Ludhiana : स्वास्थ्य कर्मियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, पंजाब बंद का किया समर्थन
- आम आदमी क्लीनिक सांझा फ्रंट के मेडिकल स्टाफ का प्रदर्शन, पंजाब बंद को समर्थन
लुधियाना / सत्ता संदेश
पंजाब में आम आदमी क्लीनिक सांझा फ्रंट के बैनर तले मेडिकल स्टाफ, एनएचएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को लुधियाना के सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रोष मार्च भी निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले सरकार के नेता कर्मचारियों के धरनों और प्रदर्शनों में पहुंचकर उनकी मांगों को जायज बताते थे, लेकिन अब सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है और बातचीत के लिए भी तैयार नहीं है।
‘एक रैंक, एक वेतन’ की मांग
स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग ‘एक रैंक, एक वेतन’ लागू करना है। कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। प्रदर्शन के दौरान वेतन बढ़ोतरी, छुट्टियों और सेवा शर्तों से संबंधित मांगें भी उठाई गईं।
कर्मचारियों ने कहा कि समान जिम्मेदारियां निभाने वाले कर्मचारियों के बीच वेतन और सेवा शर्तों में अंतर को दूर किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
27 अगस्त के पंजाब बंद को समर्थन
आम आदमी क्लीनिक सांझा फ्रंट और स्वास्थ्य कर्मियों ने 27 अगस्त को किए जा रहे पंजाब बंद के आह्वान को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहे संघर्ष में वे अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ खड़े हैं।
‘हरा पेन’ नहीं चलने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का कार्यकाल अब ज्यादा लंबा नहीं बचा है, लेकिन कर्मचारियों के हित में अभी तक ‘हरा पेन’ नहीं चला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों से कई वादे किए गए थे, जिन्हें पूरा नहीं किया गया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और ठोस फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

