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NISD और पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के बीच MoU, सोशल वेलफेयर और युवा सशक्तिकरण पर मिलकर करेंगे काम

ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता, रिसर्च, ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा; सुखविंदर सिंह बिंद्रा बोले- युवाओं को नशे से दूर रखना हमारी प्राथमिकता

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (NISD) और पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला के बीच नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य सोशल प्रोटेक्शन को मजबूत करना, सोशल वेलफेयर को प्रशासनिक प्रशिक्षण का हिस्सा बनाना, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है।

MoU हस्ताक्षर कार्यक्रम में पंजाबी यूनिवर्सिटी की ओर से डॉ. दमनजीत संधू और डॉ. जगजीत सिंह चट्ठा मौजूद रहे। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में सुखविंदर सिंह बिंद्रा, सदस्य (NISD) एवं स्पेशल मेंबर/इनवाइट (NCCDR), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. एच.सी. श्रीधर चाणक्य रंगा रेड्डी, विवेक कुमार और तान्या सेनगुप्ता सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

इस अवसर पर सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने कहा कि यह साझेदारी सोशल वेलफेयर के क्षेत्र में रिसर्च, एविडेंस-बेस्ड पॉलिसी और समावेशी विकास को नई दिशा देगी। साथ ही देशभर में सोशल प्रोटेक्शन सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

उन्होंने बताया कि इससे पहले भी NISD ने सामाजिक पहल को आगे बढ़ाने के लिए देश भगत यूनिवर्सिटी (DBU) के साथ भी MoU किया था। उनका कहना था कि मंत्रालय का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।

बिंद्रा ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में मंत्रालय युवाओं के कल्याण, उनके विकास और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने ड्रग्स के दुरुपयोग को रोकने में युवा सशक्तिकरण, जागरूकता अभियान और खेलों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए स्पोर्ट्स किट वितरित की जाएंगी और विभिन्न खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगे और वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें।

बिंद्रा ने कहा कि पंजाब यूथ डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व स्टेट चेयरपर्सन के रूप में भी उन्होंने युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशे से दूर रखने के लिए कई पहल की थीं। उस दौरान यूथ क्लबों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में खिलाड़ियों को निःशुल्क स्पोर्ट्स किट वितरित की गईं और खिलाड़ियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया गया। उन्होंने कहा कि आज भी उनका विभाग खिलाड़ियों और युवाओं की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के अंत में सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का युवाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।

डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ने ड्रग्स के खिलाफ जागरुकता सेमिनार का किया आयोजन

लुधियाना / सत्ता संदेश

डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, लुधियाना ने ड्रग्स के खिलाफ़ जागरूकता सेमिनार और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया

पंजाब स्टेट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, SAS नगर से मिली गाइडलाइंस के मुताबिक, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, लुधियाना ने NALSA की ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन-ए ड्रग-फ्री इंडिया स्कीम के तहत अलग-अलग जागरूकता सेमिनार और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए।

जागरूकता सेमिनार के दौरान, ड्रग्स के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक बुरे असर, ड्रग्स की रोकथाम, इलाज और रिहैबिलिटेशन के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई। इसके अलावा, लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटीज़ एक्ट, 1987 के तहत मिलने वाली फ्री लीगल एड, लोक अदालतों और दूसरी लीगल सर्विसेज़ के बारे में भी जानकारी दी गई और यह भी बताया गया कि योग्य लोग डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी के ज़रिए फ्री लीगल एड का फायदा उठा सकते हैं।

इस मौके पर सेंट्रल जेल, बोरस्टल जेल, महिला जेल और ऑब्जर्वेशन होम में मौजूद कैदियों को ड्रग्स न लेने की शपथ दिलाई गई। सभी लोगों ने ड्रग्स से दूर रहने, अपने परिवार और समाज को ड्रग्स के बुरे असर के बारे में जागरूक करने और ड्रग-फ्री पंजाब और ड्रग-फ्री भारत बनाने में एक्टिव रूप से योगदान देने का वादा किया।

इसके अलावा, GHG सिधवान खुर्द, लुधियाना के स्टूडेंट्स के लिए एक वेबिनार ऑर्गनाइज़ किया गया और स्टूडेंट्स को ड्रग्स से दूर रहने के लिए मोटिवेट किया गया। पैरा-लीगल वॉलंटियर्स ने इस स्कीम के बारे में एक वीडियो भी अलग-अलग जगहों पर चलाया।

आखिर में, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, लुधियाना ने सभी नागरिकों से ड्रग्स के खिलाफ चल रहे कैंपेन में एक्टिव रूप से हिस्सा लेने, नई पीढ़ी को ड्रग्स से बचाने और एक हेल्दी, सेफ और ड्रग-फ्री समाज बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

अमित शाह ने NCORD की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की, ‘मादक पदार्थ नियंत्रण विज़न डॉक्यूमेंट 2026-2029’ जारी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नार्को-को ऑर्डिनेशन सेंटर की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने “मादक पदार्थ नियंत्रण पर विज़न डॉक्यूमेंट (2026-2029)” और “एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट -2025” का विमोचन और जम्मू और गुवाहाटी में NCB के ज़ोनल कार्यालयों का ई-उद्घाटन भी किया। अमित शाह ने ‘ऑनलाइन ड्रग्स डिस्पोज़ल फोर्टनाइट कैंपेन’ की शुरुआत भी की जिसमे 6,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट करने का लक्ष्य रखा गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि ड्रग तस्करी, संगठित अपराध, नार्को टेरर फाइनेंस और सीमापार के आतंकी नेटवर्क के वित्त पोषण के साथ यह समस्या एक Evolving Narco Terrorism Ecosystem भी बन चुकी है। हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा, अर्थतंत्र और युवा पीढ़ी के भविष्य की सुरक्षा के लिए हमें इस समस्या पर पूर्ण विजय प्राप्त करनी ही होगी। हम Death Triangle और Death Crescent के बीच में स्थित हैं और ड्रोन-आधारित ड्रॉप्स, समुद्री मार्गों से कंटेनराइज्ड कार्गो, डार्कनेट, क्रिप्टो पेमेंट, ऑर्डर टू डिलीवरी मॉडल, पार्सल का उपयोग आदि तरीकों से ड्रग का कारोबार करने वालों ने हमारी लड़ाई को और कठिन बना दिया है।

अमित शाह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 2047 में विकसित भारत का एक लक्ष्य रखा है और नशामुक्त भारत का लक्ष्य भी प्रधानमंत्री जी ने हमें दिया है। प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दिए गए इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 2026 से 2029 तक का रोडमैप चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। पहला स्तंभ –Enforcement, Intelligence और Operations। इसका उद्देश्य है कि पूरे नेटवर्क पर लक्षित इंटेलिजेंस लीड कार्रवाई करें और नेटवर्क को नष्ट कर दें। दूसरा स्तंभ है –Precursors एवं Synthetic Drug Control। हमें उत्पादन स्तर पर ही नशे को रोकने की रणनीति अपनानी पड़ेगी। तीसरा स्तंभ- Demand और Harm Reduction के अभियान को समाज, शिक्षा और पुनर्वसन के माध्यम से हमें आगे बढ़ाना होगा। Capacity Building, Coordination और Monitoringके चौथे स्तंभ की रचना तंत्र को सक्षम, समन्वित, जवाबदेह और आधुनिक बनाने के लिए की गई है। यह रोडमैप Whole of Government Approach और Whole of Society Approach को ध्यान में रखकर बनाया गया है।इस रोडमैप में भारत के हर नागरिक का रोल समाहित किया गया है, लेकिन नागरिकों को प्रेरित करने का काम सभी राज्य सरकारें और भारत सरकार के सभी विभागों के सचिवों को करना पड़ेगा। इस रोडमैप की सफलता और लक्ष्यों की समय पर सिद्धि की जिम्मेदारी भी साझा है और उसकी निगरानी की भी व्यवस्था तय की गई है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई वर्णन हम तीन शब्दों में कर सकते हैं –Detect, Disrupt और Destroy। हमने सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों में HUMINT,टेक्निकल इंटेलिजेंस और कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से हमें – विदेश से देश में ड्रग पहुंचाने वाले, देश में उसे राज्यों तक पहुंचाने वाले और राज्यों से उपयोगकर्ता तक पहुंचाने वाले – तीनों प्रकार के कार्टेल को नष्ट करने के लिए आगे बढ़ना होगा।

केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने हरिद्वार में नशा विरोधी जनजागरूकता अभियान का नेतृत्व किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

नशा मुक्त भारत सप्ताह के दौरान 1.31 करोड़ से अधिक नागरिकों ने विभिन्न जन-जागरूकता एवं सामुदायिक जनभागीदारी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। 17 जून से 26 जून 2026 तक मनाए गए इस अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति मित्र पंजीकरण अभियान, सेमिनार और वेबिनार, बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, लघु नाटिकाएं, स्लोगन लेखन प्रतियोगिताएं, ई-प्रतिज्ञाएं, जन-जागरूकता रैलियां, योग सत्र, हस्ताक्षर अभियान, निबंध लेखन प्रतियोगिताएं, चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा सामुदायिक सहभागिता से जुड़े अनेक अन्य कार्यक्रम आयोजित किये गए।

नशा मुक्त भारत सप्ताह का आयोजन मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में किया गया। इस सप्ताह का समापन 26 जून 2026 को उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय (डीएसवीवी) में आयोजित राष्ट्रीय जन-जागरूकता कार्यक्रम के साथ हुआ।

इस कार्यक्रम की शोभा केन्‍द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय (डीएसवीवी) के प्रो वाइस चांसलर डॉ. चिन्मय पंड्या तथा अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से बढ़ी।

कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ. वीरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में नशा मुक्त रैली आयोजित की गई, जिसमें लगभग 4,000 नागरिकों ने भाग लिया। यह भागीदारी नशे के दुरुपयोग के विरुद्ध राष्ट्रीय अभियान के प्रति जनता के व्यापक समर्थन का प्रतीक रही। इस अवसर पर केन्‍द्रीय मंत्री ने उपस्थित लोगों को ‘नशा मुक्ति की शपथ’ तथा ‘गरिमापूर्ण वृद्धावस्था की शपथ’ दिलाई। इसके माध्यम से सरकार ने नशा-मुक्त, समावेशी और संवेदनशील समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।इस कार्यक्रम में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों में छात्र, युवा, विभिन्न आध्यात्मिक संगठनों के स्वयंसेवक, उत्तराखंड सरकार के प्रतिनिधि तथा अन्य स्थानीय हितधारक शामिल थे। इसके अलावा, देशभर के राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों, विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों, अनुदान सहायता प्राप्त संस्थानों, नशा मुक्ति एवं व्यसन उपचार केन्‍द्रों तथा अन्य संबंधित हितधारकों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर ‘नशा मुक्त भारत’ के निर्माण के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा अखिल विश्व गायत्री परिवार के बीच नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) और अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) के अंतर्गत समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करना रहा। इन समझौतों का उद्देश्य जन-जागरूकता बढ़ाने, सामुदायिक एकजुटता को मजबूत करने, मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने तथा ‘गरिमापूर्ण वृद्धावस्था’ के संदेश के माध्यम से देशभर में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में राज्यों एवं केन्‍द्र शासित प्रदेशों, जिलों, विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों तथा अनुदान सहायता प्राप्त संस्थानों द्वारा किए गए प्रयासों स्‍वीकृत करते हुए उनकी सराहना की गई। साथ ही, ‘नशा मुक्ति मित्रों’ को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने और समुदायों को अभियान से जोड़ने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राज्य सरकारों द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभिन्न हितधारकों को नशामुक्त समाज के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

नशा मुक्त भारत सप्ताह–2026 तथा मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस के सफल आयोजन ने ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ की सहभागिता पर आधारित दृष्टिकोण से सरकार की नशा-मुक्त समाज के निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सभी नागरिकों, संस्थानों, युवा संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों तथा सामुदायिक हितधारकों से इस राष्ट्रीय जनआंदोलन में सक्रिय रूप से सहभागी बनने और “नशा मुक्त भारत, खुशहाल भारत” के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।