी राजनीति का असली उद्देश्य है और हलके के हर इलाके में जनहित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने भी इस पहल के लिए विधायक अशोक पराशर पप्पी का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं से आम परिवारों को बड़ी राहत मिलती है। कार्यक्रम के दौरान आप पार्षद, समर्थक और वॉलंटियर साथी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

सिलीगुड़ी में आयोजित 19वें रोजगार मेले में 82 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र


सिलीगुड़ी / सत्ता संदेश

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किया

प्रधानमंत्री के “नागरिक देवो भवः” मंत्र के साथ राष्ट्र सेवा का आह्वान

देशभर के 47 स्थानों पर 51 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगार अवसर

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देशभर के 47 स्थानों पर आयोजित 19वें रोजगार मेले के अंतर्गत सिलीगुड़ी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माननीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री कमलेश पासवान ने नव-नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

सिलीगुड़ी में आयोजित इस रोजगार मेले में कुल 82 अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें भारत सरकार के भारतीय रेल, डाक विभाग, रक्षा विभाग, वित्तीय सेवा विभाग तथा भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पद शामिल हैं। देशभर में आयोजित इस रोजगार मेले के माध्यम से 51 हजार से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार की सेवाओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर श्री कमलेश पासवान ने कहा कि रोजगार मेला केवल नियुक्ति वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं के सपनों, प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी का उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं को पारदर्शी, तेज एवं मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से निरंतर अवसर प्रदान कर रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री जी के मंत्र “नागरिक देवो भवः” का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों की सेवा ही सरकार और सरकारी कर्मचारियों का सर्वोच्च कर्तव्य है। उन्होंने नव-नियुक्त युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ करें तथा “राष्ट्र प्रथम” की भावना को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

श्री पासवान ने कहा कि आज भारत विश्व की सबसे युवा आबादी वाला देश है और यही युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। केंद्र सरकार कौशल विकास, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, मेक-इन-इंडिया आदि पहलों के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित कर रही है।

कार्यक्रम में डॉ. जयंती रॉय, माननीय सांसद; डॉ. शंकर घोष, माननीय विधायक, सिलीगुड़ी; श्रीमती शिखा चटर्जी, माननीय विधायक, फुलबाड़ी; श्री आनंदमय बर्मन, माननीय विधायक, माटीगाड़ा–नक्सलबाड़ी; श्री सोनम लामा, माननीय विधायक, कालिम्पोंग; श्री दुर्गा मुर्मू, माननीय विधायक, फांसीदेवा; श्री अनंता देव अधिकारी, माननीय विधायक, जलपाईगुड़ी; एवं श्री धीरराम जी, माननीय विधायक सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अंत में श्री कमलेश पासवान ने सभी नव-नियुक्त युवाओं एवं उनके परिवारों को शुभकामनाएँ देते हुए आवाहन किया कि वे ईमानदारी, निष्ठा और सेवा-भावना को अपने कार्य के केंद्र में रखकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित, आत्मनिर्भर और गौरवशाली भारत के निर्माण की सबसे बड़ी आधारशिला है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया


छत्तीसगढ़ / सत्ता संदेश

शहीद वीर गुण्डाधुर की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि बस्तर के नेतानार गांव को तीर्थ माना जाता है, नक्सलवाद की समाप्ति के बाद वहाँ CSC केंद्र का खुलना ऐतिहासिक है

बस्तर की जिस भूमि पर नक्सलियों ने 6 पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की थी, उसी स्थान पर आज गरीब आदिवासियों के लिए जनसेवा केंद्र का निर्माण हो रहा है

नक्सलवाद की समाप्ति का उद्देश्य केवल नक्सलियों को जड़ से उखाड़ फेंकना ही नहीं, बल्कि गरीब आदिवासियों तक जनकल्याणकारी सुविधाएँ पहुँचाना भी है

देशभर में आजादी 1947 में आ गई थी, मगर बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद आदिवासी बहनें विकास का नेतृत्व करेंगी

नक्सलवाद से हुए दशकों के नुकसान की भरपाई हमारी सरकार अगले 5 वर्षों में करेग

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन और श्री तपन डेका, निदेशक, आसूचना ब्यूरो सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज एक बहुत ऐतिहासिक दिन है। शहीद वीर गुण्डाधर की यह जन्मभूमि और कर्मभूमि अपने आप में भारत के हर नागरिक के लिए तीर्थ समान है। वर्ष 1910 में हमारे वीर आदिवासी नेता ने भूमकाल विद्रोह के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की शुरूआत की थी और विदेशी शासन के विरुद्ध बस्तर के आदिवासियों की लड़ाई का नेतृत्व शहीद वीर गुण्डाधुर ने किया था। उन्होंने कहा कि आज उन्हीं से प्रेरणा लेकर नेतानार का यह कैंप, जो वर्ष 2013 से सुरक्षा कैंप था, अब सेवा कैंप बनकर आदिवासियों की सेवा करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस सेवा कैंप का नाम भी शहीद वीर गुण्डाधुर के नाम पर रखा है। यह कैंप हमें सदैव स्मरण कराएगा कि एक समय यहां छह पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की गई थी, यहां के स्कूल, अस्पताल उजाड़ दिए गए थे, राशन पहुंचने नहीं दिया गया, रोजगार और शिक्षा से लोगों को वंचित रखा गया। श्री शाह ने कहा कि आज उसी स्थान पर, जहां हमारे छह जवान शहीद हुए थे, वहां गरीब आदिवासियों की सेवा का एक तीर्थ स्थल बनाने का कार्य प्रारंभ हो रहा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि जब हमने नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया, उसका उद्देश्य केवल नक्सलियों का खात्मा करना नहीं बल्कि इस क्षेत्र के गरीब आदिवासियों के जीवन में वे सभी सुविधाएं पहुंचाना भी था, जो बड़े-बड़े शहरों में उपलब्ध हैं, जिससे उनके बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल बन सके। उन्होंने कहा कि “नियद नेल्लानार” योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार हर गांव में सस्ते राशन की दुकान खोल रही है, हर गांव में प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं और गांवों के बीच में एक समूह PSC एवं CSC खोले जा रहे हैं। अब यहां हर गरीब के घर तक पीने का पानी पहुंचाने का काम हो रहा है, आधार कार्ड बन रहे हैं, राशन कार्ड बन रहे हैं। हर व्यक्ति को प्रति माह 7 किलो चावल दिया जाता है और 5 लाख रूपए तक का पूरा इलाज मुफ्त में करने की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की योजना भी अब यहां तक पहुंच चुकी है।

श्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने दशकों तक गलतफहमी फैलाई कि हमारा विकास नहीं हुआ इसलिए हमने हथियार उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि इस क्षेत्र का विकास इसलिए नहीं हुआ क्योंकि नक्सलियों ने हाथों में हथियार उठा रखे थे। उन्होंने कहा कि रायपुर में विकास के जितने कार्य हुए हैं, उन्हें एक साल के भीतर हमारी सरकार आपके गांवों तक लाएगी। श्री शाह ने कहा कि सरकार की हर सुविधा पर आपका इतना ही अधिकार है जितना बड़े शहरों की जनता का है। श्री शाह ने कहा कि यह आपकी सरकार है और आपके जीवन में खुशियां लाना सरकार का उत्तरदायित्व है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बस्तर में अभी लगभग 200 कैंप हैं और उनमें से 70 कैंप को अगले डेढ़ वर्षों में हम इसी प्रकार के जनसेवा केंद्र के रूप में परिवर्तित कर आदिवासी कल्याण का केन्द्र बनाएंगे। इन कैंपों का डिजाइन कंप्लीट होगा, जिनके अंदर बैंकिंग सुविधा भी होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, राशन कार्ड भी बनेगा, सरकार की योजना के पैसे यहीं से मिलेंगे, कॉमन सर्विस सेंटर पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भी आह्वान किया है कि नक्सलवाद समाप्त हो गया है, ऐसा मानकर चैन की नींद नहीं सोना है। नक्सलवाद से हुए नुकसान की भरपाई हम 5 साल के अंदर कर इन सभी गांवों को ऊर्जावान आदिवासी गांवों में बदलेंगे । इसके लिए आदिवासियों के खेल को बढ़ावा देने के लिए हमने बस्तर ओलंपिक और आदिवासी साहित्य, भाषा, संगीत, कला, नृत्य और विविध पकवानों को विश्व प्रसिद्ध करने के लिए बस्तर पंडुम शुरू किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि इसी दिन के लिए शहीद वीर गुण्डाधुर ने आजादी का आंदोलन शुरू किया होगा। उन्होंने कहा कि देशभर में तो आजादी 1947 में आ गई थी, मगर हमारे बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है। श्री शाह ने कहा कि जो देरी हुई है, उसके पूरे नुकसान की भरपाई हम बहुत जल्द करेंगे और इस क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि विकास को रोकने से कभी विकास नहीं होता है, बल्कि जब हम विकास को गति देंगे तभी विकास का फायदा हम तक पहुंचेगा।

सतारा से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र को दी सौगात: महाराष्ट्र के 5 लाख ग्रामीण परिवारों को पक्के घरों का गौरवपूर्ण गृह प्रवेश

महाराष्ट्र /सत्ता संदेश


शिवराज सिंह ने दी महाराष्ट्र को PMAY-G के लिए 8,368.50 करोड़ रुपए की बड़ी केंद्रीय सहायता, ग्रामीण विकास को नई रफ्तार

शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी 35 ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी: 122.98 करोड़ रु. से 35 बसावटों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

शिवराज ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘हर गरीब को पक्की छत’ का भरोसा दोहराया, बोले- बचे हुए पात्र परिवारों को भी मिलेगा आवास

1 जुलाई से विकसित भारत जी राम जी योजना की शुरुआत, गांवों के समग्र विकास को मिलेगी नई दिशा- शिवराज सिंह

प्याज किसानों को बड़ी राहत: आज से NAFED 12.35 रु. प्रति किलो की दर से खरीदी शुरू करेगा- शिवराज सिंह

शिवराज सिंह ने गन्ना उत्पादकों की समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा: केंद्र और राज्य मिलकर निकालेंगे रास्ता

महा आवास अभियान में रिकॉर्ड समय में आवास पूर्ण कर महाराष्ट्र ने पेश किया सुशासन का मॉडल- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज महाराष्ट्र के सतारा स्थित सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में 5 लाख पूर्ण ग्रामीण आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ किया, 5 लाभार्थियों को आवास की चाबियां सौंपीं और महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री जयकुमार गोरे, पर्यटन, खननकर्म एवं माजी सैनिक कल्याण मंत्री तथा सतारा के पालकमंत्री श्री शंभूराज देसाई, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री श्री शिवेंद्रसिंह भोसले, मदद एवं पुनर्वसन मंत्री श्री मकरंद जाधव (पाटील), ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य मंत्री श्री योगेश कदम तथा स्थानीय सांसद श्रीमंत छत्रपति उदयनराजे भोसले उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि देश में कोई भी गरीब कच्चे मकान में न रहे और प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक पक्की छत मिले। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने PMAY-G के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य करते हुए रिकॉर्ड समय में 5 लाख आवास पूर्ण कर सुशासन, संवेदनशीलता और परिणामोन्मुख प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। 

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने महाराष्ट्र के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत वित्त वर्ष 2026-27 हेतु 8,368.50 करोड़ रु. की केंद्रीय अंश सहायता जारी किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य में ग्रामीण गरीबों के आवास निर्माण अभियान को और तेज करेगी तथा बेघर-मुक्त ग्रामीण महाराष्ट्र के संकल्प को मजबूत आधार देगी। 

श्री चौहान ने यह भी कहा कि जिन पात्र परिवारों का नाम अब तक छूट गया है, उनके लिए भी रास्ता खुला है और सर्वे तथा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार और आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि बिजली, जल, स्वच्छता और सम्मानपूर्ण जीवन के साथ समग्र ग्रामीण जीवन-स्तर को ऊंचा उठाना है। 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत महाराष्ट्र के लिए 122.98 करोड़ रु. की लागत वाली 35 सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति भी मुख्यमंत्री श्री फडणवीस को सौंपी। 95.99 किलोमीटर लंबाई की इन परियोजनाओं से राज्य की 35 ग्रामीण बसावटों को लाभ मिलेगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच अधिक सुगम होगी। 

शिवराज सिंह चौहान ने ‘महा आवास अभियान’ के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों, इकाइयों और अधिकारियों को मुख्यमंत्री श्री फडणवीस के साथ सम्मानित करते हुए कहा कि जब राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दक्षता और जनकल्याण का भाव साथ आता है, तब विकास अभियान जनआंदोलन बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने ग्रामीण आवास के क्षेत्र में जिस गति और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक है। 

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विकसित भारत जी राम जी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 1 जुलाई से शुरू होने जा रही यह पहल गांवों के समग्र और सुनियोजित विकास की नई आधारशिला बनेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की व्यापक रूपरेखा तैयार करेंगी, जिससे गांवों के बुनियादी ढांचे, जनसुविधाओं और आजीविका से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को गति मिलेगी तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को विकसित गांवों के मजबूत आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।

किसानों के मुद्दों पर विशेष रूप से बोलते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने प्याज उत्पादक किसानों को बड़ी राहत दी। उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ने और निर्यात संबंधी परिस्थितियों के कारण बाजार भाव प्रभावित हुए हैं, इसलिए आज से ही NAFED द्वारा 12 रु. 35 पैसे प्रति किलो की दर से प्याज की खरीदी शुरू की जाएगी, ताकि किसानों को तत्काल सहारा मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार किसानों को संकट में अकेला नहीं छोड़ेगी और खरीदी व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी तथा व्यवस्थित बनाने पर बल दिया। श्री चौहान ने अधिकारियों को सतर्क निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारु रहे और वास्तविक किसानों को उसका लाभ मिल सके। 

गन्ना उत्पादकों से जुड़े मुद्दों पर श्री चौहान ने भरोसा दिलाया कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार मिलकर समस्याओं का समाधान निकालेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री फडणवीस के साथ इस विषय पर चर्चा हुई है और संबंधित मंत्रालयों के स्तर पर आवश्यक विमर्श कर व्यावहारिक समाधान की दिशा में पूरी कोशिश की जाएगी, क्योंकि किसान देश की अर्थव्यवस्था का आधार हैं। 

श्री चौहान ने यह भी रेखांकित किया कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा हैं। उन्होंने MSP में हालिया बढ़ोतरी, तिलहन-दलहन खरीदी, कपास मिशन, फार्मर आईडी, किसान-केंद्रित व्यवस्थाओं और ग्रामीण आधारभूत संरचना के विस्तार जैसे उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों और ग्रामीण गरीबों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। 

शिवराज सिंह चौहान ने सतारा की पावन धरती को छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, स्वाभिमान और सुशासन की प्रेरणास्थली बताते हुए कहा कि शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के नायक हैं। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने देश को यह संदेश दिया कि सुशासन का अर्थ गरीबों के आँसू पोंछना, माताओं-बहनों का सम्मान सुनिश्चित करना, किसानों को समृद्ध बनाना और समाज के अंतिम व्यक्ति को गले लगाना है; प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इसी जनकल्याणकारी और संवेदनशील शासन-दृष्टि को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से महाराष्ट्र को रिकॉर्ड 30 लाख आवासों की स्वीकृति मिली और राज्य ने रिकॉर्ड समय में 5 लाख घर पूर्ण कर आज लाभार्थियों को समर्पित किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आवासों की गुणवत्ता बढ़ाने, सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली सुविधा उपलब्ध कराने और जमीनविहीन पात्र परिवारों को भी सहायता देकर इस अभियान को व्यापक सामाजिक सुरक्षा के मॉडल में बदला है। 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र का लक्ष्य बेघर-मुक्त राज्य का निर्माण है और आने वाले समय में और अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने प्याज किसानों के लिए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा घोषित NAFED खरीदी का स्वागत किया तथा गन्ना एवं चीनी उद्योग से जुड़े मुद्दों पर केंद्र-राज्य समन्वय से समाधान निकालने का भरोसा व्यक्त किया। 

कार्यक्रम में ग्रामीण विकास से जुड़े जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, लाभार्थियों और बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों की उपस्थिति रही।

छत्तीसगढ़ के धमतारी जिले में भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने वाटरशेड विकास परियोजनाओं की समीक्षा की

छत्तीसगढ़/ / सत्ता संदेश


प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षात्मक सिंचाई, आजीविका संवर्धन और मृदा एवं जल संरक्षण संबंधी पहलों की समीक्षा की

भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री नरेंद्र भूषण के नेतृत्व में ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के धमतारी जिले के मगरलोद ब्लॉक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0) के वाटरशेड विकास घटक के अंतर्गत वाटरशेड विकास परियोजनाओं का व्यापक क्षेत्र दौरा किया।

प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षात्मक सिंचाई, आजीविका संवर्धन और मृदा एवं जल संरक्षण पर केंद्रित विभिन्न पहलों की समीक्षा की। इस प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त सचिव (वाटरशेड प्रबंधन) श्री नितिन खाडे और जिला अधिकारी श्री अबिनाश मिश्रा शामिल थे।

सांकरा गांव के दौरे के दौरान, सचिव ने वाटरशेड विकास घटक (डब्ल्यूडीसी) और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से निर्मित 40.34 लाख रुपये की लागत से बने एक स्टॉप डैम का निरीक्षण किया। इस डैम से लगभग 80-85 एकड़ भूमि सिंचित हो गई है और 50 से अधिक किसानों को लाभ मिल रहा है। बेलाउदी गांव में, प्रतिनिधिमंडल ने 20.20 लाख रुपये की लागत से विकसित 430 मीटर लंबी सिंचाई नहर की समीक्षा की, जो वर्तमान में लगभग 150 एकड़ भूमि को सिंचित कर रही है और मृदा अपरदन को काफी हद तक कम करने में सहायक है।

प्रतिनिधिमंडल ने सौंगा गांव में पांच एकड़ के वृक्षारोपण स्थल का भी दौरा किया, जहां एक नदी द्वीप पर 1,050 अमरूद और नींबू के पेड़ लगाए गए हैं। जल संकट की समस्या से निपटने के लिए, अधिकारियों ने क्षेत्र में छोटे तालाब बनाने की सलाह दी।

प्रतिनिधिमंडल ने भूजल पुनर्भरण और सामुदायिक जल उपलब्धता में योगदान के लिए बोदरा और गदाडीह गांवों में “अमृत सरोवर” परियोजनाओं की समीक्षा भी की।

इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण गदाडीह में लिफ्ट सिंचाई परियोजना थी, जो महानदी नदी के जल का उपयोग करके 85 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई करती है, जिससे लगभग 250 किसानों को लाभ होता है। श्री नरेंद्र भूषण ने इस पहल को एक “सफल मॉडल” बताया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भविष्य की वाटरशेड विकास परियोजनाओं के लिए राज्य-स्तरीय आदर्श के रूप में ऐसी उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण करें।

यह दौरा बेलाउदी गांव में एक सब्जी की खेती वाले खेत के निरीक्षण के साथ समाप्त हुआ, जहां किसानों द्वारा अपनी आय बढ़ाने के लिए अपनाई गई बागवानी पद्धतियों की सराहना की गई।

शिवराज सिंह चौहान करेंगे 5 लाख पीएमएवाई-जी आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ; महाराष्ट्र के लिए ₹8,368.50 करोड़ की केंद्रीय अंश सहायता जारी करेंगे


दिल्ली / सत्ता संदेश

15 मई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में महाराष्ट्र को ₹122.98 करोड़ की 35 सड़क परियोजनाओं की भी सौगात

सतारा में आयोजित होगा पीएमएवाई-जी लाभार्थी सम्मेलन एवं ‘महा आवास अभियान’ राज्य स्तरीय पुरस्कार समारो

केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 15 मई 2026 को महाराष्ट्र के सतारा स्थित सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री श्रीमती सुनेत्रा अजित पवार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत पूर्ण हुए 5 लाख आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ करेंगे। साथ ही, 6 पीएमएवाई-जी लाभार्थियों को आवास की चाबियां भी सौंपेंगे, जिनमें योजना के अंतर्गत 3 करोड़वें आवास से जुड़े लाभार्थी भी शामिल होंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री महाराष्ट्र को पीएमएवाई-जी के अंतर्गत वित्त वर्ष 2026-27 हेतु ₹8,368.50 करोड़ की केंद्रीय अंश की मातृ स्वीकृति जारी करेंगे। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-IV के अंतर्गत ₹122.98 करोड़ की लागत से 35 सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति भी जारी करेंगे, जिससे राज्य की 35 ग्रामीण बसावटें लाभान्वित होंगी।

कार्यक्रम के दौरान ‘महा आवास अभियान 2023-24’ के अंतर्गत राज्य स्तरीय पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम में ‘महा आवास अभियान अवॉर्ड्स गौरवगाथा पुस्तिका’ एवं त्रैमासिक पत्रिका का प्रकाशन भी किया जाएगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को मूलभूत सुविधाओं सहित पक्के आवास उपलब्ध कराना है। पीएमएवाई-जी के अंतर्गत अब तक राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को 4.15 करोड़ आवासों का लक्ष्य आवंटित किया जा चुका है, जिनमें से 3.91 करोड़ आवास स्वीकृत किए गए हैं तथा 11 मई 2026 तक 3.03 करोड़ से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

महाराष्ट्र ने योजना के कार्यान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य को आवंटित 43.80 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 41.42 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 17.92 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। सतारा जिले में 55,052 आवासों के लक्ष्य के सापेक्ष 54,759 आवास स्वीकृत किए गए हैं तथा 24,848 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

महाराष्ट्र के लिए पीएमजीएसवाई-IV के अंतर्गत बड़ी स्वीकृति

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-IV के अंतर्गत महाराष्ट्र के लिए बड़ी स्वीकृति की घोषणा भी की जाएगी, जिससे राज्य में ग्रामीण सड़क संपर्क एवं आधारभूत संरचना को और मजबूती मिलेगी।

पीएमजीएसवाई-IV (2026-27, बैच-I) के अंतर्गत 95.99 किलोमीटर लंबाई की 35 सड़क परियोजनाओं को लगभग ₹122.98 करोड़ की लागत से स्वीकृति का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं से राज्य की 35 ग्रामीण बसावटें लाभान्वित होंगी।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर मौसम में सड़क संपर्क सुनिश्चित करना तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार एवं अन्य आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाना है। यह पहल ग्रामीण महाराष्ट्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने एवं जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक होगी।

महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत अब तक 34 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों एवं 1000 से अधिक पुलों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जिन पर ₹15 हजार करोड़ से अधिक की लागत स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से गांवों की सड़क संपर्क व्यवस्था मजबूत हुई है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।

राज्य में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत ‘न्यू एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी’ आधारित सड़क निर्माण कार्यों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आधुनिक, टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल ग्रामीण आधारभूत संरचना विकसित हो रही है।

यह कार्यक्रम ग्रामीण आवास, सड़क संपर्क एवं आधारभूत संरचना विकास के माध्यम से ग्रामीण परिवर्तन को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

चंडीगढ़ के युवाओं को पीएम इंटर्नशिप योजना के लिए आवेदन करने का आमंत्रण, मिलेगी आर्थिक सहायता

चंडीगढ़ /सत्ता संदेश

प्रतिष्ठित *प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना* के अंतर्गत 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा अथवा स्नातक उत्तीर्ण युवाओं के लिए विभिन्न इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध हैं।

श्री विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, MY Bharat, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि पात्र युवा MY Bharat पोर्टल पर स्वयं को पंजीकृत कर प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना हेतु आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि चंडीगढ़ में वर्तमान में विभिन्न इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध हैं तथा चयनित अभ्यर्थियों को इंटर्नशिप अवधि के दौरान प्रतिमाह ₹9,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

इच्छुक युवा निम्न वेबसाइट पर पंजीकरण एवं आवेदन कर सकते हैं:

http://www.mybharat.gov.in

आवेदन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी जानकारी हेतु युवा जिला युवा अधिकारी से मोबाइल नंबर *9805832503* पर संपर्क कर सकते हैं अथवा MY Bharat कार्यालय, आरजीएनआईवाईडी भवन, PEC कैंपस, गेट नंबर 1, सेक्टर 12, चंडीगढ़ में संपर्क कर सकते हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का किसान हित में निर्णायक कदम, 4,886 करोड़ रु. से अधिक की MSP सुरक्षा

कर्नाटक/ सत्ता संदेश

कर्नाटक में 9,023 मीट्रिक टन सूरजमुखी खरीदी को केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंजूरी

महाराष्ट्र के चना उत्पादकों के लिए बड़ा फैसला, श्री  शिवराज सिंह चौहान ने खरीद सीमा बढ़ाकर 8.19 लाख मीट्रिक टन की

लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार प्रतिबद्ध, किसानों को औने-पौने दाम से मिलेगी राहत- श्री शिवराज सिंह

किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने और बाजार में मजबूरी में बिक्री की स्थिति से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्नाटक में रबी 2026 सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 9,023 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद को मंजूरी दी है, वहीं महाराष्ट्र में रबी 2025-26 सीजन के दौरान चने की अधिकतम खरीद सीमा बढ़ाकर 8,19,882 मीट्रिक टन कर दी गई है। इन दोनों फैसलों के जरिए किसानों को 4,886.46 करोड़ रुपए से अधिक की एमएसपी सुरक्षा उपलब्ध होगी।

किसान हित में केंद्र सरकार का एक और बड़ा निर्णय

कर्नाटक सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रबी 2026 सीजन के लिए मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत 9,023 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद को मंजूरी दी है। इस स्वीकृति का कुल एमएसपी मूल्य 69.66 करोड़ रु. से अधिक होगा। इस निर्णय से कर्नाटक के सूरजमुखी उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।

केंद्र सरकार का यह कदम विशेष रूप से उन किसानों के लिए राहतकारी साबित होगा, जिन्हें बाजार में कम कीमत मिलने की आशंका के कारण मजबूरी में अपनी उपज बेचनी पड़ती है। एमएसपी पर खरीद की स्वीकृति से किसानों का भरोसा मजबूत होगा और कृषि क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।

महाराष्ट्र के चना किसानों को बड़ी राहत

इसी क्रम में महाराष्ट्र सरकार के प्रस्ताव पर निर्णय लेते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रबी 2025-26 सीजन के दौरान राज्य में पीएसएस के तहत चने की अधिकतम खरीद मात्रा बढ़ाकर 8,19,882 मीट्रिक टन करने को मंजूरी दी है। इस स्वीकृति का कुल एमएसपी मूल्य 4,816.80 करोड़ रु. से अधिक होगा। इसके साथ ही महाराष्ट्र में चना खरीद की समय-सीमा में 30 दिनों का विस्तार करते हुए इसे 29 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है। यह फैसला उन किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो निर्धारित अवधि में अपनी उपज की बिक्री पूरी नहीं कर पाए थे। अब अधिक किसानों को एमएसपी का लाभ मिल सकेगा और उन्हें बाजार के दबाव में कम कीमत पर बिक्री नहीं करनी पड़ेगी।

किसान कल्याण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय लगातार इस दिशा में काम कर रहा है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और कृषि उपज की खरीद प्रणाली अधिक प्रभावी, पारदर्शी और किसानोन्मुख बने। कर्नाटक में सूरजमुखी और महाराष्ट्र में चने की खरीद संबंधी ये निर्णय इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए संवेदनशील और सक्रिय है। इन फैसलों से न केवल संबंधित राज्यों के किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में विश्वास, सुरक्षा और स्थिरता का वातावरण भी मजबूत होगा। लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में यह कदम किसान कल्याण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को और सशक्त करता है।

प्रभबीर सिंह बरार की अपील: जनगणना-2027 में पंजाबी को मातृभाषा दर्ज करें, डिजिटल प्रक्रिया अपनाएं

अमृतसर / सत्ता संदेश

संवाददाता- विक्रमजीत सिंह कैमरामैन- तरजिंदर सिंह

पनसप के चेयरमैन प्रभबीर सिंह बराड़ ने आम जनता से जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय जनगणना के सटीक आंकड़ों पर निर्भर करते हैं।

बराड़ ने कहा कि राज्य के विकास से संबंधित कई अहम फैसले जनगणना के आंकड़ों के आधार पर लिए जाते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे बड़ी संख्या में आगे आएं और पंजाबी को अपनी मातृभाषा के रूप में दर्ज कराएं, ताकि उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का पहला चरण “मकानों की सूचीकरण एवं आवास गणना” है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना प्रक्रिया सरल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित है, जो लोगों को डिजिटल जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करती है।

चेयरमैन बराड़ ने लोगों से इस तकनीक-आधारित प्रक्रिया को अपनाने और सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल से 14 मई तक उपलब्ध स्व-गणना सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और एक व्यापक एवं विश्वसनीय राष्ट्रीय डाटाबेस के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि प्रभावी योजना निर्माण और नीति निर्धारण के लिए मजबूत डाटाबेस अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने आगे कहा कि जनगणना के प्रमाणिक आंकड़े सुशासन की रीढ़ होते हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि कल्याणकारी योजनाएं, बुनियादी ढांचे का विकास और संसाधनों का समान वितरण समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत 15 मई से 13 जून, 2026 तक घर-घर सर्वेक्षण भी किया जाएगा। इस दौरान आवासीय स्थिति, सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित 33 प्रश्न पूछे जाएंगे तथा प्रत्येक घर की गणना की जाएगी, ताकि कोई भी परिवार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान से वंचित न रह जाए।

मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना: लाभार्थियों ने साझा किए मुफ्त इलाज के अनुभव, एडीसी (जी) ने अस्पताल का किया दौरा

लुधियाना/ सत्ता संदेश

पंजाब में कई परिवार आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा खर्च की अधिकता से डरते थे, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना (एमएमएसबीवाई), जो 22 जनवरी, 2026 को शुरू हुई, के तहत अब निवासियों को बिना किसी आय सीमा के प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का नकद भुगतान रहित इलाज मिल रहा है।

जस्सियां ​​रोड के दिहाड़ी मजदूर गगन गौतम (35) ने बताया कि कैसे इस योजना ने उनकी स्थिति बदल दी। उनके 8 वर्षीय बेटे आहान को फेफड़ों की गंभीर समस्या हो गई और 6 अप्रैल को वरदान नवजात अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार के इकलौते कमाने वाले गौतम को डर था कि वे इलाज का खर्च वहन नहीं कर पाएंगे।

“मैं इस भारी खर्च को लेकर पूरी तरह से परेशान था,” उन्होंने कहा। हालांकि, योजना में पंजीकरण कराने के बाद उनके बेटे का इलाज पूरी तरह से बिना किसी खर्च के हुआ। “मेरी जेब से एक भी रुपया नहीं निकला,” उन्होंने पंजाब सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा।

एक अन्य मामले में, धांधारी कलां के 22 वर्षीय खेतिहर मजदूर सूरज ने अपना अनुभव साझा किया। उनके नवजात बेटे सूर्या का वजन कम था और उसे 10 दिन पहले उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चा अब स्वस्थ हो रहा है और जल्द ही उसे छुट्टी मिलने की उम्मीद है।

“इलाज पर मेरा एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ। इस योजना ने मेरे बच्चे को बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान की,” सूरज ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा।

अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण) पूनम सिंह ने अस्पताल का दौरा किया, परिवारों से बातचीत की और इलाज के बारे में प्रतिक्रिया ली। उन्होंने कहा कि ये अनुभव मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के प्रभाव को दर्शाते हैं, जो सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में सर्जरी, आईसीयू देखभाल और निदान सहित 2,500 से अधिक प्रक्रियाओं को कवर करती है। आय की कोई सीमा न होने और सामान्य सेवा केंद्रों पर आधार और मतदाता पहचान पत्र का उपयोग करके आसान नामांकन की सुविधा के साथ, यह योजना परिवारों को आर्थिक तनाव के बिना स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने में मदद करती है। उन्होंने परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने में मदद करने के लिए अस्पताल का आभार भी व्यक्त किया।

22 जनवरी को शुरू की गई एमएमएसबीवाई भारत में एक ऐतिहासिक पहल है, जो बिना किसी आय सीमा के व्यापक कवरेज प्रदान करती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि चिकित्सा आपात स्थिति में किसी भी पंजाबी परिवार को भारी खर्च का सामना न करना पड़े।

कवरेज राशि: प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का नकद उपचार।

-नकद और कागज रहित प्रक्रिया: लाभार्थियों को सूचीबद्ध सरकारी अस्पतालों, निजी अस्पतालों और विशेष केंद्रों (पंजाब और कुछ अन्य राज्यों में स्थित 800 से अधिक सुविधाओं सहित) में बिना किसी अग्रिम भुगतान के उपचार मिलता है।

सार्वभौमिक पात्रता: पंजाब के सभी वास्तविक निवासियों के लिए खुला है – जिनका सत्यापन आधार कार्ड और पंजाब मतदाता पहचान पत्र (या नाबालिगों के लिए अभिभावक के दस्तावेज़) के माध्यम से किया जाता है। इसमें सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी, संविदा/आउटसोर्स कर्मचारी, किसान, मजदूर और सभी सामाजिक-आर्थिक वर्ग शामिल हैं।

सेहत कार्ड: लाभों तक निर्बाध पहुंच के लिए आधार से जुड़ा हुआ।

अधिकतम पहुंच और सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, राज्य सरकार ने हाल ही में नामांकन प्रक्रिया को सरल बनाया है। निवासी अब किसी भी सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) या निर्धारित शिविर में केवल आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र का उपयोग करके मौके पर ही पंजीकरण करा सकते हैं – इसके लिए किसी अपॉइंटमेंट स्लिप या मध्यस्थ की आवश्यकता नहीं है। नौकरशाही संबंधी बाधाओं को दूर कर दिया गया है और सीएससी संचालकों के लिए प्रदर्शन प्रोत्साहन योजना लागू की गई है ताकि उनकी पहुंच सुनिश्चित हो सके।